रुद्रप्रयाग, 19 अक्टूबर 2026: बाबा केदार के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर है। केदारनाथ धाम के कपाट हर साल सर्दियों की शुरुआत से पहले बंद किए जाते हैं। परंपरा के अनुसार, कपाट बंद करने की तिथि भैया दूज के आसपास निर्धारित की जाती है। हालांकि, 2026 के लिए कपाट बंद होने की आधिकारिक तारीख की पुष्टि मंदिर समिति की औपचारिक घोषणा के बाद ही होगी।
कब बंद हो सकते हैं केदारनाथ धाम के कपाट?
उपलब्ध तीर्थयात्रा कैलेंडर के अनुसार, भैया दूज 11 नवंबर 2026 के आसपास पड़ रही है। इसी आधार पर कुछ यात्रा पोर्टल केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने की संभावित तारीख 11 नवंबर बता रहे हैं। हालांकि, मंदिर समिति की आधिकारिक घोषणा के बिना इस तारीख को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।
सर्दियों में क्यों बंद किया जाता है मंदिर?
केदारनाथ धाम हिमालय के ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से हर साल शीतकाल शुरू होने से पहले मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ की उत्सव डोली को उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर ले जाया जाता है। यहां सर्दियों के दौरान भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है और श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं।
22 अप्रैल को खुले थे केदारनाथ धाम के कपाट
2026 में केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। इसके बाद से भक्त बड़ी संख्या में बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। अब यात्रा सीजन के समापन से पहले कपाट बंद होने की तारीख और समारोह के समय को लेकर श्रद्धालुओं की नजर आधिकारिक सूचना पर है।
यात्रा पर जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप अक्टूबर के आखिरी दिनों या नवंबर की शुरुआत में केदारनाथ यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से पहले मंदिर समिति और उत्तराखंड पर्यटन विभाग की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।
- कपाट बंद होने की अंतिम तारीख की पुष्टि करें।
- मौसम और रास्तों की स्थिति से जुड़ी ताजा जानकारी लें।
- हेलीकॉप्टर सेवाओं और यात्रा पंजीकरण के संबंध में आधिकारिक अपडेट देखें।
- यात्रा की बुकिंग करने से पहले संभावित मौसम संबंधी बदलावों को ध्यान में रखें।
आधिकारिक घोषणा पर श्रद्धालुओं की नजर
कपाट बंद होने की तारीख को लेकर फिलहाल संभावित तिथि की चर्चा है। श्रद्धालुओं को अंतिम जानकारी के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की घोषणा का इंतजार करना चाहिए। आधिकारिक तारीख सामने आने के बाद कपाट बंद होने के समारोह और शीतकालीन पूजा से जुड़ी जानकारी भी स्पष्ट हो जाएगी।
Source: Shri Badarinath-Kedarnath Temple Committee, Uttarakhand Tourism
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