Stone Pelting in Guna During Hanuman Jayanti

Guna MP stone pelting: एमपी के गुना में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव के बाद हुआ बवाल, बुलडोजर चलाने की मांग

धार्मिक आयोजन के दौरान हुए पत्थराव के बाद सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हनुमान चौराहे पर हिंदू समुदाय के लोगों ने जमा होकर धरना प्रदर्शन किया और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की (Guna MP stone pelting) मांग की है। इसके साथ ही चौराहे से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च भी निकाला। फ़िलहाल हालात को संभालने के लिए पुलिस के जवान तैनात किए गए। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कर्नलगंज में फ्लैग मार्च भी निलाका। इस दरम्यान पुलिस ने न सिर्फ लोगों को अपने-अपने घरों में रहने की अपील की है बल्कि बाहरी लोगों के कर्नलगंज में एंट्री पर रोक भी लगा दी है। तो वहीं इस पूरे मामले पर “गुना एसपी संजीव कुमार का कहना है कि “स्थिति नियंत्रण में है। मैं खुद कर्नलगंज में कलेक्टर के साथ निकाला हूं। जिन लोगों ने भी यहां घुसने का प्रयास किया है उनका सीसीटीवी के जरिए पहचाना जा रहा है। और उनकी खोज भी की जा रही है। अब तक इस मामले में 17 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी।” हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद हिंदू संगठनों में है भारी आक्रोश  बता दें कि गुना शहर के कर्नलगंज क्षेत्र में हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है। सोमवार को गुना के हनुमान चौराहे पर विभिन्न संगठनों के हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने पथराव के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ अज्ञात लोग आक्रोशित होकर कर्नलगंज इलाके की ओर रवाना हो गए। हालांकि इन्हें हाट रोड पर पुलिस ने रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर दूसरे रास्ते से कर्नलगंज इलाके की तरफ बढ़ गए। इस बीच प्रधान डाकघर के सामने स्थित एक गली में कुछ घरों के अंदर तोडफ़ोड़ की भी बात सामने आई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने घरों के दरवाजों पर डंडे बरसाए, कुछ मोटरसाइकिलों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। मामला बिगड़ता देख गुना एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने मोर्चा संभाला और पुलिस बल के साथ खुद मौके पर जा पहुंचे। इस दरम्यान हंगामा कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लाठीचार्ज भी करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद हंगामा कर रहे उपद्रवी मौके से भाग निकले। खैर, इस दौरान हनुमान चौराहे पर संगठनों की ओर से लगातार नारेबाजी की जाती रही। हैरत की बात यह कि पुलिस को भी समझ नहीं आ रहा है कि कितने संगठन विरोध जता रहे हैं और कौन हंगामा कर रहा है? इस अनियंत्रित भीड़ को काबू करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।  इसे भी पढ़ें:– राजस्थान के इस जिले में बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं लोग, 800 घरों में नहीं है पीने का पानी  हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद शुरू हुई राजनीति  इस बीच  गुना में हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव (Guna MP stone pelting) के बाद जमकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने तो पुलिस की भूमिका पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अब्बास हफ़ीज़ का कहना है कि “पुलिस ने एकतरफा एक्शन लिया है।” यही नहीं, जिले के एसपी का वीडियो भी जारी जारी किया है। जिसमें एसपी ने ये कबूला कि “जुलूस गलत रूट पर निकल। CCTV में पत्थरबाजी नहीं दिखी। जिस रूट पर जुलूस निकला उसकी अनुमति नहीं ली गई, मस्जिद के सामने जानबूझकर नारे लगाए गया। अब कांग्रेस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई की मां की है। उनका कहना है कि “पक्षपात कौन कर रहा है, एसपी का पहला बयान सही है या बाद की कार्रवाई सही है, जवाब मिलना चाहिए।” भाजपा प्रवक्ता मिलन भार्गव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि “जब महू में घटना हुई थी तब भी कांग्रेस ने रास्ते पर सवाल उठाए थे। अब फिर कांग्रेस प्रवक्ता कह रहे हैं कि गलत रास्ते से जुलूस निकाला गया। भारत में आदमी क्या जय श्री राम नहीं बोल सकता?” कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “कांग्रेस का चरित्र है दूसरा पाकिस्तान बनाना। कांग्रेस देश को बंटवारे के रास्ते पर ले जा रही है। हिंदुओं की यात्रा निकलती हैं, तो तकलीफ किसे हो रही है देख सकते हैं।”   Latest News in Hindi Today Hindi news Guna MP stone pelting #GunaNews #HanumanJayanti #StonePelting #MPNews #BulldozerAction #ReligiousProcession #GunaViolence #MadhyaPradesh #HinduFestival #BreakingNews

आगे और पढ़ें
Drinking water problem

Rajasthan water crisis: राजस्थान के इस जिले में बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं लोग, 800 घरों में नहीं है पीने का पानी 

राजस्थान अपनी गर्मी के लिए मशहूर है। यहाँ की तपती गर्मी के झेल पाना सबके बस की बात नहीं। गर्मी का मौसम आते ही यहाँ पीने की पानी समस्या होना आम है। हर साल यहाँ पानी की किल्ल्त देखी जाती है। ऐसा ही एक मामला है, राजस्थान के सीकर जिले स्थित सबलपुरा गांव का, जहाँ पानी की समस्या खड़ी (Rajasthan water crisis) हो गई है। पानी कमी से गुस्साएं गाँव वालों का कहना है कि पिछले कई दिनों से जल आपूर्ति विभाग की ओर से बनाई गई पानी की टंकी से एक बूंद भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इस वजह से लगभग 800 घरों में पीने के पानी का संकट बना हुआ है। पानी का संकट गहराता देख स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लगातार जिला कलेक्टर आवास, जलदाय विभाग और स्थानीय प्रशासन के पास अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। यहां तक कि प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। परंतु अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। इस बीच ग्रामीणों ने जलदाय विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया।   पैसे खर्च कर मंगवाने पड़ (Rajasthan water crisis) रहे हैं प्राइवेट पानी के टैंकर पानी की कमी का आलम यह है कि सबलपुरा के ग्रामीणों को मजबूरन पैसे खर्च कर प्राइवेट पानी के टैंकर मंगवाने पड़ (Rajasthan water crisis) रहे हैं। हालांकि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जलदाय विभाग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। सबलपुरा के उप-सरपंच गजेंद्र सिंह ने बताया कि “गांव में करीब एक सप्ताह से पेयजल की समस्या बनी हुई है। दरअसल, पहले सबलपुरा ग्राम पंचायत में आता था। परिसीमन के बाद इसे सीकर नगर पालिका क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। लगभग 30 साल पहले विधायक कोटे से गांव में एक ट्यूबवेल का निर्माण करवाया गया था। इसी ट्यूबवेल से पानी की टंकी में सप्लाई होती है। अब यह ट्यूबवेल काफी पुराना हो चुका है और उसकी मोटर भी बार-बार खराब हो रही है।  इसे भी पढ़ें:–  रेखा गुप्ता रबर स्टांप CM…’,अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री पति के बैठक पर AAP का हमला, भाजपा का जबरदस्त पलटवार 181 पर कई बार शिकायत दर्ज करवाई और स्थानीय प्रशासन को भी (Rajasthan water crisis) करवाया अवगत  ग्रामीणों का कहना है कि “जलदाय विभाग की टंकी से आधे गांव में ही पानी पहुंचता है और वह भी कुछ ही मिनटों की सप्लाई में सीमित होता है, जिससे जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। जब इस समस्या की शिकायत विधायक से की गई, तो उन्होंने सिर्फ आश्वासन दिया। अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। जलदाय विभाग के अधिकारियों ने दूसरे ट्यूबवेल के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही है, लेकिन उसमें भी समय लगेगा।” इस बीच ग्रामीणों ने यह भी कहा कि “उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायत दर्ज करवाई और स्थानीय प्रशासन को भी अवगत (Rajasthan water crisis) करवाया। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस गंभीर समस्या को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।   Latest News in Hindi Today Hindi news  Rajasthan water crisis #RajasthanWaterCrisis #WaterShortage #DrinkingWaterCrisis #NoWater #WaterScarcity #SaveWater #RuralCrisis #IndiaWaterIssue #DroughtAlert #WaterCrisisNews

आगे और पढ़ें
Navkar Mantra

नवकार मंत्र: आत्मशुद्धि और मोक्ष का दिव्य पथ 

भारत की प्राचीन धार्मिक परंपराओं में जैन धर्म का विशेष स्थान है। इस धर्म में नवकार मंत्र (Navkar Mantra) को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। नवकार मंत्र न केवल एक प्रार्थना है, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की ओर अग्रसर होने का मार्ग भी है। इसे “पंच परमेष्ठी” की आराधना कहा जाता है, जिसमें पांच महान आत्माओं को वंदना की जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या है नवकार मंत्र, इसका महत्व और इसे जपने से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें। क्या है नवकार मंत्र? नवकार मंत्र (Navkar Mantra) जैन धर्म (Jain Dharma) का सबसे प्राचीन और पवित्र मंत्र है। नवकार महामंत्र जैन धर्म से गहराई से जुड़ा हुआ है। सरल शब्दों में कहें तो जैन धर्म (Jain Dharma) के अनुयायी इस पवित्र मंत्र का जप सामूहिक रूप से करते हैं। इस मंत्र का उच्चारण विशेष ध्यान और एकाग्रता के साथ किया जाता है। नवकार महामंत्र को ‘नमस्कार मंगल’ या ‘परमेष्ठी मंत्र’ के नाम से भी जाना जाता है। यह मंत्र जैन धर्म के संतों—जैसे साधु-साध्वी और मुनियों—की वंदना स्वरूप होता है और उनके प्रति गहन श्रद्धा को प्रकट करता है। नवकार मंत्र का अर्थ और भाव इस मंत्र का अर्थ केवल वंदना करना नहीं है, बल्कि यह आत्मा की ऊँचाई तक पहुँचने की प्रेरणा देता है। नवकार मंत्र हमें बताता है कि जीवन में सच्चा आदर्श क्या है और किसे अपना गुरु मानना चाहिए। यह मंत्र यह भी सिखाता है कि किसी धर्म विशेष के प्रति भक्ति से अधिक महत्वपूर्ण है आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति। इसे भी पढ़ें:- बजरंगबली की कृपा चाहिए तो लगाएं ये भोग, हर परेशानी होगी दूर नवकार मंत्र कितनी बार जपें? जैन धर्म विशेषज्ञों के अनुसार, नवकार महामंत्र (Navkar Mantra) का जाप विषम और सम—दोनों प्रकार की गिनती में किया जा सकता है। साधक अपनी सुविधा और साधना के स्तर के अनुसार 1 से 25 बार तक इसका जप कर सकते हैं। हालांकि, इस मंत्र का जप करते समय मन की एकाग्रता अत्यंत आवश्यक मानी जाती है। इसलिए, जप से पहले ध्यान की मुद्रा में बैठकर मन को शांत करना और फिर मंत्र का उच्चारण करना चाहिए, जिससे इसका पूर्ण प्रभाव प्राप्त हो सके। नवकार मंत्र का ऐतिहासिक महत्व इतिहास में नवकार महामंत्र (Navkar Mantra) का उल्लेख कई प्राचीन शिलालेखों में मिलता है। शुरुआती शिलालेखों में ‘नमो अरहंताणं’ और ‘नमो सवे सिद्धाणं’ जैसे अंश मिलते हैं, जबकि समय के साथ शिलालेखों में पूरे नवकार मंत्र का उल्लेख मिलने लगा। यह मंत्र जैन धर्म का अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली स्तोत्र है, जिसे व्यक्ति अकेले या समूह में सामूहिक रूप से भी जप सकते हैं। नवकार मंत्र को ‘सिद्धिकारक मंत्र’ माना जाता है, यानी यह मंत्र न केवल आत्मिक शुद्धि करता है, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के कल्याण की भावना से जुड़ा हुआ है। Latest News in Hindi Today Hindi News  Navkar Mantra #NavkarMantra #JainMantra #SpiritualPath #Moksha #SelfPurification #MantraChanting #PeaceMantra #DivineWisdom #Jainism #SacredChant

आगे और पढ़ें
Dr. Ambedkar untold facts

10 Untold Facts About Dr. Ambedkar: अंबेडकर जयंती पर जानें डॉ बाबा साहब से जुड़ी 10 अनसुनी बातें

आज डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उन्हें याद करते हुए ट्वीट किया है। बाबा साहेब को संविधान का निर्माता भी कहा जाता है, इन्हीं की अगुवाई में ही दुनिया के सबसे बड़े संविधान की रचना की गई थी। बाबा साहेब का जन्म मध्य प्रदेश के महू जिले में 14 अप्रैल 1891 में हुआ था। डॉ भीम राव अंबेडकर का असली सरनेम अंबडेकर नहीं था, उनका असली सरनेम सकपाल था। उनका ये नाम उनके पिता ने स्कूल में लिखवाया था, फिर उनके एक शिक्षक ने उन्हें अपना सरनेम अंबेडकर दे दिया था। उस दौर में अंबेडकर सबसे पढ़े-लिखे व्यक्तियों में से एक थे, उन्होंने जीवनभर छुआछूत और गरीबी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखी। आइए आज उनकी 135वीं जयंती पर जानते हैं उनके से जीवन से जुड़ी 10 अनकही 10 Untold Facts About Dr. Ambedkar बातें।  इसे भी पढ़ें: – जानिए प्रोटीन के उन 6 बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्सस के बारे में, जो बना सकते हैं आपको हेल्दी बाबा साहेब के से जीवन से जुड़ी 10 अनकही (10 Untold Facts About Dr. Ambedkar) बातें  Latest News in Hindi Today Hindi 10 Untold Facts About Dr. Ambedkar #AmbedkarJayanti2025 #DrAmbedkarFacts #BabasahebAmbedkar #AmbedkarLegacy #AmbedkarThoughts #SocialJustice #IndianConstitution #DalitIcon #UntoldFacts #AmbedkarInspiration

आगे और पढ़ें
Mumbai Indians vs Delhi Capitals

Mumbai Indians vs Delhi Capitals: मुंबई इंडियंस ने दिल्ली कैपिटल्स को दी 12 रनों से मात 

बीतते समय के साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का रोमांच बढ़ता ही जा रहा है। इसके रोमांच का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि हर फैंस को एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबला देखने मिल रहा है। आईपीएल 2025 में रविवार 13 अप्रैल को दो मुकाबले खेले गए। जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस ने जीत कर की। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने राजस्थान रॉयल्स को 9 विकेट से हराया। वहीं मुंबई ने रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 12 रनों से शिकस्त दी। बीते रविवार यानी 13 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians vs Delhi) Capitalsके बीच एक रोमांचक मुकाबले देखने मिला। इस मैच में  पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने दिल्ली कैपिटल्स को 12 रन से मात दे दी। गौर करने वाली बात यह कि दिल्ली की यह इस सीजन की पहली हार है। बड़ी बात यह कि लगातार दो मैच हारने के लिए बाद आखिरकार मुंबई ने अपने विजयी अभियान की शुरुआत एक बार फिर कर ली।  मुंबई इंडियंस के खिलाफ (Mumbai Indians vs Delhi) टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का किया फैसला  दरअसल, दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ (Mumbai Indians vs Delhi) टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया । पहले बल्लेबाजी करने उत्तरी मुंबई इंडियंस की टीम ने अच्छी कमाल की बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 205 रन बनाए। मुंबई की तरफ से तिलक वर्मा ने सर्वाधिक 59 रन बनाए। इसके अलावा रेयान रिकेल्टन ने 41 रन, सूर्यकुमार यादव ने 40 तो वहीं नमन धीर ने 38 रनों की पारी खेली। बता दें कि दिल्ली कैपिटल्स के लिए कुलदीप यादव और विप्रज निगम ने दो-दो विकेट चटकाए तो मुकेश कुमार को विकेट झटकने में सफलता मिली। दिल्ली कैपिटल्स की टीम 193 रन पर ही ऑल आउट (Mumbai Indians vs Delhi) हो गई 206 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम 193 रन पर ही ऑल आउट (Mumbai Indians vs Delhi) हो गई। दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से करुण नायर ने शानदार 89 रन की पारी खेली। और करुण नायर ने बाद अभिषेक पोरेल ने 33 रन बनाए। इन दो बल्लेबाजों के अलावा दिल्ली कैपिटल्स का भी बल्लेबाज टिक नहीं पाया। मुंबई की तरफ कर्ण शर्मा ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए। मिचेल सेंटनर को दो विकेट मिले। दीपक चाहर और जसप्रीत बुमराह ने एक-ेएक विकेट झटके। मजेदार बात यह कि मैच के बाद दोनों टीमों के कप्तानों यानी हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें हार्दिक दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल को किस करते हुए नजर आ रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त दिल्ली कैपिटल्स आसानी से मैच को अपने नाम कर (Mumbai Indians vs Delhi) सकती थी एक समय ऐसा लग रहा था कि दिल्ली कैपिटल्स आसानी से इस मैच को अपने नाम कर (Mumbai Indians vs Delhi) लेगी। लेकिन अंत में उन्हें 12 रन से मैच गंवाना पड़ा। कहने की जरूरत नहीं, मुंबई इंडियंस से मिली 12 रनों से हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल काफी निराश दिखे। अक्षर ने कहा कि “हमारे मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने बेहद खराब खेल का प्रदर्शन किया।” 205 रन के टारगेट को लेकर अक्षर पटेल ने कहा कि “उन्हें लगा कि 205 रन का लक्ष्य शानदार था क्योंकि यह अच्छी पिच थी और ओस भी आ रही थी। उन्होंने फील्डिंग में कुछ गलतियां की। अगर कैच नहीं छूटते तो टारगेट और कम रहता। इंपैक्ट सब के रूप में करुण नायर ने शानदार खेला दिखाया।” Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025  Mumbai Indians vs Delhi #mumbaiindians #delhicapitals #ipl2025 #mivsdc #cricketnews #iplhighlights #t20match #mivictory #iplthriller #indiansports

आगे और पढ़ें
how to handle wife’s affair

How to handle wife’s affair: वाइफ के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होने पर क्रोधित न हों, आजमाएं इन पांच तरीकों को 

किसी भी शादीशुदा जिंदगी में सबसे जरूरी है, ‘आपसी विश्वास’। दुनिया का कोई भी रिश्ता विश्वास और एक दूसरे के सम्मान पर ही टिका हुआ है। जब तक विश्वास है, तब तक रिश्ता बना रहता है। विश्वास के डगमगाते ही रिश्ता भी डगमगा जाता है। कभी-कभी शक के चलते हालात इस कदर बन जाते हैं कि प्रगाढ़ से प्रगाढ़ रिश्तों में भी दरार आ जाती है। वैसे भी कौन किसे कब धोखा दे, कहा नहीं जा सकता। कहीं पति, पत्नी से दगाबाजी कर बैठता है तो कहीं पत्नी पति से। एक तरह से देखा जाए तो दोनों धोखा देने के मामले में एक-दूसरे से कम (how to handle wife’s affair) नहीं हैं। हालाँकि पहले मर्दों के ही अफेयर होते थे, अब औरतों के भी अफेयर होने लगे हैं। पहले वासना लोगों के बस में हुआ करती थी, अब लोग वासना के बस में हैं। बस बात इतनी सी है।  हो रही मौतों और दगाबाजी का एकमत्र वजह है विवाहोत्तर (how to handle wife’s affair) संबंध खैर, वर्तमान हालात पर नजर डालें तो कोई एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन के चक्कर में अपने लवर के साथ मिलकर अपनी पत्नी को तो कहीं कोई अपने पति को ही  ठिकाने लगा दे रहा है। हो रही मौतों और दगाबाजी का एकमत्र वजह है विवाहोत्तर (how to handle wife’s affair) संबंध। यह एक बड़ी गंभीर समस्या है, जिससे आज का युवा पीड़ित है। एक दूसरे पर शक करने की बीमारी ने सात जन्मों के पवित्र रिश्तों को खोखला कर दिया है। ऐसे में मान लो यदि आपकी अपनी वाइफ का दिल किसी और पर आ जाये या फिर वो किसी और के प्रेम में पड़ जाए तो? कहने की जरूरत नहीं, यह भी पति के लिए मुश्किल भरा क्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में आगबबूला होने के बजाय समझदारी से काम लें। यहाँ हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप आसानी से इस तरह की सिचुएशन को टैकल कर सकते हैं। यदि आपको अपनी पत्नी के एक्स्ट्रा मैरिटल के बारे में पता चलता हैं, तो इन पांच तरीकों को आजमाएं।  शांत होकर और खुले मन से करें (how to handle wife’s affair) बात  कहने की जरूरत नहीं, दुनिया का कोई भी पति नहीं चाहेगा कि उसकी अपनी पत्नी का किसी और के साथ अफेयर हो। यह किसी भी पति के लिए नाकाबिले बर्दाश्त है। ऐसे में गुस्से में आकर पत्नी पर अनावश्यक लांछन लगाने अथवा कुछ भी कहने से बचें। सबसे पहले न सिर्फ शांत मन से बात को समझने की कोशिश करें बल्कि पत्नी की भावनाओं को भी समझें। धैर्यपूर्वक उनकी बातों (how to handle wife’s affair) को सुनें और मामले को हर संभव सुलझाने की कोशिश करें। पत्नी को ऐसा न करने की हिदायत दें। यदि परिवार है, तो उन्हें परिवार की जिम्मेदारी का अहसास कराएं। और किसी भी तरह का कदम उठाने से पहले उन्हें गहन विचार-विमर्श करने की सलाह दें।  रिश्तों के महत्व  को (how to handle wife’s affair) समझाएं  आपको चाहिए कि आप अपने अनमोल पलों का उन्हें अहसास (how to handle wife’s affair) कराएं। अपने रिश्तों की गहराई और प्रेम को समझाएं। एक दूसरे के साथ साझा किए गए लम्हों की उनसे चर्चा करें, ताकि उन्हें रिश्तों के महत्व का अहसास हो सके। निश्चित यह उन्हें सोचने पर मजबूर करेगा कि क्या नया अट्रैक्शन उनके पुराने रिश्ते की गहराई से ज्यादा कीमती है।  पत्नी की भावनाओं का सम्मान करें  अपनी पत्नी के इमोशंस को अनदेखा करने या उनका मजाक उड़ाने से बचें। हो सकता है, उनके जज्बात सच्चे हों, वो बात और है कि ये आपके लिए दुखदायी हो। उनकी भावनाओं की कदर करें और उसे स्वीकारने की कोशिश करें। उन्हें अपनी पीड़ा का अहसास कराएं। उन्हें यह समझाएं कि उनका यह कृत्य किस तरह उन्हें भीतर ही भीतर खाये जा रहा है। बेशक आपका ये नजरिया रिश्तों को मधुर बना (how to handle wife’s affair) सकता है।  इग्नोर करने से रिश्तों में आ जाती है कड़वाहट  कभी-कभी वाइफ को इग्नोर करने से रिश्तों में कड़वाहट आ (how to handle wife’s affair) जाती है। पति को चाहिए कि वो खुद आगे बढ़कर रिश्ते को सुधारने की पहल करे। मसलन, एक साथ क्वालिटी टाइम बिताना, छोटी-छोटी खुशियां शेयर करना अथवा उनकी पसंद-नापसंद का ख्याल रखना। इससे उनकी नजर में आपकी छवि अपने रिश्तों को बनाये रहने वाले के रूप में होगी। दरअसल,  ये दर्शाएगा कि आप रिश्ते को बचाने के लिए कितने गंभीर हैं।  इसे भी पढ़ें: Health issues in summer: गर्मी में होने वाली 5 सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे सुरक्षित रहने के टिप्स समझदार इंसान से (how to handle wife’s affair) सलाह लें  यदि बातचीत से हालात सुधरते न दिखें, तो कपल काउंसलिंग या मैरिज थेरपी का सहारा लें। एक निष्पक्ष व्यक्ति भी दोनों पक्षों की बात सुनकर रिश्ते को मजबूत करने के तरीके सुझा सकता है। यह कदम रिश्ते को टूटने से बचा (how to handle wife’s affair) सकता है। यदि आपके परिवार में कोई समझदार इंसान हो तो नकी मदद लेना भी एक समझदारी से भरा कदम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi how to handle wife’s affair RelationshipAdvice #MarriageCounseling #ExtramaritalAffair #EmotionalHealing #MentalPeace # MarriageCrisis #HandleAffairWisely #SelfGrowth #TrustIssues #CalmInChaos

आगे और पढ़ें
Surya Gochar 2025

सूर्य गोचर 2025: 14 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करते ही चमकेंगी इन 3 राशियों की किस्मत 

साल 2025 में 14 अप्रैल को सूर्य देवता अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस खगोलीय घटना को ज्योतिष शास्त्र में “सूर्य गोचर” (Surya Gochar) कहा जाता है, जिसका सीधा प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। लेकिन इस बार सूर्य के राशि परिवर्तन से विशेष रूप से तीन राशियों के लिए समय बहुत ही शुभ रहने वाला है। इन जातकों के लिए आने वाला समय तरक्की, सफलता और समृद्धि से भरपूर रहेगा। सूर्य का राशि परिवर्तन – एक विशेष घटना ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य हर माह एक राशि से दूसरी में प्रवेश करते हैं, लेकिन जब वे अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव और महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस साल सूर्य का यह विशेष गोचर 14 अप्रैल 2025 को होगा। सूर्य देव का मेष राशि में प्रवेश न केवल व्यक्ति के जीवन में, बल्कि राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आता है। सूर्य की मेष राशि में उच्चता का क्या है महत्व? मेष राशि सूर्य की उच्च राशि मानी जाती है। जब सूर्य मेष में आते हैं, तो उनका तेज, ऊर्जा और प्रभाव सबसे अधिक होता है। यह समय आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय शक्ति और मान-सम्मान में वृद्धि के लिए आदर्श माना जाता है। विशेष रूप से उन लोगों को लाभ होता है जो प्रशासन, राजनीति, सरकारी सेवा, व्यापार या नेतृत्व से जुड़े क्षेत्र में कार्यरत हैं। इन 3 राशियों (Zodiac Signs) के लिए शुरू हो रहे हैं सुनहरे दिन: मेष राशि14 अप्रैल को सूर्य (Surya Gochar) के मेष राशि में उच्च स्थिति में प्रवेश से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। यह गोचर आपकी बौद्धिक क्षमता को निखारेगा और समाज व परिवार में आपके विचारों को सराहा जाएगा। करियर से जुड़ी अड़चनें दूर होंगी और आप काम में पहले से अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे। इस दौरान आप अपने सभी कार्य समय से पहले पूरे कर पाएंगे। साथ ही, कार्य संबंधी यात्राएं होंगी जो लाभदायक सिद्ध होंगी। इसे भी पढ़ें:- बजरंगबली की कृपा चाहिए तो लगाएं ये भोग, हर परेशानी होगी दूर कर्क राशिसूर्य (Surya) जब आपके दशम भाव में उच्च स्थिति में आएंगे, तब यह समय आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा। इस भाव में सूर्य का होना दिग्बली माना जाता है, जिससे करियर में उन्नति के योग बनते हैं। अप्रैल से मई के मध्य तक आपको नई नौकरी या प्रमोशन मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में भी सौहार्द और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। पिताजी या किसी बुजुर्ग की सलाह आपके लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकती है। आर्थिक समस्याओं से राहत मिलेगी और आप परिवार तथा प्रोफेशनल ज़िंदगी में एक कुशल नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभाएंगे। धनु राशिसूर्य (Surya Gochar) जब आपके पंचम भाव में प्रवेश करेंगे, तो यह शिक्षा, प्रेम और रचनात्मकता के क्षेत्रों में प्रगति का संकेत देगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिल सकती है। स्कूल या कॉलेज के छात्र अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान आकर्षित करेंगे। यह समय प्रेम जीवन के लिए भी अनुकूल है—आप अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं। आपकी बातों में सच्चाई और गहराई होगी, जिससे लोग आप पर भरोसा करेंगे। सामाजिक पहचान बढ़ेगी, और अगर आप लेखन, संगीत या कला क्षेत्र से जुड़े हैं तो आपकी कोई रचना लोगों के बीच प्रसिद्ध हो सकती है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Surya Gochar #SuryaGochar2025 #SunTransit2025 #AriesTransit #LuckyZodiacSigns #Astrology2025 #Horoscope2025 #April14SuryaGochar #SunInAries #ZodiacLuck #AstroUpdate

आगे और पढ़ें
Samsung Glasses-Free 3D OLED Monitors

सैमसंग का ग्लासेज-फ्री 3D OLED मॉनिटर, जानिए इसके फीचर और प्राइस?

सैमसंग (Samsung) एक ऐसी लोकप्रिय कंपनी है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, और अन्य उत्पादों का निर्माण करती है। क्या आप जानते हैं कि सैमसंग फोर्ब्स ग्लोबल 2000 लिस्ट में शामिल है, जो दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे सफल कंपनियों की लिस्ट है? यह कंपनी अपने स्मार्टफोन्स और टेलीविजन और अन्य घरेलू उत्पादों आदि के लिए भी जानी जाती है। सैमसंग (Samsung) भी अन्य कंपनियों की तरह ही अपने नए उत्पादों को लांच करती रहती है। अभी सैमसंग (Samsung) ने इंडिया में अपने ओडिसी सीरीज (Odyssey series) के तहत दुनिया के पहले ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स लॉन्च किए हैं। यह नए गेमिंग मॉनिटर्स 4K 240Hz गेमिंग को सपोर्ट करते हैं और इससे गेमिंग का एक्सपीरियंस और भी बेहतर हो सकता है। आइए जानें सैमसंग ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स (Samsung Glasses-Free 3D OLED Monitors) के बारे में। सैमसंग ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स (Samsung Glasses-Free 3D OLED Monitors) : पाएं जानकारी सैमसंग (Samsung) ने इंडिया में अपने ओडिसी सीरीज (Odyssey series) के तहत दुनिया के पहले ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स लॉन्च किए हैं, जिसमें सैमसंग ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स (Samsung Glasses-Free 3D OLED Monitors) शामिल हैं। इसके नए मॉडल्स में ओडिसी 3D (G90XF), ओडिसी ओएलईडी G8 (G81SF), और ओडिसी G9 (G91F) शामिल हैं। आइए जानें इनके बारे में: ओडिसी 3D (G90XF) यह मॉनिटर ओडिसी सीरीज (Odyssey series) के तहत सैमसंग (Samsung) मॉनिटर आई ट्रैकिंग और व्यू मैपिंग टेक्निक का इस्तेमाल करके वास्तविक टाइम में 3D विज़ुअल प्रदान करता है। इसमें एआई-पावर्ड वीडियो कन्वर्शन है जिससे 2D कंटेंट को 3D कंटेंट में चेंज किया जा सकता है और इस मॉनिटर को आप केवल  ₹1,27,299 में खरीद सकते हैं। इसके फीचर्स इस प्रकार हैं: ओडिसी ओएलईडी G8 (G81SF) यह दुनिया का पहला 4K ओएलईडी है जो 240Hz का है। यह मॉनिटर 27-इंच और 32-इंच वेरिएंट में आपको मिल जाएगा। जिनकी कीमत  ₹91,299 (27-इंच) और ₹1,18,999 (32-इंच) है। इनके मुख्य फीचर्स इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: WhatsApp का नया अपडेट: वॉयस और वीडियो कॉलिंग का एक्सप्रियंस अब पहले से होगा और बेहतर ओडिसी G9 (G91F) यह सैमसंग (Samsung) मॉनिटर 49-इंच अल्ट्रा-वाइड कर्व्ड स्क्रीन और डुअल QHD रिज़ॉल्यूशन के साथ आपको मिलेगा। इसकी कीमत ₹94,099 है। इस मॉनिटर के फीचर्स इस प्रकार हैं:  यह तो थी सैमसंग ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स (Samsung Glasses-Free 3D OLED Monitors) के बारे में जानकारी। यह मॉनिटर सैमसंग (Samsung) की आधिकारिक वेबसाइट, प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, और ऑफलाइन रिटेलर्स पर उपलब्ध है। यही नहीं अगर आप इन्हें खरीदना चाहते हैं, तो आपको इन पर ₹10,000 तक का डिस्काउंट मिल जाएगा, लेकिन इस ऑफर सिर्फ सीमित समय के लिए है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Odyssey series #3DOLEDMonitors #Odysseyseries #Samsung #SamsungGlasses-Free3DOLEDMonitors

आगे और पढ़ें
Remedies to Remove Shani Effects

हनुमान जन्मोत्सव 2025: हनुमान जयंती पर जरूर करें ये उपाय, ढैय्या-साढ़ेसाती का असर होगा दूर

आज देशभर में आस्था और श्रद्धा के साथ हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav) मनाया जा रहा है।  इस वर्ष यह पर्व शनिवार को पड़ रहा है, जो और भी अधिक शुभ माना गया है क्योंकि शनिवार और हनुमान जी का विशेष संबंध है। माना जाता है कि शनिवार के दिन हनुमान जी (Hanuman Ji) की उपासना करने से शनि से संबंधित समस्त दोष जैसे साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि पीड़ा से राहत मिलती है। इस दिन भक्त विशेष उपाय और पूजा-अर्चना करके बजरंगबली की विशेष कृपा पा सकते हैं। हनुमान जन्मोत्सव का महत्व हनुमान जी (Hanuman Ji)को संकटमोचन कहा गया है, जो अपने भक्तों की हर पीड़ा को हर लेते हैं। वे रामभक्त, बल-बुद्धि और ज्ञान के प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र माह की पूर्णिमा को हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करते हैं। मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई जाती हैं और हनुमान जी को उनका प्रिय भोग अर्पित किया जाता है। शनिवार और हनुमान जी का विशेष संबंध धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि हनुमान जी (Hanuman Ji) के सच्चे भक्तों पर शनि देव अपनी कड़ी दृष्टि नहीं डालते। इसी कारण शनि से जुड़े दोषों और कष्टों को दूर करने के लिए हनुमान जी की पूजा को सबसे प्रभावी माना जाता है। इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव शनिवार के दिन आ रहा है, जो एक शुभ और दुर्लभ योग है। ऐसे में यदि आप इस विशेष दिन पर कुछ खास उपाय अपनाते हैं, तो न केवल जीवन की कई समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है, बल्कि शनि की दशा, महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या जैसे कष्टों का प्रभाव भी कम हो सकता है। इस दिन अवश्य करें ये उपाय इसे भी पढ़ें:- बजरंगबली की कृपा चाहिए तो लगाएं ये भोग, हर परेशानी होगी दूर विशेष भोग: जो बनेंगे कृपा का माध्यम हनुमान जी (Hanuman Ji) को प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय भोग जैसे बेसन के लड्डू, बूंदी, इमरती, गुड़-चना, केला और खीर अर्पित करें। यह मान्यता है कि इन वस्तुओं का भोग लगाने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन से संकट दूर हो जाते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Hanuman Janmotsav #HanumanJayanti2025 #HanumanJanmotsav #ShaniDosh #SadeSatiRemedy #HanumanRemedies #SpiritualTips #DhaiyyaRelief #HanumanPuja #RemoveNegativity #ShaniRemedies

आगे और पढ़ें
MP Court Gives Death Sentence in 6-Year-Old Rape Case

6-year-old rape and murder: एमपी में 6 साल की मासूम से रेप और हत्या के दोषी को कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में 6 साल की बच्चे के साथ रेप और उसकी हत्या (6-year-old rape and murder) करने के अपराधी को मौत की सजा दी गई है। जानकारी के मुताबिक प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान ने 88 दिन चली सुनाई के बाद शुक्रवार शाम आरोपी अजय को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा पीड़िता के परिवार को 4 लाख रुपये के मुआवजे का भी ऐलान किया।  यही नहीं उन्होंने बच्ची पर कविता लिखकर संवेदना भी जताई है। दरअसल, आरोपी अजय ने 9 जनवरी की रात को बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी ने उसका मुंह दबाकर (6-year-old rape and murder) कर दी थी हत्या  जानकारी के मुताबिक 2 जनवरी की रात 9 बजे आरोपी अजय ने बच्ची का अपहरण कर लिया था। जिसके बाद उसने झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। इस दौरान बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर हत्या (6-year-old rape and murder) कर दी थी। हत्या करने के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया। इस बीच बच्ची के परिवार ने पूरे गांव में उसकी तलाश करने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी अजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। शुरुआत में न नुकुर करने के बाद अजय ने अपना गुनाह क़ुबूल कर लिया था।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सुनाई सजा  बता दें कि इस मामले में 13 जनवरी को कोर्ट में चालान पेश किया गया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष की तरफ से कोर्ट में कुल 39 गवाह पेश किए गए थे। सभी ने घटना की पुष्टि की। इसके अलावा 96 दस्तावेज और 33 सबूत पेश किए गए। मुख्य बात यह कि डीएनए रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक मनोज जाट ने शासन का पक्ष रखा। कोर्ट ने सभी सबूतों के आधार पर आरोपी को पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया। जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सजा सुनाई है। बच्चों के खिलाफ इस तरह की दुखद घटनाएं दिल को झकझोर देती हैं। आलम यह है कि दरिंदें हर नुक्कड़ और चौराहे पर बैठे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता की सबब बनते जा रही है। मौजूदा दौर में बच्चों के प्रति बढ़े अपराध के बाद तो यही कहा जा सकता है कि जब तक आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलेगी तब तक उनके हौसलें पस्त नहीं होंगे। सरकार को ऐसे कानून बनाने चाहिए जिससे ऐसे दुर्दांत अपराधियों को ऊपरी अदालत में अपील करने का मौका ही न मिले। Latest News in Hindi Today Hindi News 6-year-old rape and murder #MPNews #ChildAbuse #JusticeForVictims #DeathPenalty #IndiaNews #RapeCase #CrimeNews #CourtVerdict #SaveChildren #LegalJustice

आगे और पढ़ें
Translate »