तमिलनाडु में पूर्व मंत्री KN Nehru से जुड़े 25 ठिकानों पर DVAC छापे, ₹634 करोड़ के alleged cash-for-jobs scam की जांच तेज
चेन्नई/तिरुचिरापल्ली: तमिलनाडु में Directorate of Vigilance and Anti-Corruption (DVAC) ने आज, 29 अक्टूबर 2026, पूर्व मंत्री और DMK नेता K N Nehru से जुड़े 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई ₹634 करोड़ के कथित cash-for-jobs scam से जुड़ी है, जिसमें Municipal Administration and Water Supply (MAWS) विभाग में सरकारी नौकरियों के बदले रिश्वत लेने के आरोपों की जांच की जा रही है। किन ठिकानों पर हुई छापेमारी? DVAC की टीमों ने तिरुचिरापल्ली के Thillai Nagar स्थित KN Nehru के आवास और चेन्नई के RA Puram में उनके भाई के घर समेत तमिलनाडु के कई स्थानों पर तलाशी ली। तिरुचिरापल्ली में सुबह करीब 7 बजे search operation शुरू हुआ। ₹634 करोड़ का मामला क्या है? जांच इस आरोप पर केंद्रित है कि KN Nehru के मंत्री रहते MAWS विभाग में सरकारी पद दिलाने के बदले उम्मीदवारों से कथित तौर पर पैसा लिया गया। DVAC documents, financial records और अन्य material की जांच कर suspected money trail का पता लगाने की कोशिश कर रहा है। Madras High Court के आदेश के बाद तेज हुई जांच यह कार्रवाई Madras High Court के उस आदेश के बाद हुई है जिसमें anti-corruption agency को मामले की full-fledged investigation करने की अनुमति दी गई थी। Enforcement Directorate ने कथित irregularities से जुड़ी सामग्री अक्टूबर 2025 में राज्य पुलिस के साथ साझा की थी। KN Nehru ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया छापों से एक दिन पहले KN Nehru ने सुप्रीम कोर्ट में Special Leave Petition (SLP) दाखिल की थी। उन्होंने Madras High Court के 26 अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें FIR registration के खिलाफ उनकी review petition खारिज कर दी गई थी। दूसरी बार Nehru से जुड़े ठिकानों पर छापे यह सितंबर के बाद KN Nehru से जुड़े परिसरों पर DVAC की दूसरी बड़ी search operation है। इससे पहले Municipal Administration and Water Supply Department में 2021 से 2025 के बीच दिए गए contracts में कथित irregularities को लेकर भी searches की गई थीं। Stalin ने बताया ‘political vendetta’ पूर्व मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष M K Stalin ने छापेमारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि C Joseph Vijay के नेतृत्व वाली TVK सरकार Tiruchirappalli East by-election से पहले raids को political theatre की तरह इस्तेमाल कर रही है। क्या किसी की गिरफ्तारी हुई? फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में इस search operation के दौरान किसी नई गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। DVAC का फोकस अभी documents और financial evidence इकट्ठा करने पर है। जांच आगे बढ़ने के बाद agency आरोपों और संभावित beneficiaries को लेकर अतिरिक्त कार्रवाई कर सकती है। तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ा टकराव छापेमारी के बाद ruling TVK और opposition DMK के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। एक ओर जांच एजेंसी इसे alleged recruitment scam की कानूनी जांच बता रही है, वहीं DMK इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई करार दे रही है। स्रोत – The New Indian Express, Times of India, PTI जय राष्ट्र न्यूज़

