पोर्ट ब्लेयर: केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने Port Blair Municipal Council के तीन पूर्व अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में FIR दर्ज की है। एजेंसी का आरोप है कि करीब 252 hotels और bars को बकाया property tax पर interest वसूले बिना no-dues certificates जारी किए गए, जिससे सरकारी खजाने को लगभग ₹2.08 करोड़ का नुकसान हुआ।
तीन पूर्व अधिकारियों पर मामला
CBI की Anti-Corruption Branch, Port Blair ने एक पूर्व Revenue Officer, Assistant Revenue Officer और Tax Inspector को मामले में आरोपी बनाया है।
एजेंसी के अनुसार इन अधिकारियों की भूमिका 2020 से 2023 के बीच हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ी है।
252 No-Dues Certificates पर सवाल
जांच में सामने आया कि नगर निकाय के revenue section ने करीब 252 no-dues certificates जारी किए।
CBI का आरोप है कि इन certificates को जारी करते समय overdue property tax पर देय interest की सही तरीके से वसूली नहीं की गई।
₹2.08 करोड़ का कथित नुकसान
एजेंसी के शुरुआती आकलन के अनुसार इन कथित अनियमितताओं की वजह से सार्वजनिक खजाने को करीब ₹2.08 करोड़ का नुकसान हुआ।
यह रकम उन ब्याज भुगतानों से जुड़ी बताई गई है जिन्हें समय पर वसूल किया जाना चाहिए था।
Preliminary Inquiry के बाद FIR
CBI ने सीधे FIR दर्ज नहीं की, बल्कि पहले मामले में preliminary inquiry की।
प्रारंभिक जांच में वित्तीय रिकॉर्ड, tax calculations और no-dues certificates से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई। इसके बाद एजेंसी ने नियमित मामला दर्ज किया।
पुराने property-tax रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी का आरोप
CBI की जांच में यह भी सामने आया कि municipal records में 2011 से लंबित principal और interest की स्पष्ट गणना उपलब्ध नहीं थी।
एजेंसी के अनुसार इससे यह तय करना मुश्किल हो रहा था कि अलग-अलग properties पर वास्तविक बकाया राशि कितनी थी।
High Court के पुराने निर्देश का भी जिक्र
मामला 2015 के Calcutta High Court के एक निर्देश से भी जुड़ा है, जिसके बाद property tax calculation की नई methodology अपनाने की अनुमति मिली थी।
इसके बाद 2016 में municipal council ने resolution पास किया और 2017 में public notice भी जारी किया, लेकिन CBI का आरोप है कि इसे प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया।
होटल और बार मालिकों को मिला कथित फायदा
एजेंसी का आरोप है कि interest की पूरी वसूली के बिना no-dues certificates जारी होने से संबंधित hotels और bars को आर्थिक लाभ मिला।
फिलहाल यह CBI का आरोप है और मामले की जांच जारी है। आरोपियों की जिम्मेदारी अंतिम रूप से न्यायिक प्रक्रिया में तय होगी।
भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता की जांच जारी
CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित irregularities व्यक्तिगत स्तर की थीं या इसमें किसी व्यापक मिलीभगत की भूमिका थी।
जांच के दौरान municipal records, tax files और संबंधित approvals की भी जांच की जा सकती है।
source – CBI / The Indian Express
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