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यूरोप और अमेरिका में भीषण हीटवेव, स्वास्थ्य एजेंसियों ने जारी की नई एडवाइजरी

लंदन/वॉशिंगटन, 30 जून। यूरोप और अमेरिका के कई हिस्सों में भीषण हीटवेव का असर लगातार बना हुआ है। कई शहरों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य एजेंसियों ने नई एडवाइजरी जारी कर लोगों से सावधानी बरतने और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचने की अपील की है। कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड तापमान मौसम एजेंसियों के अनुसार दक्षिणी और पश्चिमी यूरोप के कई हिस्सों के साथ-साथ अमेरिका के कुछ राज्यों में तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। कई स्थानों पर स्थानीय प्रशासन ने हीट अलर्ट जारी किया है और लोगों को अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य एजेंसियों की प्रमुख सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अत्यधिक गर्मी के दौरान निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह दी है— अस्पतालों पर बढ़ा दबाव कई क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्मी से संबंधित अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने की खबरें सामने आई हैं। स्वास्थ्य विभागों ने अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलवायु परिवर्तन पर फिर बढ़ी चर्चा विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही चरम मौसम की घटनाएं जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती की ओर संकेत करती हैं। हाल के वर्षों में दुनिया के कई हिस्सों में हीटवेव की अवधि, तीव्रता और आवृत्ति में वृद्धि देखी गई है। वैज्ञानिक दीर्घकालिक जलवायु अनुकूलन उपायों पर तेजी से काम करने की आवश्यकता बता रहे हैं। बिजली और जल आपूर्ति पर असर भीषण गर्मी के कारण कई क्षेत्रों में बिजली की मांग बढ़ गई है, जिससे ऊर्जा प्रणालियों पर दबाव देखा जा रहा है। कुछ इलाकों में जल संसाधनों पर भी असर पड़ा है और प्रशासन ने पानी के सीमित उपयोग की अपील की है। सरकारों ने जारी किए दिशा-निर्देश यूरोप और अमेरिका के कई देशों में स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था बढ़ाने, कूलिंग सेंटर खोलने और संवेदनशील वर्गों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। लोगों से मौसम विभाग और स्वास्थ्य एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की गई है। आगे क्या? मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि कुछ क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर बना रह सकता है, जबकि कुछ इलाकों में तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। स्वास्थ्य एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक हीटवेव जारी है, तब तक नागरिकों को सतर्क रहना और आवश्यक सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। स्रोत:यूरोपीय एवं अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियां, राष्ट्रीय मौसम विभागों की आधिकारिक जानकारी मूल रिपोर्ट:30 जून 2026 तक उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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यूरोप में रिकॉर्ड हीटवेव के बीच फ्रांस में चार दिनों में 1,000 मौतों की रिपोर्ट, स्वास्थ्य एजेंसियों ने सतर्क रहने की सलाह दी

पेरिस, 28 जून। यूरोप इन दिनों भीषण हीटवेव की चपेट में है और इसका सबसे अधिक असर फ्रांस सहित कई पश्चिमी एवं दक्षिणी यूरोपीय देशों में देखा जा रहा है। फ्रांसीसी स्वास्थ्य एजेंसियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पिछले चार दिनों में अत्यधिक गर्मी से जुड़ी घटनाओं में लगभग 1,000 लोगों की मौत दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। कई शहरों में रिकॉर्ड तापमान फ्रांस के कई शहरों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। कुछ क्षेत्रों में पारा 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तथा लोगों को दिन के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी का सबसे अधिक खतरा बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य एजेंसियों ने जारी की एडवाइजरी फ्रांस की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियों ने नागरिकों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने, धूप के समय बाहर निकलने से बचने और अकेले रहने वाले बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन ने कई शहरों में अस्थायी कूलिंग सेंटर भी खोले हैं। अन्य यूरोपीय देश भी प्रभावित स्पेन, इटली, पुर्तगाल, जर्मनी और बेल्जियम सहित कई अन्य यूरोपीय देशों में भी रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया जा रहा है। कई स्थानों पर जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं, जबकि बिजली की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जलवायु परिवर्तन पर फिर बढ़ी चिंता जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही चरम मौसम की घटनाएं जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को दर्शाती हैं। उनका मानना है कि भविष्य में ऐसी हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं, इसलिए दीर्घकालिक अनुकूलन रणनीतियों पर तेजी से काम करने की आवश्यकता है। सरकार ने निगरानी बढ़ाई फ्रांस सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन सहायता और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की संख्या बढ़ाई गई है और लगातार स्थिति की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से केवल आधिकारिक मौसम और स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों की सलाह डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, नियमित रूप से पानी पीना, कैफीन और शराब का सीमित सेवन करना तथा शरीर में गर्मी बढ़ने के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। हीटवेव के दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है। स्रोत:फ्रांस स्वास्थ्य मंत्रालय, यूरोपीय मौसम एजेंसियां मूल रिपोर्ट:फ्रांस सरकार, यूरोपीय स्वास्थ्य एजेंसियों एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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गर्मी और उमस के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह

नई दिल्ली, 24 जून 2026। देश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का स्तर लगातार बढ़ रहा है। बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अत्यधिक गर्मी और उमस शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, जिससे डिहाइड्रेशन, थकान, हीट स्ट्रेस और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्म मौसम में शरीर से पसीना अधिक निकलता है, जिससे पानी और आवश्यक खनिजों की कमी हो सकती है। ऐसे में लोगों को नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। नारियल पानी, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन भी लाभदायक माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने दोपहर के समय तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। यदि किसी कारणवश बाहर जाना आवश्यक हो तो हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने और सिर को ढककर रखने की सलाह दी गई है। इससे शरीर पर गर्मी का प्रभाव कम किया जा सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इन वर्गों में गर्मी और उमस का असर अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। किसी भी प्रकार की कमजोरी, चक्कर, अत्यधिक पसीना या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। विशेषज्ञों ने खानपान पर भी ध्यान देने की सलाह दी है। ताजे फल, हरी सब्जियां और हल्का भोजन शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। वहीं अत्यधिक तैलीय और मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही जीवनशैली अपनाकर गर्मी और उमस के दुष्प्रभावों से काफी हद तक बचा जा सकता है। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों और स्वास्थ्य सलाह का पालन करने की अपील की गई है। स्रोत:स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह से प्राप्त जानकारी मूल रिपोर्ट:विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्टों, चिकित्सकीय सलाह और समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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