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बार-बार मसूड़ों से खून आना न करें नजरअंदाज, दांतों की बीमारी के साथ दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का भी हो सकता है संकेत

नई दिल्ली: अगर ब्रश करते समय या खाना खाते वक्त आपके मसूड़ों से बार-बार खून आता है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मसूड़ों से खून आना अक्सर मसूड़ों की बीमारी और प्लाक के जमने से जुड़ा होता है, लेकिन कुछ मामलों में हार्मोनल बदलाव, मधुमेह, कुछ दवाएं और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी समस्याएं भी इसमें भूमिका निभा सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार खून आना अपने आप में किसी एक गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं करता, लेकिन यह ऐसा लक्षण है जिसकी वजह का पता लगाना जरूरी है। मसूड़ों से खून आने की सबसे आम वजह क्या है? मसूड़ों से खून आने की सबसे आम वजह मसूड़ों की बीमारी हो सकती है। दांतों पर जमा प्लाक नियमित रूप से साफ न होने पर मसूड़ों में सूजन और जलन पैदा कर सकता है। शुरुआती अवस्था को जिंजीवाइटिस कहा जाता है। इसमें मसूड़े लाल, सूजे हुए और संवेदनशील हो सकते हैं तथा ब्रश या फ्लॉस करते समय खून आ सकता है। अगर इस समस्या का इलाज न किया जाए तो यह आगे बढ़कर पीरियोडोंटाइटिस जैसी गंभीर मसूड़ों की बीमारी में बदल सकती है, जिसमें दांतों को सहारा देने वाली हड्डी और ऊतक प्रभावित हो सकते हैं। किन स्थितियों में भी बढ़ सकता है मसूड़ों से खून? मसूड़ों से खून आने के पीछे केवल खराब ओरल हाइजीन ही जिम्मेदार नहीं होती। कुछ अन्य परिस्थितियां भी मसूड़ों की समस्या को बढ़ा सकती हैं। इनमें मधुमेह, गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव, धूम्रपान, कुछ दवाएं, खराब पोषण और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय से मसूड़ों से खून आ रहा है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय दंत चिकित्सक से जांच कराना बेहतर है। क्या मसूड़ों से खून आना हृदय स्वास्थ्य से भी जुड़ा है? मसूड़ों की बीमारी और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध को लेकर शोध जारी है। अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, शोध में मसूड़ों के स्वास्थ्य और हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध देखा गया है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मसूड़ों से खून आने वाला हर व्यक्ति हृदय रोग से पीड़ित है। इसलिए इस लक्षण को किसी गंभीर बीमारी का सीधा प्रमाण मानने के बजाय उचित चिकित्सकीय जांच को प्राथमिकता देना चाहिए। मसूड़ों की बीमारी के अन्य लक्षण भी पहचानें अगर मसूड़ों से खून आने के साथ इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे रहा है, तो दंत चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी है: मसूड़ों की बीमारी आगे बढ़ने पर दांतों के ढीले होने और यहां तक कि दांत गिरने की समस्या भी हो सकती है। ब्रश करते समय खून आए तो ब्रश करना बंद न करें कई लोग मसूड़ों से खून आने पर ब्रश करना कम या बंद कर देते हैं। लेकिन प्लाक को हटाने के लिए नियमित ओरल हाइजीन जरूरी है। विशेषज्ञ नियमित रूप से फ्लोराइड टूथपेस्ट से दिन में दो बार ब्रश करने और दांतों के बीच की सफाई के लिए फ्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। हालांकि बहुत जोर से ब्रश करने से मसूड़ों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए सही तकनीक और उपयुक्त टूथब्रश का इस्तेमाल करना जरूरी है। कब डॉक्टर या डेंटिस्ट से संपर्क करें? अगर मसूड़ों से खून बार-बार या लगातार आता है, तो दंत चिकित्सक से जांच कराना चाहिए। खासकर तब जब इसके साथ दर्द, सूजन, बदबू, दांतों का हिलना या मुंह में घाव जैसी समस्या भी हो। अगर मसूड़ों में बहुत ज्यादा सूजन हो, दांत ढीले हो रहे हों या मुंह में कोई गांठ अथवा असामान्य लाल/सफेद निशान दिखाई दे, तो जल्द चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। मसूड़ों को स्वस्थ रखने के आसान तरीके मसूड़ों की बीमारी से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतें काफी महत्वपूर्ण हैं: दिन में दो बार ब्रश करें: फ्लोराइड टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें। दांतों के बीच सफाई करें: रोजाना फ्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश का इस्तेमाल करें। धूम्रपान से बचें: धूम्रपान मसूड़ों की बीमारी को बढ़ा सकता है। नियमित दंत जांच कराएं: शुरुआती समस्या का पता चलने पर उसका इलाज आसान हो सकता है। खाने-पीने पर ध्यान दें: संतुलित आहार और अच्छी सामान्य स्वास्थ्य आदतें भी ओरल हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण हैं। लक्षण को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी मसूड़ों की बीमारी हमेशा दर्द के साथ सामने नहीं आती। कई बार व्यक्ति को केवल ब्रश करते समय खून दिखाई देता है और वह इसे मामूली समस्या समझ लेता है। लेकिन अगर प्लाक और मसूड़ों की सूजन लंबे समय तक बनी रहे, तो बीमारी दांतों को सहारा देने वाले ऊतकों तक पहुंच सकती है। इसलिए शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। निष्कर्ष बार-बार मसूड़ों से खून आना सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसकी सबसे आम वजह मसूड़ों की बीमारी हो सकती है, लेकिन मधुमेह, हार्मोनल बदलाव, धूम्रपान, कुछ दवाएं और अन्य स्वास्थ्य कारक भी मसूड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि मसूड़ों से खून आना किसी गंभीर बीमारी का सीधा प्रमाण नहीं है। सही कारण जानने के लिए दंत चिकित्सक से जांच कराना सबसे सुरक्षित तरीका है। नियमित ब्रशिंग, दांतों के बीच सफाई और समय-समय पर दंत जांच से मसूड़ों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। Source: NHS, American Dental Association, Health Education England जय राष्ट्र न्यूज़

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