प्रमुख खबरें

कर्नाटक MLC चुनाव में NDA का क्लीन स्वीप, BJP ने 3 और JD(S) ने 1 सीट जीती; कांग्रेस खाली हाथ

बेंगलुरु: कर्नाटक में हुए MLC चुनावों में NDA ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज कर बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की है। परिणामों में BJP ने 3 सीटें जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी JD(S) ने 1 सीट अपने नाम की। कांग्रेस इन चुनावों में एक भी सीट नहीं जीत सकी। किन सीटों पर हुआ चुनाव? यह चुनाव कर्नाटक विधान परिषद की उन सीटों के लिए हुआ था जहां अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से प्रतिनिधि चुने जाते हैं। NDA ने चारों सीटों पर संयुक्त रणनीति के साथ उम्मीदवार उतारे और नतीजों में गठबंधन को पूरा फायदा मिला। BJP ने जीतीं 3 सीटें BJP उम्मीदवारों ने तीन सीटों पर जीत हासिल की। पार्टी ने नतीजों को सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ जनमत और संगठनात्मक मजबूती का संकेत बताया है। JD(S) को मिली एक सीट NDA की सहयोगी JD(S) ने भी एक सीट जीतकर गठबंधन का क्लीन स्वीप पूरा किया। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने परिणाम को BJP-JD(S) गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश बताया। कांग्रेस को नहीं मिली एक भी सीट राज्य में सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस चारों सीटों पर जीत से दूर रही। परिणाम के बाद BJP और JD(S) नेताओं ने दावा किया कि यह नतीजा सरकार की नीतियों के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। हालांकि कांग्रेस ने MLC चुनाव परिणाम को विधानसभा चुनाव का सीधा संकेत मानने से इनकार किया है। कुमारस्वामी बोले—2028 के लिए जनादेश एचडी कुमारस्वामी ने जीत के बाद कहा कि यह परिणाम 2028 के विधानसभा चुनाव की दिशा का संकेत है। उन्होंने BJP और JD(S) कार्यकर्ताओं को जीत का श्रेय दिया और गठबंधन की रणनीति को सफल बताया। NDA के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह जीत? कर्नाटक में BJP और JD(S) का गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद भी राज्य की राजनीति में साथ काम कर रहा है। MLC चुनावों में 4-0 की जीत से दोनों दलों को विधानसभा से बाहर भी राजनीतिक और संगठनात्मक बढ़त मिली है। कांग्रेस के लिए बढ़ा राजनीतिक दबाव नतीजों के बाद कांग्रेस पर अपनी चुनावी रणनीति और उम्मीदवार चयन की समीक्षा का दबाव बढ़ सकता है। विपक्ष इस परिणाम को सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ संदेश के रूप में पेश कर रहा है, जबकि आने वाले चुनावों से पहले गठबंधन राजनीति और तेज होने की संभावना है। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »