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लगातार बारिश के बीच जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की जरूरी सलाह

नई दिल्ली, 11 जुलाई। देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से सतर्क रहने की सलाह दी है। मानसून के दौरान जलभराव, गंदा पानी और बढ़ती नमी के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार, टाइफाइड, हैजा और दस्त जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर इन बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। क्यों बढ़ जाता है खतरा? बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा हो जाता है, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। वहीं दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के कारण जलजनित संक्रमण तेजी से फैल सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का जोखिम अधिक माना जाता है। डेंगू और मलेरिया से बचाव विशेषज्ञों के अनुसार घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, बाल्टी और अन्य पात्रों का पानी नियमित रूप से बदलें। पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी, मच्छररोधी क्रीम या रिपेलेंट का उपयोग करें। सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि इसी समय मच्छरों की सक्रियता अधिक रहती है। स्वच्छ पानी और भोजन का रखें ध्यान बारिश के मौसम में केवल उबला हुआ या फिल्टर किया गया पानी पीना चाहिए। खुले में बिकने वाले कटे फल, बासी भोजन और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। भोजन बनाने और खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना भी संक्रमण से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है। वायरल संक्रमण से बचाव मौसम में बदलाव के दौरान वायरल बुखार और श्वसन संक्रमण के मामले भी बढ़ सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना, पर्याप्त नींद लेना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने में मदद करता है। कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें? यदि तेज़ बुखार, लगातार उल्टी, शरीर में तेज़ दर्द, प्लेटलेट्स कम होने के संकेत, सांस लेने में कठिनाई, लगातार दस्त या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर उपचार गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां कई राज्यों में स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किए हैं। नगर निकायों द्वारा फॉगिंग, जलभराव वाले क्षेत्रों की सफाई और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। नागरिकों से भी इन अभियानों में सहयोग करने की अपील की गई है। विशेषज्ञों की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है। नियमित सफाई, सुरक्षित पेयजल, पौष्टिक भोजन और मच्छरों से बचाव के उपाय इस मौसम में सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच माने जाते हैं। निष्कर्ष बारिश का मौसम जहां राहत लेकर आता है, वहीं कई स्वास्थ्य चुनौतियां भी साथ लाता है। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ वातावरण और समय पर चिकित्सकीय सलाह अपनाकर डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और जलजनित बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्रोत:स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह तथा सामान्य जनस्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश। मूल रिपोर्ट:मानसून स्वास्थ्य संबंधी सार्वजनिक जानकारी एवं विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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बारिश और उमस के मौसम में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की सलाह

नई दिल्ली, 25 जून। देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय होने के साथ बारिश और उमस का प्रभाव बढ़ गया है। मौसम में आए इस बदलाव के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकती है। संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से फैल सकते हैं। जलभराव और गंदे पानी के कारण डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर और पेट संबंधी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। खानपान में बरतें सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में बाहर का खुला और अस्वच्छ भोजन खाने से बचना चाहिए। ताजा और घर का बना भोजन स्वास्थ्य के लिए अधिक सुरक्षित माना जाता है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की भी सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान की जरूरत विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर हो सकती है। ऐसे लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। बुखार, खांसी या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी गई है। मच्छरों से बचाव जरूरी बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को घर और आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दी है। मच्छरदानी, रिपेलेंट और पूरी बाजू के कपड़ों का उपयोग करने की भी सिफारिश की गई है। स्वच्छता और व्यक्तिगत देखभाल पर जोर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से हाथ धोना, साफ पानी का उपयोग करना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनने और शरीर को साफ रखने की भी सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सही खानपान, स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय सलाह के माध्यम से मानसून के दौरान होने वाली अधिकांश स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में आवश्यक बदलाव करें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। स्रोत:स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सार्वजनिक सलाह एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित जानकारी मूल रिपोर्ट:मौसमी स्वास्थ्य संबंधी दिशानिर्देशों, चिकित्सा विशेषज्ञों की राय एवं विभिन्न स्वास्थ्य समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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