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PM Modi आज Gujarat और Maharashtra दौरे पर, Vadodara को ₹35,000 करोड़ से ज्यादा के Projects; Mumbai में Global Fintech Fest का उद्घाटन

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Gujarat और Maharashtra के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। Vadodara में वह ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इसके बाद शाम को Mumbai पहुंचकर Global Fintech Fest (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे Vadodara में बड़ा कार्यक्रम Prime Minister’s Office के मुताबिक PM Modi दोपहर करीब 12 बजे Vadodara में विभिन्न infrastructure projects की शुरुआत करेंगे। इनमें railway, highways, freight corridor, urban infrastructure, housing, water supply और renewable energy से जुड़े projects शामिल हैं। Western Dedicated Freight Corridor होगा पूरी तरह Operational दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के तीन sections को राष्ट्र को समर्पित करना है। इन तीन sections की कुल लंबाई 326 route kilometres है और इन पर ₹20,700 करोड़ से अधिक खर्च हुआ है। इनमें: शामिल हैं। इन sections के शुरू होने के साथ Dedicated Freight Corridor network अपनी पूरी लंबाई में operational हो जाएगा। JNPA तक मिलेगी Direct Freight Connectivity New JNPT section के शुरू होने से Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) को Dedicated Freight Corridor से सीधी connectivity मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे export-import cargo की आवाजाही तेज होगी, logistics cost कम करने में मदद मिलेगी और Mumbai railway network पर freight traffic का दबाव भी घटेगा। तीन Railway Projects पर ₹9,700 करोड़ से ज्यादा खर्च PM Modi आज तीन नई railway projects की foundation stone भी रखेंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 329 km और लागत ₹9,700 करोड़ से अधिक है। Projects में: शामिल हैं। इनसे Gujarat और Madhya Pradesh के बीच passenger और freight capacity बढ़ने की उम्मीद है। ₹1,780 करोड़ के तीन Highway Projects प्रधानमंत्री तीन National Highway projects का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी लागत करीब ₹1,780 करोड़ है। इसमें NH-48 के Kamrej–Chalthan section को six-lane करना, Tapi और Narmada पर अतिरिक्त major bridges और NH-53 पर Abhava, Mindhola तथा Khajod junctions पर grade-separated structures शामिल हैं। Kadana Dam पर बनेगा 110 MW Floating Solar Project Gujarat government की करीब ₹2,600 करोड़ की परियोजनाएं भी आज शुरू या inaugurate होंगी। इनमें Vadodara Urban Development Authority Ring Road Phase-II और Kadana Dam पर 110 MW floating solar project प्रमुख हैं। इसके अलावा Vadodara Municipal Corporation के नए office, PMAY housing और पूर्वी Vadodara के 11 गांवों के लिए water-supply project भी शामिल हैं। शाम 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest Vadodara के बाद PM Modi Maharashtra पहुंचेंगे। शाम करीब 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करेंगे। GFF का सातवां edition 8 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें policymakers, central banks, financial institutions, fintech companies, technology firms और global investors हिस्सा ले रहे हैं। AI, Tokenisation और Quantum पर रहेगा Focus इस साल Global Fintech Fest की theme है: “Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance.” सम्मेलन में Agentic AI, programmable finance, tokenisation, quantum technologies और emerging financial technologies के जरिए inclusive और secure financial systems विकसित करने पर चर्चा होगी। Infrastructure से Fintech तक एक दिन में दो बड़े कार्यक्रम PM Modi का आज का Gujarat-Maharashtra दौरा infrastructure और technology दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। Vadodara में freight, railway, highways और renewable-energy projects पर जोर रहेगा, जबकि Mumbai में focus भारत की digital payments और fintech leadership को global level पर आगे बढ़ाने पर होगा। source – Prime Minister’s Office / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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PM Modi आज Gujarat और Maharashtra दौरे पर, Vadodara को ₹35,000 करोड़ से ज्यादा के Projects; Mumbai में Global Fintech Fest का उद्घाटन

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Gujarat और Maharashtra के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। Vadodara में वह ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इसके बाद शाम को Mumbai पहुंचकर Global Fintech Fest (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे Vadodara में बड़ा कार्यक्रम Prime Minister’s Office के मुताबिक PM Modi दोपहर करीब 12 बजे Vadodara में विभिन्न infrastructure projects की शुरुआत करेंगे। इनमें railway, highways, freight corridor, urban infrastructure, housing, water supply और renewable energy से जुड़े projects शामिल हैं। Western Dedicated Freight Corridor होगा पूरी तरह Operational दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के तीन sections को राष्ट्र को समर्पित करना है। इन तीन sections की कुल लंबाई 326 route kilometres है और इन पर ₹20,700 करोड़ से अधिक खर्च हुआ है। इनमें: शामिल हैं। इन sections के शुरू होने के साथ Dedicated Freight Corridor network अपनी पूरी लंबाई में operational हो जाएगा। JNPA तक मिलेगी Direct Freight Connectivity New JNPT section के शुरू होने से Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) को Dedicated Freight Corridor से सीधी connectivity मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे export-import cargo की आवाजाही तेज होगी, logistics cost कम करने में मदद मिलेगी और Mumbai railway network पर freight traffic का दबाव भी घटेगा। तीन Railway Projects पर ₹9,700 करोड़ से ज्यादा खर्च PM Modi आज तीन नई railway projects की foundation stone भी रखेंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 329 km और लागत ₹9,700 करोड़ से अधिक है। Projects में: शामिल हैं। इनसे Gujarat और Madhya Pradesh के बीच passenger और freight capacity बढ़ने की उम्मीद है। ₹1,780 करोड़ के तीन Highway Projects प्रधानमंत्री तीन National Highway projects का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी लागत करीब ₹1,780 करोड़ है। इसमें NH-48 के Kamrej–Chalthan section को six-lane करना, Tapi और Narmada पर अतिरिक्त major bridges और NH-53 पर Abhava, Mindhola तथा Khajod junctions पर grade-separated structures शामिल हैं। Kadana Dam पर बनेगा 110 MW Floating Solar Project Gujarat government की करीब ₹2,600 करोड़ की परियोजनाएं भी आज शुरू या inaugurate होंगी। इनमें Vadodara Urban Development Authority Ring Road Phase-II और Kadana Dam पर 110 MW floating solar project प्रमुख हैं। इसके अलावा Vadodara Municipal Corporation के नए office, PMAY housing और पूर्वी Vadodara के 11 गांवों के लिए water-supply project भी शामिल हैं। शाम 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest Vadodara के बाद PM Modi Maharashtra पहुंचेंगे। शाम करीब 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करेंगे। GFF का सातवां edition 8 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें policymakers, central banks, financial institutions, fintech companies, technology firms और global investors हिस्सा ले रहे हैं। AI, Tokenisation और Quantum पर रहेगा Focus इस साल Global Fintech Fest की theme है: “Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance.” सम्मेलन में Agentic AI, programmable finance, tokenisation, quantum technologies और emerging financial technologies के जरिए inclusive और secure financial systems विकसित करने पर चर्चा होगी। Infrastructure से Fintech तक एक दिन में दो बड़े कार्यक्रम PM Modi का आज का Gujarat-Maharashtra दौरा infrastructure और technology दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। Vadodara में freight, railway, highways और renewable-energy projects पर जोर रहेगा, जबकि Mumbai में focus भारत की digital payments और fintech leadership को global level पर आगे बढ़ाने पर होगा। source – Prime Minister’s Office / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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National Space Day पर PM Modi ने Space Startups के CEOs से संवाद किया साझा, मजबूत ecosystem बनाने पर जोर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को National Space Day के मौके पर देशवासियों और वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र को भविष्य की अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने Space Startups के CEOs और founders के साथ अपने हालिया संवाद को भी साझा किया और देश में ऐसा मजबूत space ecosystem तैयार करने पर जोर दिया, जो दुनिया भर की प्रतिभा, कंपनियों और निवेश को भारत की ओर आकर्षित कर सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास कम लागत में काम करने की क्षमता, गुणवत्तापूर्ण talent और जोखिम लेने की मजबूत क्षमता का ऐसा संयोजन है जो देश को वैश्विक space sector में तेजी से अग्रणी स्थान दिला सकता है। 21 अगस्त को 20 Space Startups के साथ हुई थी बैठक प्रधानमंत्री मोदी ने Space Startup CEOs और founders के साथ यह बैठक 21 अगस्त 2026 को Seva Teerth में की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक बैठक में देश के 20 space startups के CEOs और founders शामिल हुए थे। ये कंपनियां rockets, reusable launch vehicles, satellites, advanced propulsion systems, space intelligence, space debris removal, weather और climate intelligence जैसी अलग-अलग technologies पर काम कर रही हैं। National Space Day पर इस interaction को फिर सामने लाते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की private space industry की ambition और innovation की तारीफ की। PM Modi बोले—दुनिया Space के लिए भारत की ओर देखे Space Startup leaders के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश को ऐसा ecosystem बनाना चाहिए कि जब दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र के बारे में सोचे तो उसकी नजर भारत की ओर जाए। उन्होंने startups से अपने प्रयासों में consistency बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार की policies में निरंतरता होने से entrepreneurs को जोखिम लेने का भरोसा मिलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऐसा environment तैयार कर सकता है जहां दुनिया भर के talented professionals अपने career और भविष्य के लिए Indian space sector को पसंद करें। Global Talent और Investment को आकर्षित करने पर जोर PM Modi ने कहा कि भारत के space sector में global talent, companies और investment को आकर्षित करने की क्षमता है। उनके मुताबिक भारत cost के मामले में highly competitive है और यहां quality talent के साथ risk-taking क्षमता भी मौजूद है। यही combination भारत को international space market में तेजी से मजबूत स्थिति दिला सकता है। Private companies के लिए space sector खोलने के बाद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय startups की संख्या और गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। कई कंपनियां satellite manufacturing से लेकर launch systems और earth observation तक अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं। Agriculture से Environment तक Space Technology का इस्तेमाल प्रधानमंत्री ने startups से space technology को केवल rockets और satellites तक सीमित न रखने की बात कही। उन्होंने कंपनियों से विचार करने को कहा कि उनकी technology का इस्तेमाल: में कैसे किया जा सकता है। PM Modi ने उदाहरण दिया कि agriculture से जुड़ी space technology कंपनियां agricultural universities और departments के साथ मिलकर किसानों को बेहतर data और decision-making tools उपलब्ध करा सकती हैं। Atal Tinkering Labs से जुड़ने की सलाह प्रधानमंत्री ने Space Startups को Atal Tinkering Labs के साथ अधिक सहयोग करने की सलाह भी दी। उनका कहना है कि इससे school level पर ही बच्चों में space science, technology और innovation को लेकर curiosity पैदा की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी को भारत के भविष्य के space missions और technologies से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। इससे आने वाले वर्षों में scientists, engineers, designers और entrepreneurs की नई पीढ़ी तैयार करने में मदद मिल सकती है। National Space Day पर PM Modi का संदेश 23 अगस्त को National Space Day के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों और वैज्ञानिक समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत नई global व्यवस्था में लगातार अपने space sector का विस्तार कर रहा है और नई पीढ़ी के engineers, designers, coders और scientists नई technologies विकसित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में space sector की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने देश से अंतरिक्ष क्षेत्र में और बड़े सपने देखने, अधिक innovation करने और नई सीमाओं को पार करने का आह्वान किया। 23 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है National Space Day? भारत में हर साल 23 अगस्त को National Space Day मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 2023 में Chandrayaan-3 के Vikram Lander ने चंद्रमा की सतह पर सफल soft landing की थी। इसके बाद Pragyan Rover को चंद्रमा पर deploy किया गया था। भारत इस उपलब्धि के साथ चंद्रमा पर सफल soft landing करने वाला चौथा देश बना और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने वाला पहला देश बना। Chandrayaan-3 की सफलता के बाद 23 अगस्त को National Space Day के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी। Private Space Sector में तेजी से बढ़ रहा भारत भारत सरकार ने वर्ष 2020 के बाद space sector को private participation के लिए बड़े स्तर पर खोलना शुरू किया। इसके बाद Skyroot Aerospace, Agnikul Cosmos, Pixxel, Dhruva Space, Bellatrix Aerospace, Digantara और कई अन्य startups ने launch vehicles, satellites और space technologies में तेजी से काम शुरू किया। 21 अगस्त की बैठक में इन कंपनियों समेत कुल 20 startups के representatives शामिल हुए थे। Startups ने प्रधानमंत्री को बताया कि Indian technologies को अपनाने में international companies की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। Space में Pharmaceuticals Manufacturing तक की तैयारी प्रधानमंत्री के साथ interaction के दौरान कुछ startups ने अपनी futuristic technologies की जानकारी भी साझा की। एक startup representative ने ऐसी satellites विकसित करने की योजना का जिक्र किया जो space में जाकर pharmaceutical products manufacture कर सकें और उन्हें वापस पृथ्वी पर लाया जा सके। एक अन्य startup ने बताया कि उसे हालिया launch के बाद केवल एक महीने में आठ launch contracts मिले, जिनमें ज्यादातर international contracts हैं। ये developments दिखाती हैं कि Indian private space companies traditional satellite…

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India-US Trade Deal लगभग Final: अमेरिकी राजदूत Sergio Gor बोले—‘In Principle’ ज्यादातर समझौता पूरा

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में चल रहा Bilateral Trade Agreement अब अंतिम चरण के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा है कि समझौते के लगभग सभी प्रमुख हिस्सों पर दोनों देशों के बीच “in principle” सहमति बन चुकी है और अब मुख्य रूप से कानूनी तथा तकनीकी भाषा को अंतिम रूप देने का काम बाकी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देश व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। Gor ने भरोसा जताया कि बाकी तकनीकी काम पूरा होने के बाद समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। Sergio Gor ने Trade Deal पर क्या कहा? Economic Times World Leaders Forum में बोलते हुए अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा कि India-US Trade Deal के अधिकांश हिस्सों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि अब बातचीत बड़े नीतिगत मतभेदों को सुलझाने के बजाय मुख्य रूप से legal और technical language को व्यवस्थित करने पर केंद्रित है। समझौते के कुछ हिस्सों के text को दोबारा तैयार किया जा रहा है। Gor ने समझौते को लेकर आशावादी रुख दिखाया और संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच अब बड़ी बाधाओं के बजाय अंतिम दस्तावेजी प्रक्रिया पर काम चल रहा है। क्यों बदला जा रहा Trade Agreement का कुछ Text? Sergio Gor ने कार्यक्रम में बताया कि पहले एक समय दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब पहुंच चुके थे, लेकिन अमेरिका में हुए कानूनी घटनाक्रम के बाद deal के कुछ हिस्सों की भाषा को दोबारा तैयार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि Washington अब agreement के कुछ text को “reconfigure” कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इससे पूरी trade negotiation दोबारा शुरू नहीं हुई है और अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा चरण में दोनों पक्ष नए सिरे से पूरा समझौता नहीं बना रहे, बल्कि पहले तय किए गए framework को कानूनी रूप से लागू करने योग्य रूप देने पर काम कर रहे हैं। India-US Trade तेजी से बढ़ा अमेरिकी राजदूत ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक रिश्तों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक करीब 15 साल पहले दोनों देशों के बीच bilateral trade लगभग 20 अरब डॉलर था, जबकि आज यह बढ़कर करीब 240 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। भारत और अमेरिका ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए tariff barriers कम करना, market access बढ़ाना और दोनों देशों की कंपनियों के लिए व्यापार करना आसान बनाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Trade Deal से भारत को क्या फायदा हो सकता है? India-US Trade Agreement का अंतिम स्वरूप अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, इसलिए सभी sector-wise benefits को निश्चित रूप से बताना जल्दबाजी होगी। लेकिन किसी व्यापक trade deal से भारतीय exporters को अमेरिकी बाजार में बेहतर access मिलने, कुछ products पर tariffs कम होने और investment flows बढ़ने की संभावना रहती है। अमेरिका भारत के सबसे महत्वपूर्ण export markets में शामिल है। ऐसे में textiles, engineering goods, pharmaceuticals, electronics और अन्य manufacturing sectors के लिए किसी tariff relief का बड़ा प्रभाव हो सकता है। हालांकि किन products को कितनी राहत मिलेगी, इसका स्पष्ट जवाब final agreement जारी होने के बाद ही मिलेगा। Russian Oil खरीदने वाले देशों पर 100% Tariff की भी चर्चा Sergio Gor ने कार्यक्रम में एक अलग मुद्दे पर भी स्थिति स्पष्ट की। अमेरिकी संसद में ऐसे देशों पर 100 प्रतिशत tariff लगाने के प्रस्ताव की चर्चा चल रही है जो रूस से तेल खरीदते हैं। भारत दुनिया के बड़े Russian crude buyers में शामिल रहा है, इसलिए ऐसे किसी प्रस्ताव का भारत पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि Gor ने कहा कि यह प्रस्ताव अमेरिकी Congress में bipartisan स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है और इसे सीधे President Donald Trump या White House की घोषित नीति नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि Trump administration की प्राथमिकता Russia-Ukraine युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में काम करना है। Trump-Modi संबंधों पर भी बोले Sergio Gor अमेरिकी राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के रिश्तों को भी दोनों देशों की partnership के लिए महत्वपूर्ण बताया। Gor ने कहा कि Trump और Modi के बीच गहरा व्यक्तिगत संबंध और आपसी भरोसा है। उनके मुताबिक दोनों नेता तेजी से परिणाम चाहते हैं और bilateral relationship को आगे बढ़ाने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि India-US relationship केवल trade तक सीमित नहीं है, बल्कि defence, energy, technology और Indo-Pacific cooperation जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। Marco Rubio अक्टूबर में फिर आ सकते हैं भारत India-US संबंधों में बढ़ती diplomatic engagement का संकेत देते हुए Sergio Gor ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio अक्टूबर में भारत का दौरा कर सकते हैं। यह Rubio की इस साल भारत की दूसरी यात्रा होगी। इससे पहले वह मई में पांच दिन के दौरे पर भारत आए थे। Gor ने कहा कि अमेरिकी सरकार के शीर्ष अधिकारियों की लगातार भारत यात्राएं यह दिखाती हैं कि Washington भारत के साथ रिश्तों को कितनी प्राथमिकता देता है। क्या Trade Deal अब Final हो चुकी है? फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि India-US Trade Deal पूरी तरह final और लागू हो चुकी है। Sergio Gor के मुताबिक मुख्य मुद्दों पर “in principle” सहमति लगभग पूरी है, लेकिन legal और technical drafting अभी जारी है। इसके बाद दोनों सरकारों को final text पर औपचारिक सहमति देनी होगी और agreement को लागू करने के लिए जरूरी administrative और legal processes पूरी करनी होंगी। इसलिए वर्तमान स्थिति को “लगभग अंतिम चरण में पहुंचा समझौता” कहना ज्यादा सटीक होगा। India-US संबंधों के लिए बड़ा संकेत Trade deal का पूरा होना दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जबकि अमेरिका उसका प्रमुख trading और strategic partner है। दोनों देशों की कंपनियों के बीच technology, energy, pharmaceuticals, manufacturing और defence sectors में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। Sergio Gor…

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PM Modi ने तेज सुधारों का दिया संकेत, कहा- भारत की ‘Reform Express’ और तेजी से आगे बढ़ेगी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों की रफ्तार और तेज करने का संकेत दिया है। Economic Times World Leaders Forum 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में सरकार की ‘Reform Express’ और अधिक गति से आगे बढ़ेगी। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुधारों को लगातार आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत की राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण है। ‘Reform Express’ और तेजी से आगे बढ़ेगी अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत वर्तमान में अगली पीढ़ी के सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें कारोबार करना आसान हो और आम नागरिकों के जीवन में भी सुधार आए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार Ease of Living और Ease of Doing Business दोनों क्षेत्रों में सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और नागरिकों के बीच संबंध शक के बजाय भरोसे पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सुधारों की यह प्रक्रिया और तेज होगी और सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी। ‘Prohibited Unless Permitted’ से बदल रहा नियमों का नजरिया प्रधानमंत्री मोदी ने देश की नियामक व्यवस्था में बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले नियमों को लेकर सोच ‘Prohibited Unless Permitted’ यानी अनुमति मिलने तक किसी गतिविधि को प्रतिबंधित मानने जैसी थी। सरकार अब इसे बदलकर ‘Permitted Unless Prohibited’ की दिशा में ले जा रही है। इसका अर्थ है कि जो काम कानूनन प्रतिबंधित नहीं हैं, उन्हें करने के लिए कारोबारियों और नागरिकों को अनावश्यक बाधाओं का सामना न करना पड़े। पीएम मोदी ने Jan Vishwas जैसे कदमों, पुराने कानूनों को हटाने और कई प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार नागरिकों और उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम करने की दिशा में काम कर रही है। उत्पादन बढ़ाने वालों को अब प्रोत्साहन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की औद्योगिक नीति में आए बदलाव को समझाते हुए पुराने दौर और वर्तमान व्यवस्था की तुलना की। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब निर्धारित सीमा से ज्यादा उत्पादन करने वाली कंपनियों को दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री ने इसे ‘Production Linked Punishment’ की सोच बताया। उन्होंने इसकी तुलना मौजूदा Production Linked Incentive (PLI) व्यवस्था से की, जिसके तहत अधिक उत्पादन और विनिर्माण को प्रोत्साहन दिया जाता है। पीएम मोदी के मुताबिक सरकार का नजरिया उद्योगों को नियंत्रित करने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने में सक्षम बनाने का है। दुनिया भारत को ‘Bright Spot’ के रूप में देख रही: PM Modi प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया कई तरह की अनिश्चितताओं और अविश्वास के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि संसाधनों के रणनीतिक इस्तेमाल और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भी दुनिया भारत को विकास और उम्मीद के एक मजबूत केंद्र के रूप में देख रही है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों की निरंतरता देश की बड़ी ताकत है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमानों का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। विकसित भारत के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों पर जोर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए सात महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भी उल्लेख किया। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, लॉजिस्टिक्स, डिफेंस, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा सॉफ्ट पावर शामिल हैं। प्रधानमंत्री का कहना है कि इन क्षेत्रों में सुधार और निवेश भारत को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत की मजबूती से दुनिया को भी मिलेगी स्थिरता पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत जितना स्थिर और सुरक्षित होगा, दुनिया को स्थिरता देने की उसकी क्षमता उतनी ही मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं, नारी शक्ति, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के हित में लगातार काम करती रहेगी और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सुधारों की रफ्तार को और तेज किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस बयान को सरकार की आने वाली आर्थिक और प्रशासनिक नीतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले महीनों में केंद्र सरकार किन क्षेत्रों में नए सुधारों और नीतिगत बदलावों की घोषणा करती है। स्रोत – प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), द इंडियन एक्सप्रेस, द इकोनॉमिक टाइम्स जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रेस क्लब में ‘मोदी चालीसा’ का अनावरण; VIDEO वायरल होते ही मचा बवाल, आयोजकों से अलग हुआ प्रेस क्लब

नई दिल्ली: दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा में आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी के कटआउट के सामने आरती और ‘मोदी चालीसा’ का पाठ करते लोग दिखाई दे रहे हैं। कार्यक्रम में ‘जय जय मोदी’ और ‘हर हर मोदी’ जैसे नारे भी लगाए गए। वीडियो में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नरेंद्र मोदी की तस्वीर/कटआउट को भगवान राम के स्वरूप में दिखाया गया है। मंच पर इसी तस्वीर के सामने आरती की गई और ‘भगवान श्री नरेंद्र मोदी चालीसा’ का पाठ किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने धार्मिक अंदाज में नारे भी लगाए। वीडियो वायरल होने के बाद इसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और प्रेस क्लब परिसर में हुए इस आयोजन को लेकर सवाल उठने लगे। बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड से जुड़े पदाधिकारी रहे मौजूद रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम में बिहार किन्नर कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राजन सिंह प्रमुख रूप से मौजूद थे। राजन सिंह इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर पटना में मंदिर बनाने की घोषणा को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। आयोजन में ‘मोदी चालीसा’ को प्रस्तुत करने के साथ उसका पाठ भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को भगवान श्रीराम के स्वरूप में प्रदर्शित करने वाली तस्वीर भी दिखाई गई। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने किया किनारा विवाद बढ़ने के बाद प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम उसकी ओर से आयोजित नहीं किया गया था। क्लब के अनुसार, एक संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए हॉल किराये पर लिया था, लेकिन वहां आयोजित गतिविधि ने बुकिंग की शर्तों का उल्लंघन किया। जानकारी मिलते ही क्लब अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर कार्यक्रम को रुकवा दिया। इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा आयोजन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं था। VIDEO वायरल होने के बाद राजनीतिक बहस ‘मोदी चालीसा’ के वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर राजनीतिक और वैचारिक बहस शुरू हो गई है। आलोचक इसे राजनीतिक व्यक्तिपूजा का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि समर्थकों की ओर से इसे प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और समर्थन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रेस क्लब की ओर से कार्यक्रम से दूरी बनाए जाने के बाद विवाद का केंद्र अब आयोजकों द्वारा क्लब की बुकिंग की शर्तों के कथित उल्लंघन और कार्यक्रम की प्रकृति पर है। सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रहा है मामला? प्रधानमंत्री की तस्वीर के सामने आरती, धार्मिक शैली में ‘मोदी चालीसा’ का पाठ और ‘जय जय मोदी’ जैसे नारों वाले वीडियो ने कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर काफी ध्यान आकर्षित किया। इसी वजह से यह मामला आज की Trending Political News में शामिल हो गया है। फिलहाल प्रेस क्लब ने साफ कर दिया है कि उसने इस आयोजन का समर्थन या आयोजन नहीं किया था और नियमों के उल्लंघन के बाद कार्यक्रम को रोक दिया गया। स्रोत: प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, लाइव हिन्दुस्तान, द लल्लनटॉप, अमर उजाला Jai Rashtra News

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दिमागी नक्सल’ बयान पर सियासी घमासान, पी. चिदंबरम के पलटवार पर किरेन रिजिजू का जवाब

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर BJP और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सफाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था। लाल किले से पीएम मोदी ने क्या कहा? 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद को काफी हद तक खत्म किया है, लेकिन ऐसी विचारधाराओं से जुड़े लोग अब भी अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने देश को ऐसे ‘दिमागी नक्सलियों’ से सावधान रहने की बात कही। पीएम के इस बयान के बाद विपक्ष ने सवाल उठाया कि क्या यह टिप्पणी सरकार की आलोचना करने वाले विपक्षी नेताओं और असहमति की आवाजों को निशाना बनाने के लिए की गई थी। चिदंबरम का तीखा पलटवार कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के बयान का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। उनके बयान के बाद कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक बहस और तेज हो गई। कांग्रेस नेताओं ने इस शब्दावली को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करने वालों को इस तरह के लेबल से जोड़ना कितना उचित है। रिजिजू ने दी सफाई केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था। रिजिजू के मुताबिक, इस शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया गया जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, संविधान को नहीं मानते या अलगाववादी विचारों तथा अनुच्छेद 370 जैसी पुरानी व्यवस्था के समर्थन में खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का निशाना राजनीतिक विरोधी नहीं, बल्कि ऐसी विचारधाराएं हैं जिन्हें सरकार देश की संवैधानिक व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता के लिए चुनौती मानती है। विवाद सोशल मीडिया तक पहुंचा चिदंबरम के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर बहस तेज हो गई। BJP समर्थकों ने चिदंबरम के बयान को पीएम मोदी की बात को अपने ऊपर लेने के रूप में पेश किया, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसे सरकार की आलोचना और असहमति को दबाने वाली भाषा बताया। इसी बीच PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी रिजिजू की सफाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 370 का समर्थन करती हैं और इसी संदर्भ में उन्होंने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कहा। BJP बनाम कांग्रेस: बढ़ा राजनीतिक तापमान इस पूरे विवाद ने स्वतंत्रता दिवस के बाद BJP और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। एक ओर BJP प्रधानमंत्री के बयान को नक्सलवाद और अलगाववाद के खिलाफ वैचारिक लड़ाई के रूप में पेश कर रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक असहमति को निशाना बनाने वाली भाषा बता रहा है। निष्कर्ष ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पी. चिदंबरम के पलटवार और किरेन रिजिजू की सफाई के बाद और तेज हो गया है। फिलहाल राजनीतिक बहस का मुख्य सवाल यही है कि पीएम मोदी की टिप्पणी का वास्तविक निशाना कौन था और इस शब्द की राजनीतिक व्याख्या किस तरह की जाए। Source: India Today, NDTV, ABP News, PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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PM Modi ने Independence Day पर ‘Saptadhara’ Vision पेश किया

नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश के विकास की नई दिशा के रूप में ‘शक्ति की सप्तधारा’ (Saptadhara) का विजन सामने रखा। प्रधानमंत्री ने इन सात धाराओं को भारत की आर्थिक ताकत, आत्मनिर्भरता और ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाला आधार बताया। क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार भारत की विकास यात्रा को सात प्रमुख क्षेत्रों की ताकत से गति मिलेगी। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर शामिल हैं। उन्होंने देशवासियों से इन सात क्षेत्रों को राष्ट्रीय शक्ति के प्रमुख स्रोत के रूप में मजबूत करने का आह्वान किया। 1. मैन्युफैक्चरिंग बनेगी विकास की ताकत सप्तधारा की पहली धारा मैन्युफैक्चरिंग पावर है। PM Modi ने भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को केवल तैयार उत्पादों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरी components से लेकर complete products तक देश में निर्माण की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने उद्योगों से cost, quality और scale पर ध्यान देने की अपील की, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकें। 2. कृषि और खाद्य उत्पादन पर जोर दूसरी धारा कृषि और food production से जुड़ी है। सरकार का फोकस कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को बेहतर बाजार, खाद्य प्रसंस्करण और value addition से जोड़ने पर रहेगा। इससे कृषि को केवल प्राथमिक उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय एक बड़े आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा सकता है। 3. Technology और Innovation सप्तधारा की तीसरी और बेहद महत्वपूर्ण धारा Technology Power है। PM Modi ने AI, semiconductor, data centres और emerging technologies में भारत की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को नई तकनीकों के साथ जोड़ने और भारत को technology-driven economy बनाने की आवश्यकता बताई। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI training देने की योजना की भी घोषणा की। 4. Gati Shakti और मजबूत Connectivity चौथी धारा Gati Shakti यानी तेज और बेहतर connectivity से संबंधित है। इसका उद्देश्य देश में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और अन्य infrastructure networks को मजबूत करना है। बेहतर connectivity से माल की आवाजाही की लागत और समय कम करने तथा manufacturing और व्यापार को गति देने में मदद मिल सकती है। 5. Defence Power से आत्मनिर्भर सुरक्षा सप्तधारा की पांचवीं धारा Raksha Shakti यानी Defence Power है। PM Modi ने रक्षा उत्पादन में भारत की बढ़ती क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में देश का defence production करीब चार गुना बढ़ा है। उन्होंने hypersonic technology, drones, counter-drone systems और स्वदेशी air-defence capabilities में प्रगति का भी उल्लेख किया। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भारत की रणनीतिक और आर्थिक ताकत से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री ने घरेलू उत्पादन और technology development को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। 6. Green और Blue Economy छठी धारा हरित और नीली अर्थव्यवस्था है। Green economy के तहत renewable energy, clean technology और sustainable development को महत्व दिया गया है। वहीं Blue economy में भारत की लंबी coastline, fisheries, coastal tourism और ocean technology जैसी संभावनाओं को आर्थिक विकास के नए स्रोत के रूप में देखा गया है। इसका उद्देश्य विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाना है। 7. India की Soft Power सप्तधारा की सातवीं धारा भारत की Soft Power है। PM Modi ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं दुनिया में भारत की पहचान और प्रभाव को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने योग, आयुर्वेद और भारत की आध्यात्मिक एवं holistic healthcare traditions को भारत की soft power के प्रमुख उदाहरणों के रूप में पेश किया। भारतीय संस्कृति, पर्यटन, परंपराओं और वैश्विक कूटनीतिक प्रभाव को आर्थिक एवं रणनीतिक ताकत में बदलना इस धारा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। ‘Saptadhara’ का लक्ष्य क्या है? प्रधानमंत्री ने सप्तधारा को Viksit Bharat @2047 के व्यापक लक्ष्य से जोड़ा। भारत 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा। ऐसे में सरकार का लक्ष्य देश को एक विकसित, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करना है। सप्तधारा इसी लक्ष्य के लिए आर्थिक, तकनीकी, सामाजिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ाने का रोडमैप प्रस्तुत करती है। युवाओं को विकास का केंद्र PM Modi ने अपने Independence Day address में युवाओं की भूमिका को विशेष महत्व दिया। AI training और competitive examinations के लिए free online coaching जैसे ऐलानों के जरिए सरकार ने युवाओं को भारत की अगली विकास यात्रा का प्रमुख भागीदार बनाने का संदेश दिया। तकनीक, innovation और entrepreneurship में युवाओं की भागीदारी को भारत की future growth के लिए महत्वपूर्ण माना गया। आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत तक सप्तधारा का एक प्रमुख संदेश आत्मनिर्भरता है। Manufacturing और defence से लेकर technology, energy और agriculture तक घरेलू क्षमता बढ़ाने का उद्देश्य भारत की बाहरी निर्भरता कम करना और वैश्विक बाजार में देश की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत करना है। प्रधानमंत्री ने इन सात धाराओं को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताया, यानी केवल किसी एक क्षेत्र की प्रगति से नहीं बल्कि सभी क्षेत्रों के साथ-साथ मजबूत होने से भारत की व्यापक शक्ति बढ़ेगी। क्यों महत्वपूर्ण है यह घोषणा? ‘Saptadhara’ इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भारत के अगले विकास चरण को केवल GDP growth तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें उद्योग, किसान, technology, infrastructure, national security, sustainability और cultural influence को एक साथ विकास के प्रमुख आधारों के रूप में रखा गया है। यदि इन क्षेत्रों में घोषित लक्ष्यों को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो इससे रोजगार, investment, exports, innovation और strategic autonomy को बढ़ावा मिल सकता है। निष्कर्ष स्वतंत्रता दिवस 2026 के अपने संबोधन में PM Modi ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ के जरिए भारत के भविष्य की सात प्रमुख दिशाएं सामने रखीं। Manufacturing, Agriculture, Technology, Gati Shakti, Defence, Green & Blue Economy और Soft Power — इन सात क्षेत्रों को मजबूत करने का लक्ष्य भारत को आत्मनिर्भरता से आगे ले जाकर ‘विकसित भारत @2047’ की दिशा में आगे बढ़ाना है। आने वाले वर्षों में इस विजन की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर…

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राष्ट्रीय | PM Modi ने IIT Delhi में emerging technologies पर दिया जोर, बोले—देश की जरूरतों को ध्यान में रखकर करें innovation

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT Delhi के 57वें दीक्षांत समारोह में छात्रों और युवा इंजीनियरों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के विकास में innovation, research और emerging technologies की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने करियर और तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि देश की वास्तविक जरूरतों के समाधान के लिए भी करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक और वैश्विक परिस्थितियों के दौर में युवाओं को लगातार सीखते रहना होगा। उन्होंने छात्रों को जिज्ञासु बने रहने, सवाल पूछने और ऐसी समस्याओं के समाधान खोजने की सलाह दी जिनका कोई तैयार जवाब मौजूद नहीं है। करियर का आकलन सिर्फ सैलरी से न करें PM Modi ने IIT Delhi के graduating students से कहा कि वे अपने करियर के फैसले लेते समय केवल वेतन या व्यक्तिगत लाभ को आधार न बनाएं। उन्होंने युवाओं से यह सोचने को कहा कि उनके काम से देश की कौन-सी जरूरत पूरी होगी और समाज को उसका क्या लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश की प्रगति में योगदान देने का मतलब केवल सरकारी क्षेत्र में काम करना नहीं है। निजी कंपनियों, startups, research institutions और technology-driven businesses के जरिए भी युवा राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ‘Out of syllabus’ समस्याओं के लिए तैयार रहें प्रधानमंत्री ने छात्रों को जीवन और करियर की चुनौतियों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिंदगी की कई कठिन परीक्षाएं ऐसी होती हैं जो ‘out of syllabus’ होती हैं। उनका संदेश था कि वास्तविक दुनिया की समस्याओं के लिए किताबों में हमेशा तैयार उत्तर नहीं मिलते। ऐसे में युवाओं को परिस्थितियों के अनुसार सीखने, सोचने और समाधान निकालने की क्षमता विकसित करनी होगी। Emerging technologies में भारत की बड़ी संभावनाएं PM Modi ने कहा कि दुनिया तेजी से technological transformation के दौर से गुजर रही है। Artificial Intelligence, advanced computing, quantum technology और दूसरी emerging technologies आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था और समाज को प्रभावित करेंगी। ऐसे समय में भारत के लिए केवल नई तकनीकों का इस्तेमाल करना पर्याप्त नहीं होगा। देश को research, innovation और indigenous technology development पर भी जोर देना होगा, ताकि भारत अपनी जरूरतों के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित कर सके। Research को वास्तविक समस्याओं से जोड़ने पर जोर प्रधानमंत्री ने छात्रों और researchers से कहा कि उनकी research का उद्देश्य केवल academic achievement तक सीमित नहीं रहना चाहिए। Research को देश और समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं को ऐसे solutions विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जो भारत की बड़ी चुनौतियों जैसे infrastructure, energy, healthcare, education और technology access में उपयोगी साबित हो सकें। लगातार सीखते रहने की सलाह PM Modi ने graduating students से कहा कि degree हासिल करने के बाद learning खत्म नहीं होती। बदलती technology के दौर में professionals को लगातार अपने skills को update करना होगा। उन्होंने युवाओं से curiosity बनाए रखने और नए सवाल पूछने की आदत विकसित करने को कहा। उनके मुताबिक, तेजी से बदलती दुनिया में सीखने की क्षमता ही लंबे समय में सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक होगी। वैश्विक बदलावों को अवसर के रूप में देखें प्रधानमंत्री ने geopolitical बदलावों और technological transformation का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और इन बदलावों के बीच भारत के सामने नई चुनौतियों के साथ-साथ बड़े अवसर भी मौजूद हैं। युवा engineers और technology professionals इन बदलावों को समझकर भारत को global technology ecosystem में मजबूत स्थिति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। IIT Delhi के graduates को मिला बड़ा संदेश IIT Delhi के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री का मुख्य संदेश यह रहा कि देश की नई पीढ़ी केवल नौकरी पाने वाली workforce न बने, बल्कि problem solvers, innovators और technology creators के रूप में आगे बढ़े। उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान और skills को देश की जरूरतों के साथ जोड़ने की अपील की। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत AI, semiconductor, quantum technology, space technology और अन्य advanced technology sectors में अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। IIT Delhi में ‘Param Pragya’ का भी उल्लेख IIT Delhi के 57वें Convocation से जुड़े कार्यक्रम में institute की research और technology initiatives भी चर्चा में रहे। समारोह में ‘Param Pragya’ से जुड़े कार्यक्रम का भी उल्लेख हुआ, जो भारत की advanced computing और technology capabilities को मजबूत करने की दिशा से जुड़ा है। यह पहल इस व्यापक दिशा से जुड़ी है जिसमें भारत emerging technologies में research और indigenous capabilities को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। निष्कर्ष IIT Delhi के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवा engineers और graduates को innovation, research और continuous learning पर जोर देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि career decisions लेते समय केवल salary को नहीं, बल्कि देश की जरूरतों और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए। प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब emerging technologies तेजी से दुनिया की अर्थव्यवस्था और रोजगार के स्वरूप को बदल रही हैं। भारत के लिए आने वाले वर्षों में यह चुनौती होगी कि वह केवल नई technologies को अपनाए नहीं, बल्कि research और innovation के जरिए अपनी तकनीकी क्षमताएं भी विकसित करे। Source: All India Radio / DD India, Hindustan Times, Indian Express, IIT Delhi Convocation-related reports जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत सरकार ने Meta की ग्लोबल टीम को तलब किया, PM मोदी की पोस्ट और ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी पर होगी जवाबदेही तय

नई दिल्ली: भारत सरकार ने सोशल मीडिया कंपनी Meta (Facebook और Instagram) की वैश्विक टीम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की Facebook पोस्ट के अस्थायी रूप से हटाए जाने और ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी (Child Safety) से जुड़े मामलों पर स्पष्टीकरण देने के लिए नई दिल्ली तलब किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों के साथ होने वाली इस बैठक में कंटेंट मॉडरेशन, बच्चों की सुरक्षा, AI आधारित निगरानी और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। PM मोदी की पोस्ट पर उठा विवाद हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक Facebook पोस्ट कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं रही थी। Meta ने बाद में इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए पोस्ट को बहाल कर दिया और खेद भी व्यक्त किया। हालांकि, सरकार का मानना है कि इस तरह की घटनाएँ सार्वजनिक संवाद और डिजिटल प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता से जुड़ी हैं, इसलिए कंपनी से विस्तृत स्पष्टीकरण लिया जाना आवश्यक है। ऑनलाइन चाइल्ड सेफ्टी पर सरकार सख्त बैठक का दूसरा प्रमुख मुद्दा प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा है। सरकार Meta से यह जानना चाहती है कि बच्चों के खिलाफ यौन शोषण संबंधी सामग्री (CSAM), फर्जी अकाउंट, ऑनलाइन ग्रूमिंग और आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए कंपनी कौन-कौन से तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठा रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय उपयोगकर्ताओं, विशेषकर बच्चों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म सुरक्षित बने रहें। AI और कंटेंट मॉडरेशन पर भी चर्चा सूत्रों के अनुसार बैठक में AI आधारित कंटेंट मॉडरेशन, डीपफेक सामग्री, फर्जी सूचनाओं की रोकथाम और Verified Accounts की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा होगी। सरकार चाहती है कि Meta भारतीय कानूनों और आईटी नियमों के अनुरूप अपनी नीतियों को और अधिक पारदर्शी बनाए तथा शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे। डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर जोर भारत सरकार लगातार यह स्पष्ट कर रही है कि देश में कार्यरत सभी डिजिटल प्लेटफॉर्मों को स्थानीय कानूनों का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी केवल कंटेंट होस्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपयोगकर्ता सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी है। निष्कर्ष Meta की वैश्विक टीम के साथ होने वाली यह बैठक भारत सरकार और बड़ी टेक कंपनियों के बीच डिजिटल सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भारतीय कानूनों के अनुरूप बनाना है, ताकि उपयोगकर्ताओं का भरोसा मजबूत हो सके। Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) | Meta जय राष्ट्र न्यूज़

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