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ध्वजारोहण के लिए जाते समय पुलिस ने रोका? देवेंद्रनाथ महतो ने लगाया धक्कामुक्की का आरोप

रांची: झारखंड में छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्रनाथ महतो को लेकर पुलिस कार्रवाई का मामला एक बार फिर चर्चा में है। महतो ने आरोप लगाया है कि उन्हें ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाते समय पुलिस ने रोक दिया और इस दौरान उनके साथ धक्कामुक्की की गई। हालांकि, इस दावे की 14 अगस्त 2026 की स्वतंत्र और विश्वसनीय रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हो सकी है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में देवेंद्रनाथ महतो का नाम झारखंड के छात्र आंदोलन और JPSC/JSSC से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में सामने आया है। छात्र आंदोलनों से जुड़े रहे हैं देवेंद्रनाथ महतो देवेंद्रनाथ महतो झारखंड में छात्र और युवा आंदोलनों से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहे हैं। हाल के दिनों में उन्होंने JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील करते हुए कहा था कि छात्रों के आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से चलने दिया जाए और ऐसा कोई कदम न उठाया जाए जिससे छात्रों का नुकसान हो। पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले भी विवाद देवेंद्रनाथ महतो का पुलिस के साथ टकराव का मामला नया नहीं है। दिसंबर 2024 में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया था और महतो समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। उस घटना में महतो के घायल होने के आरोप भी सामने आए थे। बाद में छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत सौंपने का दावा किया था। ताजा दावे की पुष्टि जरूरी ध्वजारोहण के लिए जाते समय पुलिस द्वारा रोके जाने और धक्कामुक्की किए जाने का दावा सोशल मीडिया पर चर्चा में हो सकता है, लेकिन इसे तथ्य के रूप में प्रकाशित करने से पहले पुलिस या प्रशासन का आधिकारिक पक्ष लेना जरूरी होगा। यदि घटना का वीडियो सामने आता है, तो उसमें स्थान, समय और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि भी महत्वपूर्ण होगी। निष्कर्ष देवेंद्रनाथ महतो झारखंड के छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। लेकिन ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए जाते समय रोके जाने और धक्कामुक्की की ताजा घटना की अभी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस दावे को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Source: उपलब्ध ताजा मीडिया रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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