प्रमुख खबरें

IMD का नया अलर्ट: उत्तराखंड से केरल तक भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली-एनसीआर में भी बदलेगा मौसम

नई दिल्ली, 13 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय बने रहने के बीच नया मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार उत्तराखंड, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने, हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं का अनुमान व्यक्त किया गया है। कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी IMD के अनुसार उत्तर भारत, पश्चिमी तट और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। उत्तराखंड और पंजाब के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, केरल और तटीय कर्नाटक में भी तेज़ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में भी भारी वर्षा के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम रहेगा सुहावना राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, बादल छाए रहने और 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने का अनुमान है। इससे तापमान में गिरावट आने और उमस से कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता उत्तराखंड के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विशेषकर चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रा करने वालों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने बढ़ाई तैयारी भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए कई राज्यों में आपदा प्रबंधन दलों, नगर निकायों और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी, राहत उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। किसानों के लिए राहत विशेषज्ञों का मानना है कि कई कृषि क्षेत्रों में हो रही वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों से जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। लोगों के लिए जरूरी सलाह IMD ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों में न जाने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। वाहन चालकों को भी फिसलन और जलभराव वाले मार्गों पर सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी गई है। अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है बारिश मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण उत्तर, पश्चिम, पूर्व और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नियमित मौसम बुलेटिन पर नजर रखने की सलाह दी गई है। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD) एवं संबंधित राज्य प्रशासन। मूल रिपोर्ट:13 जुलाई 2026 के IMD मौसम बुलेटिन तथा विश्वसनीय राष्ट्रीय समाचार रिपोर्टों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

IMD का नया अलर्ट: दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी, प्रशासन सतर्क

नई दिल्ली, 12 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सक्रिय मानसून को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, पंजाब, असम और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में तेज़ हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। प्रशासन अलर्ट मोड पर लगातार वर्षा की आशंका को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन, नगर निकाय, पुलिस तथा राहत एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों, निचले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और तेज़ बहाव वाले नालों के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की आधिकारिक जानकारी पर नज़र रखने की अपील की है। किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण मानसून की यह सक्रिय स्थिति खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है, हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। नागरिकों के लिए सलाह स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों में न जाने, पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की सलाह दी है। वाहन चालकों को भी सावधानीपूर्वक यात्रा करने और मौसम अपडेट देखते रहने की अपील की गई है। अगले कुछ दिन रह सकते हैं अहम IMD के अनुसार सक्रिय मानसून के कारण उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। मौसम विभाग ने नागरिकों से स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD) एवं संबंधित राज्य प्रशासन। मूल रिपोर्ट:12 जुलाई 2026 तक उपलब्ध IMD मौसम बुलेटिन एवं विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

उत्तराखंड, हिमाचल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राहत एवं बचाव दल तैनात

देहरादून/शिमला/गुवाहाटी, 4 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश की आशंका को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई गई है। चारधाम यात्रा मार्ग सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी वर्षा की संभावना असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है। राहत एवं बचाव दल अलर्ट पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों के लिए जारी की गई सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर न जाने की भी सलाह दी गई है। किसानों और यात्रियों के लिए विशेष निर्देश किसानों को मौसम के अनुसार कृषि कार्य करने तथा खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है। वहीं यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने को कहा गया है। प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी राज्य सरकारों ने जिला अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी नए बुलेटिन के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। आगे की राह विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। ऐसे में प्रभावित राज्यों के लोगों को केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) एवं संबंधित राज्य प्रशासन। मूल रिपोर्ट:4 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन और राज्य सरकारों की तैयारियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »