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Kharge PM Modi के सामने उठाएंगे SIR, Delimitation और Women’s Reservation के मुद्दे

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ प्रस्तावित बैठक में Special Intensive Revision (SIR), परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। खड़गे के मुताबिक, वह इन विषयों पर विपक्ष की चिंताओं को सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे। SIR को लेकर विपक्ष की चिंताएं Special Intensive Revision यानी SIR मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने, दस्तावेजों के सत्यापन और पात्र मतदाताओं के सूची से बाहर होने की आशंकाओं पर सवाल उठा रहे हैं। खड़गे ने संकेत दिया है कि वह बैठक में इन चिंताओं को विस्तार से रखेंगे। विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनुचित तरीके से न हटे। Delimitation क्यों है अहम मुद्दा? परिसीमन का अर्थ निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं और संसदीय प्रतिनिधित्व का पुनर्निर्धारण है। इस मुद्दे पर कई विपक्षी दलों, विशेषकर दक्षिण भारत के कुछ राजनीतिक दलों ने चिंता जताई है। उनकी आशंका है कि भविष्य में जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्वितरण से राज्यों के बीच संसद में प्रतिनिधित्व का संतुलन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में विपक्ष इस प्रक्रिया को लेकर व्यापक राजनीतिक सहमति और राज्यों के साथ परामर्श की मांग कर रहा है। Women’s Reservation के क्रियान्वयन पर भी चर्चा महिला आरक्षण भी प्रस्तावित बातचीत के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। कांग्रेस महिला आरक्षण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और इसकी समय-सीमा को लेकर सवाल उठाती रही है। कानून के तहत आरक्षण के क्रियान्वयन को जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया है। विपक्ष इस विषय पर सरकार से स्पष्टता और जल्द क्रियान्वयन की मांग कर रहा है। PM Modi के सामने सीधे रखेंगे अपनी बात खड़गे ने कहा है कि वह इन मुद्दों पर अपनी चिंताओं को प्रधानमंत्री के सामने स्पष्ट रूप से रखेंगे। SIR, परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा को राजनीतिक और संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां विपक्ष इन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और व्यापक परामर्श पर जोर दे रहा है, वहीं संबंधित सरकारी कदम संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाए जाने हैं। प्रस्तावित बैठक में इन मुद्दों पर क्या चर्चा होती है, इस पर नजर रहेगी। Source: Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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PM मोदी ने Flydubai के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात की, बहादुरी की तारीफ की

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को Flydubai के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात की और उनकी बहादुरी, सूझबूझ और साहस की सराहना की। कैप्टन मच्छर हाल में दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai उड़ान में कथित हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन उनकी कार्रवाई से विमान में सवार 170 से अधिक लोगों की जान बचाने में मदद मिली। PM मोदी ने जाना कैप्टन मच्छर का हाल प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छर के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि बेहद कठिन परिस्थिति में भी कैप्टन मच्छर ने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, वह देश के लिए गर्व की बात है। कैप्टन मच्छर ने बताया उस दिन क्या हुआ बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री को घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने cockpit का दरवाजा खोलने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी रखी। ‘हनुमान चालीसा पढ़ता रहा’ कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत में कहा कि घटना के दौरान वह लगातार हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इससे उन्हें मानसिक ताकत मिली और बेहद कठिन परिस्थिति में भी वह हार नहीं माने। 17 साल का अनुभव आया काम कैप्टन स्मित मच्छर ने बातचीत में बताया कि उनका करीब 17 साल का flying experience है। उन्होंने कहा कि विमान के अचानक नीचे जाने और cockpit की स्थिति को देखते हुए उन्हें खतरे का अंदाजा हो गया था और उन्होंने तेजी से प्रतिक्रिया दी। 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका Flydubai की इस उड़ान में 174 यात्री सवार थे। रिपोर्टों के अनुसार कथित हमले के दौरान कैप्टन मच्छर ने गंभीर चोटों के बावजूद cockpit का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद crew और अन्य लोगों को स्थिति संभालने का मौका मिला। PM मोदी ने पहले भी बताया था ‘Hero’ प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन पहले भी सोशल मीडिया पर कैप्टन मच्छर को “HERO” बताते हुए उनकी बहादुरी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर खतरे और चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छर ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया। PM मोदी बोले- भारतीय जान बचाने वाले हैं बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल्यों और मानवता का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीयों की पहचान जीवन बचाने और मानवता के साथ खड़े रहने की है। उन्होंने कैप्टन मच्छर की कार्रवाई को इसी भावना का उदाहरण बताया। अस्पताल में जारी है इलाज कैप्टन मच्छर फिलहाल अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। भारतीय अधिकारियों ने भी उनसे मुलाकात की है और सरकार की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। घटना की जांच अभी जारी Flydubai flight में कथित हमले के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और कथित हमलावर के इरादे को लेकर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। source – The Indian Express / The New Indian Express / Sky News / Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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PM मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ की, Flydubai विमान में कथित crash attempt से टली बड़ी त्रासदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Flydubai के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की प्रशंसा की है। दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने cockpit का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और अन्य चालक दल के सदस्यों ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। विमान में 174 यात्री सवार थे। PM मोदी ने कैप्टन स्मित को बताया ‘हीरो’ प्रधानमंत्री मोदी ने 1 अक्टूबर को कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि गंभीर खतरे और घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने का साहस दिखाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साहस से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने कैप्टन मच्छर के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। दुबई से तेल अवीव जा रहा था विमान Flydubai का विमान दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान cockpit में दोनों पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई। प्रारंभिक रिपोर्टों और अधिकारियों के बयानों के अनुसार सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन मच्छर पर धारदार हथियार से हमला किया। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन स्मित हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने cockpit का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों, crew members और विमान में मौजूद off-duty pilots को cockpit तक पहुंचने का मौका मिला। इसके बाद हमलावर को काबू में किया गया और विमान का नियंत्रण संभाला गया। तेजी से नीचे आया विमान घटना के दौरान Boeing 737 विमान ने बहुत तेजी से ऊंचाई खोई। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में गिरावट की मात्रा को लेकर अलग आंकड़े सामने आए हैं, इसलिए इसकी सटीक तकनीकी स्थिति आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। हालांकि विमान के अचानक नीचे आने और cockpit में संघर्ष होने की पुष्टि कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में की गई है। 174 यात्रियों की जान बची विमान में कुल 174 यात्री सवार थे। स्थिति पर नियंत्रण पाने के बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के ताबुक में emergency landing कराई गई। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उनकी हालत स्थिर बताई गई। यात्रियों और off-duty pilots ने भी की मदद घटना के दौरान विमान में मौजूद कुछ यात्रियों और off-duty pilots ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Cockpit का दरवाजा खुलने के बाद उन्होंने कथित हमलावर को काबू करने और विमान को स्थिर करने में crew की मदद की। इसके बाद विमान को सुरक्षित लैंड कराया गया। मुंबई के रहने वाले हैं कैप्टन स्मित मच्छर कैप्टन स्मित मच्छर मुंबई के रहने वाले हैं और उन्हें लंबा flying experience है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने करीब 9,750 घंटे की उड़ान पूरी की है। Flydubai से जुड़ने से पहले वह करीब 11 वर्षों तक SpiceJet में भी काम कर चुके थे। अस्पताल में चल रहा इलाज घटना के बाद कैप्टन मच्छर को सऊदी अरब के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी surgery हुई। भारतीय अधिकारियों ने उनके परिवार से संपर्क बनाए रखा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और उनका इलाज जारी है। आरोपी सह-पायलट हिरासत में रिपोर्टों के अनुसार कथित हमलावर सह-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है और घटना की जांच की जा रही है। हमले के पीछे का मकसद अभी आधिकारिक जांच का विषय है। इसलिए इसे आतंकवादी हमला या किसी अन्य निश्चित उद्देश्य से जोड़ना जांच पूरी होने से पहले स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। दुनियाभर में हो रही बहादुरी की चर्चा कैप्टन स्मित मच्छर की कार्रवाई की भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनकी बहादुरी की तारीफ की और यात्रियों की जान बचाने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया। जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी घटना फिलहाल सामने आई जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों, अधिकारियों और प्रारंभिक रिपोर्टों पर आधारित है। विमान के तेजी से नीचे आने, cockpit में हुए संघर्ष और सह-पायलट के कथित इरादे से जुड़े सभी पहलुओं की अंतिम स्थिति आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। source – The Indian Express / Reuters / Associated Press / The Guardian / Flydubai जय राष्ट्र न्यूज़

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‘बालाकोट से ऑपरेशन सिंदूर तक आतंक को मिला करारा जवाब’—PM मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने यह संदेश दिया है कि देश के खिलाफ आतंकी कार्रवाई होने पर उसका जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर की। सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पार कर आतंकवादी लॉन्च पैड्स पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उन्होंने इसे भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव बताते हुए कहा कि उस कार्रवाई ने दुनिया के सामने भारत की नई counter-terrorism approach का उदाहरण पेश किया। बालाकोट से ऑपरेशन सिंदूर तक का किया जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बीते एक दशक में बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की नीति को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि अगर आतंकवादी भारत की तरफ आंख उठाते हैं तो उन्हें “करारा जवाब” दिया जाएगा। यह बयान भारत की मौजूदा आतंकवाद विरोधी नीति के संदर्भ में दिया गया। 2019 में हुई थी बालाकोट एयर स्ट्राइक फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में कार्रवाई की थी। भारत ने उस समय कहा था कि इस कार्रवाई में आतंकी प्रशिक्षण केंद्रों को निशाना बनाया गया। प्रधानमंत्री ने अपने हालिया संबोधन में बालाकोट का उल्लेख सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के साथ किया। ऑपरेशन सिंदूर को बताया नई नीति का हिस्सा प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में एक नया मानक बता चुके हैं। उनके मुताबिक भारत पर आतंकी हमला होने की स्थिति में जवाब भारत अपनी शर्तों और अपने समय के अनुसार देगा। उन्होंने आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाले ढांचे के खिलाफ सख्त रुख की बात भी दोहराई। आतंकवाद पर Zero-Tolerance Policy की बात ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान भारत आतंकवाद के खिलाफ Zero-Tolerance Policy के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को अधिक स्पष्ट और जवाबी कार्रवाई केंद्रित बनाया है। दिल्ली और मुंबई आतंकी हमलों को भी किया याद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 13 सितंबर 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और उसी वर्ष हुए 26/11 मुंबई आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय तक आतंकवादी हमलों का सामना करता रहा है और इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने पिछले वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति मजबूत की है। सेना के साहस की की सराहना प्रधानमंत्री ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को याद करते हुए भारतीय सेना के जवानों के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पार कर आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई की और मिशन के बाद सुरक्षित वापस लौटे। ऑपरेशन सिंदूर पर पहले भी दे चुके हैं बयान ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कई बार बयान दे चुके हैं। उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता से जोड़ा है। उन्होंने पहलगाम हमले के बाद की कार्रवाई के संदर्भ में भी कहा था कि आतंकवाद से जुड़े ठिकानों के खिलाफ भारत सख्त कार्रवाई करेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार का संदेश प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के दस वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर को जोड़ते हुए सरकार की आतंकवाद विरोधी नीति को दोहराया और कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ Zero-Tolerance के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। source – Prime Minister of India / Press Information Bureau जय राष्ट्र न्यूज़

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BRICS Summit 2026 में PM Modi और World Leaders ने किया वृक्षारोपण, Bharat Mandapam में लगाए Banyan Saplings

नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026: New Delhi में आयोजित 18th BRICS Summit के पहले दिन Prime Minister Narendra Modi और BRICS देशों के कई नेताओं ने Bharat Mandapam के lawns में संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। Leaders ने Banyan यानी बरगद के पौधे लगाए और environmental sustainability तथा साझा जिम्मेदारी का संदेश दिया। Putin और Xi Jinping भी हुए शामिल Tree plantation programme में PM Modi के साथ Russian President Vladimir Putin, Chinese President Xi Jinping और अन्य BRICS leaders भी शामिल हुए। Modi समेत कुल 10 leaders Bharat Mandapam की backdrop में एक साथ खड़े हुए और सभी ने एक-एक sapling लगाया। Bharat Innovates Exhibition भी देखा वृक्षारोपण से पहले BRICS leaders ने Bharat Mandapam में आयोजित Bharat Innovates Exhibition का दौरा किया। इसके बाद leaders ने official family photograph में हिस्सा लिया और शाम को joint tree plantation ceremony आयोजित की गई। Sustainability का दिया संदेश Banyan tree plantation को sustainable development और environmental cooperation के प्रतीक के रूप में देखा गया। कार्यक्रम के जरिए BRICS देशों ने climate और ecological challenges से निपटने के लिए collective responsibility और cooperation का संदेश दिया। New Delhi Declaration भी हुआ Adopt Summit के पहले दिन BRICS member countries ने New Delhi Declaration को consensus से adopt किया। Declaration में global governance, multilateral cooperation और international challenges से निपटने के लिए collective approach पर जोर दिया गया। 12–13 September को BRICS Summit India 12 और 13 September को New Delhi के Bharat Mandapam में 18th BRICS Summit की मेजबानी कर रहा है। Summit में Russia, China, South Africa, Iran, Egypt, Ethiopia, Indonesia और UAE समेत BRICS member nations के leaders हिस्सा ले रहे हैं। source – PIB / The New Indian Express / Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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BRICS Summit में PM Modi ने Global Institutions में Reform की मांग उठाई, बोले—‘Pyramid of Privilege’ को ‘Platform of Partnership’ बनाना होगा

नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026: Prime Minister Narendra Modi ने New Delhi में आयोजित BRICS Summit के दौरान global governance system में बड़े reforms की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि दुनिया को ऐसे institutions की जरूरत है जो वर्तमान global realities को reflect करें और Global South को decision-making में उचित प्रतिनिधित्व दें। मोदी ने मौजूदा व्यवस्था को “pyramid of privilege” बताते हुए इसे “platform of partnership” में बदलने का आह्वान किया। Global South को Representation देने पर जोर PM Modi ने कहा कि global crises का सबसे ज्यादा असर अक्सर developing और Global South के देशों पर पड़ता है, लेकिन international institutions में उनकी हिस्सेदारी और influence अभी भी सीमित है। उन्होंने कहा कि governance structures, voting rights और leadership positions में वास्तविक बदलाव जरूरी हैं, ताकि वैश्विक संस्थाएं ज्यादा inclusive और effective बन सकें। ‘Pyramid of Privilege’ बदलने की जरूरत अपने संबोधन में Modi ने कहा कि दुनिया में कुछ देशों को disproportionate influence देने वाली पुरानी व्यवस्था अब बदलनी चाहिए। उनका कहना था कि global order को privilege-based structure से हटाकर partnership-based system की ओर ले जाना होगा, जहां सभी देशों की आवाज को महत्व मिले। UN Security Council समेत Institutions में Reform की मांग India लंबे समय से UN Security Council, multilateral development banks और WTO जैसे institutions में reforms की मांग करता रहा है। BRICS मंच से Modi ने एक बार फिर कहा कि global institutions में बदलाव केवल symbolic नहीं होना चाहिए, बल्कि decision-making structure में भी इसका स्पष्ट असर दिखना चाहिए। BRICS को बताया Global South की मजबूत आवाज PM Modi ने BRICS की बढ़ती भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि grouping अब दुनिया की लगभग 50% population, 40% GDP और 25% से ज्यादा global trade का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने BRICS देशों से collective strength को global solutions में बदलने और cooperation को और मजबूत करने की अपील की। Multipolar World Order पर जोर Summit के दौरान India ने एक multipolar और inclusive world order की जरूरत पर जोर दिया। इससे पहले PM Modi और UN Secretary-General António Guterres की बैठक में भी UN Security Council समेत multilateral institutions को contemporary realities के मुताबिक reform करने की जरूरत पर चर्चा हुई थी। source – PMO India / PIB / Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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PM Modi आज Gujarat और Maharashtra दौरे पर, Vadodara को ₹35,000 करोड़ से ज्यादा के Projects; Mumbai में Global Fintech Fest का उद्घाटन

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Gujarat और Maharashtra के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। Vadodara में वह ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इसके बाद शाम को Mumbai पहुंचकर Global Fintech Fest (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे Vadodara में बड़ा कार्यक्रम Prime Minister’s Office के मुताबिक PM Modi दोपहर करीब 12 बजे Vadodara में विभिन्न infrastructure projects की शुरुआत करेंगे। इनमें railway, highways, freight corridor, urban infrastructure, housing, water supply और renewable energy से जुड़े projects शामिल हैं। Western Dedicated Freight Corridor होगा पूरी तरह Operational दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के तीन sections को राष्ट्र को समर्पित करना है। इन तीन sections की कुल लंबाई 326 route kilometres है और इन पर ₹20,700 करोड़ से अधिक खर्च हुआ है। इनमें: शामिल हैं। इन sections के शुरू होने के साथ Dedicated Freight Corridor network अपनी पूरी लंबाई में operational हो जाएगा। JNPA तक मिलेगी Direct Freight Connectivity New JNPT section के शुरू होने से Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) को Dedicated Freight Corridor से सीधी connectivity मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे export-import cargo की आवाजाही तेज होगी, logistics cost कम करने में मदद मिलेगी और Mumbai railway network पर freight traffic का दबाव भी घटेगा। तीन Railway Projects पर ₹9,700 करोड़ से ज्यादा खर्च PM Modi आज तीन नई railway projects की foundation stone भी रखेंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 329 km और लागत ₹9,700 करोड़ से अधिक है। Projects में: शामिल हैं। इनसे Gujarat और Madhya Pradesh के बीच passenger और freight capacity बढ़ने की उम्मीद है। ₹1,780 करोड़ के तीन Highway Projects प्रधानमंत्री तीन National Highway projects का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी लागत करीब ₹1,780 करोड़ है। इसमें NH-48 के Kamrej–Chalthan section को six-lane करना, Tapi और Narmada पर अतिरिक्त major bridges और NH-53 पर Abhava, Mindhola तथा Khajod junctions पर grade-separated structures शामिल हैं। Kadana Dam पर बनेगा 110 MW Floating Solar Project Gujarat government की करीब ₹2,600 करोड़ की परियोजनाएं भी आज शुरू या inaugurate होंगी। इनमें Vadodara Urban Development Authority Ring Road Phase-II और Kadana Dam पर 110 MW floating solar project प्रमुख हैं। इसके अलावा Vadodara Municipal Corporation के नए office, PMAY housing और पूर्वी Vadodara के 11 गांवों के लिए water-supply project भी शामिल हैं। शाम 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest Vadodara के बाद PM Modi Maharashtra पहुंचेंगे। शाम करीब 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करेंगे। GFF का सातवां edition 8 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें policymakers, central banks, financial institutions, fintech companies, technology firms और global investors हिस्सा ले रहे हैं। AI, Tokenisation और Quantum पर रहेगा Focus इस साल Global Fintech Fest की theme है: “Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance.” सम्मेलन में Agentic AI, programmable finance, tokenisation, quantum technologies और emerging financial technologies के जरिए inclusive और secure financial systems विकसित करने पर चर्चा होगी। Infrastructure से Fintech तक एक दिन में दो बड़े कार्यक्रम PM Modi का आज का Gujarat-Maharashtra दौरा infrastructure और technology दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। Vadodara में freight, railway, highways और renewable-energy projects पर जोर रहेगा, जबकि Mumbai में focus भारत की digital payments और fintech leadership को global level पर आगे बढ़ाने पर होगा। source – Prime Minister’s Office / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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PM Modi आज Gujarat और Maharashtra दौरे पर, Vadodara को ₹35,000 करोड़ से ज्यादा के Projects; Mumbai में Global Fintech Fest का उद्घाटन

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज Gujarat और Maharashtra के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। Vadodara में वह ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इसके बाद शाम को Mumbai पहुंचकर Global Fintech Fest (GFF) 2026 का उद्घाटन करेंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे Vadodara में बड़ा कार्यक्रम Prime Minister’s Office के मुताबिक PM Modi दोपहर करीब 12 बजे Vadodara में विभिन्न infrastructure projects की शुरुआत करेंगे। इनमें railway, highways, freight corridor, urban infrastructure, housing, water supply और renewable energy से जुड़े projects शामिल हैं। Western Dedicated Freight Corridor होगा पूरी तरह Operational दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Western Dedicated Freight Corridor (WDFC) के तीन sections को राष्ट्र को समर्पित करना है। इन तीन sections की कुल लंबाई 326 route kilometres है और इन पर ₹20,700 करोड़ से अधिक खर्च हुआ है। इनमें: शामिल हैं। इन sections के शुरू होने के साथ Dedicated Freight Corridor network अपनी पूरी लंबाई में operational हो जाएगा। JNPA तक मिलेगी Direct Freight Connectivity New JNPT section के शुरू होने से Jawaharlal Nehru Port Authority (JNPA) को Dedicated Freight Corridor से सीधी connectivity मिलेगी। सरकार का कहना है कि इससे export-import cargo की आवाजाही तेज होगी, logistics cost कम करने में मदद मिलेगी और Mumbai railway network पर freight traffic का दबाव भी घटेगा। तीन Railway Projects पर ₹9,700 करोड़ से ज्यादा खर्च PM Modi आज तीन नई railway projects की foundation stone भी रखेंगे। इनकी कुल लंबाई करीब 329 km और लागत ₹9,700 करोड़ से अधिक है। Projects में: शामिल हैं। इनसे Gujarat और Madhya Pradesh के बीच passenger और freight capacity बढ़ने की उम्मीद है। ₹1,780 करोड़ के तीन Highway Projects प्रधानमंत्री तीन National Highway projects का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी लागत करीब ₹1,780 करोड़ है। इसमें NH-48 के Kamrej–Chalthan section को six-lane करना, Tapi और Narmada पर अतिरिक्त major bridges और NH-53 पर Abhava, Mindhola तथा Khajod junctions पर grade-separated structures शामिल हैं। Kadana Dam पर बनेगा 110 MW Floating Solar Project Gujarat government की करीब ₹2,600 करोड़ की परियोजनाएं भी आज शुरू या inaugurate होंगी। इनमें Vadodara Urban Development Authority Ring Road Phase-II और Kadana Dam पर 110 MW floating solar project प्रमुख हैं। इसके अलावा Vadodara Municipal Corporation के नए office, PMAY housing और पूर्वी Vadodara के 11 गांवों के लिए water-supply project भी शामिल हैं। शाम 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest Vadodara के बाद PM Modi Maharashtra पहुंचेंगे। शाम करीब 5:45 बजे Mumbai में Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करेंगे। GFF का सातवां edition 8 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें policymakers, central banks, financial institutions, fintech companies, technology firms और global investors हिस्सा ले रहे हैं। AI, Tokenisation और Quantum पर रहेगा Focus इस साल Global Fintech Fest की theme है: “Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance.” सम्मेलन में Agentic AI, programmable finance, tokenisation, quantum technologies और emerging financial technologies के जरिए inclusive और secure financial systems विकसित करने पर चर्चा होगी। Infrastructure से Fintech तक एक दिन में दो बड़े कार्यक्रम PM Modi का आज का Gujarat-Maharashtra दौरा infrastructure और technology दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। Vadodara में freight, railway, highways और renewable-energy projects पर जोर रहेगा, जबकि Mumbai में focus भारत की digital payments और fintech leadership को global level पर आगे बढ़ाने पर होगा। source – Prime Minister’s Office / PIBजय राष्ट्र न्यूज़

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National Space Day पर PM Modi ने Space Startups के CEOs से संवाद किया साझा, मजबूत ecosystem बनाने पर जोर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को National Space Day के मौके पर देशवासियों और वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र को भविष्य की अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने Space Startups के CEOs और founders के साथ अपने हालिया संवाद को भी साझा किया और देश में ऐसा मजबूत space ecosystem तैयार करने पर जोर दिया, जो दुनिया भर की प्रतिभा, कंपनियों और निवेश को भारत की ओर आकर्षित कर सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास कम लागत में काम करने की क्षमता, गुणवत्तापूर्ण talent और जोखिम लेने की मजबूत क्षमता का ऐसा संयोजन है जो देश को वैश्विक space sector में तेजी से अग्रणी स्थान दिला सकता है। 21 अगस्त को 20 Space Startups के साथ हुई थी बैठक प्रधानमंत्री मोदी ने Space Startup CEOs और founders के साथ यह बैठक 21 अगस्त 2026 को Seva Teerth में की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक बैठक में देश के 20 space startups के CEOs और founders शामिल हुए थे। ये कंपनियां rockets, reusable launch vehicles, satellites, advanced propulsion systems, space intelligence, space debris removal, weather और climate intelligence जैसी अलग-अलग technologies पर काम कर रही हैं। National Space Day पर इस interaction को फिर सामने लाते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की private space industry की ambition और innovation की तारीफ की। PM Modi बोले—दुनिया Space के लिए भारत की ओर देखे Space Startup leaders के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश को ऐसा ecosystem बनाना चाहिए कि जब दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र के बारे में सोचे तो उसकी नजर भारत की ओर जाए। उन्होंने startups से अपने प्रयासों में consistency बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार की policies में निरंतरता होने से entrepreneurs को जोखिम लेने का भरोसा मिलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऐसा environment तैयार कर सकता है जहां दुनिया भर के talented professionals अपने career और भविष्य के लिए Indian space sector को पसंद करें। Global Talent और Investment को आकर्षित करने पर जोर PM Modi ने कहा कि भारत के space sector में global talent, companies और investment को आकर्षित करने की क्षमता है। उनके मुताबिक भारत cost के मामले में highly competitive है और यहां quality talent के साथ risk-taking क्षमता भी मौजूद है। यही combination भारत को international space market में तेजी से मजबूत स्थिति दिला सकता है। Private companies के लिए space sector खोलने के बाद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय startups की संख्या और गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। कई कंपनियां satellite manufacturing से लेकर launch systems और earth observation तक अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं। Agriculture से Environment तक Space Technology का इस्तेमाल प्रधानमंत्री ने startups से space technology को केवल rockets और satellites तक सीमित न रखने की बात कही। उन्होंने कंपनियों से विचार करने को कहा कि उनकी technology का इस्तेमाल: में कैसे किया जा सकता है। PM Modi ने उदाहरण दिया कि agriculture से जुड़ी space technology कंपनियां agricultural universities और departments के साथ मिलकर किसानों को बेहतर data और decision-making tools उपलब्ध करा सकती हैं। Atal Tinkering Labs से जुड़ने की सलाह प्रधानमंत्री ने Space Startups को Atal Tinkering Labs के साथ अधिक सहयोग करने की सलाह भी दी। उनका कहना है कि इससे school level पर ही बच्चों में space science, technology और innovation को लेकर curiosity पैदा की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी को भारत के भविष्य के space missions और technologies से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। इससे आने वाले वर्षों में scientists, engineers, designers और entrepreneurs की नई पीढ़ी तैयार करने में मदद मिल सकती है। National Space Day पर PM Modi का संदेश 23 अगस्त को National Space Day के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों और वैज्ञानिक समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत नई global व्यवस्था में लगातार अपने space sector का विस्तार कर रहा है और नई पीढ़ी के engineers, designers, coders और scientists नई technologies विकसित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में space sector की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने देश से अंतरिक्ष क्षेत्र में और बड़े सपने देखने, अधिक innovation करने और नई सीमाओं को पार करने का आह्वान किया। 23 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है National Space Day? भारत में हर साल 23 अगस्त को National Space Day मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 2023 में Chandrayaan-3 के Vikram Lander ने चंद्रमा की सतह पर सफल soft landing की थी। इसके बाद Pragyan Rover को चंद्रमा पर deploy किया गया था। भारत इस उपलब्धि के साथ चंद्रमा पर सफल soft landing करने वाला चौथा देश बना और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने वाला पहला देश बना। Chandrayaan-3 की सफलता के बाद 23 अगस्त को National Space Day के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी। Private Space Sector में तेजी से बढ़ रहा भारत भारत सरकार ने वर्ष 2020 के बाद space sector को private participation के लिए बड़े स्तर पर खोलना शुरू किया। इसके बाद Skyroot Aerospace, Agnikul Cosmos, Pixxel, Dhruva Space, Bellatrix Aerospace, Digantara और कई अन्य startups ने launch vehicles, satellites और space technologies में तेजी से काम शुरू किया। 21 अगस्त की बैठक में इन कंपनियों समेत कुल 20 startups के representatives शामिल हुए थे। Startups ने प्रधानमंत्री को बताया कि Indian technologies को अपनाने में international companies की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। Space में Pharmaceuticals Manufacturing तक की तैयारी प्रधानमंत्री के साथ interaction के दौरान कुछ startups ने अपनी futuristic technologies की जानकारी भी साझा की। एक startup representative ने ऐसी satellites विकसित करने की योजना का जिक्र किया जो space में जाकर pharmaceutical products manufacture कर सकें और उन्हें वापस पृथ्वी पर लाया जा सके। एक अन्य startup ने बताया कि उसे हालिया launch के बाद केवल एक महीने में आठ launch contracts मिले, जिनमें ज्यादातर international contracts हैं। ये developments दिखाती हैं कि Indian private space companies traditional satellite…

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India-US Trade Deal लगभग Final: अमेरिकी राजदूत Sergio Gor बोले—‘In Principle’ ज्यादातर समझौता पूरा

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में चल रहा Bilateral Trade Agreement अब अंतिम चरण के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा है कि समझौते के लगभग सभी प्रमुख हिस्सों पर दोनों देशों के बीच “in principle” सहमति बन चुकी है और अब मुख्य रूप से कानूनी तथा तकनीकी भाषा को अंतिम रूप देने का काम बाकी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देश व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। Gor ने भरोसा जताया कि बाकी तकनीकी काम पूरा होने के बाद समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। Sergio Gor ने Trade Deal पर क्या कहा? Economic Times World Leaders Forum में बोलते हुए अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा कि India-US Trade Deal के अधिकांश हिस्सों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि अब बातचीत बड़े नीतिगत मतभेदों को सुलझाने के बजाय मुख्य रूप से legal और technical language को व्यवस्थित करने पर केंद्रित है। समझौते के कुछ हिस्सों के text को दोबारा तैयार किया जा रहा है। Gor ने समझौते को लेकर आशावादी रुख दिखाया और संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच अब बड़ी बाधाओं के बजाय अंतिम दस्तावेजी प्रक्रिया पर काम चल रहा है। क्यों बदला जा रहा Trade Agreement का कुछ Text? Sergio Gor ने कार्यक्रम में बताया कि पहले एक समय दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब पहुंच चुके थे, लेकिन अमेरिका में हुए कानूनी घटनाक्रम के बाद deal के कुछ हिस्सों की भाषा को दोबारा तैयार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि Washington अब agreement के कुछ text को “reconfigure” कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इससे पूरी trade negotiation दोबारा शुरू नहीं हुई है और अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा चरण में दोनों पक्ष नए सिरे से पूरा समझौता नहीं बना रहे, बल्कि पहले तय किए गए framework को कानूनी रूप से लागू करने योग्य रूप देने पर काम कर रहे हैं। India-US Trade तेजी से बढ़ा अमेरिकी राजदूत ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक रिश्तों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक करीब 15 साल पहले दोनों देशों के बीच bilateral trade लगभग 20 अरब डॉलर था, जबकि आज यह बढ़कर करीब 240 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। भारत और अमेरिका ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए tariff barriers कम करना, market access बढ़ाना और दोनों देशों की कंपनियों के लिए व्यापार करना आसान बनाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Trade Deal से भारत को क्या फायदा हो सकता है? India-US Trade Agreement का अंतिम स्वरूप अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, इसलिए सभी sector-wise benefits को निश्चित रूप से बताना जल्दबाजी होगी। लेकिन किसी व्यापक trade deal से भारतीय exporters को अमेरिकी बाजार में बेहतर access मिलने, कुछ products पर tariffs कम होने और investment flows बढ़ने की संभावना रहती है। अमेरिका भारत के सबसे महत्वपूर्ण export markets में शामिल है। ऐसे में textiles, engineering goods, pharmaceuticals, electronics और अन्य manufacturing sectors के लिए किसी tariff relief का बड़ा प्रभाव हो सकता है। हालांकि किन products को कितनी राहत मिलेगी, इसका स्पष्ट जवाब final agreement जारी होने के बाद ही मिलेगा। Russian Oil खरीदने वाले देशों पर 100% Tariff की भी चर्चा Sergio Gor ने कार्यक्रम में एक अलग मुद्दे पर भी स्थिति स्पष्ट की। अमेरिकी संसद में ऐसे देशों पर 100 प्रतिशत tariff लगाने के प्रस्ताव की चर्चा चल रही है जो रूस से तेल खरीदते हैं। भारत दुनिया के बड़े Russian crude buyers में शामिल रहा है, इसलिए ऐसे किसी प्रस्ताव का भारत पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि Gor ने कहा कि यह प्रस्ताव अमेरिकी Congress में bipartisan स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है और इसे सीधे President Donald Trump या White House की घोषित नीति नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि Trump administration की प्राथमिकता Russia-Ukraine युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में काम करना है। Trump-Modi संबंधों पर भी बोले Sergio Gor अमेरिकी राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के रिश्तों को भी दोनों देशों की partnership के लिए महत्वपूर्ण बताया। Gor ने कहा कि Trump और Modi के बीच गहरा व्यक्तिगत संबंध और आपसी भरोसा है। उनके मुताबिक दोनों नेता तेजी से परिणाम चाहते हैं और bilateral relationship को आगे बढ़ाने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि India-US relationship केवल trade तक सीमित नहीं है, बल्कि defence, energy, technology और Indo-Pacific cooperation जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। Marco Rubio अक्टूबर में फिर आ सकते हैं भारत India-US संबंधों में बढ़ती diplomatic engagement का संकेत देते हुए Sergio Gor ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio अक्टूबर में भारत का दौरा कर सकते हैं। यह Rubio की इस साल भारत की दूसरी यात्रा होगी। इससे पहले वह मई में पांच दिन के दौरे पर भारत आए थे। Gor ने कहा कि अमेरिकी सरकार के शीर्ष अधिकारियों की लगातार भारत यात्राएं यह दिखाती हैं कि Washington भारत के साथ रिश्तों को कितनी प्राथमिकता देता है। क्या Trade Deal अब Final हो चुकी है? फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि India-US Trade Deal पूरी तरह final और लागू हो चुकी है। Sergio Gor के मुताबिक मुख्य मुद्दों पर “in principle” सहमति लगभग पूरी है, लेकिन legal और technical drafting अभी जारी है। इसके बाद दोनों सरकारों को final text पर औपचारिक सहमति देनी होगी और agreement को लागू करने के लिए जरूरी administrative और legal processes पूरी करनी होंगी। इसलिए वर्तमान स्थिति को “लगभग अंतिम चरण में पहुंचा समझौता” कहना ज्यादा सटीक होगा। India-US संबंधों के लिए बड़ा संकेत Trade deal का पूरा होना दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जबकि अमेरिका उसका प्रमुख trading और strategic partner है। दोनों देशों की कंपनियों के बीच technology, energy, pharmaceuticals, manufacturing और defence sectors में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। Sergio Gor…

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