राघव चड्ढा का AAP पर तंज—‘एक्स-गर्लफ्रेंड’ से की तुलना

चंडीगढ़, 12 सितंबर 2026: BJP नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने Aam Aadmi Party (AAP) पर तीखा हमला करते हुए उसकी तुलना अपनी ‘एक्स-गर्लफ्रेंड’ से कर दी। दिल्ली की voter list में अपना नाम शामिल किए जाने को लेकर AAP की ओर से उठाए गए सवालों पर चड्ढा ने कहा कि पार्टी लगातार उनका नाम ले रही है, जबकि वह आगे बढ़ चुके हैं। Voter List विवाद पर किया तंज राघव चड्ढा का बयान उस विवाद के बीच आया है जिसमें AAP ने Delhi की electoral roll में उनका नाम जोड़े जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। चड्ढा ने कहा कि AAP का व्यवहार ऐसी ‘एक्स-गर्लफ्रेंड’ जैसा है जो अपने पुराने साथी को लेकर लगातार बात कर रही हो। उनके इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। Election Commission ने प्रक्रिया को बताया सही AAP ने आरोप लगाया था कि चड्ढा का नाम Delhi की voter list में नियमों के विपरीत जोड़ा गया। हालांकि Delhi Chief Electoral Officer के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि चड्ढा ने 26 अगस्त को Form 6 के जरिए आवेदन किया था, जिसे तय प्रक्रिया पूरी करने के बाद 2 सितंबर को मंजूरी दी गई। Election officials ने कहा कि उनका नाम नियमों के मुताबिक electoral roll में शामिल किया गया है। Punjab Drugs मुद्दे पर भी AAP सरकार को घेरा राघव चड्ढा ने Punjab में drugs की समस्या को लेकर भी AAP सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में ‘चिट्टा’ यानी heroin आसानी से उपलब्ध हो रही है और सरकार इसे रोकने में नाकाम रही है। उन्होंने 18 से 30 सितंबर तक ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ निकालने की भी घोषणा की है, जिसके जरिए drug abuse के मुद्दे को उठाया जाएगा। राजनीतिक बयान पर बढ़ी चर्चा AAP को ‘एक्स-गर्लफ्रेंड’ बताने वाला चड्ढा का बयान राजनीतिक हलकों और social media पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब voter list और Punjab politics को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। source – Aaj Tak / Jansatta / Delhi CEO Office जय राष्ट्र न्यूज़

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UPI लेनदेन पर शुल्क लगेगा? संजय सिंह का मोदी सरकार पर हमला, बिल वापस लेने की मांग

नई दिल्ली: UPI भुगतान को लेकर संसद में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था से UPI के जरिए होने वाले भुगतान पर कारोबारियों पर टैक्स का बोझ बढ़ सकता है, जिसका असर आगे चलकर आम लोगों पर पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी ने सरकार से इस प्रावधान को वापस लेने की मांग की है। संजय सिंह ने संसद में उठाया UPI का मुद्दा राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान संजय सिंह ने UPI लेनदेन से जुड़े प्रस्ताव पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि एक तरफ डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है और दूसरी तरफ ऐसे प्रावधान लाए जा रहे हैं जिनसे छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। संजय सिंह ने इस मुद्दे को आम आदमी और छोटे कारोबारियों से जोड़ते हुए सरकार से बिल वापस लेने की मांग की। “व्यापारियों से टैक्स लिया तो जनता पर पड़ेगा बोझ” AAP की ओर से जारी बयान के मुताबिक संजय सिंह का कहना है कि अगर UPI से होने वाले भुगतान पर कारोबारियों से अतिरिक्त शुल्क या टैक्स लिया जाता है, तो उसका बोझ अंततः ग्राहकों तक पहुंच सकता है। उनका तर्क है कि छोटे दुकानदार और कारोबारी अपनी अतिरिक्त लागत को वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में शामिल कर सकते हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ने की आशंका जताई गई है। सरकार का जवाब—आम यूजर से UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा हालांकि इस मामले में सरकार की ओर से महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी सामने आया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा कि आम UPI यूजर्स से किसी तरह का UPI चार्ज नहीं लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छोटे व्यापारियों पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाने की बात नहीं है। संसद ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को मंजूरी भी दे दी है। तो क्या UPI से पैसे भेजने पर लगेगा चार्ज? इस विवाद में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि आम लोगों के UPI भुगतान पर सीधे कोई नया शुल्क लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। यानी अगर कोई व्यक्ति दुकान पर QR Code स्कैन करके ₹500 या ₹1,000 का भुगतान करता है, तो सरकार के मौजूदा स्पष्टीकरण के अनुसार ग्राहक से अलग से UPI चार्ज वसूलने की व्यवस्था नहीं है। संजय सिंह का विरोध मुख्य रूप से विधेयक में टैक्स से जुड़े प्रावधानों और उनके संभावित प्रभाव को लेकर है। छोटे कारोबारियों को लेकर AAP की चिंता AAP का कहना है कि छोटे व्यापारियों पर किसी भी अतिरिक्त लागत का प्रभाव व्यापक हो सकता है। पार्टी ने इसे छोटे कारोबारियों और आम जनता के हित से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का दावा है कि डिजिटल इंडिया और कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के बाद UPI से जुड़े लेनदेन पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना विरोधाभासी होगा। मोदी सरकार पर संजय सिंह का राजनीतिक हमला संजय सिंह ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी राजनीतिक हमला बोला। AAP के मुताबिक उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का फायदा बड़े और विदेशी निवेशकों को मिल रहा है, जबकि छोटे कारोबारियों पर बोझ बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस प्रावधान को वापस लेने की मांग की है। Taxation Bill 2026 को संसद की मंजूरी इस पूरे विवाद के बीच Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 संसद से पारित हो चुका है। रिपोर्ट के अनुसार राज्यसभा ने चर्चा के बाद Money Bill को लोकसभा को लौटाया और बाद में विधेयक को संसद की मंजूरी मिल गई। वित्त मंत्री ने इस दौरान UPI यूजर्स और छोटे व्यापारियों को लेकर आश्वासन दिया कि उन पर सीधे UPI/MDR चार्ज नहीं लगाया जाएगा। UPI भुगतान करने वालों के लिए क्या बदलेगा? फिलहाल आम UPI यूजर्स के लिए सबसे अहम बात यह है कि UPI से पैसे भेजने या QR Code के जरिए भुगतान करने पर कोई नया सीधा शुल्क लागू होने की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि टैक्स व्यवस्था में बदलाव और उसके कारोबारी प्रभाव को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इसलिए भविष्य में नियमों में कोई बदलाव होता है तो उसके आधिकारिक विवरण को देखना जरूरी होगा। निष्कर्ष UPI को लेकर संसद में जारी बहस के बीच संजय सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए Taxation Bill 2026 के प्रावधानों का विरोध किया है और इसे वापस लेने की मांग की है। AAP का दावा है कि व्यापारियों पर टैक्स या अतिरिक्त लागत बढ़ने से इसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। वहीं, सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि आम UPI यूजर्स और छोटे व्यापारियों से नया UPI/MDR चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि UPI से भुगतान करने वाले आम लोगों पर नया शुल्क लगा दिया गया है। Source: Aam Aadmi Party / Indian Express / The Statesman / Live Hindustan जय राष्ट्र न्यूज़

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E20 ईंधन नीति के विरोध में केजरीवाल का प्रदर्शन तेज़, PM आवास मार्च रोका गया, सरकार से तीन बड़ी मांगें

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति के खिलाफ अपना आंदोलन तेज़ कर दिया है। मंगलवार को उन्होंने पार्टी नेताओं और समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मार्च रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य AAP नेताओं ने फिरोजशाह रोड पर धरना दिया। 2.3 लाख से अधिक हस्ताक्षर वाला ज्ञापन AAP के अनुसार पार्टी ने देशभर से 2.3 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए हैं। इन हस्ताक्षरों वाले ज्ञापन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँचाने के लिए यह मार्च आयोजित किया गया था। पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बाद ज्ञापन पुलिस अधिकारियों को सौंपा गया। केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। AAP की तीन प्रमुख मांगें केजरीवाल ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं— सरकार का पक्ष केंद्र सरकार का कहना है कि E20 नीति का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात में कमी, किसानों की आय बढ़ाना, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। सरकार का दावा है कि चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही यह नीति भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि विपक्ष और कुछ परिवहन संगठनों ने पुराने वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। राजनीतिक बहस हुई तेज़ BJP ने केजरीवाल के प्रदर्शन को “राजनीतिक ड्रामा” बताते हुए कहा कि E20 से वाहनों को नुकसान पहुँचने का कोई आधिकारिक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। वहीं AAP का कहना है कि सरकार को लोगों की चिंताओं का समाधान करना चाहिए और उपभोक्ताओं पर किसी एक ईंधन विकल्प को अनिवार्य नहीं बनाना चाहिए। निष्कर्ष E20 ईंधन नीति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। एक ओर केंद्र सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं AAP और कई वाहन संगठनों की मांग है कि उपभोक्ताओं को अपनी पसंद का ईंधन चुनने का अधिकार दिया जाए। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस और तेज़ होने की संभावना है. Source: Ministry of Petroleum & Natural Gas | Delhi Police | Aam Aadmi Party जय राष्ट्र न्यूज़

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