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Indonesia में Anak Krakatau Volcano फटा, 6 Airports बंद; 300 से ज्यादा Flights प्रभावित

जकार्ता, 6 सितंबर 2026: इंडोनेशिया के सक्रिय ज्वालामुखी Anak Krakatau में जोरदार eruption के बाद देश के aviation network पर बड़ा असर पड़ा है। ज्वालामुखीय राख के फैलने के कारण Jakarta के प्रमुख Soekarno-Hatta International Airport समेत छह airports पर flight operations को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। कम-से-कम 301 flights प्रभावित हुई हैं, जिससे बड़ी संख्या में यात्री airports पर फंस गए। 50 हजार फीट तक पहुंची राख ज्वालामुखी से निकला ash cloud कुछ क्षेत्रों में करीब 50,000 feet की ऊंचाई तक पहुंच गया। राख Java, Sumatra और Jakarta के आसपास के airspace तक फैलने के कारण aviation authorities ने सुरक्षा को देखते हुए flights suspend करने का फैसला किया। Volcanic ash aircraft engines और navigation systems के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। 58 International Flights भी प्रभावित Airport operator के मुताबिक प्रभावित 301 flights में 58 international services शामिल हैं। Singapore Airlines और Malaysia Airlines सहित कई carriers ने Jakarta आने-जाने वाली कुछ flights cancel या postpone कीं। Indonesia AirAsia ने भी volcanic ash के कारण कई services में देरी की। Jakarta का मुख्य Airport भी प्रभावित देश के सबसे व्यस्त airports में शामिल Soekarno-Hatta International Airport पर रविवार सुबह volcanic ash detect होने के बाद operations प्रभावित हुए। इससे domestic के साथ international passengers को भी delays और cancellations का सामना करना पड़ा। Schools और Fishing Activities भी रोकी गईं Eruption का असर केवल aviation तक सीमित नहीं रहा। प्रभावित क्षेत्रों में ash fall के कारण आंखों में irritation और respiratory problems की आशंका को देखते हुए कुछ school activities रोक दी गईं। स्थानीय authorities ने fishing activities भी अस्थायी रूप से बंद कराईं और लोगों को masks उपलब्ध कराए। फिलहाल Tsunami Alert नहीं अधिकारियों ने इस eruption के बाद कोई tsunami alert जारी नहीं किया है। हालांकि Anak Krakatau पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी volcano के 2018 eruption और flank collapse ने विनाशकारी tsunami पैदा की थी, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। Alert Level 3 पर Anak Krakatau Anak Krakatau फिलहाल Alert Level 3 पर है। Authorities ने लोगों को volcano के आसपास के खतरनाक क्षेत्र से दूर रहने और ash fall वाले इलाकों में outdoor activity कम करने की सलाह दी है। Indonesia Pacific Ring of Fire में स्थित होने के कारण दुनिया के सबसे volcanically active देशों में से एक है। source – Reuters / Associated Pressजय राष्ट्र न्यूज़

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UN में भारत का बड़ा बयान! Terror Listings में राजनीतिक दखल के खिलाफ उठाई आवाज

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवाद से जुड़े प्रतिबंधों और terror listings की प्रक्रिया को लेकर भारत ने बुधवार को बड़ा बयान दिया। भारत ने UNSC से अपील की कि आतंकवादियों की सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों पर आधारित होनी चाहिए और किसी भी देश को परिषद की सदस्यता का इस्तेमाल आतंकवादियों को राजनीतिक संरक्षण देने के लिए नहीं करना चाहिए। आतंकियों को राजनीतिक संरक्षण देने पर भारत की आपत्ति भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि UNSC की सदस्यता का इस्तेमाल किसी आतंकवादी को “legitimise” करने या उसे राजनीतिक कारणों से संरक्षण देने के लिए नहीं होना चाहिए। भारत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों और आतंकवाद से जुड़े निर्णयों में पारदर्शिता तथा राजनीतिक प्रभाव को लेकर बहस चल रही है। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक व्यवस्था में objectivity और transparency को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। Terror Listing प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग भारत का कहना है कि आतंकवादी संगठनों और व्यक्तियों को UNSC sanctions lists में शामिल करने की प्रक्रिया स्पष्ट और तथ्य आधारित होनी चाहिए। इसी तरह किसी नाम को सूची से हटाने का फैसला भी राजनीतिक हितों से प्रभावित नहीं होना चाहिए। UN Security Council के तहत आतंकवाद और counter-terrorism से संबंधित कई sanctions regimes पहले से लागू हैं। पाकिस्तान पर परोक्ष निशाना? भारत के बयान को पाकिस्तान के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई न करने का आरोप लगाता रहा है। हालांकि, ताजा बयान में भारत ने किसी एक देश का नाम लेकर आरोप लगाने के बजाय UN sanctions mechanism को मजबूत करने और राजनीतिक हस्तक्षेप रोकने पर जोर दिया। भारत पहले भी उठा चुका है मुद्दा आतंकवादी संगठनों की listing और delisting में राजनीतिक या धार्मिक आधार पर दोहरे मानदंडों के खिलाफ भारत पहले भी आवाज उठाता रहा है। भारत ने UN में यह रुख रखा है कि ऐसी प्रक्रिया objective होनी चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई में किसी तरह का double standard नहीं होना चाहिए। भारत ने UNSC 1267 sanctions regime के तहत आतंकवादियों की listing को लेकर भी सक्रिय भूमिका निभाई है। संसद की विदेश मामलों की समिति के अनुसार, भारत ने कई आतंकवादियों को सूचीबद्ध कराने के लिए प्रस्ताव आगे बढ़ाए हैं। UNSC में सुधार की मांग भी तेज भारत का यह बयान व्यापक UN Security Council reforms की उसकी मांग से भी जुड़ा है। नई दिल्ली लंबे समय से UNSC को ज्यादा प्रतिनिधित्व वाला, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की मांग करती रही है। भारत का तर्क है कि वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए परिषद की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना जरूरी है। आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख भारत ने दोहराया है कि आतंकवाद को किसी भी राजनीतिक, वैचारिक या अन्य आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता। नई दिल्ली का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई बिना भेदभाव और बिना राजनीतिक दबाव के होनी चाहिए। आज के बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल प्रमुख हो गया है कि UNSC की sanctions प्रक्रिया को कितना पारदर्शी बनाया जा सकता है और क्या सदस्य देश राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर आतंकवाद के खिलाफ एक समान नीति अपना पाएंगे। स्रोत: United Nations, Moneycontrol, Times of India, Indian diplomatic statements Jai Rashtra News

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कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत का बड़ा बयान! J&K को बताया ‘भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा’, पाकिस्तान ने जताई कड़ी आपत्ति

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दौरे के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति में सुधार की सराहना की और कहा कि केंद्र तथा जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा बेहतर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गोर ने जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता की भी तारीफ की और संकेत दिया कि अमेरिका क्षेत्र को लेकर अपनी मौजूदा ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा कर सकता है, ताकि अधिक अमेरिकी पर्यटक यहां आ सकें। पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाकिस्तान ने कड़ा रुख अपनाया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नताली बेकर को तलब कर विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने वाली टिप्पणी को खारिज करते हुए इसे “तथ्यात्मक रूप से गलत” बताया। इस्लामाबाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अंतिम स्थिति को लेकर उसका अपना दावा है और उसने अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी को स्वीकार करने से इनकार किया है। भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है बयान? सर्जियो गोर का बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह ऐसे समय आया है जब अमेरिका भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ संवेदनशील कूटनीतिक संबंधों को संभाल रहा है। जम्मू-कश्मीर लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख मुद्दा रहा है। हालांकि, एक राजदूत की टिप्पणी को पूरी अमेरिकी विदेश नीति में औपचारिक बदलाव मानना जल्दबाजी होगी। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में गोर के बयान और ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा की बात सामने आई है। कश्मीर में पर्यटन को लेकर भी बड़ा संकेत गोर ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में सुधार का उल्लेख करते हुए अमेरिकी यात्रा चेतावनी को कम करने की संभावना जताई। यदि भविष्य में एडवाइजरी का स्तर बदला जाता है, तो इससे जम्मू-कश्मीर में विदेशी पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद की जा सकती है। पाकिस्तान की आपत्ति से बढ़ी कूटनीतिक हलचल अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी और पाकिस्तान के विरोध ने जम्मू-कश्मीर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताया जाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इस स्थिति को स्वीकार नहीं करता। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी राजदूत ने श्रीनगर में J&K को भारत का “महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया और इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया। स्रोत: Indian Express, Hindustan Times, Reuters/BDNews24, Anadolu, Economic Times Jai Rashtra News

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इंडोनेशिया में फिर कांपी धरती, 5.7 तीव्रता के भूकंप से दहशत; कुछ दिन पहले आए 7.7 के झटकों के बाद फिर आफ्टरशॉक

जकार्ता: इंडोनेशिया में सोमवार को एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। 5.7 तीव्रता का भूकंप देश के पूर्वी हिस्से में एंडे के उत्तर-उत्तर-पश्चिम में दर्ज किया गया। यह झटका उस शक्तिशाली 7.7 तीव्रता के भूकंप के कुछ ही दिन बाद आया है, जिसने पूर्वी इंडोनेशिया में भारी तबाही मचाई थी। लगातार महसूस हो रहे हैं भूकंप के झटके 15 अगस्त को पूर्वी इंडोनेशिया में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद क्षेत्र में लगातार आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा रहे हैं। Reuters के अनुसार सोमवार तक करीब 1,600 आफ्टरशॉक्स रिकॉर्ड किए जा चुके थे, जिनमें से एक झटका 5.6 तीव्रता का भी था। ऐसे में सोमवार का 5.7 तीव्रता का नया भूकंप प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ाने वाला है। फिलहाल नई बड़ी तबाही की सूचना नहीं ताजा 5.7 तीव्रता के भूकंप के बाद तत्काल किसी नई बड़ी क्षति या अतिरिक्त मौत की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। हालांकि, पहले से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी होने के कारण प्रशासन और स्थानीय लोग अतिरिक्त झटकों को लेकर सतर्क हैं। 7.7 तीव्रता के भूकंप में भारी नुकसान 15 अगस्त को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने पूर्वी इंडोनेशिया के East Nusa Tenggara क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया था। भूकंप के कारण घरों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा, भूस्खलन हुए और कई सड़कें बाधित हो गईं। Reuters के मुताबिक, इस आपदा में कम से कम 53 लोगों की मौत और 130 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हजारों लोग अब भी राहत शिविरों में भूकंप प्रभावित इलाकों में हजारों लोग अपने घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं। कई परिवार स्कूलों, सरकारी इमारतों और अस्थायी शिविरों में शरण लिए हुए हैं। लगातार आफ्टरशॉक्स के कारण लोग क्षतिग्रस्त घरों में वापस जाने से भी डर रहे हैं। राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान और चिकित्सा सहायता पहुंचाने में जुटी हैं। भूकंप के बाद भी खतरा बरकरार इंडोनेशिया Pacific Ring of Fire पर स्थित है, जिसके कारण यहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां सामान्य हैं। मौजूदा स्थिति में लगातार आफ्टरशॉक्स ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। निष्कर्ष इंडोनेशिया में 5.7 तीव्रता का नया भूकंप ऐसे समय आया है जब देश अभी 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप से उबर रहा है। फिलहाल नए झटके से किसी बड़ी अतिरिक्त क्षति की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार आफ्टरशॉक्स के कारण प्रभावित इलाकों में दहशत और सावधानी दोनों बनी हुई हैं। Source: Reuters, The Times of India, LiveMint जय राष्ट्र न्यूज़

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तारिक रहमान की भारत यात्रा पर बांग्लादेश की शर्त, शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर ढाका का दबाव

नई दिल्ली/ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक से पहले दोनों देशों के रिश्तों में नया तनाव सामने आया है। बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा के लिए अनुकूल राजनीतिक माहौल बनाने की जरूरत बताई है और इसी संदर्भ में भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई है। ढाका ने क्या कहा? बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता AKM शाहिदुल करीम ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के अधिकारी पिछले कई सप्ताह से तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर संपर्क में हैं। हालांकि, ढाका का कहना है कि यात्रा के लिए एक “अनुकूल माहौल” तैयार किया जाना जरूरी है। बांग्लादेश ने भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण संबंधी अपने अनुरोध पर जल्द कार्रवाई करने को कहा है। इसके अलावा ढाका ने भारत में मौजूद अन्य कथित फरार आरोपियों को भी सौंपने की मांग की है। शेख हसीना का मुद्दा क्यों बना अहम? शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए बड़े राजनीतिक उथल-पुथल के बाद भारत आ गई थीं। इसके बाद बांग्लादेश की नई सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की और भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की। भारत को बांग्लादेश की ओर से प्रत्यर्पण अनुरोध मिल चुका है और भारतीय पक्ष ने कहा है कि मामले की कानूनी प्रक्रियाओं के तहत समीक्षा की जा रही है। तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा तारिक रहमान की भारत यात्रा अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच संभावित दौरे को लेकर बातचीत चल रही है और यह यात्रा भारत-बांग्लादेश संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है। इस दौरे में शेख हसीना के प्रत्यर्पण के अलावा द्विपक्षीय व्यापार, सीमा प्रबंधन और जल बंटवारे जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं। भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर असर शेख हसीना का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में सबसे संवेदनशील विषयों में से एक बन चुका है। ढाका लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि भारत इस मामले को अपनी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार देख रहा है। तारिक रहमान की संभावित यात्रा को दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन प्रत्यर्पण की मांग ने इस यात्रा को राजनयिक रूप से और संवेदनशील बना दिया है। निष्कर्ष बांग्लादेश ने तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा से पहले शेख हसीना के प्रत्यर्पण के मुद्दे को प्रमुखता से उठा दिया है। ढाका चाहता है कि नई दिल्ली उसके प्रत्यर्पण अनुरोध पर तेजी से कार्रवाई करे और यात्रा के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो। अब नजर भारत की प्रतिक्रिया और दोनों देशों के बीच आगामी राजनयिक बातचीत पर है। Source: Reuters, NDTV, Hindustan Times, Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत के स्वतंत्रता दिवस पर PoK में विरोध प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने 15 अगस्त को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया

मुजफ्फराबाद: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर (PoK/AJK) के अलग-अलग हिस्सों में भारत विरोधी प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की गईं। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने 15 अगस्त को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाते हुए भारत की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। मुजफ्फराबाद समेत कई इलाकों में प्रदर्शन स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, मुजफ्फराबाद और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के अन्य इलाकों में कश्मीरी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने भारत पर कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को कथित रूप से नकारने का आरोप लगाया। पाकिस्तान के सरकारी रेडियो ने भी बताया कि AJK और पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में भारत के स्वतंत्रता दिवस के खिलाफ रैलियां और प्रदर्शन आयोजित किए गए। क्षेत्र में पहले से जारी है राजनीतिक असंतोष यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक असंतोष का सामना कर रहा है। हाल के महीनों में चुनाव, प्रतिनिधित्व और आर्थिक मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कुछ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भी हुई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तनाव बढ़ा। हालांकि, 15 अगस्त के भारत-विरोधी प्रदर्शनों को क्षेत्र में चल रहे इन घरेलू आंदोलनों से अलग घटनाक्रम के रूप में देखना जरूरी है। भारत के स्वतंत्रता दिवस पर विरोध का ऐलान भारत के स्वतंत्रता दिवस को लेकर पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में लंबे समय से अलग राजनीतिक नजरिया रहा है। इस वर्ष भी कुछ कश्मीरी संगठनों और कार्यकर्ताओं ने 15 अगस्त को भारत के खिलाफ विरोध दिवस के रूप में मनाने का आह्वान किया। भारत में भी PoK को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज इसी दिन जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में PoK को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर 2019 में अनुच्छेद 370 में बदलाव नहीं हुआ होता, तो PoK में लोग जम्मू-कश्मीर के साथ फिर से जुड़ने को लेकर प्रदर्शन कर रहे होते। उनके बयान पर BJP ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। PoK में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव PoK में हाल के चुनावों और विरोध प्रदर्शनों के कारण पहले से सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं। कुछ क्षेत्रों में चुनावी प्रक्रिया भी सुरक्षा कारणों से प्रभावित हुई थी। ऐसे माहौल में 15 अगस्त को हुए भारत-विरोधी प्रदर्शनों ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान और कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। निष्कर्ष भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के कई हिस्सों में भारत विरोधी प्रदर्शन किए गए और कुछ संगठनों ने 15 अगस्त को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब PoK पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शनों से गुजर रहा है। Source: Dawn, Radio Pakistan, Reuters/AP संबंधित रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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न्यूयॉर्क में तिरंगे की रोशनी से जगमगाएगा Empire State Building, Times Square पर फहराया जाएगा भारतीय ध्वज

न्यूयॉर्क: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में भी देशभक्ति का रंग देखने को मिलेगा। प्रतिष्ठित Empire State Building को भारतीय तिरंगे के रंगों—केसरिया, सफेद और हरे—से रोशन किया जाएगा। इसके अलावा 15 अगस्त को Times Square पर भारतीय तिरंगा फहराया जाएगा। Empire State Building पर दिखेगा तिरंगे का रंग 14 अगस्त को होने वाले विशेष कार्यक्रम में अभिनेता अदिवि शेष Empire State Building की लाइटिंग सेरेमनी में हिस्सा लेंगे। रिपोर्ट के अनुसार वह बिल्डिंग के CEO के साथ ceremonial lever खींचकर इमारत को भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन करेंगे। यह आयोजन भारत के स्वतंत्रता दिवस के सम्मान में किया जा रहा है और न्यूयॉर्क में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए इसे गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है। Times Square पर 15 अगस्त को तिरंगा स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त को Times Square पर भारतीय ध्वज फहराने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में अदिवि शेष भी शामिल होंगे और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में हिस्सा लेने की उम्मीद है। यह आयोजन Federation of Indian Associations (FIA) से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रम सुबह 10 बजे EST के आसपास निर्धारित है। न्यूयॉर्क में तीन दिन चलेगा जश्न भारत के स्वतंत्रता दिवस को लेकर न्यूयॉर्क में समारोह सिर्फ 15 अगस्त तक सीमित नहीं रहेगा। कार्यक्रमों की श्रृंखला 14 से 16 अगस्त तक चलेगी। न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी ने 15 अगस्त को ‘India Independence Day’ माना भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी ने 15 अगस्त 2026 को ‘India Independence Day’ के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है। यह कदम अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान और भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों को रेखांकित करता है। न्यूयॉर्क राज्य की आधिकारिक विधानसभा प्रस्ताव सामग्री में भी 15 अगस्त 2026 को Indian Independence Day के रूप में मान्यता देने की बात दर्ज है। भारतीय समुदाय के लिए खास मौका न्यूयॉर्क में भारतीय स्वतंत्रता दिवस समारोह हर साल भारतीय समुदाय के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनते हैं। Times Square पर तिरंगा फहराने की परंपरा 2020 से चली आ रही है, जबकि शहर की प्रतिष्ठित इमारतों को तिरंगे के रंगों में रोशन किया जाता रहा है। इस बार भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के कारण इन कार्यक्रमों का महत्व और बढ़ गया है। निष्कर्ष भारत से हजारों किलोमीटर दूर न्यूयॉर्क में Empire State Building का तिरंगे के रंगों में जगमगाना और Times Square पर भारतीय ध्वज फहराया जाना भारतीय संस्कृति और देशभक्ति का अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन होगा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ अमेरिकी शहर में भी भारत की आजादी का जश्न देखने को मिलेगा। Source: Times of India, Bollywood Hungama, Federation of Indian Associations, New York State Assembly जय राष्ट्र न्यूज़

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होर्मुज में तनाव बढ़ा, दो ADNOC-संबद्ध जहाजों पर हमले के बाद UAE ने ईरान की निंदा की

अबू धाबी: रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि ईरान ने अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) से जुड़े दो जहाजों को निशाना बनाया। UAE के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। दो जहाजों को बनाया गया निशाना UAE के मुताबिक, दोनों जहाज 13 अगस्त की शाम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। ADNOC ने भी पुष्टि की कि उसके दो जहाजों को निशाना बनाया गया था। कंपनी के अनुसार घटना के बाद स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि जहाजों को हुए संभावित नुकसान या उनके कार्गो से जुड़ी विस्तृत जानकारी तत्काल सार्वजनिक नहीं की गई। UAE ने बताया ‘पाइरेसी’ UAE के विदेश मंत्रालय ने हमले को गंभीर बताते हुए कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य को आर्थिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करना पाइरेसी जैसा कृत्य है। अबू धाबी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सीधा खतरा पैदा करती है। UAE ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में स्वतंत्र और सुरक्षित नौवहन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। ईरान की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं रिपोर्ट के मुताबिक, UAE के आरोपों पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पहले उन जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं जिन्हें वह अपने विरोधी देशों से जुड़ा मानता है या जो उसके निर्देशों का पालन नहीं करते। कुछ ही दिनों में दूसरी घटना यह घटना ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले भी UAE ने एक अन्य ADNOC-संबद्ध जहाज को होर्मुज में निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया था। लगातार घटनाओं ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ADNOC के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद से उसके कई जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य में हमलों का सामना करना पड़ा है। होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी बड़े सैन्य या सुरक्षा संकट का असर केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति, शिपिंग लागत और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है। ताजा घटनाक्रम के बीच होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या सामान्य स्तर से नीचे बनी हुई है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है। तेल बाजार पर भी असर होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों पर भी बाजार की नजर है। शुक्रवार को Brent crude करीब 87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। अमेरिका की ओर से ईरान पर दबाव और होर्मुज में जारी तनाव ने तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। निष्कर्ष होर्मुज जलडमरूमध्य में दो ADNOC-संबद्ध जहाजों पर हमले के UAE के आरोप ने अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। UAE ने घटना को कड़ी भाषा में निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए खतरा बताया है। फिलहाल ईरान की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। Source: Reuters, Al Jazeera, ADNOC, UAE Ministry of Foreign Affairs जय राष्ट्र न्यूज़

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अमेरिका में भारतीय मूल के किशोर पर मां और भाई की हत्या का आरोप, मैसाचुसेट्स में सनसनीखेज मामला

वॉशिंगटन: अमेरिका के मैसाचुसेट्स में एक बेहद सनसनीखेज पारिवारिक हत्या का मामला सामने आया है। 17 वर्षीय भारतीय मूल के किशोर अर्जुन अरविंद पर अपनी मां और 14 वर्षीय छोटे भाई की हत्या करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों के शव परिवार के Acton स्थित घर से बरामद किए गए। आरोपी को तलाश के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। मां और भाई घर में मृत मिले मामला मैसाचुसेट्स के Acton इलाके का है। पुलिस को 11 अगस्त की शाम करीब 6:30 बजे सूचना मिली थी। आरोपी के पिता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। घर पर आने वाले एक ट्यूटर ने भी परिवार से संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पुलिस जब घर पहुंची तो 14 वर्षीय सिद्धार्थ अरविंद पहली मंजिल पर और उनकी मां 45 वर्षीय सुधा वेंकटेशन बेसमेंट में मृत मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों के शरीर पर चोट के निशान थे। आरोपी मां की कार लेकर हुआ फरार पुलिस के अनुसार, घटना के बाद अर्जुन घर से गायब था। उसकी मां की 2014 Honda Accord भी घर से गायब मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी और वाहन की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया। स्थानीय लोगों को आरोपी के करीब न जाने की सलाह दी गई थी। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दो हत्या समेत कई आरोप अधिकारियों के मुताबिक अर्जुन अरविंद पर दो हत्या के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा उस पर परिवार के सदस्य के खिलाफ हमला और मारपीट से जुड़े कई आरोप तथा वाहन को बिना अनुमति इस्तेमाल करने और वाहन चोरी से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था। इंटरनेट और ChatGPT से जुड़ी जांच भी सामने आई जांच के दौरान अभियोजकों ने कथित तौर पर कुछ ऑनलाइन सर्च और ChatGPT से जुड़ी गतिविधियों का भी उल्लेख किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने परिवार के सदस्यों की हत्या से जुड़ी काल्पनिक या सैद्धांतिक सामग्री तलाशने के लिए इंटरनेट और ChatGPT का इस्तेमाल किया था। हालांकि, इन ऑनलाइन गतिविधियों को घटना के मकसद से किस तरह जोड़ा जाता है, इसकी जांच अभी जारी है। इसलिए इन्हें आरोपी की दोषसिद्धि के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हत्या में इस्तेमाल हथियार की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कथित हमले में किस हथियार का इस्तेमाल हुआ था। अधिकारियों ने कहा है कि जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। मामले की परिस्थितियों और कथित मकसद को लेकर भी जांच एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं। भारतीय-अमेरिकी समुदाय में भी चर्चा घटना के बाद स्थानीय समुदाय में भी चिंता का माहौल है। आरोपी और मृतक परिवार मैसाचुसेट्स के Acton इलाके में रहते थे। अर्जुन स्थानीय Acton-Boxborough Regional High School का छात्र बताया गया है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें एक नाबालिग आरोपी, पारिवारिक हत्या और कथित ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े कई गंभीर पहलू सामने आए हैं। अभी जांच जारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांच के चरण में है। आरोपी पर लगाए गए आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं। पुलिस और अभियोजन पक्ष घटना से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, परिस्थितिजन्य साक्ष्य और अन्य सबूतों की जांच कर रहे हैं। निष्कर्ष अमेरिका के मैसाचुसेट्स में 17 वर्षीय भारतीय मूल के किशोर अर्जुन अरविंद पर अपनी 45 वर्षीय मां सुधा वेंकटेशन और 14 वर्षीय भाई सिद्धार्थ अरविंद की हत्या का आरोप लगा है। दोनों के शव Acton स्थित परिवार के घर से मिले थे। आरोपी को तलाश के बाद गिरफ्तार किया गया और उस पर हत्या समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में ऑनलाइन सर्च और ChatGPT के कथित इस्तेमाल को लेकर भी जांच सामने आई है, लेकिन हत्या का वास्तविक मकसद और घटना की पूरी परिस्थितियां अभी जांच का विषय हैं। Source: Middlesex District Attorney’s Office, Acton Police, PTI, NDTV, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

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अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर आमने-सामने दावे; वैश्विक बाजारों पर असर

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। 13 अगस्त 2026 को ईरान की ओर से दावा किया गया कि रणनीतिक जलमार्ग उसके नियंत्रण और प्रबंधन में है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही जलडमरूमध्य पर अमेरिका के नियंत्रण का दावा कर चुके हैं। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों ने समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने ईरान के बसीज बल के प्रमुख हुसैन ताएब ने 13 अगस्त को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण और प्रबंधन में है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की ओर से भी जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर दावा किया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए इसका महत्व बहुत ज्यादा है, इसलिए यहां किसी भी तरह का लंबा व्यवधान अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकता है। तेल और गैस आपूर्ति पर बढ़ी चिंता होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर अनिश्चितता का सीधा असर कच्चे तेल और गैस बाजार पर पड़ सकता है। इसी वजह से खाड़ी देशों के शेयर बाजारों में भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है। 13 अगस्त को शुरुआती कारोबार में Gulf markets पर अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज में व्यवधान की आशंकाओं का असर देखा गया। हालांकि, वैश्विक मांग कमजोर रहने की आशंकाओं के कारण तेल की कीमतों में तत्काल बड़ी तेजी नहीं आई और कुछ कारोबार में कीमतों में नरमी भी देखी गई। समुद्री यातायात पर भी असर होर्मुज से जुड़े सुरक्षा जोखिमों के कारण व्यावसायिक जहाजों और टैंकरों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है। समुद्री मार्ग में किसी भी सैन्य घटना या नए हमले की स्थिति में जहाजों के लिए बीमा लागत, यात्रा समय और परिवहन खर्च बढ़ सकते हैं। इसका असर केवल खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहेगा। लंबे समय तक व्यवधान रहने पर एशिया और यूरोप के ऊर्जा आयातकों पर भी दबाव बढ़ सकता है। भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज? भारत दुनिया के बड़े ऊर्जा आयातकों में शामिल है और पश्चिम एशिया भारत के ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इसलिए होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी लंबे समय के व्यवधान से कच्चे तेल की कीमत, आयात लागत और रुपये पर दबाव बढ़ने की संभावना रहती है। यदि तेल महंगा होता है तो परिवहन लागत से लेकर पेट्रोल-डीजल और अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। वैश्विक बाजारों की नजर बातचीत पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने के लिए चल रही कोशिशों में फिलहाल कोई स्पष्ट सफलता सामने नहीं आई है। Reuters के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज में व्यवधान की आशंकाओं के बीच खाड़ी के बाजारों में निवेशक सतर्क बने हुए हैं। बाजार अब इस बात पर नजर रख रहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव आगे बढ़ता है या कूटनीतिक बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण? होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्गों में से एक है। यहां किसी बड़े व्यवधान का असर सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहता, बल्कि तेल की कीमतों, शिपिंग, महंगाई और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों तक पहुंच सकता है। BIS के अनुसार, 2026 में होर्मुज यातायात में गंभीर व्यवधान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बड़ा जोखिम पैदा किया था और लंबे समय तक व्यवधान से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मुद्रास्फीति संबंधी दबाव बढ़ सकता है। आगे क्या होगा? आने वाले दिनों में तीन चीजों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी: अगर तनाव और बढ़ता है तथा समुद्री यातायात लंबे समय तक प्रभावित होता है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर काफी गंभीर हो सकता है। दूसरी ओर, अगर दोनों पक्ष बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित करते हैं तो बाजारों पर दबाव कम हो सकता है। निष्कर्ष अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों पक्षों के दावों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने 13 अगस्त को जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण का दावा किया, जबकि अमेरिका की ओर से भी नियंत्रण का दावा सामने आया है। फिलहाल दुनिया की नजर होर्मुज में जहाजों की आवाजाही, अमेरिका-ईरान संबंधों और कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी है। भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए भी यह स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। Source: Reuters, BIS और अंतरराष्ट्रीय बाजार रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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