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IMD ने मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज़ गतिविधियों को देखते हुए मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही कई अन्य राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किए गए हैं। किन राज्यों में भारी बारिश की संभावना IMD के अनुसार मध्य प्रदेश, असम और केरल के अलावा मेघालय, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश मौसम विभाग ने राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह देने को कहा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। मछुआरों और यात्रियों के लिए चेतावनी IMD ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की चेतावनी जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। कई तटीय क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें, मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखें और भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के पास जाने से बचें। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए जारी रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 78 पहुँची, तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। राज्य के सात जिलों में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है और तीन लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, जबकि कई इलाकों में पानी उतरने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। राज्य के कई गाँव अब भी जलमग्न हैं। हजारों परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और सड़क, बिजली तथा पेयजल जैसी बुनियादी सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर सड़कें कीचड़ और मलबे से बंद हैं, जिससे लोगों की घर वापसी में कठिनाई हो रही है। केंद्र की टीम ने किया नुकसान का आकलन केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) ने असम के सबसे अधिक प्रभावित जिलों—चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट—का दौरा कर नुकसान का आकलन पूरा किया। टीम की रिपोर्ट के आधार पर राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता पर निर्णय लिया जाएगा। राहत कार्य जारी राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, दवाइयाँ और आवश्यक वस्तुएँ पहुँचा रहे हैं। कई स्थानों पर नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। सरकार ने राहत शिविरों में चिकित्सा सुविधाएँ भी बढ़ाई हैं। IMD का नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके मद्देनज़र ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली और बुनियादी ढाँचे पर असर बाढ़ के कारण लगभग 13,000 घरों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई पुल, ग्रामीण सड़कें और सार्वजनिक ढाँचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग की टीमें सेवाओं को बहाल करने में जुटी हैं। विशेषज्ञों की चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि असम में हर वर्ष आने वाली बाढ़ अब जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और नदी तंत्र पर बढ़ते दबाव के कारण अधिक गंभीर होती जा रही है। उन्होंने दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन, तटबंधों की मजबूती और बेहतर जल निकासी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. निष्कर्ष असम में बाढ़ की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। प्रशासन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा है, जबकि मौसम विभाग के ताज़ा अलर्ट को देखते हुए अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Inter-Ministerial Central Team (IMCT) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण देश के उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी हिस्सों में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा भी बढ़ गया है। किन राज्यों में अधिक असर? IMD के अनुसार— प्रशासन अलर्ट मोड पर बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए कई राज्यों में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है तथा स्थानीय प्रशासन जलभराव और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— तापमान में आएगी गिरावट लगातार बारिश के कारण कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। हालांकि तटीय क्षेत्रों में नमी के कारण उमस बनी रह सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहने की संभावना है। निष्कर्ष IMD की ताज़ा चेतावनी को देखते हुए प्रभावित राज्यों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भारी वर्षा, जलभराव और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से नियमित रूप से आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) | Ministry of Earth Sciences जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता को देखते हुए गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं की संभावना है। पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इन राज्यों में रहेगा ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार सबसे अधिक प्रभाव इन राज्यों में देखने को मिल सकता है— संभावित प्रभाव भारी बारिश के कारण— IMD की एडवाइजरी मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित खराब मौसम को देखते हुए विभिन्न राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग, NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। निष्कर्ष मानसून के सक्रिय होने के साथ देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। IMD के ताज़ा अलर्ट के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें तथा अफवाहों से बचें। Source: India Meteorological Department (IMD) | National Disaster Management Authority (NDMA) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज, घटना की जांच भी शुरू

शिमला: हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। घटना के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं और प्रभावित इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासन के अनुसार भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है, जबकि मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद राहत कार्यों को और तेज कर दिया गया है। राहत एवं बचाव अभियान जारी बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। घटना की जांच शुरू राज्य सरकार ने भूस्खलन की परिस्थितियों और नुकसान के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभाग यह पता लगाएंगे कि प्राकृतिक कारणों के अलावा कहीं अन्य कारकों की भी भूमिका तो नहीं रही। प्रभावित क्षेत्रों का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके। यातायात प्रभावित भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मलबा हटाकर सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास कर रही हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। IMD का अलर्ट जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। निष्कर्ष हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटा है, जबकि घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। Source: Himachal Pradesh State Disaster Management Authority (HPSDMA) | NDRF | IMD | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट शामिल हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि कृषि भूमि, घर और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन की अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। नावों की सहायता से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है और राहत अभियान लगातार जारी है। यातायात और जनजीवन प्रभावित बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कें और ग्रामीण संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कुछ रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जबकि कई स्कूलों को एहतियातन बंद रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। IMD ने जारी किया नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। निष्कर्ष लगातार बारिश के कारण असम में बाढ़ का संकट और गहरा गया है। लाखों लोग प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Reuters | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट और गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव एजेंसियां लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। सबसे अधिक प्रभावित जिले बाढ़ का असर मुख्य रूप से ऊपरी और मध्य असम के कई जिलों में देखा जा रहा है। इनमें— जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों में घर, खेत और सड़कें पानी में डूब गई हैं। बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त राहत दल तैनात किए हैं। नावों और अन्य विशेष उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। कई राहत शिविरों में हजारों विस्थापित लोग रह रहे हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। यातायात और जनजीवन प्रभावित लगातार बारिश और जलभराव के कारण कई राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। कुछ रेल सेवाओं के संचालन पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसके चलते नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा बना रह सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से तुरंत संपर्क करें। निष्कर्ष असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया, गुजरात-महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से पश्चिमी भारत और पहाड़ी राज्यों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन का खतरा जताया है। कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की भी आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार जिन राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। अलग-अलग जिलों के लिए मौसम की तीव्रता के अनुसार येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं। IMD की चेतावनी मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों में NDRF और SDRF की टीमों की तैनाती की गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी लगातार बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के चलते कुछ मार्ग अस्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून के बीच IMD ने गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) | NDMA | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, 5.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के 16 से अधिक जिलों में 5.6 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रभावित जिलों में सिवसागर, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और धेमाजी सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी राज्य सरकार ने NDRF, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है और राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी तथा आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। कई स्थानों पर सेना भी स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए तैयार रखी गई है। बाढ़ से सबसे ज्यादा असर किन क्षेत्रों पर? बाढ़ का सबसे अधिक प्रभाव ऊपरी असम (Upper Assam) के जिलों में देखा जा रहा है। कई गांवों में घर, कृषि भूमि और चाय बागान जलमग्न हो गए हैं। लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। यातायात भी प्रभावित बाढ़ के कारण कई सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है। कुछ रेल मार्ग भी प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है। सरकार की अपील असम सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा केवल प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य लगातार जारी है। निष्कर्ष असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। Source: ASDMA | IMD | PTI | Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslide) और अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा जताया है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका व्यक्त की गई है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार जिन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग स्तर के मौसम अलर्ट जारी किए गए हैं। IMD की चेतावनी मौसम विभाग ने कहा है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में NDRF और SDRF की टीमों को तैयार रखा गया है। कई जिलों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। लोगों के लिए एडवाइजरी IMD और प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि— यातायात और जनजीवन पर असर लगातार बारिश के कारण कई शहरों में सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से कुछ मार्ग बंद हो सकते हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून के बीच IMD ने दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। Source: India Meteorological Department (IMD) | National Disaster Management Authority (NDMA) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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