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आईआईटी दिल्ली ने 6 महीने का एजेंटिक एआई प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया, स्वायत्त एआई एजेंट और औद्योगिक उपयोग पर जोर

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली यानी आईआईटी दिल्ली के सतत शिक्षा कार्यक्रम ने एजेंटिक एआई सिस्टम्स: फाउंडेशन टू डिप्लॉयमेंट नाम से छह महीने का नया कार्यकारी प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य पेशेवरों को ऐसे स्वायत्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता तंत्र तैयार करना सिखाना है, जो केवल जवाब देने तक सीमित न रहें बल्कि योजना बना सकें, जानकारी खोज सकें, बाहरी औजारों का इस्तेमाल कर सकें और कई चरणों वाले काम अपने-आप पूरा कर सकें। क्या है एजेंटिक एआई? सामान्य जनरेटिव एआई मुख्य रूप से पाठ, चित्र या अन्य सामग्री तैयार करता है। इसके विपरीत एजेंटिक एआई किसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए तर्क कर सकता है, योजना बना सकता है, जानकारी जुटा सकता है और विभिन्न औजारों के साथ मिलकर कार्रवाई भी कर सकता है। कार्यक्रम में एकल एआई एजेंट के साथ-साथ कई एजेंटों के सामूहिक तंत्र पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। आठ मुख्य हिस्सों में बंटा है पाठ्यक्रम छह महीने के इस कार्यक्रम में एजेंटिक एआई की बुनियाद, प्रॉम्प्ट अभियांत्रिकी, स्वायत्त एजेंट निर्माण, औद्योगिक ज्ञान तंत्र, बहु-एजेंट समन्वय, एआई सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन, अनुप्रयोग तैनाती तथा बड़े स्तर पर संचालन जैसे विषय शामिल किए गए हैं। बड़े भाषा मॉडल और आरएजी भी होंगे शामिल प्रतिभागियों को बड़े भाषा मॉडल, रिट्रीवल ऑगमेंटेड जेनरेशन, बाहरी आंकड़ों से एआई एजेंट जोड़ने की तकनीक और कई आधुनिक ढांचों का प्रशिक्षण मिलेगा। इनमें मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल, लैंगग्राफ, क्रूएआई और ऑटोजेन जैसी तकनीकें शामिल हैं। सुरक्षा और जिम्मेदार एआई पर भी जोर कार्यक्रम में एआई ट्रस्ट, रिस्क एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट पर अलग मॉड्यूल रखा गया है। इसमें मॉडल की विश्वसनीयता, व्याख्यात्मकता, सुरक्षा, नियामकीय अनुपालन और जिम्मेदार एआई उपयोग जैसे मुद्दों को समझाया जाएगा। व्यावहारिक परियोजनाओं पर रहेगा फोकस छात्र केवल सिद्धांत नहीं पढ़ेंगे, बल्कि अलग-अलग एआई सहायक, ज्ञान पुनर्प्राप्ति अनुप्रयोग और बहु-एजेंट कार्यप्रवाह भी तैयार करेंगे। कार्यक्रम के अंत में एक पूर्ण कैपस्टोन परियोजना होगी, जिसमें प्रतिभागियों को वास्तविक उपयोग के लिए एजेंटिक एआई प्रणाली बनानी होगी। पढ़ाई का तरीका क्या होगा? कार्यक्रम में आईआईटी दिल्ली के शिक्षकों द्वारा संचालित लाइव सत्रों के साथ स्व-अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। इच्छुक प्रतिभागियों के लिए परिसर में वैकल्पिक प्रत्यक्ष सत्र का विकल्प भी रखा गया है। कौन कर सकता है आवेदन? यह कार्यक्रम एआई और डेटा पेशेवरों, सॉफ्टवेयर डेवलपर्स, सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, तकनीकी नेतृत्व वाले पदों पर काम करने वाले लोगों और विज्ञान, अभियांत्रिकी तथा वाणिज्य पृष्ठभूमि के स्नातकों के लिए तैयार किया गया है। कम से कम एक वर्ष का पेशेवर अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता दी जा सकती है। कैसे होगा चयन? अभ्यर्थियों के आवेदन की समीक्षा के बाद संकाय साक्षात्कार लिया जाएगा। मूल्यांकन मध्यावधि और अंतिम परीक्षा, प्रश्नोत्तरी, असाइनमेंट और कैपस्टोन परियोजना के आधार पर होगा। सभी आवश्यक शर्तें पूरी करने वाले प्रतिभागियों को आईआईटी दिल्ली के सतत शिक्षा कार्यक्रम की ओर से इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्र दिया जाएगा। उद्योग में क्यों बढ़ रही है एजेंटिक एआई की मांग? कंपनियां ग्राहक सेवा, जानकारी खोजने, कारोबारी प्रक्रियाओं को स्वचालित करने और जटिल कार्यप्रवाह संभालने के लिए स्वायत्त एआई एजेंटों का प्रयोग बढ़ा रही हैं। इसी कारण ऐसे पेशेवरों की मांग बढ़ रही है जो इन प्रणालियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और बड़े स्तर पर लागू कर सकें। स्रोत – आईआईटी दिल्ली, इंडियन एक्सप्रेस जय राष्ट्र न्यूज़

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GitHub ने Copilot Fusion पेश किया, आधी लागत में उन्नत एआई कोडिंग का दावा

सैन फ्रांसिस्को: GitHub ने अपने वार्षिक GitHub Universe 2026 सम्मेलन में नया Copilot Fusion पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह प्रणाली अलग-अलग कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडलों को एक साथ चुनकर और समन्वित करके जटिल कोडिंग कार्यों में लगभग शीर्ष स्तर की गुणवत्ता दे सकती है, वह भी करीब आधी औसत एपीआई लागत पर। Copilot Fusion असल में क्या है? Copilot Fusion कोई एक नया कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल नहीं है। यह एक मॉडल राउटर और समन्वय प्रणाली है, जो हर कोडिंग कार्य के लिए यह तय करती है कि कौन-सा मॉडल इस्तेमाल किया जाए और जरूरत पड़ने पर एक से ज्यादा मॉडलों को किस क्रम में काम कराया जाए। आधी लागत का दावा कैसे आया? GitHub के अनुसार Fusion Max ने Artificial Analysis Coding Agent Index में 60 अंक हासिल किए। तुलना में Claude Code, Opus 5.5 Max के साथ 58 अंक पर रहा। GitHub का दावा है कि Fusion Max ने यह प्रदर्शन लगभग आधी औसत एपीआई लागत, करीब आधे टोकन और लगभग 40% कम समय में हासिल किया। अलग-अलग काम के लिए अलग मॉडल चुनेगा सिस्टम Copilot Fusion किसी एक मॉडल पर निर्भर नहीं रहता। यह तर्क, कोड तैयार करने, त्रुटि खोजने और औजारों के इस्तेमाल जैसे अलग-अलग कामों के आधार पर मॉडल चुनता है। एक मॉडल प्रारंभिक समाधान तैयार कर सकता है, जबकि दूसरा उसकी समीक्षा कर सकता है। तीन स्तरों में मिलेगा विकल्प GitHub ने Copilot Fusion के लिए तीन मुख्य स्तर दिए हैं: Fusion Standard: रोजमर्रा के कोडिंग कार्यों के लिए।Fusion High: जटिल और अच्छी तरह परिभाषित कार्यों के लिए।Fusion Max: सबसे कठिन समस्याओं और गहरे विश्लेषण के लिए। लागत कम करने पर GitHub का जोर कंपनियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कोडिंग औजारों की लागत तेजी से बढ़ रही है। GitHub का कहना है कि कई बार डेवलपर जरूरत से ज्यादा शक्तिशाली मॉडल चुन लेते हैं, जिससे अनावश्यक खर्च बढ़ता है। Copilot Fusion इस चयन को अपने-आप करके लागत और प्रदर्शन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। Microsoft प्रमुख ने भी किया दावा Microsoft के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्य नडेला ने कहा कि Copilot Fusion कुछ परिस्थितियों में शीर्ष स्तर की गुणवत्ता 77% तक कम लागत में दे सकता है। हालांकि GitHub का प्रकाशित बेंचमार्क “आधी लागत” की तुलना औसत प्रति-कार्य एपीआई लागत से करता है, इसलिए इसे हर उपयोगकर्ता के वास्तविक बिल में 50% कटौती समझना सही नहीं होगा। किन जगहों पर उपलब्ध है? Copilot Fusion सभी GitHub Copilot योजनाओं में Visual Studio Code, GitHub Copilot ऐप, GitHub Copilot CLI और JetBrains IDEs पर उपलब्ध कराया गया है। आगे अन्य मंचों पर भी इसका समर्थन बढ़ाया जाएगा। GitHub के लिए क्यों अहम है यह लॉन्च? GitHub के मुताबिक सितंबर 2026 में भुगतान करने वाले Copilot उपयोगकर्ताओं में से 63% ने कम से कम एक बार स्वचालित मॉडल चयन का इस्तेमाल किया। कंपनी अब इसी प्रवृत्ति को आगे बढ़ाते हुए मॉडल चयन और बहु-मॉडल समन्वय को एक ही प्रणाली में ला रही है। स्रोत – GitHub Blog, GitHub Changelog, GitHub Documentation, Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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