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Fed rate hike की उम्मीद घटने से Gold Prices में तेजी, कमजोर US Jobs Data ने बदला बाजार का मूड

नई दिल्ली/सिंगापुर: अमेरिकी Federal Reserve द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कम होने के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कमजोर US jobs data और पिछले महीनों के payroll आंकड़ों में downward revision के बाद बाजार ने Fed के aggressive rate hike की उम्मीद घटा दी। Spot gold करीब 0.3% बढ़कर $4,153.56 प्रति ounce तक पहुंच गया, जबकि December US gold futures करीब 0.5% बढ़कर $4,181.70 पर रहे। कमजोर US Jobs Data से बदली उम्मीदें सितंबर के अमेरिकी रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे। इसके अलावा पिछले महीनों के non-farm payroll numbers में भी downward revisions हुए, जिससे यह संकेत मिला कि US labour market की रफ्तार पहले अनुमान से कम हो सकती है। इसी वजह से traders ने अक्टूबर में Fed rate hike की संभावना कम कर दी। October rate hike की संभावना सिर्फ 18% Market pricing के मुताबिक अक्टूबर में Federal Reserve द्वारा rate hike की संभावना अब करीब 18% रह गई है। कुछ दिन पहले यह संभावना काफी ज्यादा थी। कमजोर labour-market data के बाद investors को उम्मीद है कि Fed तत्काल aggressive tightening से बच सकता है। दिसंबर में फिर बढ़ सकती हैं ब्याज दरें अक्टूबर में rate hike की संभावना कम हुई है, लेकिन market अभी Fed के tightening cycle को खत्म नहीं मान रहा। Reuters के अनुसार दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 81% तक बनी हुई है। यानी सोने के लिए short-term sentiment बेहतर हुआ है, लेकिन आगे की monetary policy अभी भी महत्वपूर्ण रहेगी। हाल में Fed ने बढ़ाई थी ब्याज दर Federal Reserve ने हाल में ब्याज दरों में 25 basis points की बढ़ोतरी कर benchmark range को 3.75%-4.00% तक पहुंचाया था। यह तीन वर्षों में Fed की पहली rate hike थी। इसके बाद बाजार लगातार यह अनुमान लगाने की कोशिश कर रहा है कि अगला कदम कब उठाया जाएगा। Rate hike की उम्मीद घटे तो Gold को क्यों मिलता है फायदा? सोना खुद कोई interest नहीं देता। जब interest rates बढ़ने की संभावना कम होती है, तो bonds और अन्य interest-bearing assets की relative attractiveness कम हो सकती है। ऐसे में gold जैसे non-yielding assets की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। मजबूत Dollar ने तेजी को किया सीमित हालांकि सोने में तेजी आई, लेकिन मजबूत अमेरिकी dollar ने gains को सीमित रखा। Dollar index करीब 0.4% मजबूत हुआ। Dollar मजबूत होने से अन्य currencies इस्तेमाल करने वाले buyers के लिए gold महंगा हो जाता है, जिससे demand पर दबाव पड़ सकता है। Gold के साथ Silver और Platinum भी चढ़े Precious metals market में तेजी केवल gold तक सीमित नहीं रही। Silver करीब 1.7% बढ़कर $61.40 प्रति ounce, platinum करीब 1.1% बढ़कर $1,716.92 और palladium करीब 0.3% बढ़कर $1,165.40 तक पहुंच गया। Geopolitical tension से भी Gold को support Middle East में बढ़ते geopolitical tensions भी gold को support कर रहे हैं। Yemen में Saudi-backed government और Iran-backed Houthis के बीच तनाव बढ़ने से safe-haven assets की मांग मजबूत रह सकती है। $4,000 से ऊपर बना हुआ है Gold हाल के दिनों में US Treasury yields ऊंचे रहने के बावजूद gold $4,000 प्रति ounce से ऊपर टिके रहने में सफल रहा है। Analysts इसे central-bank buying, reserve diversification और geopolitical uncertainty से मिलने वाले structural support से जोड़ रहे हैं। Indian Markets पर भी असर Global gold prices में तेजी का असर भारतीय bullion market पर भी पड़ सकता है। भारत में घरेलू gold prices international rates के साथ-साथ rupee-dollar exchange rate, import duties और local demand से प्रभावित होती हैं। इसलिए वैश्विक तेजी और कमजोर रुपया मिलकर घरेलू सोना महंगा कर सकते हैं। आगे किन आंकड़ों पर रहेगी नजर? अब investors की नजर US inflation data, Federal Reserve officials के statements और अगले jobs reports पर रहेगी। अगर अमेरिकी economy में कमजोरी के और संकेत मिलते हैं तो अक्टूबर rate hike की संभावना और कम हो सकती है, जिससे gold को अतिरिक्त support मिल सकता है। source – Reuters / The Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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Nifty लगातार 5 हफ्ते की गिरावट के बाद Crucial Support Zone पर; Crude Oil और Fed Policy तय करेंगे Market की चाल

मुंबई, 13 सितंबर 2026: Indian stock market लगातार पांचवें हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ है और Nifty 50 अब महत्वपूर्ण support zone के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को Nifty 23,398.10 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 74,781.76 पर रहा। आने वाले सप्ताह में crude oil prices, US Federal Reserve की policy meeting और foreign investor flows market की दिशा तय करने वाले प्रमुख factors रहेंगे। 5 हफ्तों से लगातार गिर रहा Nifty पिछले सप्ताह Nifty करीब 2.09% गिरा, जबकि Sensex में लगभग 2.26% की कमजोरी दर्ज हुई। दोनों benchmark indices तीन महीने के निचले स्तर तक पहुंचे। Nifty Bank लगातार तीसरे सप्ताह और Midcap index लगातार दूसरे सप्ताह गिरा। Realty sector पर सबसे ज्यादा दबाव रहा, जबकि healthcare और pharma stocks ने comparatively बेहतर प्रदर्शन किया। 23,000–23,300 बना अहम Support Zone Market analysts के मुताबिक Nifty के लिए 23,000 से 23,300 का zone बेहद महत्वपूर्ण है। Index फिलहाल कई key moving averages के नीचे कारोबार कर रहा है। अगर यह support zone बना रहता है तो lower levels पर buying देखने को मिल सकती है, लेकिन इसके नीचे sustained fall market में और weakness बढ़ा सकता है। Brent Crude $104 के ऊपर Indian market के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में elevated crude oil prices शामिल हैं। Brent crude शुक्रवार को $104.61 प्रति barrel पर settle हुआ और सप्ताह के दौरान $110 के करीब भी पहुंचा था। Crude prices लंबे समय तक $100 के ऊपर रहने से India का import bill, inflation और rupee पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर corporate margins और stock market sentiment पर पड़ सकता है। 15-16 September को US Fed Meeting इस सप्ताह investors की सबसे ज्यादा नजर US Federal Reserve की 15–16 September FOMC meeting पर रहेगी। Policy decision 16 September को जारी होगा और इसके साथ नए economic projections भी सामने आएंगे। Market में rate hike की संभावना को लेकर uncertainty बनी हुई है। Fed का decision dollar, global bond yields, emerging markets और foreign investment flows पर सीधा असर डाल सकता है। Foreign Investors की Selling भी चिंता September के शुरुआती दो हफ्तों में foreign portfolio investors ने Indian equities से करीब ₹13,138 करोड़ निकाले हैं। Rising crude prices, higher US bond yields और strong dollar को इस selling के प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। Monday को Market रहेगा बंद आने वाला trading week holiday-shortened रहेगा। Ganesh Chaturthi के कारण सोमवार को Indian stock market बंद रहेगा और trading मंगलवार से शुरू होगी। इसलिए Tuesday session में crude oil, global bond yields और Fed meeting से पहले की expectations का असर एक साथ देखने को मिल सकता है। source – The Economic Times / Moneycontrol / Federal Reserve जय राष्ट्र न्यूज़

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