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Punjab में Amit Shah ने जलाया ‘Chitta Ravan’, ड्रग्स के मुद्दे पर AAP सरकार पर साधा निशाना

लुधियाना, 21 अक्टूबर 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने विजयादशमी के अवसर पर पंजाब के लुधियाना स्थित ऐतिहासिक दरेसी ग्राउंड (Daresi Ground) में प्रतीकात्मक ‘चिट्टा रावण’ का दहन किया। इस पुतले के जरिए पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर नशे के नेटवर्क और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।

क्या है ‘Chitta Ravan’?

पंजाब में हेरोइन और उससे जुड़े नशीले पदार्थों के लिए आम बोलचाल में ‘चिट्टा’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। नशे की समस्या को रावण के प्रतीक से जोड़ते हुए भाजपा ने ‘चिट्टा रावण’ का पुतला तैयार किया।

विजयादशमी पर इसका दहन नशे के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक बना। भाजपा ने इस आयोजन के माध्यम से पंजाब में ड्रग्स की समस्या को प्रमुखता से उठाया।

Amit Shah ने AAP सरकार पर लगाए आरोप

अमित शाह ने पंजाब में नशीले पदार्थों के नेटवर्क और नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों से मुलाकात के बाद उन्हें स्थिति की गंभीरता का अहसास हुआ।

हालांकि, ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं। राज्य में नशे की समस्या और उससे निपटने के लिए सरकारों की भूमिका को लेकर भाजपा और AAP के बीच मतभेद रहे हैं।

Parvinder Singh Jhota हत्याकांड की जांच CBI को

शाह के पंजाब दौरे से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने नशे के खिलाफ सक्रिय रहे कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा (Parvinder Singh Jhota) की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की घोषणा की थी।

अमित शाह ने इस फैसले का स्वागत किया और दो अन्य नशे से जुड़े मौत के मामलों की जांच भी CBI से कराने की मांग उठाई। इस मामले ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है।

तीन पीड़ित परिवारों से मिले गृह मंत्री

अपने दौरे के दौरान अमित शाह ने तीन परिवारों से मुलाकात की। इनमें मानसा में परविंदर सिंह झोटा का परिवार, संगरूर के तूर बंजारा गांव में गुलजार सिंह का परिवार और गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह के परिजन शामिल थे।

इन मुलाकातों के दौरान उन्होंने परिवारों की चिंताएं सुनीं और मामलों की निष्पक्ष तथा विस्तृत जांच की जरूरत पर जोर दिया।

Ravneet Bittu के लिए पुरानी मुहिम की याद

‘चिट्टा रावण’ का दहन भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) के लिए भी पुराने राजनीतिक अभियान की याद लेकर आया। वर्ष 2016 में वह इसी तरह के अभियान से जुड़े थे, जब पंजाब में तत्कालीन शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन सरकार को निशाना बनाया गया था।

अब भाजपा में रहते हुए इसी प्रतीक का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ किया गया। इससे पंजाब में नशे का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

AAP ने केंद्र पर उठाए सवाल

नशे के मुद्दे पर पंजाब की AAP सरकार भी केंद्र सरकार पर पलटवार करती रही है। राज्य सरकार ने सीमा और बंदरगाहों के रास्ते नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में केंद्र की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

इस तरह पंजाब में नशे की समस्या को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। दोनों पक्षों के बीच यह मुद्दा कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी अहम हिस्सा बना हुआ है।

Source: The Indian Express, Times of India

जय राष्ट्र न्यूज़

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