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यूरोप दौरे के दौरान G7 एजेंडे पर चर्चा करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM मोदी के यूरोप दौरे और G7 एजेंडे पर राजनीतिक चर्चाएं तेज

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा राजनीतिक एवं अंतरराष्ट्रीय अपडेट दिनांक: 14 जून 2026 मुख्य समाचार नीस (फ्रांस): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे और आगामी G7 शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक चुनौतियां इस बार के एजेंडे के प्रमुख विषय माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति G7 देशों के लिए भी महत्वपूर्ण रहेगी। भारत भले ही G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और रणनीतिक साझेदारों के बीच उसकी भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। भारत की वैश्विक भूमिका पर विशेष ध्यान पेरिस: पिछले कुछ वर्षों में भारत ने वैश्विक मंचों पर अपनी सक्रिय भागीदारी से एक मजबूत पहचान बनाई है। G20 की सफल अध्यक्षता के बाद अब दुनिया की नजर भारत के अगले कूटनीतिक कदमों पर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मंच पर विकासशील देशों की चिंताओं, वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं। व्यापार और निवेश पर रह सकता है फोकस नीस: G7 सम्मेलन के दौरान व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वैश्विक निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोपीय देशों के साथ आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए यह दौरा महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। AI और तकनीकी सहयोग प्रमुख विषय नीस: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों पर भी भारत की भूमिका चर्चा में रह सकती है। Bharat Innovates 2026 जैसे आयोजनों के माध्यम से भारत अपनी तकनीकी क्षमता और नवाचार शक्ति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित कर रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और यूरोपीय देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन पर मंथन पेरिस: ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन भी G7 एजेंडे के प्रमुख विषयों में शामिल हैं। स्वच्छ ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और सतत विकास लक्ष्यों को लेकर भारत की नीतियों पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग दोनों पक्षों के लिए लाभदायक हो सकता है। राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को लेकर देश के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा जारी है। समर्थक इसे भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि विपक्ष सरकार की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर अपने विचार रख रहा है। विश्लेषकों के अनुसार यह दौरा भारत की विदेश नीति की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। निष्कर्ष नीस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यूरोप दौरा और G7 शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी भारत के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, जलवायु और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर होने वाली चर्चाओं का असर आने वाले समय में भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी दिखाई दे सकता है। दुनिया भर की नजर अब इस महत्वपूर्ण सम्मेलन और भारत की भूमिका पर टिकी हुई है। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें राजनीति, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम की हर बड़ी खबर के लिए।

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NDA सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी युवाओं को संबोधित करते हुए

NDA सरकार के 12 वर्ष पूरे, PM मोदी ने युवा शक्ति को विकास का आधार बताया

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा राजनीतिक अपडेट दिनांक: 13 जून 2026 मुख्य समाचार नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की युवा शक्ति ही देश के उज्ज्वल भविष्य और विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने युवाओं को अवसर देने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने युवाओं से तकनीक, स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। युवा शक्ति को बताया विकास का इंजन नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को रोजगार, शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने लाखों युवाओं को नए अवसर प्रदान किए हैं। विकसित भारत 2047 पर विशेष जोर नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार शिक्षा, तकनीक, आधारभूत ढांचे और नवाचार पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि देश का युवा वर्ग अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का सही उपयोग करे तो भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना सकता है। 12 वर्षों की उपलब्धियों का किया उल्लेख नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ने NDA सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल की विभिन्न उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आधारभूत ढांचे के विस्तार, डिजिटल सेवाओं के विकास, वित्तीय समावेशन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और सामाजिक कल्याण योजनाओं को महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया। सरकार का दावा है कि इन पहलों ने देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रोजगार और नवाचार पर रहेगा फोकस नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन और नवाचार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने युवाओं से नई तकनीकों को अपनाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार करने का आग्रह किया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल अर्थव्यवस्था युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज नई दिल्ली: NDA सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सत्तारूढ़ गठबंधन ने अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने रखा, जबकि विपक्षी दलों ने रोजगार, महंगाई और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आने वाले समय में विकास और रोजगार प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बने रह सकते हैं। निष्कर्ष नई दिल्ली: NDA सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश युवाओं, नवाचार और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर केंद्रित रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की युवा शक्ति ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की सबसे बड़ी ताकत है। आने वाले वर्षों में सरकार का फोकस रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार पर बना रहेगा। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें राजनीति, राष्ट्रीय और देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग की बैठक में विकास एजेंडे पर चर्चा करते हुए

केंद्र और राज्यों के सहयोग पर PM मोदी का जोर, नीति आयोग बैठक में विकास एजेंडा प्रमुख मुद्दा

जय राष्ट्र न्यूज़ नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग (NITI Aayog) की अहम बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर सहयोग को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण बताया गया। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तभी साकार हो सकता है जब केंद्र और राज्य सरकारें एक साझा दृष्टिकोण के साथ काम करें। उन्होंने सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि विकास का लाभ देश के हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए। विकसित भारत 2047 पर व्यापक चर्चा नई दिल्ली: बैठक का मुख्य फोकस विकसित भारत 2047 के रोडमैप पर रहा। इस दौरान रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, कौशल विकास और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का मानना है कि अगले दो दशकों में भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के लिए राज्यों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी। इसी उद्देश्य से राज्यों के सुझावों और अनुभवों को भी बैठक में प्रमुखता दी गई। रोजगार और युवाओं के भविष्य पर फोकस नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में नए अवसरों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में तकनीक आधारित उद्योगों में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि को नई गति मिलेगी। स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास पर जोर नई दिल्ली: नीति आयोग की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, पोषण स्तर बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचे। बैठक में महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और सामाजिक समानता को भी राष्ट्रीय विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। डिजिटल इंडिया बनेगा विकास का आधार नई दिल्ली: बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), ई-गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार को विकास की नई ताकत बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल सेवाओं का विस्तार नागरिकों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा। डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूत करने और तकनीकी पहुंच को ग्रामीण क्षेत्रों तक बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। राज्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत 2047 केवल केंद्र सरकार का लक्ष्य नहीं बल्कि पूरे देश का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने राज्यों से विकास परियोजनाओं को तेज करने और केंद्र की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कार्य करती हैं तो भारत आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है। जय राष्ट्र न्यूज़

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नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की अहम बैठक, विकसित भारत 2047 रोडमैप पर मंथन

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा राष्ट्रीय अपडेट दिनांक: 11 जून 2026 नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज नीति आयोग (NITI Aayog) की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय “विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रहा। इस बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर विकास की गति को तेज करें और आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाएं। रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस नई दिल्ली: बैठक में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने, कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत बनाने और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र आने वाले वर्षों में रोजगार के बड़े स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य और सामाजिक विकास पर भी चर्चा नई दिल्ली: नीति आयोग की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, पोषण सुधार और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और क्षेत्रीय असमानताओं को कम किया जा सके। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा विकास की नई ताकत नई दिल्ली: बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), ई-गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार को भविष्य के विकास का आधार बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूत बनाने तथा तकनीक आधारित सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने पर जोर दिया। सहकारी संघवाद पर जोर नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल केंद्र सरकार का नहीं बल्कि पूरे देश का सामूहिक संकल्प है, जिसमें राज्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। विशेषज्ञों की राय आर्थिक और नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैठक में चर्चा किए गए प्रस्तावों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें देश और दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए।

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PM मोदी ने रचा नया इतिहास, बने भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। वे देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। लगातार तीन लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज कर प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। कैसे बना यह रिकॉर्ड? नरेंद्र मोदी पहली बार मई 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद वर्ष 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उन्होंने अपनी पार्टी को जीत दिलाई और लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। लगातार निर्वाचित होकर प्रधानमंत्री पद संभालने की अवधि के आधार पर उन्होंने अब नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह उपलब्धि उन्हें भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल करती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा प्रधानमंत्री की इस उपलब्धि को लेकर देशभर में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने इसे देश के लिए गौरव का क्षण बताया है। वहीं विपक्षी दलों ने भी इस उपलब्धि को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए राजनीतिक मुद्दों पर अपनी अलग राय रखी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड प्रधानमंत्री मोदी की लंबे समय तक बनी राजनीतिक लोकप्रियता को दर्शाता है। विकास और नीतियों पर जोर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में कई बड़े कार्यक्रम और योजनाएं लागू की गईं। इनमें डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, जीएसटी, आधारभूत संरचना विकास और विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाएं प्रमुख रही हैं। सरकार का दावा है कि इन पहलों ने देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा दी है। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को लेकर बहस भी जारी रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी भारत की पहचान विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक भूमिका भी मजबूत हुई है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी और कूटनीतिक पहल ने देश की वैश्विक पहचान को नई मजबूती दी है। भारत ने G20 की अध्यक्षता, वैश्विक आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारियों के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जनता की प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा देखने को मिली। समर्थकों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया, जबकि कई राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे भारतीय लोकतंत्र की निरंतरता और स्थिरता का प्रतीक माना। देशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर खुशी जाहिर की और इस उपलब्धि का स्वागत किया। भारतीय राजनीति में महत्व राजनीतिक जानकारों का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लंबे समय तक जनता का समर्थन बनाए रखना आसान नहीं होता। ऐसे में यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में भी यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीति के अध्ययन का महत्वपूर्ण विषय रहेगा।

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भारत की जीडीपी वृद्धि 7.7% पहुंची, दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना देश

Indian GDP Growth: भारत की अर्थव्यवस्था दौड़ी रॉकेट की रफ्तार से! FY26 में GDP ग्रोथ पहुंची 7.7% India’s GDP Growth Reaches 7.7%, Remains Fastest Growing Major Economy नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत प्रदर्शन करते हुए 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही, जो बाजार के अनुमान से अधिक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार निर्माण, कृषि, बुनियादी ढांचा और निजी निवेश में वृद्धि ने अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद मजबूत स्थिति में बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक वृद्धि का स्वागत करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देशवासियों की मेहनत और आर्थिक सुधारों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में भी विकास की गति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि बढ़ते निवेश और मजबूत घरेलू मांग से रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि महंगाई और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव आने वाले समय में चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। Key Highlights • FY 2025-26 GDP Growth: 7.7% • January-March Quarter Growth: 7.8% • Construction and Infrastructure Sectors Lead Growth • India Continues to be Fastest Growing Major Economy English Summary India’s economy recorded a strong 7.7% growth in FY 2025-26, while the January-March quarter expanded by 7.8%. Analysts attribute the growth to robust investment, infrastructure expansion, and strong domestic demand. Despite global uncertainties, India continues to remain one of the fastest-growing major economies in the world. (जय राष्ट्र न्यूज़)

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