केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को हरियाणा के दौरे पर रहेंगे, जहां वे देश की सबसे बड़ी डेयरी उत्पादन इकाई का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही वे रोहतक और कुरुक्षेत्र में 825 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गृह मंत्री अमित शाह रोहतक के आईएमटी में नवनिर्मित साबर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे. 325 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस प्लांट में अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है, जिसे केंद्रीय मंत्री औपचारिक रूप से शुरू करेंगे. भारत की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट यह डेयरी प्लांट दही, छाछ और दही के उत्पादन के लिए भारत की सबसे बड़ी यूनिट है, जिसमें प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 3 लाख लीटर छाछ, 10 लाख लीटर दही और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों के उत्पादन की क्षमता है. इस सुविधा से लगभग 1,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे अमित शाह प्रवक्ता ने आगे बताया कि अमित शाह रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ‘खादी कारीगर महोत्सव’ के दौरान 2,200 कारीगरों को टूल किट वितरित करेंगे. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का थीम ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ है. इस दौरान वे आधुनिक मशीनरी और टूल किट वितरित करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 301 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी प्रदान करेंगे. प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे यह महोत्सव स्वदेशी हस्तशिल्प और खादी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें स्थानीय कारीगरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसके अतिरिक्त, वे पीएमईजीपी यूनिटों का उद्घाटन करेंगे और बाद में एक सभा को संबोधित करेंगे. कुरुक्षेत्र में गृह मंत्री अमित शाह भारत के नए आपराधिक कानूनों पर पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. यह प्रदर्शनी वकीलों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को आपराधिक न्याय प्रणाली में हाल के सुधारों को समझने में मदद करेगी. इस प्रदर्शनी में नए कानूनों द्वारा लाए गए परिवर्तनों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें सात विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को 10 थीम आधारित खंडों में विभाजित किया गया है. नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.

हरियाणा में अमित शाह देंगे नया ‘सहकारिता मॉडल’

हरियाणा में अमित शाह देंगे नया ‘सहकारिता मॉडल’, करेंगे देश की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट का उद्घाटनकेंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को हरियाणा के दौरे पर रहेंगे, जहां वे देश की सबसे बड़ी डेयरी उत्पादन इकाई का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही वे रोहतक और कुरुक्षेत्र में 825 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. राज्य सरकार के प्रवक्ता ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि सहकारिता क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गृह मंत्री अमित शाह रोहतक के आईएमटी में नवनिर्मित साबर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे. 325 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस प्लांट में अत्याधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है, जिसे केंद्रीय मंत्री औपचारिक रूप से शुरू करेंगे. भारत की सबसे बड़ी डेयरी यूनिट यह डेयरी प्लांट दही, छाछ और दही के उत्पादन के लिए भारत की सबसे बड़ी यूनिट है, जिसमें प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 3 लाख लीटर छाछ, 10 लाख लीटर दही और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों के उत्पादन की क्षमता है. इस सुविधा से लगभग 1,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे अमित शाह प्रवक्ता ने आगे बताया कि अमित शाह रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ‘खादी कारीगर महोत्सव’ के दौरान 2,200 कारीगरों को टूल किट वितरित करेंगे. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का थीम ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ है. इस दौरान वे आधुनिक मशीनरी और टूल किट वितरित करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 301 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी प्रदान करेंगे. प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे यह महोत्सव स्वदेशी हस्तशिल्प और खादी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें स्थानीय कारीगरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसके अतिरिक्त, वे पीएमईजीपी यूनिटों का उद्घाटन करेंगे और बाद में एक सभा को संबोधित करेंगे. कुरुक्षेत्र में गृह मंत्री अमित शाह भारत के नए आपराधिक कानूनों पर पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. यह प्रदर्शनी वकीलों, छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को आपराधिक न्याय प्रणाली में हाल के सुधारों को समझने में मदद करेगी. इस प्रदर्शनी में नए कानूनों द्वारा लाए गए परिवर्तनों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें सात विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को 10 थीम आधारित खंडों में विभाजित किया गया है. नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.

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मोदी सरकार पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध- अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार पंजाब के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के प्रति कटिबद्ध है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार की शाम को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें मानसून के दौरान आई बाढ़ से राज्य में हुए नुकसान की जानकारी दी. उन्होंने आपदा राहत एवं पुनर्स्थापन के लिए राज्य के लिए अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत करने की भी मांग की. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) में राज्य के पास 12,589.59 करोड़ रुपए की पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, जिसका उपयोग भारत सरकार के मानदंडों के अनुसार प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और तत्काल पुनर्वास के लिए किया जा सकता है. केंद्र सरकार ने राज्य में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान खोज, बचाव और तत्काल पुनर्वास के लिए केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से राज्य प्रशासन को हरसंभव सहायता प्रदान की है. प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का किया आंकलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितंबर को पंजाब का दौरा किया था और राज्य में बाढ़ की स्थिति और उससे हुए नुकसान की समीक्षा की थी. प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,600 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता में से, 805 करोड़ रुपए (एनएचएआई द्वारा स्वीकृत 170 करोड़ रुपए सहित) विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य सरकार, लाभार्थियों को पहले ही जारी किए जा चुके हैं और शेष राशि राज्य से संबंधित जानकारी प्राप्त होने पर जारी कर दी जाएगी. इसके अलावा, पंजाब राज्य से ज्ञापन प्राप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना, 1 सितंबर को एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) का गठन किया गया था. केंद्रीय टीम ने 3 से 6 सितंबर तक राज्य में मौके पर नुकसान के आंकलन के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. हालांकि, राज्य सरकार द्वारा अभी एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत करना बाकी है. ज्ञापन प्राप्त होने के बाद भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मानदंडों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा उस पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा, राज्य, आजीविका और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए एक रिकवरी और रिकंस्ट्रक्शन योजना तैयार कर सकता है. गृह मंत्रालय (एमएचए) ने पहले ही 14.08.2024 को एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ ) के तहत रिकवरी और रिकंस्ट्रक्शन फंडिंग विंडो के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं.

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राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

राहुल गांधी का पंजाब दौरा: बाढ़ पीड़ितों से मिले, सरकार पर निशाना साधा

अमृतसर/गुरदासपुर, 15 सितंबर 2025 पंजाब में हाल ही में आई बाढ़ से हुई तबाही का जायज़ा लेने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सोमवार को पंजाब पहुँचे। उन्होंने अमृतसर जिले के अजनाला क्षेत्र के घोनेवाल गांव से अपने दौरे की शुरुआत की। यहाँ उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, खेतों और टूटे हुए घरों का मुआयना किया और ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं। राहुल गांधी का कार्यक्रम अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट जिलों के कई गांवों तक फैला है। उन्होंने गुरुद्वारा बाबा बुधा साहिब (रामदास, अमृतसर) में मत्था टेका और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इसके बाद वे गुरदासपुर के गुरचाक और मककोरा पट्‌टन गांवों सहित सीमावर्ती क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे। बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। राज्य सरकार के मुताबिक अब तक लगभग 1.98 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। राहुल गांधी ने खेतों का मुआयना करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों की हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ दिल्ली तक पहुँचाई जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों परिवार बेघर हो गए हैं। कई गांवों में सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस-शासित राज्यों ने पंजाब की मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। सिर्फ़ दौरा करना पर्याप्त नहीं है।” वहीं, पंजाब कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी का दौरा जनता के दुख-दर्द को करीब से समझने और समाधान निकालने की दिशा में एक अहम कदम है। – जनता की उम्मीदें ग्रामीणों ने राहुल गांधी से अपनी परेशानियाँ साझा करते हुए कहा कि बाढ़ के कारण उनका सबकुछ बर्बाद हो गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उन्हें उचित मुआवज़ा और राहत प्रदान करेंगी।

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पंजाब में बाढ़: जनजीवन अस्त-व्यस्त, राहत कार्य जारी

पंजाब इस समय भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। लगातार हो रही भारी वर्षा और पहाड़ी इलाकों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण नदियाँ उफान पर हैं। कई जिलों के सैकड़ों गाँव पानी में डूब चुके हैं। गाँव की गलियाँ, खेत और घर जलमग्न हो गए हैं। लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। फसलों और पशुधन पर भारी असर पंजाब, जिसे देश का अन्नदाता कहा जाता है, आज फसल बर्बादी के गहरे संकट से जूझ रहा है। धान और मक्का जैसी प्रमुख फसलें पानी में पूरी तरह डूब गई हैं। किसानों की मेहनत और सालभर की कमाई एक ही झटके में खत्म हो गई। साथ ही, हज़ारों मवेशियों और पोल्ट्री को भी बाढ़ ने प्रभावित किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर और गहरा असर पड़ा है। जनहानि और पलायन कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं और हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। राहत शिविरों में शरण लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्वास्थ्य सेवाओं और साफ पीने के पानी की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। राहत और बचाव कार्य राज्य सरकार और प्रशासनिक टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन नावों और ट्रैक्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचा रहे हैं। कई जगहों पर अस्थायी शिविर, भोजन वितरण केंद्र और चिकित्सा सुविधाएँ भी स्थापित की गई हैं। राजनीतिक बहस और भविष्य की चुनौती बाढ़ ने न केवल पंजाब की आर्थिक स्थिति को झकझोरा है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है। सरकार पर पर्याप्त तैयारी न करने के आरोप लग रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते बाँधों और तटबंधों की मरम्मत की जाती और जल निकासी की व्यवस्था सुधारी जाती, तो नुकसान कम हो सकता था। सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं  पंजाब की यह बाढ़ सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि चेतावनी भी है कि हमें जल प्रबंधन और आपदा नियंत्रण की योजनाओं को और मज़बूत करना होगा। आज सबसे बड़ी ज़रूरत है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत मिले और भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। PunjabFloods #punjabNews#punjabfloods2025 #PunjabRescue #floods #PunjabFloodSituation #BreakingNews #FloodAlert

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