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खेल | Commonwealth Games 2026: भारत ने 39 पदकों के साथ अभियान चौथे स्थान पर समाप्त किया

ग्लासगो: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने कुल 39 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता 2 अगस्त को समाप्त हुई। भारत के लिए इस बार खास बात यह रही कि कई पारंपरिक पदक वाले खेल इस संस्करण में शामिल ही नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो और एथलेटिक्स सहित उपलब्ध खेलों में मजबूत प्रदर्शन किया। भारत की झोली में आए 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज भारत ने प्रतियोगिता के अंत तक 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज, यानी कुल 39 पदक अपने नाम किए। 39 पदकों के साथ भारत चौथे स्थान पर रहा। भारत से ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अन्य शीर्ष दल रहे। भारतीय दल के लिए खास तौर पर बॉक्सिंग में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा, जहां कई भारतीय मुक्केबाज फाइनल तक पहुंचे और टीम की पदक संख्या में बड़ा योगदान दिया। बॉक्सिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन भारत के लिए बॉक्सिंग इस कॉमनवेल्थ गेम्स का सबसे सफल खेलों में से एक रहा। भारतीय मुक्केबाजों ने कई भार वर्गों में पदक हासिल किए और कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक तक पहुंच बनाई। बॉक्सिंग से मिले गोल्ड ने प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारत को पदक तालिका में ऊपर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय खिलाड़ियों की इस सफलता को देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वेटलिफ्टिंग में भी भारत का दम वेटलिफ्टिंग भारत के पारंपरिक रूप से मजबूत खेलों में शामिल रहा है और ग्लासगो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। मीराबाई चानू सहित भारतीय वेटलिफ्टरों ने पदक जीतकर टीम के कुल स्कोर को मजबूत किया। वेटलिफ्टिंग में मिले पदकों ने भारत को चौथे स्थान की दौड़ में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जूडो में भारत ने रचा इतिहास जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन किया। भारत ने इस खेल में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं और स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पदक संख्या में इजाफा किया। जूडो में मिली सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि यह उन खेलों में शामिल था जिनमें भारत से इस बार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। इस बार कई बड़े खेल CWG कार्यक्रम से बाहर रहे 2026 का कॉमनवेल्थ गेम्स पिछले संस्करणों की तुलना में काफी अलग रहा। ग्लासगो में आयोजित इस संस्करण में केवल 10 खेलों को शामिल किया गया था। भारत के लिए चिंता की बात यह रही कि हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट, कुश्ती, शूटिंग, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे कई ऐसे खेल प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थे, जिनमें भारत आमतौर पर बड़ी संख्या में पदक जीतता है। भारत सरकार के दस्तावेज में भी 2026 के सीमित 10-स्पोर्ट कार्यक्रम और इन खेलों के बाहर रहने का उल्लेख है। इस वजह से 2026 की 39 पदकों की संख्या की तुलना सीधे 2022 के 61 पदकों से करना पूरी तरह समान परिस्थितियों में तुलना नहीं होगी। 2022 में भारत ने जीते थे 61 पदक बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने कुल 61 पदक जीते थे, जिसमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज शामिल थे। 2026 में कुल पदकों की संख्या कम रही, लेकिन इस बार प्रतियोगिता का खेल कार्यक्रम काफी छोटा था। इसके बावजूद भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान बरकरार रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने कई क्षेत्रों में दिखाया दम ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों ने उपलब्ध खेलों में लगातार पदक हासिल किए। बॉक्सिंग और वेटलिफ्टिंग के अलावा जूडो तथा अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय दल ने अच्छा प्रदर्शन किया। खास तौर पर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय खेलों के भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाई। भारत के लिए चौथा स्थान क्यों महत्वपूर्ण है? सीमित खेल कार्यक्रम को देखते हुए चौथे स्थान पर रहना भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिन खेलों में भारत की मजबूत पदक संभावनाएं रहती हैं, उनमें से कई इस बार प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे। इसके बावजूद भारत ने 39 पदक हासिल किए और पदक तालिका में शीर्ष पांच में जगह बनाए रखी। इससे भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्ध खेलों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता सामने आई है। निष्कर्ष Commonwealth Games 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 पदक जीतकर चौथे स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया। बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग और जूडो में भारतीय खिलाड़ियों ने विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि इस बार हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन, शूटिंग, क्रिकेट जैसे कई महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिता में शामिल नहीं थे, फिर भी भारत ने उपलब्ध खेलों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान बरकरार रखा। Source: Olympics.com, Indian Express, NDTV Sports, Commonwealth Games 2026 reports जय राष्ट्र न्यूज़

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के अंतिम दिन भारत के खिलाड़ी जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा साइक्लिंग में पदकों के लिए उतरेंगे, मजबूत समापन की उम्मीद

ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के अंतिम दिन भारतीय दल की निगाहें जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग में पदकों पर टिकी हैं। शनिवार को बॉक्सिंग और अन्य स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन के बाद भारत अपने अभियान का समापन और अधिक पदकों के साथ करने के लक्ष्य से मैदान में उतरेगा। आज के मुकाबलों के बाद समापन समारोह (Closing Ceremony) आयोजित होगा। जूडो में पदक की उम्मीद भारतीय जूडो टीम के अनुभवी खिलाड़ियों से अंतिम दिन अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। विभिन्न भार वर्गों के मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी पदक दौर तक पहुंचने के लिए चुनौती पेश करेंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि जूडो भारत के लिए अंतिम दिन सबसे महत्वपूर्ण स्पर्धाओं में से एक रहेगा। ट्रैक और पैरा ट्रैक साइक्लिंग में अंतिम चुनौती सर क्रिस होय वेलोड्रोम में ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग के कई स्वर्ण पदक मुकाबले आयोजित होंगे। भारतीय साइक्लिस्ट स्प्रिंट, टाइम ट्रायल और अन्य स्पर्धाओं में मजबूत प्रदर्शन कर पदक तालिका में भारत की स्थिति और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। भारत की पदक संख्या बढ़ाने का लक्ष्य शनिवार तक भारत का प्रदर्शन शानदार रहा और देश ने 39 पदकों के साथ शीर्ष देशों में अपनी स्थिति मजबूत की। अंतिम दिन भारतीय दल का लक्ष्य इस संख्या को और बढ़ाना है तथा कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 अभियान का शानदार समापन करना है। समापन समारोह भी रहेगा आकर्षण खेल प्रतियोगिताओं के समाप्त होने के बाद शाम को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें भाग लेने वाले सभी देशों के खिलाड़ी एक साथ मार्च करेंगे और अगले मेज़बान को औपचारिक रूप से ध्वज सौंपा जाएगा। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का अंतिम दिन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग में अच्छे प्रदर्शन के साथ भारतीय दल अपने अभियान का यादगार समापन करने की कोशिश करेगा। Source: Commonwealth Sport | Indian Olympic Association (IOA) जय राष्ट्र न्यूज़

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज भारत के लिए बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और जूडो में कई पदक मुकाबले, स्वर्ण पर निगाहें

ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज का दिन भारतीय दल के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत के खिलाड़ी बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और बाउल्स सहित कई स्पर्धाओं में पदक मुकाबलों में उतर रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आज भारत की झोली में कई स्वर्ण और अन्य पदक आने की मजबूत संभावना है। बॉक्सिंग में सबसे बड़ी उम्मीद भारतीय मुक्केबाज़ों का प्रदर्शन इस संस्करण में शानदार रहा है। आज भारत के 10 मुक्केबाज़ फाइनल में उतर रहे हैं। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन, विश्व चैंपियन जैसमीन लांबोरिया, प्रीति पवार सहित कई भारतीय बॉक्सर स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ रिंग में उतरेंगे। भारत इस बार बॉक्सिंग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की स्थिति में है। एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी पदक की उम्मीद एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों की नजर कई ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं पर रहेगी। वहीं पैरा एथलेटिक्स में भी भारत के खिलाड़ी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हाल के दिनों में भारतीय एथलीटों के लगातार अच्छे प्रदर्शन ने पदक की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। जूडो और अन्य स्पर्धाओं में चुनौती जूडो में भारतीय खिलाड़ी अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उतरेंगे। इसके अलावा ट्रैक साइक्लिंग और बाउल्स में भी भारत के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर पदक तालिका में देश की स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे। भारत की पदक तालिका पर नजर भारतीय दल का लक्ष्य आज अधिक से अधिक पदक जीतकर पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना है। खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विश्वास जताया है और पूरे देश की नजर आज होने वाले इन मुकाबलों पर टिकी हुई है। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज का दिन भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और जूडो में भारतीय खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन और कई पदकों की उम्मीद की जा रही है। Source: Commonwealth Sport | Indian Olympic Association (IOA) जय राष्ट्र न्यूज़

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज नीरज चोपड़ा, भारतीय बॉक्सिंग टीम और अन्य खिलाड़ियों पर रहेंगी पदक की उम्मीदें

ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज का दिन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारतीय दल के कई स्टार खिलाड़ी विभिन्न पदक मुकाबलों में उतरेंगे, जिनमें सबसे अधिक नजरें ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा पर होंगी। इसके अलावा भारतीय बॉक्सिंग टीम, एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और अन्य स्पर्धाओं में भी भारत के कई खिलाड़ी पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगे। नीरज चोपड़ा पुरुष भाला फेंक (Javelin Throw) फाइनल में स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। उनके साथ भारत के रोहित यादव और यश वीर सिंह भी इसी स्पर्धा में भाग लेंगे, जिससे भारत के पास एक से अधिक पदक जीतने की संभावना बनी हुई है। हाल ही में क्वालीफिकेशन दौर में नीरज ने चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद आसानी से फाइनल में जगह बनाई थी। बॉक्सिंग में रिकॉर्ड पदकों की उम्मीद भारतीय मुक्केबाज़ों ने इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए कई भार वर्गों में पदक मुकाबलों तक जगह बनाई है। आज 10 भारतीय बॉक्सर स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय खिलाड़ी अपना प्रदर्शन बरकरार रखते हैं तो बॉक्सिंग भारत के लिए इस संस्करण का सबसे सफल खेल बन सकता है। एथलेटिक्स और अन्य स्पर्धाओं में भी दांव एथलेटिक्स में भाला फेंक के अलावा भारत के खिलाड़ी कई अन्य स्पर्धाओं में भी चुनौती पेश करेंगे। वहीं जूडो में भारत का अभियान आज से शुरू होगा। ट्रैक साइक्लिंग और लॉन बाउल्स में भी भारतीय खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे। दिनभर अलग-अलग समय पर होने वाले मुकाबलों में भारत की पदक संख्या बढ़ने की उम्मीद है। भारत की पदक तालिका पर नजर पिछले कुछ दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में महत्वपूर्ण पदक जीते हैं। अब टीम इंडिया की कोशिश होगी कि आज के मुकाबलों में अधिक से अधिक स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत की जाए। भारतीय दल का आत्मविश्वास ऊंचा भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भरोसा जताया है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों ने अच्छी तैयारी की है और महत्वपूर्ण मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। नीरज चोपड़ा समेत कई अनुभवी खिलाड़ी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज का दिन भारत के लिए पदकों के लिहाज से बेहद अहम है। नीरज चोपड़ा, भारतीय बॉक्सिंग टीम और अन्य खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर भारत की झोली में नए पदक डालने की कोशिश करेंगे। पूरे देश की नजर अब इन मुकाबलों पर टिकी हुई है। Source: Commonwealth Sport | Indian Olympic Association (IOA) जय राष्ट्र न्यूज़

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