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गंभीर चक्रवाती तूफान की आशंका के बीच ओडिशा हाई अलर्ट पर, 302 बचाव दल तैयार; 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने का अनुमान

भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर 2026: बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम तंत्र तेजी से मजबूत हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक यह सिस्टम पहले चक्रवाती तूफान और फिर गंभीर से बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। फिलहाल इसके 28 अक्टूबर की पूर्वाह्न तक आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच, बापटला से विशाखापत्तनम के बीच टकराने की संभावना जताई गई है। ओडिशा में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है।

ओडिशा में 302 बचाव दल तैयार

ओडिशा सरकार ने कुल 302 बचाव एवं राहत दल तैयार रखे हैं। इनमें करीब 60 ODRAF टीमें, 17 NDRF टीमें और 225 फायर सर्विस यूनिट शामिल हैं। संवेदनशील जिलों में इन टीमों को तैनात या स्टैंडबाय पर रखा गया है।

पांच जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद

गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया गया है। दूसरे जिलों में स्थानीय स्थिति के आधार पर जिला कलेक्टर छुट्टी का फैसला करेंगे।

दक्षिण ओडिशा पर ज्यादा असर की आशंका

राज्य सरकार के मुताबिक दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर हो सकता है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

IMD का ताजा अनुमान क्या है?

IMD के अनुसार मौजूदा डिप्रेशन 25 अक्टूबर को डीप डिप्रेशन, 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। ताजा पूर्वानुमान में इसके 28 अक्टूबर को बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश-यानम तट से बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में गुजरने की संभावना है। अधिकतम निरंतर हवा की गति 115-125 किमी प्रति घंटे, जबकि झोंके 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने निचले और बाढ़ संभावित इलाकों से लोगों को पहले ही सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। गर्भवती महिलाओं, मरीजों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य केंद्रों या सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने को प्राथमिकता दी जा रही है।

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

मछुआरों को समुद्र में न जाने और पहले से गहरे समुद्र में मौजूद नावों को तट पर लौटने की सलाह दी गई है। बड़े ट्रॉलर और जहाज संचालकों को भी अलर्ट किया गया है।

बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट

सरकार ने इंजीनियरिंग विभागों को बिजली, सड़क और पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में तुरंत बहाली के लिए तैयार रहने को कहा है। स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाएं, मेडिकल किट और एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

‘जीरो कैजुअल्टी’ पर सरकार का जोर

ओडिशा सरकार ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और ‘जीरो कैजुअल्टी’ के लक्ष्य पर ध्यान देने को कहा है। चक्रवात और बाढ़ आश्रय केंद्रों को तैयार रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

जय राष्ट्र न्यूज़

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