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बिहार के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति, कम से कम 6 श्रद्धालुओं की मौत; कई घायल

लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले के अशोक धाम मंदिर में सोमवार सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। शुरुआती आधिकारिक जानकारी के अनुसार कम से कम 6 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। श्रावण के तीसरे सोमवार पर उमड़ी थी भारी भीड़ बताया जा रहा है कि श्रावण के तीसरे सोमवार के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए अशोक धाम मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर परिसर में भीड़ अचानक बढ़ गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। बैरिकेडिंग टूटने की भी बात सामने आई लखीसराय के जिलाधिकारी के अनुसार सुबह करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच भीड़ काफी बढ़ गई थी। शुरुआती जानकारी में मंदिर की एक तरफ की बैरिकेडिंग टूटने के बाद कई लोगों के एक-दूसरे पर गिरने की बात सामने आई है। प्रशासन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि बिजली का खंभा गिरने और करंट लगने की बात सामने आई है, लेकिन घटना की सही वजह की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। प्रशासन ने शुरू किया राहत और बचाव कार्य घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मंदिर पहुंचीं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है और मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर दुख जताते हुए घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका घटना अभी विकासशील स्थिति में है। शुरुआती रिपोर्टों में 6 मौतों की पुष्टि हुई थी, जबकि बाद की कुछ रिपोर्टों में 7 मौतों का भी उल्लेख आया है। इसलिए फिलहाल मृतकों की संख्या को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार किया जा रहा है। निष्कर्ष लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में श्रावण सोमवार के दौरान भारी भीड़ के बीच हुई इस त्रासदी ने मंदिरों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भगदड़ जैसी स्थिति की वास्तविक वजह क्या थी। Source: PTI, The New Indian Express, The Indian Express, Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज, घटना की जांच भी शुरू

शिमला: हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। घटना के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं और प्रभावित इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासन के अनुसार भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है, जबकि मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद राहत कार्यों को और तेज कर दिया गया है। राहत एवं बचाव अभियान जारी बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। घटना की जांच शुरू राज्य सरकार ने भूस्खलन की परिस्थितियों और नुकसान के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभाग यह पता लगाएंगे कि प्राकृतिक कारणों के अलावा कहीं अन्य कारकों की भी भूमिका तो नहीं रही। प्रभावित क्षेत्रों का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके। यातायात प्रभावित भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मलबा हटाकर सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास कर रही हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। IMD का अलर्ट जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। निष्कर्ष हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटा है, जबकि घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। Source: Himachal Pradesh State Disaster Management Authority (HPSDMA) | NDRF | IMD | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली में प्रदर्शन के चलते कई Delhi Metro स्टेशन अस्थायी रूप से बंद, सुरक्षा बढ़ाई गई

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को विभिन्न संगठनों द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शनों और रैलियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एहतियातन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने कई मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। DMRC की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक, कुछ स्टेशनों पर प्रवेश और निकास (Entry/Exit) पूरी तरह बंद रहेंगे, जबकि कुछ स्थानों पर केवल इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहेगी। सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों के अनुसार स्थिति सामान्य होने के बाद सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर दिल्ली पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने प्रदर्शन स्थलों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। प्रमुख सरकारी भवनों, संसद मार्ग, जंतर-मंतर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और क्विक रिएक्शन टीमों की मदद से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी DMRC ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल पर जारी ताज़ा अपडेट जरूर देखें। जिन स्टेशनों पर सेवाएं प्रभावित हैं, वहां वैकल्पिक मार्ग और परिवहन साधनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक पर भी असर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना जताई है। प्रदर्शन स्थलों के आसपास वाहनों की आवाजाही सीमित की गई है और कुछ रास्तों पर डायवर्जन लागू किए गए हैं। आम लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन की अपील प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह एहतियाती कदम के तौर पर की गई है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। निष्कर्ष दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शनों को देखते हुए कई मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है और पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले DMRC और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ताज़ा एडवाइजरी अवश्य देखें। Source: Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) | Delhi Police | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट शामिल हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि कृषि भूमि, घर और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन की अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। नावों की सहायता से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है और राहत अभियान लगातार जारी है। यातायात और जनजीवन प्रभावित बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कें और ग्रामीण संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कुछ रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जबकि कई स्कूलों को एहतियातन बंद रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। IMD ने जारी किया नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। निष्कर्ष लगातार बारिश के कारण असम में बाढ़ का संकट और गहरा गया है। लाखों लोग प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Reuters | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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अनंतनाग आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा, घाटी में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों द्वारा एक पुलिसकर्मी की हत्या के बाद पूरे कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी गई है। इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी, जो अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे, शहीद हो गए। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई शुरू कर दी है। हमले के तुरंत बाद पुलिस, सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने अनंतनाग और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। अमरनाथ यात्रा मार्ग और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में व्यापक अभियान चलाते हुए बड़ी संख्या में संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। अधिकारियों के अनुसार आतंकवादी नेटवर्क और उनके सहयोगियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही वांछित आतंकियों से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई है। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर विशेष फोकस चूंकि हमला अमरनाथ यात्रा के दौरान हुआ, इसलिए यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है। अतिरिक्त चेकिंग, ड्रोन निगरानी और सुरक्षा गश्त बढ़ाई गई है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार का रुख केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और हमले के जिम्मेदार लोगों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों को पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। निष्कर्ष अनंतनाग में पुलिस अधिकारी की शहादत के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। व्यापक तलाशी अभियान, अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के जरिए सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | PTI | Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक विरोधी विधेयक पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने, शिक्षा सुधार पर तीखी बहस

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में आज पेपर लीक विरोधी विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई के लिए कानून को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि विपक्ष ने केवल कानून बनाने के बजाय परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है। वहीं विपक्षी दलों ने हाल के परीक्षा विवादों का हवाला देते हुए सरकार से परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी जवाब मांगा। क्या है प्रस्तावित विधेयक? सरकार के अनुसार प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य— सरकार का कहना है कि इस कानून से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और मजबूत होगी। विपक्ष ने क्या कहा? विपक्षी नेताओं ने बहस के दौरान कहा कि— विपक्ष ने इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा और आवश्यक संशोधनों की भी मांग की। सरकार का पक्ष सरकार ने सदन में कहा कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं और अब कानूनी ढांचे को और प्रभावी बनाया जा रहा है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्र संगठनों की नजर संसद पर देशभर के छात्र और अभ्यर्थी संसद की कार्यवाही पर नजर बनाए हुए हैं। कई छात्र संगठनों ने उम्मीद जताई है कि नया कानून केवल दंडात्मक न होकर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी प्रभावी कदम साबित होगा। आगे क्या होगा? यदि विधेयक संसद से पारित होता है, तो पेपर लीक और परीक्षा में संगठित धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने का रास्ता खुल सकता है। विधेयक पर आगे भी संसद में चर्चा जारी रहने की संभावना है। निष्कर्ष पेपर लीक विरोधी विधेयक को लेकर संसद का मानसून सत्र आज शिक्षा व्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक पर केंद्रित रहा। सरकार और विपक्ष के अलग-अलग रुख के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि अंतिम कानून किस स्वरूप में सामने आता है और वह छात्रों के हितों की कितनी प्रभावी सुरक्षा कर पाता है। Source: Parliament of India | Ministry of Education | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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PM मोदी का बड़ा ऐलान: पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून

नई दिल्ली: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर बढ़ते विरोध और छात्रों की चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करेगी और दोषियों के खिलाफ और सख्त कानूनी प्रावधान लाने के लिए नया विधेयक तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित मसौदे पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी और सरकार इसे संसद के मौजूदा मानसून सत्र में जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी। प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली ही नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास को भी नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए दोषियों को जल्द और कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक न्यायिक व्यवस्था बनाई जाएगी। सरकार की नई योजना में क्या होगा? सरकार जिन प्रमुख कदमों पर काम कर रही है, उनमें शामिल हैं— NEET विवाद के बाद आया फैसला यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब NEET समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन चल रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई शहरों में छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किए। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने क्या कहा? प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले कुछ महीनों में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि तेजी से न्याय सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विशेषज्ञों की राय शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट से मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा। हालांकि कई विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि केवल कड़ी सजा पर्याप्त नहीं होगी; परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना भी आवश्यक है। आगे क्या होगा? सरकार के अनुसार प्रस्तावित विधेयक पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा। यदि यह कानून पारित होता है तो भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली से जुड़े मामलों में तेज सुनवाई और अधिक कठोर कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। निष्कर्ष पेपर लीक के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री मोदी का फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून का ऐलान छात्रों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर मंत्रिमंडल की मंजूरी और संसद में प्रस्तावित कानून की प्रक्रिया पर रहेगी। Source: Prime Minister’s Office (PMO) | PIB | Reuters | The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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मनीला में QUAD और ASEAN बैठकों में शामिल हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर, इंडो-पैसिफिक सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर भारत का फोकस

नई दिल्ली/मनीला: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित QUAD Foreign Ministers’ Meeting और ASEAN से जुड़ी उच्चस्तरीय बैठकों में शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान भारत ने एक बार फिर मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बैठकों में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain), उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। भारत ने ASEAN देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। बैठक के प्रमुख मुद्दे QUAD और ASEAN बैठकों में जिन विषयों पर प्रमुख रूप से चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं— द्विपक्षीय बैठकों पर भी रहा फोकस मनीला दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन बैठकों में भारत-अमेरिका संबंध, रक्षा सहयोग, निवेश, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बैठकों से भारत की कूटनीतिक स्थिति और मजबूत होगी। भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण? विशेषज्ञों के अनुसार यह बैठक कई मायनों में अहम है— भारत का संदेश विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत मुक्त, सुरक्षित और समावेशी इंडो-पैसिफिक के लिए प्रतिबद्ध है और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना भारत की विदेश नीति की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए साझेदारी और संवाद को आवश्यक बताया। निष्कर्ष मनीला में आयोजित QUAD और ASEAN बैठकों के माध्यम से भारत ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को और मजबूत किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यह यात्रा क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Source: Ministry of External Affairs (MEA) | Reuters | ASEAN Secretariat जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट और गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। NDRF, SDRF, स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव एजेंसियां लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। सबसे अधिक प्रभावित जिले बाढ़ का असर मुख्य रूप से ऊपरी और मध्य असम के कई जिलों में देखा जा रहा है। इनमें— जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों में घर, खेत और सड़कें पानी में डूब गई हैं। बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त राहत दल तैनात किए हैं। नावों और अन्य विशेष उपकरणों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। कई राहत शिविरों में हजारों विस्थापित लोग रह रहे हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। यातायात और जनजीवन प्रभावित लगातार बारिश और जलभराव के कारण कई राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। कुछ रेल सेवाओं के संचालन पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। मौसम विभाग की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसके चलते नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा बना रह सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से तुरंत संपर्क करें। निष्कर्ष असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। लाखों लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया, गुजरात-महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। IMD ने विशेष रूप से पश्चिमी भारत और पहाड़ी राज्यों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन का खतरा जताया है। कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की भी आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार जिन राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से— शामिल हैं। अलग-अलग जिलों के लिए मौसम की तीव्रता के अनुसार येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं। IMD की चेतावनी मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों में NDRF और SDRF की टीमों की तैनाती की गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी लगातार बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन के चलते कुछ मार्ग अस्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं। यात्रियों को यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताज़ा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष सक्रिय मानसून के बीच IMD ने गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) | NDMA | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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