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वडनगर में PM मोदी के जन्मदिन पर भव्य महाआरती; अमित शाह और भूपेंद्र पटेल हुए शामिल

वडनगर, 17 सितंबर 2026: Prime Minister Narendra Modi के 76वें जन्मदिन के अवसर पर उनके गृह नगर Vadnagar, Gujarat में ऐतिहासिक Sharmishtha Lake पर भव्य Maha Aarti का आयोजन किया गया। Union Home Minister Amit Shah और Gujarat Chief Minister Bhupendra Patel समेत कई नेताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसी अवसर पर BJP के ‘Seva Sankalp Abhiyan’ की शुरुआत भी की गई। Sharmishtha Lake पर हुई Maha Aarti Vadnagar के Sharmishtha Lake पर आयोजित Maha Aarti में Amit Shah और Bhupendra Patel शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शंख और डमरू की ध्वनि के बीच धार्मिक अनुष्ठान किए गए और PM Modi के जन्मदिन के अवसर पर विशेष प्रार्थना की गई। Amit Shah ने किया Cleanliness Drive में हिस्सा Maha Aarti से पहले Amit Shah ने Vadnagar Railway Station पर cleanliness drive में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम BJP के महीनेभर चलने वाले ‘Seva Sankalp Abhiyan’ से भी जुड़ा था। ‘Seva Sankalp Abhiyan’ की शुरुआत PM Modi के government leadership में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया। Narendra Modi ने 7 October 2001 को Gujarat के Chief Minister के रूप में पद संभाला था। BJP ने इसी संदर्भ में Vadnagar से ‘Seva Sankalp Abhiyan’ की शुरुआत की है, जिसके तहत अलग-अलग राज्यों में service-oriented programmes आयोजित किए जाने हैं। Vadnagar से Varanasi Bike Rally रवाना कार्यक्रम के दौरान Vadnagar से Varanasi तक bike rally को भी flag off किया गया। Amit Shah ने इस rally को हरी झंडी दिखाई। यह यात्रा PM Modi के जन्मस्थान Vadnagar और उनके Lok Sabha constituency Varanasi को जोड़ते हुए आयोजित की गई है। कई नेताओं ने PM Modi को दी शुभकामनाएं PM Modi के जन्मदिन पर BJP और NDA के कई नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। Amit Shah ने अपने संबोधन में Modi के public life और governance record की प्रशंसा की। ये वक्तव्य BJP नेताओं के अपने राजनीतिक आकलन थे। 17 September को हुआ था कार्यक्रम यह कार्यक्रम कल, 17 सितंबर 2026 को आयोजित हुआ था। आज 18 सितंबर को इसकी तस्वीरें और videos social media तथा news platforms पर चर्चा में हैं। source – Gujarat CMO / PTI / Free Press Journal / Aaj Tak जय राष्ट्र न्यूज़

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2029 से पहले 21 NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने का लक्ष्य — अमित शाह

मुंबई, 13 सितंबर 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 2029 के Lok Sabha elections से पहले BJP-led NDA की सरकार वाले सभी 21 राज्यों में Uniform Civil Code (UCC) लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शाह ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अगले आम चुनाव से पहले NDA शासित सभी राज्यों में UCC लागू हो जाएगा। ‘2029 से पहले सभी NDA राज्यों में UCC’ अमित शाह ने कहा, “हमने कई राज्यों में Uniform Civil Code की दिशा में कदम उठाए हैं और मुझे विश्वास है कि 2029 से पहले BJP-NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा।” उनका यह बयान BJP की लंबे समय से चली आ रही UCC policy को लेकर एक स्पष्ट political timeline के रूप में देखा जा रहा है। Marriage, Divorce और Inheritance से जुड़े होंगे समान नियम Uniform Civil Code का उद्देश्य अलग-अलग धर्मों के personal laws की जगह marriage, divorce, inheritance और adoption जैसे civil matters के लिए समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में UCC की provisions और exemptions स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती हैं। Triple Talaq का भी किया जिक्र अपने संबोधन में शाह ने Triple Talaq को खत्म किए जाने का जिक्र करते हुए इसे Muslim women को समान अधिकार देने की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने UCC को भी gender equality और समान civil rights से जोड़ते हुए BJP-NDA सरकार की प्रमुख policy priorities में शामिल बताया। NRC पर अभी कोई तय Timeline नहीं जब अमित शाह से देशभर में National Register of Citizens (NRC) लागू करने की timeline को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर discussions चल रही हैं। उन्होंने खास तौर पर Manipur से जुड़े मुद्दों पर allies और political parties के साथ बातचीत जारी होने की बात कही, लेकिन nationwide NRC के लिए कोई निश्चित deadline नहीं बताई। UCC पर Opposition ने उठाए सवाल अमित शाह के बयान के बाद विपक्ष की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। Congress नेता Salman Khurshid ने कहा कि कोई भी ideological policy Constitution से अलग नहीं हो सकती और ऐसे फैसलों की constitutional scrutiny जरूरी है। वहीं Shiv Sena (UBT) नेता Sanjay Raut ने UCC के implementation और North-East जैसे क्षेत्रों की कानूनी जटिलताओं को लेकर सवाल उठाए। source – PTI / The Economic Times / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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संसद परिसर में गृहमंत्री अमित शाह का बदला अंदाज़, स्वतंत्रता दिवस से पहले दिखा अलग रंग

नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर चर्चा में हैं। संसद परिसर से सामने आई उनकी तस्वीरों और वीडियो में उनका अंदाज सामान्य राजनीतिक बैठकों से कुछ अलग नजर आया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा तेज हो गई। हालांकि, उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में उनके इस बदले अंदाज को लेकर किसी खास राजनीतिक फैसले या आधिकारिक कारण की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को तथ्य मानने से पहले सावधानी जरूरी है। मानसून सत्र के दौरान अमित शाह रहे सुर्खियों में संसद के हालिया मानसून सत्र में अमित शाह कई राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहे। खासतौर पर छात्रों से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष लगातार गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग कर रहा था। अमित शाह ने अंततः सदन में चर्चा और जवाब देने की इच्छा जताई थी। भाजपा की ओर से भी कहा गया कि गृह मंत्री संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। सत्र खत्म होने के बाद भी राजनीतिक चर्चा जारी 13 अगस्त को मानसून सत्र समाप्त होने के बाद भी अमित शाह के बयान को लेकर राजनीतिक बहस जारी रही। विपक्ष ने सवाल उठाया कि गृह मंत्री ने सत्र के अंतिम चरण में चर्चा की पेशकश क्यों की, जबकि इससे पहले भी उनसे बयान की मांग की जा रही थी। वहीं सरकार और भाजपा ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। संसद परिसर में बदला अंदाज क्यों चर्चा में आया? अमित शाह की संसद परिसर में सामने आई तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स इसे 15 अगस्त और स्वतंत्रता दिवस से जुड़े माहौल से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ सामान्य सार्वजनिक उपस्थिति मान रहे हैं। फिलहाल किसी आधिकारिक बयान से यह पुष्टि नहीं हुई है कि उनके पहनावे या अंदाज में बदलाव के पीछे कोई विशेष राजनीतिक संदेश था। 15 अगस्त से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल देश 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। ऐसे समय में केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं की गतिविधियों पर स्वाभाविक रूप से लोगों की नजर बनी हुई है। अमित शाह गृह मंत्री के साथ-साथ केंद्र सरकार के प्रमुख रणनीतिक नेताओं में शामिल हैं। गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में सूचीबद्ध करती है। निष्कर्ष संसद परिसर में अमित शाह का अलग अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय जरूर बना है, लेकिन इसके पीछे कोई विशेष राजनीतिक कारण या आधिकारिक संदेश होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं मानसून सत्र के दौरान छात्रों के मुद्दे और विपक्ष की मांगों को लेकर अमित शाह पहले ही राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहे हैं। Source: संसद से जुड़े ताजा समाचार, NDTV, Jansatta, गृह मंत्रालय जय राष्ट्र न्यूज़

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गृह मंत्रालय ने टेक्नोलॉजी आधारित अपराध जांच प्रणाली पर दिया जोर

नई दिल्ली, 24 जून 2026। देश में अपराध जांच व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तेज बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तकनीक आधारित जांच प्रणाली को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। मंत्रालय का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अपराधों की जांच में तेजी आएगी और दोषियों तक पहुंचना आसान होगा। हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अपराध जांच एजेंसियों को डिजिटल तकनीकों का अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में फॉरेंसिक विज्ञान, डिजिटल साक्ष्य, राष्ट्रीय फिंगरप्रिंट डेटाबेस और साइबर अपराध निगरानी प्रणाली को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। गृह मंत्रालय के अनुसार देशभर में अपराध रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इससे विभिन्न राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान अधिक प्रभावी हो सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि डेटा आधारित जांच से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में सुधार आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और संगठित अपराध जैसे मामलों में आधुनिक तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल फॉरेंसिक जैसे उपकरण जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग उपलब्ध करा सकते हैं। गृह मंत्रालय ने राज्यों को भी तकनीकी संसाधनों और प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ाने की सलाह दी है। पुलिस कर्मियों को नई जांच तकनीकों और डिजिटल उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे बदलते अपराध स्वरूपों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में तकनीक आधारित अपराध जांच प्रणाली देश की कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे न केवल जांच प्रक्रिया तेज होगी बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को भी बेहतर समर्थन मिलेगा। स्रोत:केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं आधिकारिक समीक्षा बैठक की जानकारी मूल रिपोर्ट:विभिन्न समाचार एजेंसियों और सरकारी स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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