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दिनांक: 16 जून 2026
मुख्य समाचार
नई दिल्ली: NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए देशभर में Telegram प्लेटफॉर्म पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का कहना है कि यह कदम परीक्षा से जुड़े फर्जी पेपर लीक दावों, साइबर धोखाधड़ी और संगठित नकल नेटवर्क पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा को लेकर लाखों छात्र और अभिभावक तैयारी में जुटे हुए हैं।
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
नई दिल्ली: अधिकारियों के अनुसार जांच एजेंसियों को ऐसे कई नेटवर्क की जानकारी मिली थी जो Telegram चैनलों के माध्यम से कथित प्रश्नपत्र, उत्तर और फर्जी लीक सामग्री बेचने का दावा कर रहे थे। इन गतिविधियों के कारण छात्रों को भ्रमित किया जा रहा था और परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे थे।
सरकार का कहना है कि पहले व्यक्तिगत चैनलों और कंटेंट को हटाने की कोशिश की गई, लेकिन समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी। इसके बाद अस्थायी प्रतिबंध का फैसला लिया गया।
NTA ने फैसले का किया समर्थन
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इस निर्णय का स्वागत किया है। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और छात्रों को भ्रामक सूचनाओं से बचाने के लिए यह कदम आवश्यक था। NTA ने छात्रों से केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील भी की है।
22 जून तक लागू रहेगा प्रतिबंध
नई दिल्ली: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार Telegram तक पहुंच 22 जून तक सीमित रहेगी। इसके अलावा प्लेटफॉर्म की कुछ सुविधाओं पर भी अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है ताकि परीक्षा अवधि के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।
छात्रों और अभिभावकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
कोटा: NEET अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने परीक्षा की पारदर्शिता के लिए इसे जरूरी कदम बताया है, जबकि कुछ का मानना है कि समस्या की जड़ तक पहुंचकर स्थायी समाधान खोजने की आवश्यकता है।
साइबर एजेंसियां भी सक्रिय
नई दिल्ली: जांच एजेंसियां और साइबर क्राइम इकाइयां परीक्षा से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की परीक्षा धोखाधड़ी या फर्जी सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर
नई दिल्ली: हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते उपयोग के साथ परीक्षा सुरक्षा के लिए नई तकनीकों और निगरानी तंत्र की आवश्यकता बढ़ गई है।

निष्कर्ष
नई दिल्ली: Telegram पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध NEET-UG 2026 री-एग्जाम की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है। अब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की नजर 21 जून को होने वाली परीक्षा और उसके सफल संचालन पर टिकी हुई है।
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