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पलवल में KMP एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा; खड़े ट्रक से टकराई श्रद्धालुओं की पिकअप, 6 की मौत

पलवल: हरियाणा के पलवल जिले में Kundli-Manesar-Palwal (KMP) Expressway पर हुए भीषण सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हो गए। श्रद्धालुओं से भरी पिकअप सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। हादसा 1 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे Maheshpur/Yadavpur गांव के पास हुआ। राजस्थान से वृंदावन जा रहे थे श्रद्धालु पुलिस के मुताबिक श्रद्धालुओं का दल उत्तर प्रदेश के Mainpuri से धार्मिक यात्रा पर निकला था। राजस्थान में Khatu Shyam और Salasar Balaji समेत धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद समूह Vrindavan की ओर जा रहा था। इसी दौरान KMP Expressway पर उनकी पिकअप सामने खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हादसे की टक्कर बेहद जोरदार थी। पिकअप का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री वाहन में फंस गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पुलिस तथा emergency services को जानकारी दी। घायलों को बाहर निकालकर Palwal Civil Hospital पहुंचाया गया, जहां छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। छह मृतकों की हुई पहचान पुलिस ने मृतकों की पहचान Vijay Singh Yadav, Raj Kumar, Kamla Devi, Reshma Devi, Sudha Devi और Mahesh के रूप में की है। सभी Mainpuri, Uttar Pradesh से थे। घायल यात्रियों का Palwal और आसपास के hospitals में इलाज कराया गया। सड़क किनारे गलत तरीके से खड़ा था Truck Police investigation में सामने आया कि जिस truck से पिकअप टकराई, वह expressway के किनारे कथित रूप से गलत तरीके से खड़ा था। Palwal Sadar Police के SHO Hari Kishan के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद truck driver वाहन लेकर मौके से भाग गया। Police उसकी तलाश और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। Driver को नींद आने का भी शक पुलिस ने शुरुआती जांच में यह आशंका भी जताई है कि लंबी यात्रा के कारण pickup driver को झपकी आ गई हो, जिसके बाद वाहन stationary truck से जा टकराया। हालांकि दुर्घटना का final cause investigation पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए parked truck की स्थिति और pickup driver की alertness—दोनों angles से जांच की जा रही है। हादसे ने फिर उठाए Expressway Safety पर सवाल High-speed expressway पर unauthorized तरीके से vehicles खड़े करना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। इस हादसे के बाद KMP Expressway पर roadside parking, night-time visibility और enforcement को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 3 सितंबर तक उपलब्ध विश्वसनीय reports में truck driver की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं मिली है और मामले की जांच जारी बताई गई है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: पलवल में KMP एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा; खड़े ट्रक से टकराई श्रद्धालुओं की पिकअप, 6 की मौत और 14 घायल स्रोत – Palwal Police, Hindustan Times, Times of India, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

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उज्जैन के श्मशान घाट में चिता से छेड़छाड़ का मामला; काली उर्फ नंद गिरी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट में जलती चिता के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने काली उर्फ नंद गिरी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को अघोरी और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताती है। पुलिस का आरोप है कि वीडियो में वह तलवार लेकर जलती चिता के पास जाती और वहां से निकाली गई वस्तु को खाते हुए दिखाई देती है। Viral Video के बाद दर्ज हुई शिकायत यह वीडियो कुछ दिनों से social media पर circulate हो रहा था। मामला सामने आने के बाद स्थानीय सेनापति काल भैरव समिति की ओर से जीवाजीगंज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस के मुताबिक वीडियो चक्रतीर्थ श्मशान घाट में बनाया गया था और बाद में आरोपी के Instagram account से upload किया गया। चिता से कथित मानव अवशेष निकालने का आरोप Viral footage में आरोपी हाथ में तलवार लिए जलती चिता के करीब दिखाई देती है। आरोप है कि उसने चिता से कथित तौर पर मानव अवशेष निकाला और उसे खाया। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली वस्तु वास्तव में मानव मांस ही थी, इसकी independent forensic confirmation सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे पुलिस शिकायत और आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। BNS और Arms Act के तहत कार्रवाई Ujjain की CSP Pushpa Prajapati के मुताबिक काली उर्फ नंद गिरी को Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 301 और Arms Act की धारा 25 के तहत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को Judicial Magistrate First Class की अदालत में पेश किया गया। Court ने भेजा Judicial Custody में स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने आरोपी को 15 दिनों की judicial custody में भेज दिया है। उसे Ujjain की Bhairavgarh Central Jail भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब viral video और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। संत समाज ने जताई नाराजगी वीडियो सामने आने के बाद Ujjain के कई संतों ने घटना की आलोचना की। Juna Akhara के Mahamandaleshwar Shaileshanand Giri ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों को अघोर साधना के नाम पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना स्वीकार्य नहीं है। मामले में यह भी जांच का विषय है कि आरोपी का विभिन्न धार्मिक संस्थाओं या अखाड़ों से संबंध होने का दावा किस हद तक आधिकारिक है। फिलहाल आरोपी पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में है और मामला अदालत तथा जांच प्रक्रिया के अधीन है। स्रोत – Ujjain Police, PTI, ThePrint, Dainik Awantika जय राष्ट्र न्यूज़

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जम्मू-कश्मीर में MBBS-BDS इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल; ₹12,300 स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग

श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। इंटर्न डॉक्टर मौजूदा ₹12,300 प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि करीब सात वर्षों से स्टाइपेंड में कोई संशोधन नहीं हुआ, जबकि महंगाई और काम का बोझ लगातार बढ़ा है। हड़ताल 31 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। 2 सितंबर को आंदोलन तीसरे दिन में प्रवेश कर गया और जम्मू-कश्मीर के कई Government Medical Colleges तथा SKIMS से जुड़े इंटर्न इसमें शामिल रहे। मांग पूरी नहीं होने पर डॉक्टरों ने आगे भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी है। ₹400 प्रतिदिन के बराबर पड़ता है स्टाइपेंड प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि ₹12,300 प्रतिमाह का मौजूदा स्टाइपेंड लगभग ₹400 प्रतिदिन के बराबर बैठता है। इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक वे emergency departments, OPDs, wards, procedures, night duties और rural postings में नियमित जिम्मेदारियां निभाते हैं। कई बार लंबी और 24 घंटे से ज्यादा की shifts भी करनी पड़ती हैं। उनका कहना है कि इस workload के मुकाबले मौजूदा भुगतान बेहद कम है। सात साल से नहीं बढ़ा स्टाइपेंड प्रदर्शनकारियों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में medical interns का stipend करीब सात वर्षों से ₹12,300 के आसपास ही बना हुआ है। उनका दावा है कि देश के कई अन्य राज्यों में medical interns को ₹25,000 से ₹45,000 या उससे ज्यादा monthly stipend मिलता है। इसी disparity को देखते हुए वे इसे कम से कम ₹30,000 तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। 2023 की Committee ने भी सुझाई थी बढ़ोतरी इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि Health and Medical Education Department ने 2023 में stipend revision पर विचार के लिए committee बनाई थी। प्रदर्शनकारियों के अनुसार committee ने 2025-26 के लिए stipend करीब ₹25,000 करने की सिफारिश की थी। 2026 Assembly session में करीब ₹26,300 के प्रस्ताव का भी उल्लेख हुआ, लेकिन अब तक revised stipend का formal order जारी नहीं हुआ है। Government बोली—मांग पर विचार जारी Jammu and Kashmir की Health and Medical Education Minister Sakina Itoo ने कहा है कि interns की मांग सरकार के विचाराधीन है। उनके मुताबिक stipend enhancement से जुड़ा proposal financial implications की जांच के लिए Finance Department को भेजा जा चुका है। उन्होंने doctors से strike पर पुनर्विचार करने की अपील भी की है, क्योंकि इससे patient services प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि protesting interns का कहना है कि उन्हें अब केवल verbal assurance नहीं, बल्कि revised stipend का written order चाहिए। कई Medical Colleges में प्रदर्शन हड़ताल में GMC Jammu, GMC Srinagar, GMC Baramulla, GMC Rajouri, GMC Anantnag, GMC Handwara, SKIMS और SKIMS Bemina समेत कई institutions के interns शामिल हैं। 1 सितंबर को doctors ने विभिन्न campuses में peaceful candle marches भी निकाले। 2 सितंबर तक आंदोलन जारी रहा और interns ने कहा कि concrete decision नहीं आने पर protest और तेज किया जाएगा। Political Support भी मिला इंटर्न डॉक्टरों की मांग को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। Congress की Jammu-Kashmir unit के president Tariq Hameed Karra ने Chief Minister Omar Abdullah को पत्र लिखकर stipend बढ़ाने की मांग पर तुरंत विचार करने को कहा है। PDP नेता Iltija Mufti भी GMC Srinagar में protesting interns से मिलीं और ₹30,000 stipend की मांग का समर्थन किया। फिलहाल सरकार ने मांग को genuine बताते हुए consideration में होने की बात कही है, लेकिन interns revised stipend का official order आने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं। स्रोत – PTI, The Indian Express, The Tribune, India Today, Medical Dialogues जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई में महंगाई का डबल झटका; CNG-PNG महंगी, ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा

मुंबई: मुंबई और Mumbai Metropolitan Region (MMR) में सितंबर की शुरुआत आम लोगों के लिए महंगी साबित हुई है। Mahanagar Gas Limited (MGL) ने CNG की कीमत ₹2 प्रति किलो और घरेलू PNG की कीमत ₹1 प्रति SCM बढ़ा दी है। इसके साथ ही auto-rickshaw और black-and-yellow taxi के revised fares भी 1 सितंबर से लागू हो गए हैं। CNG अब ₹88 प्रति किलो नई दरों के बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG ₹86 से बढ़कर ₹88 प्रति किलो हो गई है। वहीं domestic PNG की कीमत ₹1 प्रति standard cubic metre बढ़कर ₹53 प्रति SCM पहुंच गई है। MGL ने बढ़ती input cost को price hike की मुख्य वजह बताया है। West Asia Crisis से बढ़ी Gas Cost MGL के मुताबिक international gas prices में तेजी और West Asia में जारी तनाव के कारण imported gas महंगी हुई है। CNG की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी को महंगे spot Regasified Liquefied Natural Gas (RLNG) पर ज्यादा निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे overall supply cost बढ़ गई है। Auto का Minimum Fare ₹27 Mumbai Metropolitan Region Transport Authority ने auto-rickshaw का minimum fare ₹26 से बढ़ाकर ₹27 कर दिया है। यह fare शुरुआती 1.5 kilometre के लिए लागू होगा। इसके बाद per-kilometre fare ₹17.14 से बढ़कर करीब ₹18.22 हो गया है। Kaali-Peeli Taxi का किराया ₹33 Black-and-yellow taxi का minimum fare भी ₹31 से बढ़ाकर ₹33 कर दिया गया है। Taxi का revised per-kilometre rate ₹20.66 से बढ़कर करीब ₹21.90 हो गया है। नई दरें Mumbai, Thane, Navi Mumbai, Kalyan, Vasai-Virar और Panvel सहित MMR के कई हिस्सों में लागू हैं। नवंबर तक Meter Recalibration Auto और taxi drivers को revised fares के हिसाब से electronic meters recalibrate कराने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है। तब तक drivers RTO-approved revised tariff card के आधार पर यात्रियों से नया किराया ले सकते हैं। तय समय तक meter update नहीं कराने पर कार्रवाई की जा सकती है। यात्रियों और Drivers दोनों की जेब पर असर CNG की कीमत बढ़ने से लाखों CNG-powered vehicles के operating costs बढ़ेंगे। दूसरी ओर commuters को अब रोजाना auto और taxi rides के लिए ज्यादा भुगतान करना होगा। कुछ driver unions का कहना है कि किराया बढ़ने से मिली राहत CNG की कीमत में हुई बढ़ोतरी के कारण काफी हद तक कम हो गई है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: मुंबई में महंगाई का डबल झटका; CNG ₹88 प्रति किलो, PNG ₹53 प्रति SCM हुई, ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा स्रोत – Mahanagar Gas Limited, Mumbai Metropolitan Region Transport Authority, The Indian Express, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

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अखिलेश यादव का BJP पर तीखा हमला; बोले—UP ने इतनी भ्रष्ट सरकार कभी नहीं देखी, 2027 के लिए SP का अभियान शुरू

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की BJP सरकार पर भ्रष्टाचार, सरकारी संस्थानों की स्थिति और PDA वर्गों के कथित उत्पीड़न को लेकर तीखा हमला बोला है। इसी के साथ समाजवादी पार्टी ने आज, 1 सितंबर 2026 से 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपना booth-level campaign शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश ने मौजूदा BJP सरकार जैसी भ्रष्ट सरकार पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में SP कार्यकर्ता जिलों और बूथ स्तर पर जाकर सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और दूसरे मुद्दों को जनता के बीच उठाएंगे। ‘इतनी भ्रष्ट सरकार पहले कभी नहीं देखी’ Lucknow में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद अखिलेश यादव ने BJP सरकार पर बड़ा हमला करते हुए उसे राज्य के इतिहास की “सबसे भ्रष्ट सरकार” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संस्थानों और संपत्तियों को कमजोर किया जा रहा है और कई महत्वपूर्ण सरकारी assets निजी हाथों में दिए जा रहे हैं। ये आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं; BJP सरकार ने इन्हें स्वीकार नहीं किया है। JPNIC को लेकर CM Yogi पर पलटवार अखिलेश यादव ने Jayaprakash Narayan International Centre (JPNIC) को लेकर भी मुख्यमंत्री Yogi Adityanath पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार सरकारी institutions को बेचने की दिशा में काम कर रही है। यह बयान उस समय आया जब मुख्यमंत्री ने JPNIC के निर्माण और पिछली SP सरकार के दौरान हुई कथित अनियमितताओं को लेकर अखिलेश यादव पर हमला किया था। 26 हजार Schools बंद करने का आरोप SP प्रमुख ने दावा किया कि BJP सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब 26,000 सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 5 सितंबर यानी Teachers’ Day पर इन बंद बताए जा रहे schools के बाहर कार्यक्रम आयोजित करेगी और शिक्षा के मुद्दे को जनता के बीच उठाएगी। 26,000 schools वाला आंकड़ा अखिलेश यादव का दावा है। Voter List को लेकर भी उठाए सवाल 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने electoral rolls के proposed revision पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और Election Commission की मिलीभगत से voter lists में बदलाव करने की कोशिश हो सकती है। इस आरोप के समर्थन में उन्होंने कोई स्वतंत्र प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया है और Election Commission एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। SP ने अपने कार्यकर्ताओं से voter lists पर विशेष नजर रखने और booth-level organisation मजबूत करने को कहा है। PDA के उत्पीड़न का लगाया आरोप अखिलेश यादव ने PDA—Pichhda, Dalit और Alpsankhyak समुदायों के लोगों को निशाना बनाए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने Uttar Pradesh STF को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और उस पर caste bias का आरोप लगाया। उन्होंने Badaun में एक Dalit युवक की police custody में हुई मौत का उदाहरण देते हुए सरकार से जवाब मांगा। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं और संबंधित authorities की जांच या judicial findings से इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। 2027 के लिए SP ने शुरू की तैयारी अखिलेश यादव ने SP के district presidents और organisational office-bearers को अगले दो हफ्तों में ground-level campaign तेज करने का निर्देश दिया है। Party का focus BJP सरकार के खिलाफ alleged corruption, PDA issues, education, employment और voter-list related concerns को जनता तक पहुंचाने पर रहेगा। 2024 Lok Sabha election में Uttar Pradesh में 37 seats जीतने के बाद SP अब उसी political momentum को 2027 Assembly election तक ले जाने की कोशिश कर रही है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: अखिलेश यादव का BJP पर तीखा हमला; बोले—UP ने इतनी भ्रष्ट सरकार कभी नहीं देखी, 2027 के लिए SP का अभियान शुरू स्रोत – PTI, India Today, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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राहुल गांधी के खिलाफ FIR के विरोध में कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन; उत्तराखंड सचिवालय मार्च, कई जगह कार्यकर्ता हिरासत में

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज FIR के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को कई राज्यों में प्रदर्शन किया। पार्टी ने FIR वापस लेने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक विरोध की आवाज दबाने के लिए कानून का इस्तेमाल कर रही है। Congress ने Haldwani के कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में BJP से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। Haldwani के ‘शुद्धिकरण’ विवाद से जुड़ी FIR राहुल गांधी के खिलाफ FIR Haldwani में Congress president Mallikarjun Kharge की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान पर उनकी टिप्पणी को लेकर दर्ज की गई है। Police के मुताबिक शिकायत Haldwani निवासी Amit Kumar ने दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से Scheduled Caste community की भावनाएं आहत हुईं। FIR में SC/ST Act की धाराओं के साथ BNS Section 196 भी लगाया गया है। Uttarakhand में Secretariat March FIR के खिलाफ Uttarakhand Congress ने Dehradun में Secretariat तक march का ऐलान किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने caste discrimination के खिलाफ आवाज उठाई थी और उनके खिलाफ criminal case दर्ज करना अनुचित है। पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat समेत Congress नेताओं ने FIR पर सवाल उठाते हुए इसे politically motivated बताया। ये Congress के आरोप हैं; Uttarakhand सरकार ने इन्हें खारिज किया है। Lucknow में प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में भी Congress कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। Hazratganj स्थित Gandhi statue के पास सांसद Tanuj Punia के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने FIR के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर बड़ी संख्या में police personnel तैनात किए गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई Congress नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर Eco Garden ले जाया गया। Punjab-Haryana में भी विरोध Chandigarh में Punjab और Haryana Congress के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। Reports के मुताबिक कुछ Congress नेताओं को police ने हिरासत में लिया। Himachal Pradesh, Jammu-Kashmir और अन्य राज्यों में भी Congress units ने विरोध प्रदर्शन कर FIR वापस लेने की मांग की। Congress ने Nationwide Protest का किया ऐलान Congress MP Syed Naseer Hussain ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरे देश में state-level protest marches आयोजित करेगी। Congress की मांग है कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाए और Haldwani में कथित purification ritual से जुड़े BJP workers के खिलाफ FIR दर्ज हो। Party ने इसे Dalit dignity और constitutional equality से जुड़ा मामला बताया है। BJP और CM Dhami का पलटवार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने Congress के आरोपों पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर caste politics करने का आरोप लगाया। Dhami ने कहा कि Congress हर मुद्दे में जाति और भेदभाव खोजने की कोशिश कर रही है। BJP का कहना है कि FIR शिकायत के आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज हुई है। फिलहाल Rahul Gandhi के खिलाफ FIR को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। Congress ने protests जारी रखने का संकेत दिया है, जबकि मामले में आगे की कार्रवाई Uttarakhand Police की investigation और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। स्रोत – Uttarakhand Police, ANI, Aaj Tak, The Economic Times, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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देशभर में मानसून का जोर; करीब 20 राज्यों में बारिश-आंधी की चेतावनी, Jharkhand-Uttarakhand में बेहद भारी बारिश का खतरा

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। India Meteorological Department (IMD) ने 1 सितंबर 2026 के लिए उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्से में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। Jharkhand और Uttarakhand में कुछ स्थानों पर extremely heavy rainfall की आशंका है, जबकि Bihar, Chhattisgarh, Madhya Pradesh, Uttar Pradesh, Odisha और Northeast के कई इलाकों में heavy से very heavy rainfall हो सकती है। Jharkhand और Uttarakhand पर सबसे ज्यादा खतरा IMD के latest forecast के मुताबिक Jharkhand और Uttarakhand में isolated locations पर heavy से very heavy और कहीं-कहीं extremely heavy rainfall हो सकती है। Uttarakhand में thunderstorm और lightning का खतरा भी बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के कारण landslide, flash flood और नदियों-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का जोखिम रहता है। लोगों को local administration और weather advisories पर नजर रखने की सलाह दी गई है। इन राज्यों में Heavy से Very Heavy Rain का अनुमान IMD ने आज Assam, Meghalaya, Bihar, Chhattisgarh, East Madhya Pradesh, East Uttar Pradesh, Gangetic West Bengal, Odisha, Nagaland, Manipur, Mizoram और Tripura के अलग-अलग हिस्सों में heavy से very heavy rainfall की संभावना जताई है। इसके अलावा Arunachal Pradesh, Himachal Pradesh, Jammu-Kashmir-Ladakh, Sub-Himalayan West Bengal-Sikkim और West Uttar Pradesh में isolated heavy rainfall की चेतावनी है। बंगाल की खाड़ी का Low Pressure बढ़ा रहा बारिश IMD के अनुसार Gangetic West Bengal और adjoining north Odisha-Jharkhand क्षेत्र पर एक well-marked low-pressure area बना हुआ है। यह system अगले 48 घंटों में west-northwest दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसी weather system के कारण Odisha, Jharkhand, West Bengal, Bihar, Chhattisgarh और Madhya Pradesh के कई इलाकों में rainfall activity बढ़ी हुई है। Odisha में 31 CM तक बारिश दर्ज पिछले 24 घंटों में Odisha के कई हिस्सों में बेहद तेज बारिश दर्ज की गई है। IMD के मुताबिक Mayurbhanj के Bangiriposi में 31 cm, Sarasakana में 30 cm और Jamsolaghat में 28 cm बारिश दर्ज हुई। Uttarakhand के Haripur में 16 cm, Jharkhand के Dumri में 16 cm और Chhattisgarh के Chando में 15 cm rainfall दर्ज की गई। बिजली और तेज हवाओं का भी Alert बारिश के साथ कई राज्यों में thunderstorm और lightning की भी चेतावनी है। Bihar, Jharkhand, Telangana, Karnataka और Andhra Pradesh के कुछ इलाकों में 30-40 kmph तक gusty winds चल सकती हैं, जबकि Odisha और West Bengal coast पर squally winds की रफ्तार 60-65 kmph तक पहुंचने का अनुमान है। Coastal areas में fishermen को खराब समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। Delhi में Heavy Rain का Alert नहीं कुछ media reports में Delhi को भी “20 राज्यों के heavy rain alert” में शामिल किया गया है। लेकिन IMD के 1 सितंबर के latest Day-1 warning में Delhi के लिए heavy rainfall warning नहीं है। Delhi-NCR में आज light rain, thunderstorm और lightning की संभावना बताई गई है। Heavy rain warning 2 सितंबर से दिखाई गई है। इसलिए “20 राज्यों में भारी से अति भारी बारिश” के बजाय “करीब 20 राज्यों में बारिश-आंधी की चेतावनी, कई राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश” लिखना ज्यादा accurate होगा। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), National Weather Forecasting Centre, Akashvani News जय राष्ट्र न्यूज़

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श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO की नियुक्ति अंतिम दौर में; 3 सदस्यीय कमेटी ने तीन नामों की रिपोर्ट सौंपी

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक Chief Executive Officer (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय Search Committee ने 5,585 आवेदनों की जांच और 16 उम्मीदवारों के interview के बाद तीन नामों का अंतिम panel तैयार कर मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को ट्रस्ट को सौंप दिया। अब CEO के नाम पर अंतिम फैसला ट्रस्ट करेगा। तीनों shortlisted candidates के नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। Reports के मुताबिक retired bureaucrats भी अंतिम दावेदारों में शामिल हैं। 5,585 Applications से चुने गए तीन नाम CEO पद के लिए देशभर से 5,585 applications प्राप्त हुए थे। शुरुआती screening के बाद उम्मीदवारों की संख्या घटाकर 16 की गई। इन candidates के साथ 3 से 6 अगस्त के बीच online interactions हुए और फिर 11 तथा 12 अगस्त को Ayodhya में face-to-face interviews लिए गए। Selection Committee ने leadership ability, administrative experience, integrity और management skills सहित कई parameters के आधार पर candidates का मूल्यांकन किया। कौन-कौन था Search Committee में? CEO चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय committee में: Retired Justice Permod Kohli, Lt Gen (Retd) V K Chaturvedi और Dr Suresh Haware शामिल थे। Committee के secretary के रूप में Sameer Panda को जिम्मेदारी दी गई थी। Committee का कहना है कि selection process में manual assessment के साथ technology और AI-enabled screening का भी इस्तेमाल किया गया। CEO बनने के लिए रखी गई थीं कड़ी शर्तें CEO पद के लिए applicants की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच और कम से कम 20 साल का administrative experience होना जरूरी रखा गया था। इसके साथ candidate का practising Hindu होना, भगवान राम में आस्था रखना, Hindi और English में दक्ष होना तथा नियुक्ति के बाद Ayodhya में रहने के लिए तैयार होना भी eligibility conditions में शामिल था। 2 सितंबर की बैठक पर टिकी नजर अब सभी की नजर 2 सितंबर को Ayodhya में होने वाली Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust की महत्वपूर्ण बैठक पर है। इसी meeting में shortlisted names पर चर्चा कर CEO के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। बैठक में CEO appointment के अलावा Trust के administrative structure, vacant positions, annual accounts और temple management से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। CEO संभालेगा मंदिर प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी नए CEO से Ram Mandir और Trust के day-to-day management को अधिक professional और व्यवस्थित बनाने की उम्मीद है। CEO की exact powers और General Secretary के साथ responsibilities का division भी Trust स्तर पर तय किया जाना है। पहले full-time CEO की नियुक्ति को मंदिर के बढ़ते administrative operations और management structure में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल Search Committee की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और तीन नाम Trust के पास पहुंच गए हैं। अंतिम नाम की घोषणा अब Trust के फैसले के बाद होगी। स्रोत – श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, The Indian Express, India Today, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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हैदराबाद में BJP कार्यालय के घेराव की कोशिश; Youth Congress का जोरदार प्रदर्शन, गेट पर पोता काला रंग

हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में Congress और BJP के बीच तनाव बढ़ गया है। Telangana Youth Congress के कार्यकर्ताओं ने 31 अगस्त को हैदराबाद के Nampally स्थित BJP state headquarters का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने BJP और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए, कार्यालय के एक गेट पर काला रंग पोता और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का पुतला जलाया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। Mallikarjun Kharge से जुड़े विवाद पर भड़का प्रदर्शन Youth Congress का मुख्य विरोध Uttarakhand के Haldwani में Congress president Mallikarjun Kharge की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर था। Congress ने इस घटना को Kharge के अपमान और caste discrimination से जोड़ते हुए BJP-RSS पर निशाना साधा है। दूसरी ओर Uttarakhand के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने BJP की भूमिका से इनकार करते हुए Congress पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। Students पर Pellet Gun के इस्तेमाल का भी विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व Telangana Youth Congress president Jakkidi Shiva Charan Reddy ने किया। प्रदर्शनकारियों ने हालिया student protests के दौरान कथित pellet-gun use का भी विरोध किया और Union Home Minister Amit Shah के इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ता BJP office की ओर बढ़े और कुछ प्रदर्शनकारी उसके gate तक पहुंच गए। इसी दौरान gate पर black paint लगाया गया और बाहर Amit Shah का effigy जलाया गया। Police ने कई Youth Congress कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने BJP headquarters के भीतर जाने की कोशिश की, जिसके बाद police ने उन्हें रोक दिया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कई protesters को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए नेताओं में Youth Congress state president Jakkidi Shiva Charan Reddy भी शामिल थे। BJP ने Police पर उठाए सवाल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Bandi Sanjay Kumar ने घटना की निंदा करते हुए Telangana Police पर प्रदर्शनकारियों को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे intelligence failure बताते हुए police leadership से जवाब मांगा और Congress से माफी की मांग की। ये BJP के आरोप हैं; Telangana Police की ओर से इन आरोपों को स्वीकार करने वाली कोई पुष्टि उपलब्ध reports में नहीं है। Hyderabad से Nalgonda तक पहुंचा राजनीतिक टकराव Hyderabad की घटना के बाद तनाव Nalgonda तक फैल गया। BJP कार्यकर्ताओं ने Telangana minister Komatireddy Venkat Reddy के camp office के बाहर प्रदर्शन किया, उनके effigy और banners को नुकसान पहुंचाया तथा eggs और tomatoes फेंके जाने की reports सामने आईं। इसके बाद Congress workers पर BJP district president Nagam Varshith Reddy के office और residence पर हमला तथा vandalism करने के आरोप लगे। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव के बाद police deployment बढ़ाया गया। 1 September को BJP State Chief House Arrest मामले में आज, 1 सितंबर 2026, नई development सामने आई। Telangana BJP president N Ramchander Rao को Nalgonda जाने से पहले police ने house arrest कर दिया। Police ने संभावित law-and-order situation को इसकी वजह बताया, जबकि Rao ने आरोप लगाया कि Congress government उन्हें अपने party leader से मिलने से रोक रही है। इस तरह 31 अगस्त को Hyderabad में शुरू हुआ BJP-Congress confrontation अब Telangana में बड़े राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। स्रोत – The New Indian Express, Times of India, PTI, The South First जय राष्ट्र न्यूज़

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पटना में 6 साल के आदित्य का धरना खत्म; माता-पिता के लिए मांग रहे थे न्याय, Pappu Yadav ने दिया कानूनी लड़ाई का भरोसा

पटना: अपने माता-पिता के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठे छह वर्षीय आदित्य राज ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। आदित्य 30 अगस्त से हाथ में संविधान लेकर धरने पर बैठे थे और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सोमवार देर रात पूर्णिया सांसद Pappu Yadav उनसे मिलने पहुंचे और परिवार को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया। इसके बाद धरना खत्म कर दिया गया। माता-पिता के लिए न्याय की मांग आदित्य का मामला 25 अगस्त को पटना में हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा है। परिवार का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आदित्य के माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की। इसी घटना के विरोध में आदित्य गर्दनीबाग में धरने पर बैठे और लगातार अपने माता-पिता के लिए न्याय तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे। हालांकि पटना पुलिस ने हिरासत और मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ को देखते हुए बच्चे और उसकी मां को सुरक्षा के लिए वहां से हटाया गया था। हाथ में संविधान लेकर बैठे थे आदित्य छह वर्षीय आदित्य की हाथ में संविधान लिए तस्वीरें और videos सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। आदित्य ने कहा था कि जब तक उनके माता-पिता को न्याय नहीं मिलता, वह अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मिलने की इच्छा भी जाहिर की थी। दो दिन तक चला धरना आदित्य ने 30 अगस्त को Gardanibagh में धरना शुरू किया था। 31 अगस्त को दूसरे दिन भी वह अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि वह अपने माता-पिता के साथ हुए कथित व्यवहार के खिलाफ न्याय चाहते हैं और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। देर रात पहुंचे Pappu Yadav 31 अगस्त की देर रात सांसद Pappu Yadav धरना स्थल पहुंचे और आदित्य तथा उनकी मां से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिया कि मामले को उचित कानूनी मंच पर उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर लड़ाई उच्च अदालतों तक ले जाई जाएगी। इसके बाद करीब दो दिनों से चल रहा आदित्य का धरना समाप्त हो गया। Pappu Yadav ने कहा कि न्याय और सम्मान की लड़ाई लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। अब कानूनी लड़ाई पर जोर धरना खत्म होने का मतलब परिवार की मांग समाप्त होना नहीं है। परिवार कथित पुलिस कार्रवाई की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग पर कायम है। Pappu Yadav ने भी परिवार को legal assistance देने और मामले को अदालत में उठाने का भरोसा दिया है। दूसरी तरफ पुलिस अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज कर रही है। फिलहाल मामला परिवार के आरोप और पुलिस के अलग version के बीच है। कथित मारपीट के आरोप किसी judicial finding में अभी साबित नहीं हुए हैं। 1 September की स्थिति आज 1 सितंबर 2026 तक आदित्य का Gardanibagh धरना समाप्त हो चुका है। ताजा खबर उनके अनशन की बिगड़ती हालत नहीं, बल्कि Pappu Yadav के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म होने और न्याय के लिए कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाने की है। इसलिए आज के लिए सबसे accurate headline होगी: पटना में 6 साल के आदित्य का धरना खत्म; माता-पिता के लिए मांग रहे थे न्याय, Pappu Yadav ने दिया कानूनी लड़ाई का भरोसा स्रोत – NDTV India, ABP News, Navbharat Times, The Mooknayak जय राष्ट्र न्यूज़

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