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आयकर विभाग ने बताया—AY 2026-27 के लिए 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल, टैक्स अनुपालन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

नई दिल्ली: आयकर विभाग ने जानकारी दी है कि आकलन वर्ष (Assessment Year) 2026-27 के लिए 31 जुलाई की निर्धारित समय सीमा तक 5.9 करोड़ (59 मिलियन) से अधिक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं। यह समय सीमा उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) के लिए थी, जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता। विभाग का कहना है कि यह आँकड़ा देश में बढ़ते टैक्स अनुपालन और समय पर रिटर्न दाखिल करने की बेहतर प्रवृत्ति को दर्शाता है। डिजिटल ई-फाइलिंग से बढ़ी सुविधा आयकर विभाग के अनुसार इस वर्ष अधिकांश करदाताओं ने ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रिटर्न दाखिल किए। प्री-फिल्ड डेटा, ऑनलाइन सत्यापन (e-Verification) और तेज़ प्रोसेसिंग जैसी सुविधाओं ने रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक आसान और पारदर्शी बनाया है। विभाग ने करदाताओं से समय पर ई-वेरिफिकेशन पूरा करने की भी अपील की है ताकि रिफंड प्रक्रिया में देरी न हो। सरकार का फोकस बेहतर टैक्स अनुपालन पर सरकार लगातार कर व्यवस्था को अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर ITR दाखिल होने से राजस्व संग्रह बेहतर होता है, कर प्रशासन अधिक प्रभावी बनता है और सरकार को आर्थिक योजनाएँ तैयार करने में सहायता मिलती है। साथ ही यह औपचारिक अर्थव्यवस्था (Formal Economy) को भी मजबूत करता है। देर से रिटर्न दाखिल करने वालों के लिए व्यवस्था जो करदाता 31 जुलाई तक ITR दाखिल नहीं कर सके हैं, वे आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में नियमानुसार लेट फीस और अन्य शर्तें लागू होंगी। विभाग ने पात्र करदाताओं से जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी है। निष्कर्ष AY 2026-27 के लिए 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल होना भारत में बढ़ते टैक्स अनुपालन और डिजिटल कर प्रणाली की सफलता का संकेत माना जा रहा है। आयकर विभाग अब रिटर्न प्रोसेसिंग और रिफंड जारी करने की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है। Source: Income Tax Department | Ministry of Finance जय राष्ट्र न्यूज़

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आयकर विभाग ने बताया- AY 2026-27 के लिए 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल, टैक्स अनुपालन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

नई दिल्ली: आयकर विभाग ने जानकारी दी है कि आकलन वर्ष (Assessment Year) 2026-27 के लिए 31 जुलाई की निर्धारित समय सीमा तक 5.9 करोड़ (59 मिलियन) से अधिक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि इस वर्ष करदाताओं में समय पर रिटर्न दाखिल करने की प्रवृत्ति मजबूत हुई है और देश में टैक्स अनुपालन (Tax Compliance) लगातार बेहतर हो रहा है। आयकर विभाग के अनुसार यह अंतिम संख्या उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) की है, जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता। विभाग ने समय-समय पर जारी जागरूकता अभियानों, डिजिटल सेवाओं और ई-फाइलिंग प्रणाली में सुधार को इस बढ़ती भागीदारी का प्रमुख कारण बताया है। ई-फाइलिंग प्रणाली बनी बड़ी ताकत आयकर विभाग ने कहा कि अधिकांश करदाताओं ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रिटर्न दाखिल किए। प्री-फिल्ड डेटा, आसान सत्यापन (e-Verification) और डिजिटल प्रक्रियाओं के कारण रिटर्न दाखिल करना पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज़ हुआ है। विभाग ने करदाताओं से समय पर ई-वेरिफिकेशन पूरा करने की भी अपील की है ताकि रिटर्न की प्रोसेसिंग और रिफंड में अनावश्यक देरी न हो। सरकार का फोकस बेहतर अनुपालन पर सरकार लगातार कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर ITR दाखिल होने से सरकार को राजस्व संग्रह बेहतर करने, वित्तीय योजना बनाने और कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है। देर से दाखिल करने वालों के लिए प्रावधान जो करदाता 31 जुलाई की समय सीमा तक रिटर्न दाखिल नहीं कर सके हैं, वे बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार विलंब शुल्क (Late Fee) और अन्य शर्तें लागू होंगी। निष्कर्ष AY 2026-27 के लिए 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल होना भारत में बढ़ते कर अनुपालन और डिजिटल टैक्स प्रणाली की सफलता को दर्शाता है। आयकर विभाग अब रिटर्न प्रोसेसिंग और रिफंड जारी करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है। Source: Income Tax Department | Ministry of Finance जय राष्ट्र न्यूज़

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