ऋषिकेश: उत्तराखंड के प्रसिद्ध रामझूला पुल पर इन दिनों मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम जारी है। मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम को जोड़ने वाला यह पुल फिलहाल आम लोगों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद है। लोक निर्माण विभाग (PWD) का दावा है कि करीब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन निर्माण में देरी के चलते पुल को खोलने की समयसीमा अब बढ़ाकर फरवरी 2027 कर दी गई है।
25 जुलाई से पूरी तरह बंद है रामझूला
रामझूला को मरम्मत कार्य के चलते 25 जुलाई 2026 से पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इससे पहले पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही पहले ही सुरक्षा कारणों से रोक दी गई थी और केवल पैदल यात्रियों को आने-जाने की अनुमति थी।
PWD ने पुल के डेक, सस्पेंडर वायर और अन्य संरचनात्मक हिस्सों को बदलने तथा मजबूत करने का काम शुरू किया है।
पहले दिसंबर तक पूरा होना था काम
शुरुआत में अधिकारियों ने मरम्मत कार्य पूरा कर दिसंबर 2026 तक पुल को दोबारा खोलने का लक्ष्य रखा था। जुलाई में अधिकारियों ने भी कहा था कि मरम्मत, अपग्रेडेशन और नवीनीकरण के बाद पुल को दिसंबर तक खोलने की योजना है।
हालांकि सितंबर में सामने आई ताजा जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्य की गति अपेक्षा से धीमी रहने के कारण अब समयसीमा को फरवरी 2027 तक बढ़ा दिया गया है।
PWD का दावा- 60 प्रतिशत काम पूरा
PWD के नरेंद्रनगर डिवीजन के मुताबिक रामझूला के मरम्मत कार्य का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है।
22 सितंबर की रिपोर्ट में बताया गया कि फिलहाल पुल के डेक को बदलने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि काम तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि पुल को तय समय से पहले भी खोला जा सके।
करीब ₹10-11 करोड़ की लागत से हो रही मरम्मत
रामझूला के मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए करीब ₹10 से ₹11 करोड़ की परियोजना तैयार की गई है। इसमें पुल के सस्पेंडर वायर, डेक और अन्य संरचनात्मक हिस्सों की मरम्मत शामिल है।
करीब 220 मीटर लंबा यह सस्पेंशन ब्रिज 1980 के दशक में बनाया गया था और वर्षों से स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु इसका इस्तेमाल करते रहे हैं।
व्यापारियों पर पड़ा असर
रामझूला बंद होने का सीधा असर मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र के व्यापारियों पर भी पड़ा है। दुकानदारों का कहना है कि पुल बंद होने के बाद इलाके में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही काफी कम हो गई है, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ है।
स्थानीय व्यापारी चाहते हैं कि निर्माण कार्य की गति बढ़ाई जाए और पुल जल्द से जल्द खोला जाए।
पर्यटकों को लेना पड़ रहा वैकल्पिक रास्ता
रामझूला बंद रहने के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जानकी सेतु और लक्ष्मणझूला क्षेत्र के वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे यात्रा का समय बढ़ गया है और बुजुर्ग यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दोपहिया वाहनों की वापसी की भी उम्मीद
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद रामझूला पर पैदल यात्रियों के साथ दोपहिया वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
पहले पुल पर दोपहिया वाहन चलते थे, लेकिन सस्पेंडर वायर क्षतिग्रस्त होने और सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट के बाद उन पर रोक लगा दी गई थी।
फिलहाल रामझूला पूरी तरह बंद है और PWD मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है। अब स्थानीय लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों की नजर इस बात पर है कि पुल फरवरी 2027 की नई समयसीमा से पहले खुल पाता है या नहीं।
source – Amar Ujala / Live Hindustan / Hindustan Times / Dainik Jagran
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