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Cyclone Arnab से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट, 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका

नई दिल्ली/भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को और मजबूत हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और 27 अक्टूबर तक Very Severe Cyclonic Storm में बदल सकता है। आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बना हुआ है। 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकरा सकता है तूफान IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक Cyclone Arnab के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच बापटला से विशाखापत्तनम के इलाके में तट पार करने की संभावना है। उस समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आज और मजबूत हो रहा Cyclone Arnab 26 अक्टूबर की सुबह Cyclone Arnab का केंद्र पूर्व-मध्य और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में था। IMD के अनुसार यह विशाखापत्तनम से करीब 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से करीब 730 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था। इसके आज रात तक Severe Cyclonic Storm और 27 अक्टूबर को Very Severe Cyclonic Storm में बदलने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी Cyclone Arnab के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और दक्षिण ओडिशा के कई इलाकों में तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। IMD ने आंध्र प्रदेश और यानम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ओडिशा समेत आसपास के राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। ओडिशा सरकार ने बढ़ाई तैयारियां चक्रवात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने संवेदनशील जिलों में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। दक्षिण ओडिशा के संभावित प्रभावित जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया गया है। समुद्र में जाने से बचें मछुआरे IMD ने मछुआरों को प्रभावित अवधि के दौरान बंगाल की खाड़ी में नहीं जाने की सलाह दी है। दक्षिण ओडिशा के पुरी और गोपालपुर बंदरगाहों पर चेतावनी संकेत लगाए गए हैं, जबकि पारादीप और धामरा बंदरगाहों पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। समुद्र की स्थिति मध्यम से खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। ISRO सैटेलाइट ने कैद की तूफान की तस्वीरें Cyclone Arnab की बढ़ती ताकत को सैटेलाइट तस्वीरों में भी देखा गया है। INSAT-3DS और अन्य सैटेलाइट डेटा में इसके आसपास घने बादल और मजबूत संवहनीय गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। मौसम एजेंसियां लगातार इसके रास्ते और तीव्रता पर नजर रख रही हैं। लोगों को सतर्क रहने की सलाह तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है। तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने तथा जरूरी वस्तुओं और आपातकालीन संपर्क नंबर तैयार रखने की सलाह दी गई है। स्रोत – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), India Today, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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गंभीर चक्रवाती तूफान की आशंका के बीच ओडिशा हाई अलर्ट पर, 302 बचाव दल तैयार; 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने का अनुमान

भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर 2026: बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम तंत्र तेजी से मजबूत हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक यह सिस्टम पहले चक्रवाती तूफान और फिर गंभीर से बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। फिलहाल इसके 28 अक्टूबर की पूर्वाह्न तक आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच, बापटला से विशाखापत्तनम के बीच टकराने की संभावना जताई गई है। ओडिशा में भी भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। ओडिशा में 302 बचाव दल तैयार ओडिशा सरकार ने कुल 302 बचाव एवं राहत दल तैयार रखे हैं। इनमें करीब 60 ODRAF टीमें, 17 NDRF टीमें और 225 फायर सर्विस यूनिट शामिल हैं। संवेदनशील जिलों में इन टीमों को तैनात या स्टैंडबाय पर रखा गया है। पांच जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया गया है। दूसरे जिलों में स्थानीय स्थिति के आधार पर जिला कलेक्टर छुट्टी का फैसला करेंगे। दक्षिण ओडिशा पर ज्यादा असर की आशंका राज्य सरकार के मुताबिक दक्षिणी ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर हो सकता है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। IMD का ताजा अनुमान क्या है? IMD के अनुसार मौजूदा डिप्रेशन 25 अक्टूबर को डीप डिप्रेशन, 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। ताजा पूर्वानुमान में इसके 28 अक्टूबर को बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश-यानम तट से बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में गुजरने की संभावना है। अधिकतम निरंतर हवा की गति 115-125 किमी प्रति घंटे, जबकि झोंके 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने निचले और बाढ़ संभावित इलाकों से लोगों को पहले ही सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। गर्भवती महिलाओं, मरीजों और बुजुर्गों को स्वास्थ्य केंद्रों या सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने को प्राथमिकता दी जा रही है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह मछुआरों को समुद्र में न जाने और पहले से गहरे समुद्र में मौजूद नावों को तट पर लौटने की सलाह दी गई है। बड़े ट्रॉलर और जहाज संचालकों को भी अलर्ट किया गया है। बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट सरकार ने इंजीनियरिंग विभागों को बिजली, सड़क और पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में तुरंत बहाली के लिए तैयार रहने को कहा है। स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाएं, मेडिकल किट और एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। ‘जीरो कैजुअल्टी’ पर सरकार का जोर ओडिशा सरकार ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और ‘जीरो कैजुअल्टी’ के लक्ष्य पर ध्यान देने को कहा है। चक्रवात और बाढ़ आश्रय केंद्रों को तैयार रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। जय राष्ट्र न्यूज़

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देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-UP समेत कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी बना हुआ है। दिल्ली-NCR में बारिश को लेकर अलर्ट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून की सक्रियता के कारण तेज बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या सामने आ सकती है। दिल्ली-NCR के लोगों को मौसम में अचानक बदलाव और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासतौर पर निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। उत्तर प्रदेश में भी तेज बारिश का दौर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और फसलों पर असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की जरूरत है। कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अलग-अलग स्तर पर बनी हुई हैं। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी तट और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राजस्थान और गुजरात में भी बारिश का असर राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी सतर्कता महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना के बीच स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ी और निचले इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन, जलभराव और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। केरल में भी बारिश का अलर्ट केरल में मानसून के कारण कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। बारिश के दौरान समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा भारी बारिश के साथ कुछ राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। जलभराव और ट्रैफिक को लेकर बढ़ी चिंता शहरी इलाकों में तेज बारिश का सबसे बड़ा असर सड़क यातायात पर देखने को मिलता है। कम समय में ज्यादा बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी जमा हो सकता है। दिल्ली-NCR जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचना और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करना सुरक्षित रहेगा। निष्कर्ष देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहने के कारण भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को सलाह है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखें और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। Source: India Meteorological Department (IMD) / Weather reports जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी जारी की, उत्तर भारत और पूर्वोत्तर में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के अनेक राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले 24–48 घंटों के दौरान दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में तेज़ बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की संभावना है। दिल्ली-NCR में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका IMD के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज़ बारिश हो सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। नगर निगम और प्रशासन को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदी-नालों के जलस्तर में तेज़ वृद्धि की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग के अपडेट का पालन करने की अपील की है। पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की स्थिति पर निगरानी असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियाँ अलर्ट पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें संभावित बाढ़ और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं। स्थानीय प्रशासन को स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नागरिकों के लिए सलाह IMD ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, नदी-नालों के पास जाने से बचें और खराब मौसम के दौरान केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर न रुकने और आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नज़र रखने की सलाह भी दी गई है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और भारी बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, दिल्ली-NCR समेत कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की आशंका

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, केरल, कर्नाटक, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में अगले 24–48 घंटों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, शहरी बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली-NCR में बारिश और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका IMD के अनुसार दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना है। इससे कई निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और कार्यालय समय के दौरान लंबा जाम लगने की आशंका जताई गई है। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष सतर्कता उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और नदी-नालों के जलस्तर में तेज़ बढ़ोतरी की संभावना है। प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नज़र रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। प्रशासन और राहत एजेंसियाँ अलर्ट पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात रखने, बाढ़ संभावित इलाकों की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें भी कई संवेदनशील क्षेत्रों में तैयार रखी गई हैं। मछुआरों और किसानों के लिए सलाह मौसम विभाग ने समुद्र में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की संभावना को देखते हुए तटीय राज्यों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और मौसम विभाग द्वारा जारी स्थानीय सलाह का पालन करने को कहा गया है। नागरिकों के लिए सावधानी IMD ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और कमजोर ढांचों से दूर रहें। बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें और यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट अवश्य देखें। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज़ गतिविधियों को देखते हुए मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही कई अन्य राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किए गए हैं। किन राज्यों में भारी बारिश की संभावना IMD के अनुसार मध्य प्रदेश, असम और केरल के अलावा मेघालय, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश मौसम विभाग ने राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह देने को कहा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। मछुआरों और यात्रियों के लिए चेतावनी IMD ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की चेतावनी जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। कई तटीय क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें, मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखें और भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के पास जाने से बचें। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए जारी रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 78 पहुँची, तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। राज्य के सात जिलों में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है और तीन लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, जबकि कई इलाकों में पानी उतरने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। राज्य के कई गाँव अब भी जलमग्न हैं। हजारों परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और सड़क, बिजली तथा पेयजल जैसी बुनियादी सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर सड़कें कीचड़ और मलबे से बंद हैं, जिससे लोगों की घर वापसी में कठिनाई हो रही है। केंद्र की टीम ने किया नुकसान का आकलन केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) ने असम के सबसे अधिक प्रभावित जिलों—चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट—का दौरा कर नुकसान का आकलन पूरा किया। टीम की रिपोर्ट के आधार पर राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता पर निर्णय लिया जाएगा। राहत कार्य जारी राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, दवाइयाँ और आवश्यक वस्तुएँ पहुँचा रहे हैं। कई स्थानों पर नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। सरकार ने राहत शिविरों में चिकित्सा सुविधाएँ भी बढ़ाई हैं। IMD का नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके मद्देनज़र ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली और बुनियादी ढाँचे पर असर बाढ़ के कारण लगभग 13,000 घरों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई पुल, ग्रामीण सड़कें और सार्वजनिक ढाँचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग की टीमें सेवाओं को बहाल करने में जुटी हैं। विशेषज्ञों की चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि असम में हर वर्ष आने वाली बाढ़ अब जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और नदी तंत्र पर बढ़ते दबाव के कारण अधिक गंभीर होती जा रही है। उन्होंने दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन, तटबंधों की मजबूती और बेहतर जल निकासी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. निष्कर्ष असम में बाढ़ की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। प्रशासन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा है, जबकि मौसम विभाग के ताज़ा अलर्ट को देखते हुए अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Inter-Ministerial Central Team (IMCT) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण देश के उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी हिस्सों में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा भी बढ़ गया है। किन राज्यों में अधिक असर? IMD के अनुसार— प्रशासन अलर्ट मोड पर बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए कई राज्यों में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है तथा स्थानीय प्रशासन जलभराव और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— तापमान में आएगी गिरावट लगातार बारिश के कारण कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। हालांकि तटीय क्षेत्रों में नमी के कारण उमस बनी रह सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहने की संभावना है। निष्कर्ष IMD की ताज़ा चेतावनी को देखते हुए प्रभावित राज्यों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भारी वर्षा, जलभराव और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से नियमित रूप से आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) | Ministry of Earth Sciences जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता को देखते हुए गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं की संभावना है। पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इन राज्यों में रहेगा ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार सबसे अधिक प्रभाव इन राज्यों में देखने को मिल सकता है— संभावित प्रभाव भारी बारिश के कारण— IMD की एडवाइजरी मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित खराब मौसम को देखते हुए विभिन्न राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग, NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। निष्कर्ष मानसून के सक्रिय होने के साथ देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। IMD के ताज़ा अलर्ट के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें तथा अफवाहों से बचें। Source: India Meteorological Department (IMD) | National Disaster Management Authority (NDMA) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज, घटना की जांच भी शुरू

शिमला: हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। घटना के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं और प्रभावित इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासन के अनुसार भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है, जबकि मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद राहत कार्यों को और तेज कर दिया गया है। राहत एवं बचाव अभियान जारी बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। घटना की जांच शुरू राज्य सरकार ने भूस्खलन की परिस्थितियों और नुकसान के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभाग यह पता लगाएंगे कि प्राकृतिक कारणों के अलावा कहीं अन्य कारकों की भी भूमिका तो नहीं रही। प्रभावित क्षेत्रों का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके। यातायात प्रभावित भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मलबा हटाकर सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास कर रही हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। IMD का अलर्ट जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। निष्कर्ष हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटा है, जबकि घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। Source: Himachal Pradesh State Disaster Management Authority (HPSDMA) | NDRF | IMD | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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