Black magic scandal India

Wife control trick: तांत्रिक ने पत्नियों को वश में करने की बताई ऐसी ट्रिक कि जंगल में पतियों ने किया ऐसा कांड, हो गई जेल

यूपी के मेरठ में जब से ड्रम कांड हुआ है तब से कहने की जरूरत नहीं है कि देश भर के तमाम पतियों के मन में भय का माहौल है। लोकबाग इस कदर डरे हुए हैं कि इससे निजात पाने के लिए तरह-तरह के तिकड़म खोजने में लगे हैं। कोई बेवजह पत्नियों से बहस करने से बच रहा है, तो कोई तंत्र-मत्र का सहारा ले रहा है। पत्नियों पर काबू पाया जा (Wife control trick) सके इसलिए लोग ओझा और तंत्रिकों की शरण में भी जाने लगे हैं। इसी तरह का एक मामला मध्यप्रदेश के सिवनी से प्रकाश में आया है। जानकारी के मुताबिक सिवनी से ऐसी अजीबो-गरीब खबर सामने आई है, जिसे जानकर सभी लोग दंग रह गए हैं। दरअसल, यहाँ दो ऐसे होनहार पति थे जो किसी भी तरह से पत्नियों को अपनी मुट्ठी में रखना चाहते थे। इस हेतु वो कई तरह के उपाय खोज रहे थे। इस बीच उन्हें एक ऐसे तांत्रिक का पता चला, जो पत्नियों को काबू में रखने का दावा करता था। फिर क्या था, दोनों बड़ी उम्मीद के साथ तांत्रिक के पास जा पहुंचे। उन्होंने तांत्रिक से पत्नियों को वश में करने की बात कही। तांत्रिक भी कम नहीं था। उसने दोनों को झांसे में लेते हुए कुछ ऐसा करने को कहा कि दोनों सीधे तांत्रिक के घर से निकलकर जंगल का रुख कर लिए। मजे की बात यह कि पत्नियां कंट्रोल में हुईं कि नहीं, ये तो नहीं पता। लेकिन हां, दोनों को जेल जरूर हो गई।  जो कहानी सुनाई उसे सुनकर (Wife control trick) न सिर्फ पुलिस वाले बल्कि वन विभाग के अधिकारी भी रह गए सन्न   दरअसल, 26 अप्रैल 2025 को सिवनी जिले स्थित पेंच टाइगर रिजर्व एरिया में एक बाघिन का शव मिला था। जांच में बाघिन की मौत स्वाभाविक होने की बात पता चली। लेकिन हैरान करने वाली बात यह कि बाघिन के पंजे काटे गए थे। नुकीले दांत निकाले गए थे। यही नहीं, खाल भी उतार ली गई थी। इस बात की जानकारी होते ही वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू की। इस दौरान उन्होंने अपने मुखबिरों को सक्रिय कर दिया। तभी इस बीच एक मुखबिर से पता चला कि इस वारदात में कुल पांच लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली। जिनके नाम क्रमशः राज कुमार, छबि लाल, रत्नेश पार्टे, झाम सिंह और मनीष उइके हैं। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों को पकड़कर जब उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई तो राज और झाम नाम के दो आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उन्होंने जो कहानी सुनाई उसे सुनकर (Wife control trick) न सिर्फ पुलिस वाले बल्कि वन विभाग के अधिकारी भी सन्न रह गए।  इसे भी पढ़ें:- ईंट की खराब क्वालिटी बनी हत्या की वजह, सीतामढ़ी में मजदूर की दर्दनाक मौत पत्नियों को कंट्रोल करने (Wife control trick) के लिए घटना को दिया अंजाम दोनों आरोपियों ने अपने कबूलनामे में बताया कि उन्होंने अपनी पत्नियों को कंट्रोल करने (Wife control trick) के लिए ये इस घटना को अंजाम दिया था। उन्होंने आगे बताया कि उनसे एक तांत्रिक ने कहा था कि “बाघ के पंजों और दांतों से तंत्र करने पर ऐसी शक्ति मिलती है, जिससे पत्नी को वश में किया जा सकता है।” फिर जब वो दांत और पंजे लेकर आए तो तांत्रिक ने उनसे बाघ की खाल भी लाने की मांग की। तांत्रिक के कहने पर वो पुनः जंगल गए। जहाँ उन्हें किसी ने देख लिया और अंततः वो पकड़े गए। जानकारी के मुताबिक इस कांड में तीन लोगों ने उनका साथ दिया था। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों सहित उनका साथ देने वाले उनके तीनों साथियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है। सभी के खिलाफ वन अधिनियम और बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Wife control trick #TantrikTrick #WifeControl #Vashikaran #BlackMagic #JungleIncident #HusbandsArrested #ViralNews #IndianSuperstition #TantraScandal #WeirdNews

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Mohini Ekadashi 2025

मोहिनी एकादशी 2025: व्रत में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, नहीं मिलेगी पुण्य की प्राप्ति

मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) व्रत वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है, जो इस वर्ष गुरुवार 8 मई 2025 को पड़ रही है। यह व्रत भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की स्मृति में रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन उपवास करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति संभव होती है। मोहिनी एकादशी व्रत 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्तवैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि, जिसे मोहिनी एकादशी कहा जाता है, इस वर्ष 8 मई को मनाई जाएगी। यह तिथि 7 मई को सुबह 10:19 बजे शुरू होगी और 8 मई को दोपहर 12:29 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि को मान्यता मिलने के कारण मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) का व्रत 8 मई को रखा जाएगा। व्रत के दौरान क्या खाएं मोहिनी एकादशी का उपवास रखने वाले श्रद्धालु व्रत के दौरान दूध, दही, फल, शरबत, साबुदाना, बादाम, नारियल, शकरकंदी, आलू, हरी मिर्च, सेंधा नमक और राजगिरा के आटे से बने व्यंजनों का सेवन कर सकते हैं। ध्यान रखें कि भोजन या फलाहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के बाद ही करें। साथ ही, प्रसाद तैयार करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। व्रत के दौरान इन चीजों से करें परहेज मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi)के दिन तामसिक भोजन जैसे मांस, शराब, प्याज, लहसुन, अधिक मसाले और तेल का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही इस व्रत में चावल और सामान्य नमक का उपयोग भी वर्जित माना गया है। यदि आप इस व्रत का पालन कर रहे हैं, तो इन सभी नियमों का विशेष रूप से ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है।  पूजा विधि मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) के दिन प्रातःकाल स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की पूजा करें और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। ध्यान रखें कि इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है, इसलिए पूर्व में तोड़े गए पत्तों का ही उपयोग करें। मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को भोग अर्पित करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें—“त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये।गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर।।” इस मंत्र का जाप करते हुए श्रद्धा से भोग अर्पित करने पर भगवान विष्णु प्रसन्न होकर भोग स्वीकार कर लेते हैं। ऐसा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। इसे भी पढ़ें:-  क्यों चढ़ाया जाता है हनुमान जी को सिंदूर? जानिए त्रेता युग से जुड़ी यह अद्भुत कथा व्रत का पारण मोहिनी एकादशी व्रत का पारण 9 मई 2025 को सुबह 5:34 से 8:16 बजे के बीच किया जाएगा। इस दौरान भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत खोलना चाहिए। व्रत के नियमों का विधिपूर्वक पालन करने से भक्तों को श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Mohini Ekadashi #MohiniEkadashi2025 #EkadashiFasting #HinduFestivals #VratRules #FastingDosAndDonts #SpiritualIndia #EkadashiTips #VratFoodGuide #MohiniVrat #HinduRituals

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Baglamukhi Jayanti 2025

बगलामुखी जयंती 2025: वृद्धि योग और शुभ संयोग से होंगे बिगड़े काम बन

हिन्दू धर्म में देवी बगलामुखी  (Devi Baglamukhi)  की पूजा का विशेष महत्व है। बगलामुखी जयंती पर देवी की उपासना करने से ना केवल व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक परेशानियाँ दूर होती हैं, बल्कि उसे जीवन में प्रगति और समृद्धि भी मिलती है। इस वर्ष बगलामुखी जयंती 5 मई 2025 को मनाई जाएगी और इस दिन वृद्धि योग सहित कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जो जीवन के अटके कार्यों को सफल बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। बगलामुखी का महत्व देवी बगलामुखी (Devi Baglamukhi) को “पीताम्बर देवी” भी कहा जाता है। वे शक्ति की देवी हैं और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली मानी जाती हैं। बगलामुखी की पूजा से व्यक्ति के सारे विघ्न दूर होते हैं और उसे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। खासकर यह देवी उन लोगों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती हैं जो किसी मुश्किल स्थिति में फंसे हों या जिनकी किस्मत प्रतिकूल हो। देवी की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है और जीवन के बिगड़े हुए काम भी सुधर जाते हैं। इस वर्ष बगलामुखी जयंती पर बनेगा विशेष योग वैदिक पंचांग के अनुसार, बगलामुखी जयंती (Baglamukhi Jayanti) 5 मई 2025 को मनाई जाएगी। इस विशेष दिन मां बगलामुखी की पूजा के साथ-साथ वृद्धि योग और अन्य शुभ योग भी बन रहे हैं, जो इस तिथि को और भी महत्वपूर्ण बना देते हैं। वृद्धि योग एक ऐसा योग है, जब किसी शुभ कार्य या पूजा का फल त्वरित रूप से मिलता है। यह योग व्यक्ति की सफलता में चार चाँद लगाता है और उसके सभी बिगड़े काम को सुधारने में मदद करता है। इस दिन देवी बगलामुखी (Devi Baglamukhi) की पूजा से न केवल शत्रुओं पर विजय मिलती है, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और मानसिक दृष्टिकोण से भी उन्नति होती है। वृद्धि योगज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष बगलामुखी जयंती पर वृद्धि योग का संयोग बन रहा है, जो रात 12:20 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस शुभ योग में देवी बगलामुखी की आराधना करने से आर्थिक उन्नति, भाग्य में वृद्धि और सफलता के प्रबल संकेत मिलते हैं। साथ ही देवी की कृपा से जीवन के तमाम संकट दूर हो सकते हैं। रवि योगइस विशेष दिन पर रवि योग भी बन रहा है, जो दोपहर 2:01 बजे से शाम 5:36 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि रवि योग में मां बगलामुखी की आराधना करने से साधकों की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं और इच्छित सफलता प्राप्त होती है। शिववास योगबगलामुखी जयंती (Baglamukhi Jayanti) पर शिववास योग का भी संयोग बन रहा है, जो सुबह 7:35 बजे से आरंभ होगा। इस योग में भगवान शिव कैलाश पर देवी पार्वती के साथ विराजमान रहते हैं। इस पावन समय में की गई पूजा से घर में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है। इसे भी पढ़ें:-  क्यों चढ़ाया जाता है हनुमान जी को सिंदूर? जानिए त्रेता युग से जुड़ी यह अद्भुत कथा बगलामुखी जयंती (Baglamukhi Jayanti) पर पूजा विधि इस दिन देवी बगलामुखी की पूजा का विशेष महत्व है। पूजा के दौरान श्रद्धालु पीले कपड़े, पीले फूल, और पीली वस्तुएं चढ़ाते हैं, क्योंकि देवी बगलामुखी का रंग पीला है। पूजा में विशेष रूप से नवग्रह शांति, वशीकरण, और शत्रुनाशक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। सबसे प्रभावशाली मंत्रों में से एक है: “ॐ बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ॐ स्वाहा।” इस मंत्र का जप करने से न केवल शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है, बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। बगलामुखी जयंती के दिन देवी बगलामुखी (Devi Baglamukhi) के हवन और यज्ञ का आयोजन भी अत्यंत फलदायक माना जाता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Devi Baglamukhi #BaglamukhiJayanti2025 #VridhiYoga #BaglamukhiMata #HinduFestivals2025 #JayantiPuja #SpiritualRituals #AuspiciousDay #TurnSetbacksIntoSuccess #BaglamukhiMantra #DivineBlessings

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Mamata Banerjee Murshidabad visit

Murshidabad visit: ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दो दिवसीय दौरे (Murshidabad visit) पर मुर्शिदाबाद जाने वाली हैं। उनके दौरे से ठीक पहले एक नया बखेड़ा शुरू हो गया है। दरअसल, 11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में नए वक्फ कानून को लेकर भड़की हिंसा में पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो गई थी। समसेरगंज में हुई हिंसा के दौरान मारे गए पिता-पुत्र हरगोबिंद दास और चंदन दास के परिवार ने मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। जानकारी के मुताबिक परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजीआई) संजीव खन्ना के साथ-साथ कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणम और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पत्र लिखकर पुलिस की शिकायत की है। उन्होंने पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की माने तो परिवार का कहना है कि “पुलिस (Murshidabad Police) ने दरवाजा तोड़कर घर में घुसकर उन्हें डराया-धमकाया।” बता दें कि परिवार ने अपनी शिकायत में लिखा कि “हमने पुलिस को लिखित बयान दिया था कि हम अपनी मर्जी से कोलकाता आए हैं और किसी दबाव में नहीं हैं। इसके बावजूद, इंस्पेक्टर-इन-चार्ज शंकर नारायण साहा, माणिक मंडल, कौशिक घोष, राकेश राय, बबलू दास और चैतन्य दास ने हमें डराने की कोशिश की। हम इस घटना से डरे और सदमे में हैं।” पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके (Murshidabad visit) साथ बदसलूकी की- पीड़ित परिवार  खैर, मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) ने इन आरोपों (Murshidabad visit) को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “वे सॉल्ट लेक में दास परिवार के ठिकाने पर इसलिए गए थे, क्योंकि परिवार के एक सदस्य ने लिखित शिकायत दी थी कि दास परिवार का अपहरण कर लिया गया है।” तो वहीं एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि “हमने अपहरण की शिकायत के आधार पर सॉल्ट लेक में बीजेपी कार्यकर्ता के घर का दौरा किया। हम परिवार से बात करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया।” हालाँकि पुलिस की इस सफाई पर पीड़ित परिवार का कहना है कि “पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके साथ बदसलूकी की।” बता दें कि दास परिवार ने अपने पत्र में सीजीआई, हाईकोर्ट और राज्यपाल से सुरक्षा की विनंती की है। पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि “हम डर के साये में जी रहे हैं। पुलिस ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है। हम केंद्र से केंद्रीय बलों की तैनाती और हाई कोर्ट तक सुरक्षित पहुँचने की व्यवस्था की माँग करते हैं, ताकि हमें संविधान के तहत न्याय मिल सके।” इसे भी पढ़ें:-  RJD नेता तेजस्वी यादव ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा खत हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  घटना की सूचना मिलते ही बीजेपी के कई नेता सॉल्ट लेक पहुंच गए। इस बीच बीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी नेताओं ने पुलिस पर ममता बनर्जी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। यही नहीं, उन्होंने दास परिवार को एक अज्ञात जगह पर शिफ्ट कर दिया। यहाँ गौर करने वाली बात ये कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब ममता बनर्जी आज मुर्शिदाबाद का दौरा (Murshidabad visit) करने वाली हैं। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि दास परिवार की शिकायत ने उनके दौरे से पहले एक नया सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया है। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ममता ने पहले ही कहा था कि “वह वक्फ एक्ट को लेकर हुई हिंसा की स्थिति का जायजा लेने के लिए मई के पहले हफ्ते में मुर्शिदाबाद जाएंगी।” इस बीच उन्होंने यह भी दावा किया था कि “हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं।”  Latest News in HindiToday Hindi news Murshidabad Police #MamataBanerjee #Murshidabad #HinduFamily #PoliceComplaint #CJI #WestBengalNews #BengalPolitics #MamataVisit #LawAndOrder #BreakingNews

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Punjab Kings win

Punjab Kings win: श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को दी 37 रनों से करारी शिकस्त

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 54वां मुकाबला पंजाब किंग्स लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला गया। 4 मई को धर्मशाला में खेले गए इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 37 रनों से हरा (Punjab Kings win) दिया। पंजाब ने प्रभसिमरन की धमाकेदार पारी की बदौलत लखनऊ को करारी शिकस्त दी। पंजाब की इस धमाकेदार जीत में कप्तान अय्यर का भी अहम योगदान रहा। अय्यर ने 25 गेंदों पर 4 चौके और 2 छक्कों की मदद से 45 रन बनाए। दरअसल, पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकटों के नुकसान पर 236 रनों का स्कोर खड़ा किया। 236 रनों के पहाड़ से लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 199 रन ही बना सकी।  12 साल बाद पंजाब किंग्स की टीम को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में जीत (Punjab Kings win) मिली है लखनऊ सुपर जायंट्स की इस करारी शिकस्त (Punjab Kings win) पर कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि “निश्चित रूप से ये बहुत बड़ा टारगेट था। जब आप गलत समय पर अहम कैच छोड़ते हैं तो यह आपको भारी नुकसान पहुंचाता है। हमने सोचा कि यह और ज्यादा करेगा, लेकिन हमने शुरुआत में सही लैंथ नहीं चुनी। लेकिन यह खेल का एक अहम हिस्सा है।  सपना अभी भी जिंदा है। अगर हम अगले तीन मैच जीत सकते हैं तो हम निश्चित रूप से पलटवार कर सकते हैं और अद्भुत चीजें कर सकते हैं। हर मैच में आप अपने टॉप ऑर्डर से अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद नहीं कर सकते। हमें कभी-कभी स्कोर को डीप भी ले जाना पड़ेगा। हमारे सामने एक विशाल लक्ष्य था और इससे हमें बहुत नुकसान हुआ।” रोचक बात यह कि 12 साल बाद पंजाब किंग्स की टीम को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में जीत मिली है। इससे पहले आखिरी बार टीम को साल 2013 में कप्तान एडम गिलक्रिस्ट की अगुवाई में जीत मिली थी। 12 साल जाकर पंजाब किंग्स ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में जीत दर्ज की ही। इस तरह श्रेयस अय्यर पंजाब को धर्मशाला में जीत दिलाने वाले दूसरे कप्तान बन गए हैं।  इसे भी पढ़ें:- 10 साल बाद अपने ही घर में मुंबई इंडियंस को आरसीबी से मिली करारी शिकस्त पिछले दो सीजन में धर्मशाला में अपने चारों मैच (Punjab Kings win) हारी थी पंजाब किंग्स  बता दें कि पिछले दो सीजन में पंजाब किंग्स ने धर्मशाला में अपने चारों मैच (Punjab Kings win) हारे थे। साल 2010 से 2013 तक धर्मशाला में हर सीजन में 2 मैच खेले गए थे। इसके बाद 9 वर्षों तक यहाँ कोई मैच नहीं हुए थे। साल 2023 से अब यहां हर सीजन मैच खेले जा रहे हैं। आईपीएल  2025 में धर्मशाला को 3 मैच की मेजबानी मिली हुई है। इस जीत के साथ ही पंजाब की टीम न सिर्फ अपनी प्लेऑफ की दावेदारी मजबूत की बल्कि पाइंट्स टेबल में लंबी छलांग लगाते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। पंजाब किंग्स ने अब तक 11 मैचों में 7 जीतों में दर्ज की है। 7 मैच जीतने के बाद पंजाब टीम के बाद 15 पाइंट हो गए हैं। आपको जानकर बड़ी हैरत होगी कि आईपीएल में यह 11 साल बाद ऐसा हुआ है कि जब पंजाब किंग्स की टीम के लीग स्टेज में 14 से ज्यादा पाइंट हो गए हैं। इससे पहले साल 2014 में टीम ने 22 पाइंट हासिल किए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Punjab Kings win #PunjabKingsWin #ShreyasIyer #PBKSvsLSG #IPL2025 #CricketVictory #PBKS #LKNvsPBKS #IPLHighlights #ShreyasIyerCaptain #CricketNews

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India Pakistan water dispute

Indus Water Treaty: बूंद-बूंद को तरसेंगे पाकिस्तानी, सिंधु जल संधि संस्पेंड करने के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी का पानी, अगला नंबर झेलम का

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने सभी का नाम और धर्म पूछकर दिन-दहाड़े गोली मार दी थी। इस हमले के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। बढ़ते तनाव और लोगों के रोष को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ छह दशक पुरानी सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। भारत ने पहलगाम हमले के एक दिन बाद पाकिस्तानियों का पानी बंद करने का फैसला लिया था। इस फैसले से पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। अभी पाकिस्तानी इस सदमें से उबरे भी नहीं थे कि भारत ने एक और झटका दे दिया है। दरअसल, भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक (Indus Water Treaty) दिया है। ध्यान देने वाली बात ये कि यह कदम सिंधु नदी से पड़ोसी देश को एक भी बूंद पानी नहीं जाने देने के अपने फैसले पर अमल करते हुए उठाया गया है। यही नहीं, इसके अलावा भारत झेलम नदी पर बने किशनगंगा बांध से भी पानी के बहाव को कम करने की तैयारी कर रहा है।  पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक हो गया है (Indus Water Treaty) कम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक लंबी चर्चा और हाइड्रोलॉजिकल परीक्षण के बाद भारत ने बगलिहार बांध से गाद निकालने का काम शुरू कर (Indus Water Treaty)) दिया है। इसके चलते स्लुइस गेट को नीचे दिया है। इससे पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक कम हो गया है। यही नहीं, नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन से जुड़े अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ इसी तरह के अभियान की योजना किशनगंगा बांध के लिए भी बनाई गई है। इस पूरे मुद्दे पर एक दूसरे अधिकारी ने (पहचान न जाहिर करने की शर्त पर) कहा कि “हमने बगलिहार जल विद्युत परियोजना के द्वार बंद कर दिए हैं। हमने जलाशय से गाद निकालने का काम किया था और इसे फिर से भरना है।” इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील झेलम नदी का पानी भी रोकने की है (Indus Water Treaty) तैयारी  गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि पाकिस्तान द्वारा सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के कुछ ही घंटों के भीतर भारत ने ये कार्रवाई की है। यही नहीं, इसके अलावा इसमें देश के सभी बंदरगाहों पर पाकिस्तानी झंडों वाले जहाजों के रुकने पर प्रतिबंध भी शामिल (Indus Water Treaty) है। खबर के मुताबिक कहा तो यह भी जा रहा है कि उत्तर पश्चिमी हिमालय में गुरेज घाटी में स्थित किशनगंगा बांध जो कि झेलम नदी पर है, जहाँ पहला मेगा हाइड्रोपावर प्लांट लगा है, बहुत जल्द बड़े पैमाने पर वहां पवार भी रखरखाव का काम शुरू होगा। इसके चलते इससे नीचे की ओर बहने वाले सभी पानी को रोक दिया जाएगा। Latest News in HindiToday Hindi news Indus Water Treaty) #IndusWaterTreaty #IndiaPakistan #WaterCrisis #ChenabRiver #JhelumRiver #IndiaNews #PakistanNews #WaterDispute #Geopolitics #IndusTreaty

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Rakshas Tal mystery

Rakshas Tal: वैज्ञानिकों का भी दिमाग चकराया: आखिर एक ही स्थान पर होने के बावजूद मानसरोवर झील और राक्षस ताल में क्यों है इतना भयानक अंतर?

इस साल यानी 30 जून 2025 से कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Yatra) की शुरुआत होने जा रही है। भारी तादाद में श्रद्धालु कैलास मानसरोवर के दर्शन हेतु जाते हैं। इस दौरान कैलाश दर्शन के साथ ही लोग मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) और राक्षस ताल (Rakshas Tal) के भी दर्शन करते हैं। यह दोनों झीलें 2-3 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति हैं। सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह कि मानसरोवर झील और राक्षस ताल एक ही वातावरण, एक जैसी ऊंचाई पर होने के बावजूद भी दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। कारण यही जो सदियों से लोग जानना चाहते हैं कि एक स्थान पर होने के बावजूद भी ये दोनों झीलें इतनी अलग क्यों हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि धार्मिक शास्त्रों में बताए गए तथ्यों को विज्ञान नहीं मानता। यह तो ठीक, लेकिन विज्ञान भी इस बात का जवाब नहीं दे पाया है कि आखिर एक स्थान पर होने के बावजूद भी ये मानसरोवर और राक्षस ताल में इतना फर्क क्यों है? ऐसे में आइये जानते हैं दोनों में क्या है अंतर?   राक्षस ताल (Rakshas Tal) एक तरह से खारे पानी की झील है बता दें कि राक्षस ताल (Rakshas Tal) एक अर्धचंद्राकार खारे पानी की झील है। अर्धचंद्राकार आकार अंधेरे का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यह वही स्थान है, जहां राक्षस राजा रावण ने भगवान शिव की तपस्या और उनकी आराधना की थी। कहा जाता है कि भगवान शिव के अनन्य भक्त रावण ने खुद राक्षस ताल का निर्माण किया था। रावण अपनी इच्छा पूरी करने हेतु कैलाश पर्वत गया था। कैलाश जाने से पहले उसने राक्षस ताल में स्नान किया और वहीं ध्यान लगाया। इस बीच जब रावण ने राक्षस ताल में डुबकी लगाई, तो झील आसुरी शक्तियों के कब्जे में आ गई और नकारात्मकता से भर गई। कहते हैं कि राक्षस झील का पानी इतना खारा कि इसके अंदर मछली या कोई दूसरा जानवर रह ही नहीं सकता। झील का हल्के धूसर रंग का है। लोगों का दावा तो यहाँ तक है कि कुछ महीनों बाद राक्षस झील के पानी का रंग बदल जाता है।  इसे भी पढ़ें:-  इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? किसी को भी राक्षस ताल (Rakshas Tal) के पास जाने की नहीं है इजाजत  यही नहीं, राक्षस ताल (Rakshas Tal) के ठीक करीब एक छोटी नदी भी है। जिसे गंगचु नदी कहते हैं। यह नदी मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) और राक्षस ताल को जोड़ती है। ऐसी मान्यता है कि मानसरोवर से पवित्र जल ले जाने हेतु इस नदी को ऋषियों द्वारा बनाया गया था। राक्षस ताल का पानी खारा होने के साथ-साथ विषैला भी है। जानकारों की माने तो इसमें स्नान करने अथवा इसका पानी पीने से जान तक जा सकती है। कारण यही जो राक्षस ताल के इर्द गिर्द चीन सरकार ने बाड़ लगाकर राक्षस ताल के क्षेत्र को घेर रखा है। किसी को भी इस झील के पास जाने की इजाजत नहीं है। इसे सिर्फ दूर से ही देखा जा सकता है। बता दें कि राक्षस ताल, कैलाश पर्वत के पश्चिम में तकरीबन 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस ताल के आसपास डोला, लाचतो, तोपसरमा और दोशर्बा नामक 4 द्वीप हैं। तिब्बती भाषा में इसे लांगगर चो या ल्हानाग त्सो के नाम से जाना जाता है। इसका है जहर की काली झील। ऐसा इसलिए कि तिब्बतियों का ऐसा मानना है कि इसका पानी शापित है। इसे छूने मात्र से भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिये लोग इसके आसपास भी नहीं भटकते।  Latest News in Hindi Today Hindi Mansarovar Lake #RakshasTal #MansarovarLake #MysteryLake #TibetMystery #HimalayanSecrets #ScienceVsMyth #NatureWonder #HolyLake #StrangePhenomena #MythicalLakes

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मोलस्कम कंटेजियोसम: सेकंड हैंड कपड़े पहनने से पहले जान लें इस व्यक्ति का दर्दनाक अनुभव

अपने भाई-बहनों के पुराने कपड़े (Clothes) पहनना हर भारतीय परिवार में एक रिवाज की तरह है। लेकिन, आजकल आप ऑफलाइन ही नहीं बल्कि ऑनलाइन भी सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीद और बेच सकते हैं। ऐसी कई वेबसाइट्स हैं, जिनसे आप इस सुविधा का आनंद ले सकते हैं। पुराने कपड़े (Clothes) खरीदने के कई फायदे हैं जैसे यह सस्ते होते हैं, एनवायरनमेंट के लिए फायदेमंद हैं, कम कीमत में अच्छी क्वॉलिटी मिल जाती है। लेकिन, इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीदना महंगा पड़ा एक व्यक्ति को, जिसे इसके कारण एक बड़ी स्किन प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा। आइए जानें इस बारे में विस्तार से। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) के अन्य नुकसानों के बारे में भी जानें। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनना पड़ा भारी: पाएं जानकारी सोशल मीडिया आजकल एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन चुका है, जहां लोग हर एक चीज शेयर कर सकते हैं। हाल ही में एक व्यक्ति ने शेयर किया कि उसने सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीद कर पहने और उसकी वजह से उसे वायरल स्किन इंफेक्शन हुआ। उस व्यक्ति के अनुसार इन कपड़ों की वजह से उसे  मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) जैसी समस्या का सामना करना पड़ा। मोलस्कम कॉन्टैगिओसम एक स्किन इंफेक्शन है। आइए जानें कि मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) क्या है और यह कितना खतरनाक हो सकता है? मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) एक वायरल स्किन इंफेक्शन है ,जिसका कारण होता है मोलस्कम कंटेजियोसम वायरस। इसके कारण स्किन पर छोटे, गोल और ऊपर उठे हुए मस्से हो सकते हैं। यह मस्से दर्दभरे नहीं होते हैं लेकिन इनमे खुजली हो सकती है। यह समस्या आमतौर पर हानिरहित हैं लेकिन इसके कारण रोगी को परेशानी हो सकती है। इसके लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। यह तो थी पुराने कपड़े (Clothes) पहनने से होने वाली समस्या के बारे में जानकारी। अब जानिए कि सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes)पहनने से और क्या समस्याएं हो सकती हैं? इसे भी पढ़ें: महामारी की आशंका: अमेरिका में H5N1 के नए मामले, दुनिया भर में चिंता सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनने से और क्या समस्याएं हो सकती हैं?  सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनने से मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। यह समस्याएं इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Second hand clothes #clothes #Secondhandclothes #skinproblems #MolluscumContagiosum

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Hanuman Ji

जब हनुमान जी ने सूर्य को समझा फल, निगल गए पूरे ब्रह्मांड का उजाला

हनुमान जी (Hanuman Ji) को बल, बुद्धि और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। वे बालपन से ही असाधारण शक्तियों से संपन्न थे और यही कारण है कि उनकी बाल लीलाएं भी उतनी ही अद्भुत और चमत्कारी हैं, जितनी उनकी युवावस्था की वीरता। ऐसी ही एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है, जब बालक हनुमान ने सूर्य देव (Lord Sun) को लाल फल समझकर निगल लिया था। इस घटना से न केवल धरती बल्कि पूरे ब्रह्मांड में अंधकार छा गया और देवताओं में हाहाकार मच गया था। बाल हनुमान की भूख और सूर्य को फल समझने की कथा पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा केसरी और माता अंजनी के घर एक विलक्षण बालक का जन्म हुआ, जिसे मारुति नाम दिया गया। यह बालक साधारण नहीं था, उसमें देवताओं द्वारा प्रदान की गई दिव्य शक्तियां विद्यमान थीं। बचपन से ही मारुति बेहद चंचल, बलवान और बुद्धिमान थे। एक दिन उन्होंने आकाश में चमकते हुए सूर्य को देखा, जो उन्हें एक लाल और दमकते हुए पके आम की तरह प्रतीत हुआ। उसे देखकर उनके भीतर उसे खाने की इच्छा जाग उठी। वे तुरंत आकाश की ओर उड़ चले और इतनी तेजी से बढ़े कि देवता भी अचंभित रह गए। हनुमान जी (Hanuman Ji) ने सूर्य को पकड़ने की कोशिश की और अंत में उसे निगल लिया। जैसे ही उन्होंने सूर्य को निगला, समस्त पृथ्वी पर अंधकार छा गया और दिन में ही रात जैसा माहौल बन गया। इससे सभी जीव-जंतु भयभीत हो उठे। देवताओं की चिंता और इंद्र का हस्तक्षेप इसके बाद सभी देवता चिंतित होकर ब्रह्मा जी के पास पहुंचे। ब्रह्मा जी ने इंद्र देव को निर्देश दिया कि वे उस बालक को रोकें। इंद्र देव ने अपने वज्र से मारुति यानी हनुमान जी पर प्रहार किया, जिससे वे सीधे धरती पर गिर पड़े। यह देखकर ब्रह्मा जी ने हनुमान जी (Hanuman Ji) को उठाया और कहा, “यह बालक असाधारण है, इसे कोई भी क्षति नहीं पहुंचा सकता।” इसके बाद ब्रह्मा जी ने उन्हें अमरता और विजय का वरदान दिया। अन्य देवताओं ने भी हनुमान जी को अनेक शक्तियां प्रदान कीं—जैसे अग्नि से रक्षा, जल में न डूबने की क्षमता, हवा में उड़ने की कला और अनेकों दिव्य वरदान। परंतु, बाल्यावस्था में हनुमान जी जब अपनी शक्तियों का अनुचित प्रयोग करने लगे और ऋषियों की तपस्या में विघ्न डालने लगे, तो ऋषियों ने उन्हें श्राप दिया कि वे अपनी शक्तियों को भूल जाएंगे और तब तक नहीं याद कर पाएंगे, जब तक कोई उन्हें स्मरण न कराए। इसी कारण जब आगे चलकर हनुमान जी (Hanuman Ji) की भेंट श्रीराम से हुई, तभी उन्हें अपनी सभी दिव्य शक्तियों का पुनः स्मरण हुआ और वे भगवान राम के अनन्य भक्त व शक्तिशाली बजरंगबली के रूप में प्रतिष्ठित हुए इसे भी पढ़ें:-  क्यों चढ़ाया जाता है हनुमान जी को सिंदूर? जानिए त्रेता युग से जुड़ी यह अद्भुत कथा देवताओं का समाधान और हनुमान को वरदान समस्त देवताओं ने वायुदेव को शांत करने और हनुमान जी (Hanuman Ji) की क्षमा याचना हेतु मिलकर उन्हें अनेक वरदान दिए। ब्रह्मा जी, इंद्र देव, वरुण देव, यमराज आदि ने बालक हनुमान को अमरता, अजेयता, बल, बुद्धि, वेदों का ज्ञान और हर प्रकार के दैवीय वरदान दिए। इस प्रकार हनुमान जी त्रेतायुग के सबसे बलशाली और बुद्धिमान देवता बने। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Hanuman Ji #Hanuman #HanumanStory #HinduMythology #SuryaDev #IndianLegends #HanumanJayanti #MythologicalTales #LordHanuman #SpiritualIndia #DivineStories

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BSNL new plan

BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म

हमारे देश में कई टेलीकॉम कंपनियां हैं, जो समय-समय पर अपने ग्राहकों के लिए नए-नए ऑफर्स लाती रहती हैं। रिलायंस जियो, एयरटेल और बीएसएनएल (BSNL) कुछ प्रसिद्ध टेलीकॉम कंपनियां हैं। बीएसएनएल कंपनी मोबाइल, लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड और अन्य सेवाएं अपने ग्राहकों को प्रदान करती हैं। इसका नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है। आजकल रिचार्ज प्लान बहुत महंगे हो गए हैं। हर महीने वैलिडिटी (Validity) के लिए ग्राहकों को बहुत अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। बीएसएनएल (BSNL) एक ऐसा नया प्लान ले कर आया है जिससे कम कीमत में 180 दिन की वैलिडिटी (Validity) मिल रही है। यानी, कम कीमत में आपको अधिक लाभ हो सकता है। आइए जानें कि बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan) क्या है?   बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan): पाएं जानकारी बीएसएनएल (BSNL) कंपनी कई तरह के प्लान ले कर आती है जिससे यूजर्स की आवश्यकताएं पूरी हो सकती हैं। यूजर अपनी इच्छानुसार इनमे से अपने लिए बेहरीन प्लान्स को चुन सकते हैं। आइए जानें कि बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan) क्या है, जो कम कीमत में लम्बी वैलेडिटी प्रदान करता है?   यह है बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan)?  बीएसएनएल का नया प्लान (BSNL new plan) कम दामों में लम्बी वैलिडिटी प्रदान कर रहा है। यह प्लान केवल  897 रुपये  का है जिसमें ग्राहकों को 180 दिनों की लम्बी वैलिडिटी (Validity) मिल रही है। अगर किसी के पास बीएसएनएल (BSNL) का प्रीपेड सिम है तो यह रिचार्ज उनके लिए परफेक्ट है। इससे आपको किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कालिंग और रोजाना 100 मैसेजिज की सुविधा भी मिलेगी। 80 दिनों की वैलिडिटी (Validity) वाले इस प्लान में आपको डेटा भी मिल रहा है। इस प्लान में आपको टोटल 90GB डेटा मिल रहा है और इसमें कोई डेली लिमिट नहीं है। आप इस डेटा को एक ही दिन में भी खत्म कर सकते हैं या रोजाना थोड़ा थोड़ा इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से इस रिचार्ज को कर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें:-  पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर बीएसएनएल के अन्य किफायती प्लान अगर आपको लम्बी वैलिडिटी (Validity) चाहिए, तो यह बीएसएनएल (BSNL) के प्लान भी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं:  Latest News in Hindi Today Hindi   #BSNLnewplan #BSNL #validity #telecomecompany #data

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