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“राहुल गांधी किसी भी जन्म में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते!”—साक्षी महाराज का विवादित बयान, सियासत गरमाई

उन्नाव: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर विवादित बयान दिया है। हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर सवाल उठाते हुए कहा कि “राहुल गांधी किसी भी जन्म में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी के PM बनने पर साक्षी महाराज का बड़ा दावा साक्षी महाराज ने राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी एक बड़े राजनीतिक परिवार से आते हैं और उन्हें बचपन से ही प्रधानमंत्री बनने की बात बताई जाती रही है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को सत्ता की विरासत मिलने की उम्मीद रही है, लेकिन वह किसी भी जन्म में देश के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। यह बयान अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। राहुल गांधी की राजनीतिक विरासत पर निशाना बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी के परिवार और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ऐसे परिवार में पैदा हुए हैं जहां राजनीति और सत्ता लंबे समय से मौजूद रही है। साक्षी महाराज का यह हमला ऐसे समय आया है जब संसद में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार टकराव चल रहा है। जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर भी बोले साक्षी महाराज साक्षी महाराज ने सिर्फ राहुल गांधी पर ही हमला नहीं किया, बल्कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में कुछ ऐसे तत्व शामिल थे जिनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आंदोलन में कथित विदेशी हाथ और फंडिंग की जांच की मांग भी उठाई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस कार्रवाई और आंदोलन को लेकर भी बयान छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों पर साक्षी महाराज ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों पर भी पथराव और हमले हुए थे। उन्होंने आंदोलन में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच की जरूरत बताई और कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। सोनम वांगचुक के बयान का भी किया जिक्र साक्षी महाराज ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के एक कथित बयान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि आंदोलन में बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल थे जो वास्तविक छात्र नहीं थे। हालांकि, इस संबंध में भी साक्षी महाराज द्वारा किए गए दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए बिना तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा साक्षी महाराज का राहुल गांधी को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आया। उनके बयान के वीडियो और छोटे क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जा रहे हैं। समर्थक इसे राहुल गांधी पर राजनीतिक तंज बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे व्यक्तिगत और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी बता रहे हैं। संसद में पहले से जारी है राजनीतिक टकराव राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव लगातार चर्चा में रहता है। संसद में छात्र प्रदर्शन, परीक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। ऐसे माहौल में साक्षी महाराज की यह टिप्पणी राजनीतिक बयानबाजी को और तेज करने वाली मानी जा रही है। निष्कर्ष बीजेपी सांसद साक्षी महाराज के “राहुल गांधी किसी भी जन्म में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते” वाले बयान ने राजनीतिक बहस को गर्म कर दिया है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक विरासत और प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं पर तीखा हमला किया है। साथ ही उन्होंने जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में कथित विदेशी फंडिंग और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग भी की। हालांकि, विदेशी फंडिंग और आंदोलन में बाहरी तत्वों से जुड़े उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। Source: Navbharat Times / Khabargaon / Latest Political Reports जय राष्ट्र न्यूज़

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UPI लेनदेन पर शुल्क लगेगा? संजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला, बिल वापस लेने की मांग

नई दिल्ली: UPI भुगतान को लेकर संसद में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था से UPI के जरिए होने वाले भुगतान पर कारोबारियों पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है, जिसका असर आगे चलकर आम लोगों पर पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी ने सरकार से इस प्रावधान को वापस लेने की मांग की है। संजय सिंह ने संसद में उठाया UPI का मुद्दा राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान संजय सिंह ने UPI लेनदेन से जुड़े प्रस्ताव पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि एक तरफ डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है और दूसरी तरफ ऐसे प्रावधान लाए जा रहे हैं जिनसे छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। संजय सिंह ने इस मुद्दे को आम आदमी और छोटे कारोबारियों से जोड़ते हुए सरकार से बिल वापस लेने की मांग की। “व्यापारियों से टैक्स लिया तो जनता पर पड़ेगा बोझ” AAP की ओर से जारी बयान के मुताबिक संजय सिंह का कहना है कि अगर UPI से होने वाले भुगतान पर कारोबारियों से अतिरिक्त शुल्क या टैक्स लिया जाता है, तो उसका बोझ अंततः ग्राहकों तक पहुंच सकता है। उनका तर्क है कि छोटे दुकानदार और कारोबारी अपनी अतिरिक्त लागत को वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में शामिल कर सकते हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ने की आशंका जताई गई है। सरकार का जवाब—आम यूजर से UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा हालांकि इस मामले में सरकार की ओर से महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी सामने आया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि आम UPI यूजर्स से किसी तरह का UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छोटे व्यापारियों पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाने की बात नहीं है। संसद ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को मंजूरी भी दे दी है। तो क्या UPI से पैसे भेजने पर लगेगा चार्ज? इस विवाद में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि आम लोगों के UPI भुगतान पर सीधे कोई नया शुल्क लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। यानी अगर कोई व्यक्ति दुकान पर QR Code स्कैन करके ₹500 या ₹1,000 का भुगतान करता है, तो सरकार के मौजूदा स्पष्टीकरण के अनुसार ग्राहक से अलग से UPI चार्ज वसूलने की व्यवस्था नहीं है। संजय सिंह का विरोध मुख्य रूप से विधेयक में टैक्स से जुड़े प्रावधानों और उनके संभावित प्रभाव को लेकर है। छोटे कारोबारियों को लेकर AAP की चिंता AAP का कहना है कि छोटे व्यापारियों पर किसी भी अतिरिक्त लागत का प्रभाव व्यापक हो सकता है। पार्टी ने इसे छोटे कारोबारियों और आम जनता के हित से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का दावा है कि डिजिटल इंडिया और कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के बाद UPI से जुड़े लेनदेन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना विरोधाभासी होगा। मोदी सरकार पर संजय सिंह का राजनीतिक हमला संजय सिंह ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी राजनीतिक हमला बोला। AAP के मुताबिक उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का फायदा बड़े और विदेशी निवेशकों को मिल रहा है, जबकि छोटे कारोबारियों पर बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस प्रावधान को वापस लेने की मांग की है। Taxation Bill 2026 को संसद की मंजूरी इस पूरे विवाद के बीच Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 संसद से पारित हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार राज्यसभा ने चर्चा के बाद Money Bill को लोकसभा को लौटाया और बाद में विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गई। वित्त मंत्री ने इस दौरान UPI यूजर्स और छोटे व्यापारियों को लेकर आश्वासन दिया कि उन पर सीधे UPI/MDR चार्ज नहीं लगाया जाएगा। UPI भुगतान करने वालों के लिए क्या बदलेगा? फिलहाल आम UPI यूजर्स के लिए सबसे अहम बात यह है कि UPI से पैसे भेजने या QR Code के जरिए भुगतान करने पर कोई नया सीधा शुल्क लागू होने की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि टैक्स व्यवस्था में बदलाव और उसके कारोबारी प्रभाव को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इसलिए भविष्य में नियमों में कोई बदलाव होता है तो उसके आधिकारिक विवरण को देखना जरूरी होगा। निष्कर्ष UPI को लेकर संसद में जारी बहस के बीच संजय सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए Taxation Bill 2026 के प्रावधानों का विरोध किया है और इसे वापस लेने की मांग की है। AAP का दावा है कि व्यापारियों पर टैक्स या अतिरिक्त लागत बढ़ने से इसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। वहीं, सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि आम UPI यूजर्स और छोटे व्यापारियों से नया UPI/MDR चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि UPI से भुगतान करने वाले आम लोगों पर नया शुल्क लगा दिया गया है। Source: Aam Aadmi Party / Indian Express / The Statesman / Live Hindustan जय राष्ट्र न्यूज़

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