NDA सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी युवाओं को संबोधित करते हुए

NDA सरकार के 12 वर्ष पूरे, PM मोदी ने युवा शक्ति को विकास का आधार बताया

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा राजनीतिक अपडेट दिनांक: 13 जून 2026 मुख्य समाचार नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की युवा शक्ति ही देश के उज्ज्वल भविष्य और विकास की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने युवाओं को अवसर देने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने युवाओं से तकनीक, स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। युवा शक्ति को बताया विकास का इंजन नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को रोजगार, शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने लाखों युवाओं को नए अवसर प्रदान किए हैं। विकसित भारत 2047 पर विशेष जोर नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार शिक्षा, तकनीक, आधारभूत ढांचे और नवाचार पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि यदि देश का युवा वर्ग अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का सही उपयोग करे तो भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना सकता है। 12 वर्षों की उपलब्धियों का किया उल्लेख नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ने NDA सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल की विभिन्न उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आधारभूत ढांचे के विस्तार, डिजिटल सेवाओं के विकास, वित्तीय समावेशन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और सामाजिक कल्याण योजनाओं को महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया। सरकार का दावा है कि इन पहलों ने देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रोजगार और नवाचार पर रहेगा फोकस नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन और नवाचार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने युवाओं से नई तकनीकों को अपनाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार करने का आग्रह किया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल अर्थव्यवस्था युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज नई दिल्ली: NDA सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सत्तारूढ़ गठबंधन ने अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने रखा, जबकि विपक्षी दलों ने रोजगार, महंगाई और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आने वाले समय में विकास और रोजगार प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बने रह सकते हैं। निष्कर्ष नई दिल्ली: NDA सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश युवाओं, नवाचार और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर केंद्रित रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की युवा शक्ति ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की सबसे बड़ी ताकत है। आने वाले वर्षों में सरकार का फोकस रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार पर बना रहेगा। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें राजनीति, राष्ट्रीय और देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए।

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भारत की अर्थव्यवस्था से खुशखबरी, निवेश और विकास दर को लेकर आए सकारात्मक संकेत

भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर हाल के दिनों में कई सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। निवेश गतिविधियों में बढ़ोतरी, औद्योगिक उत्पादन में सुधार और विकास दर के मजबूत अनुमानों ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग, बुनियादी ढांचे में निवेश और सरकारी सुधारों का असर अब अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। आर्थिक जानकारों के अनुसार भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति बनाए हुए है। विभिन्न आर्थिक संकेतकों से यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में विकास की गति और मजबूत हो सकती है। निवेश में बढ़ी तेजी हाल के महीनों में निजी और सार्वजनिक निवेश गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्रों में बड़े निवेश देखने को मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश बढ़ने से नए उद्योगों की स्थापना, उत्पादन क्षमता में विस्तार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावना बनती है। इससे देश की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। विकास दर को लेकर सकारात्मक अनुमान अर्थशास्त्रियों और विभिन्न वित्तीय संस्थानों ने भारत की विकास दर को लेकर सकारात्मक अनुमान व्यक्त किए हैं। मजबूत घरेलू मांग, बढ़ते उपभोग और निवेश के कारण आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो भारत आने वाले वर्षों में भी मजबूत आर्थिक प्रदर्शन जारी रख सकता है। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का योगदान भारतीय अर्थव्यवस्था में विनिर्माण और सेवा क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उत्पादन गतिविधियों में सुधार और सेवाओं की बढ़ती मांग से आर्थिक विकास को मजबूती मिली है। सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाएं, ई-कॉमर्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों ने भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में योगदान दिया है। रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि का सकारात्मक प्रभाव रोजगार बाजार पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश बढ़ने और नए प्रोजेक्ट शुरू होने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से विनिर्माण, निर्माण, प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्रों में भर्ती गतिविधियों के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वैश्विक निवेशकों का बढ़ता भरोसा भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बाजार माना जा रहा है। बड़ी आबादी, तेजी से बढ़ता डिजिटल इकोसिस्टम और आर्थिक सुधारों ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाएं विदेशी निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरकार की नीतियों का असर सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल परिवर्तन और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की गई हैं। इन पहलों का सकारात्मक प्रभाव आर्थिक गतिविधियों पर देखने को मिल रहा है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सुधारों की निरंतरता देश की विकास यात्रा को और मजबूत बना सकती है। आम लोगों पर क्या होगा असर? यदि आर्थिक विकास की गति मजबूत बनी रहती है तो इसका लाभ आम नागरिकों को भी मिल सकता है। रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं, व्यवसायिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं और आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। इसके अलावा बेहतर आर्थिक माहौल से उपभोक्ता विश्वास और बाजार की गतिविधियों में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

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दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल विपक्षी दलों के नेता चुनावी रणनीति और गठबंधन की एकता पर चर्चा करते हुए।

INDIA गठबंधन की बड़ी बैठक आज दिल्ली में, 23 दलों के साथ विपक्षी रणनीति पर मंथन

नई दिल्ली, 8 जून 2026 — देश की राजनीति में आज एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला जब INDIA गठबंधन के 23 सहयोगी दलों के नेता नई दिल्ली में एक अहम बैठक के लिए एकत्र हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्षी एकता को मजबूत करना, आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करना रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब देश में आगामी चुनावों और बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। विपक्षी दल एकजुट होकर अपनी राजनीतिक ताकत को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। विपक्षी एकता पर विशेष जोर बैठक में शामिल नेताओं ने गठबंधन की मजबूती और आपसी समन्वय पर चर्चा की। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए साझा रणनीति बनाने पर भी विचार किया गया। नेताओं का मानना है कि मजबूत विपक्ष लोकतंत्र के लिए आवश्यक है और इसके लिए सभी दलों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। इसी उद्देश्य से INDIA गठबंधन लगातार संवाद और समन्वय बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। चुनावी रणनीति पर मंथन बैठक के दौरान आगामी चुनावों के लिए संभावित रणनीतियों पर भी चर्चा हुई। इसमें जनसंपर्क अभियान, संगठनात्मक मजबूती, सीटों के समन्वय और साझा मुद्दों को जनता तक पहुंचाने जैसे विषय शामिल रहे। सूत्रों के अनुसार, गठबंधन के नेता विभिन्न राज्यों में सहयोग को और मजबूत बनाने तथा मतदाताओं तक प्रभावी तरीके से पहुंचने की योजना पर विचार कर रहे हैं। राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा बैठक में आर्थिक स्थिति, रोजगार, महंगाई, किसानों से जुड़े मुद्दों और सामाजिक कल्याण योजनाओं सहित कई राष्ट्रीय विषयों पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने इन मुद्दों पर संयुक्त रुख अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा संसद और विभिन्न राजनीतिक मंचों पर समन्वित रणनीति के साथ आगे बढ़ने पर भी विचार-विमर्श किया गया। राजनीतिक महत्व 23 दलों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि INDIA गठबंधन विपक्षी राजनीति में अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक के फैसले आने वाले महीनों में देश की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। यह बैठक विपक्षी दलों के बीच विश्वास बढ़ाने और साझा राजनीतिक एजेंडा तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आगे क्या? बैठक के बाद गठबंधन की ओर से कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं और भविष्य की योजनाओं का खाका सामने आ सकता है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि विपक्षी दल किस तरह अपनी रणनीति को जमीन पर उतारते हैं और जनता के बीच अपनी पहुंच को मजबूत करते हैं। INDIA गठबंधन की यह बैठक देश की राजनीति में आने वाले समय के लिए महत्वपूर्ण संकेत देने वाली मानी जा रही है।

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अर्जुन एरिगैसी ने रचा इतिहास: दुनिया के टॉप-10 शतरंज खिलाड़ियों में शामिल होकर बढ़ाया भारत का मान

नई दिल्ली: भारतीय शतरंज के लिए गर्व का क्षण आया है। युवा ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी ने FIDE की नवीनतम विश्व रैंकिंग में टॉप-10 खिलाड़ियों में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ वह विश्व शतरंज के सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं और भारत के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। भारत लंबे समय से शतरंज की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान रखता है। विश्वनाथन आनंद के बाद अब नई पीढ़ी के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं और अर्जुन एरिगैसी इस नई पीढ़ी के सबसे चमकदार सितारों में से एक बन चुके हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम पिछले कुछ वर्षों में अर्जुन एरिगैसी ने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी आक्रामक शैली, सटीक रणनीति और दबाव में बेहतर फैसले लेने की क्षमता ने उन्हें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के बीच पहुंचा दिया है। शतरंज विशेषज्ञों का मानना है कि अर्जुन की सफलता किसी एक टूर्नामेंट का परिणाम नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर सुधार का नतीजा है। भारत के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि? भारत में शतरंज की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। विश्वनाथन आनंद के बाद कई युवा खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अर्जुन एरिगैसी का टॉप-10 में पहुंचना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह दिखाता है कि भारत अब केवल प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का देश नहीं बल्कि विश्व शतरंज की महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धि देशभर के लाखों युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। बचपन से दिखी असाधारण प्रतिभा अर्जुन एरिगैसी ने बहुत कम उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया था। शुरुआती दिनों से ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय देना शुरू कर दिया था। लगातार मेहनत और कोचों के मार्गदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उन्होंने कई प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में जीत हासिल कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। भारतीय शतरंज का स्वर्णिम दौर वर्तमान समय को भारतीय शतरंज का स्वर्णिम दौर कहा जा रहा है। देश के कई युवा खिलाड़ी लगातार विश्व रैंकिंग में ऊपर आ रहे हैं। अर्जुन एरिगैसी, डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानानंद और अन्य युवा खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि भारत आने वाले वर्षों में विश्व शतरंज पर अपना दबदबा कायम कर सकता है। सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ अर्जुन की इस उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। खेल प्रेमियों, पूर्व खिलाड़ियों और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। #ArjunErigaisi और #IndianChess जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड करने लगे। आगे की चुनौतियां टॉप-10 में पहुंचना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब अर्जुन के सामने अपनी स्थिति को बनाए रखने और और भी ऊंचाइयों तक पहुंचने की चुनौती होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं तो आने वाले वर्षों में विश्व चैंपियनशिप की दौड़ में भी मजबूत दावेदार बन सकते हैं। युवाओं के लिए प्रेरणा अर्जुन एरिगैसी की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो खेलों में करियर बनाना चाहते हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि समर्पण, मेहनत और सही दिशा में प्रयास करने से विश्व स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। jairashtranews

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भारत की जीडीपी वृद्धि 7.7% पहुंची, दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना देश

Indian GDP Growth: भारत की अर्थव्यवस्था दौड़ी रॉकेट की रफ्तार से! FY26 में GDP ग्रोथ पहुंची 7.7% India’s GDP Growth Reaches 7.7%, Remains Fastest Growing Major Economy नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत प्रदर्शन करते हुए 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही, जो बाजार के अनुमान से अधिक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार निर्माण, कृषि, बुनियादी ढांचा और निजी निवेश में वृद्धि ने अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद मजबूत स्थिति में बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक वृद्धि का स्वागत करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देशवासियों की मेहनत और आर्थिक सुधारों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में भी विकास की गति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि बढ़ते निवेश और मजबूत घरेलू मांग से रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि महंगाई और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव आने वाले समय में चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। Key Highlights • FY 2025-26 GDP Growth: 7.7% • January-March Quarter Growth: 7.8% • Construction and Infrastructure Sectors Lead Growth • India Continues to be Fastest Growing Major Economy English Summary India’s economy recorded a strong 7.7% growth in FY 2025-26, while the January-March quarter expanded by 7.8%. Analysts attribute the growth to robust investment, infrastructure expansion, and strong domestic demand. Despite global uncertainties, India continues to remain one of the fastest-growing major economies in the world. (जय राष्ट्र न्यूज़)

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लालू की RJD के जंगलराज ने पीढ़ियों को बर्बाद किया, NDA सरकार के साथ जारी रहेगा बिहार का विकास: PM मोदी

लालू की RJD के जंगलराज ने पीढ़ियों को बर्बाद किया, NDA सरकार के साथ जारी रहेगा बिहार का विकास: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को समस्तीपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए जहां जंगलराज की चर्चा करते हुए राजद और कांग्रेस को निशाना साधा, वहीं एनडीए सरकार में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा की. ‎कांग्रेस से तीन गुना ज्यादा राशि, तीन गुना तेज गति से विकास ‎समस्तीपुर के दुधपुरा पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में जितना पैसा केंद्र से बिहार को मिला था, उससे तीन गुना ज्यादा भाजपा-एनडीए की सरकार में मिला है, जिससे तीन गुना तेज गति से विकास हो रहा है. ‎ 2005 में जंगलराज समाप्त हुआ, नीतीश के नेतृत्व में प्रचंड जीत ‎उन्होंने 2005 की चर्चा करते हुए कहा कि वह अक्टूबर महीना ही था जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में जंगलराज को समाप्त किया था और यहां सुशासन की शुरुआत हुई थी. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एनडीए प्रचंड बहुमत के साथ जीतेगा. नीतीश कुमार की प्रशंसा: हर दिशा में तेज हुए विकास कार्य पीएम मोदी ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को बड़ी मुसीबत से बाहर निकाला है, आप किसी भी दिशा में चले जाइए, आपको या तो केंद्र या फिर राज्य सरकार के विकास का काम चलता दिखेगा. पानी, बिजली, इंटरनेट सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि सशक्तिकरण के भी माध्यम हैं. इनसे लोगों को रोजगार मिलता है. ‎ परिवार की चिंता में डूबे राजद-कांग्रेस; जंगलराज ने पीढ़ियां बर्बाद कीं पीएम मोदी ने कहा कि आरजेडी और कांग्रेस को अपने-अपने परिवारों के राजनीतिक भविष्य की ही चिंता है. इसलिए आज वो बिहार के नौजवानों के सामने झूठ के नए रिकॉर्ड बना रहे हैं. आरजेडी और कांग्रेस का विकास से छत्तीस का आंकड़ा है. जहां आरजेडी जैसा दल हो वहां कानून व्यवस्था हो ही नहीं सकती. आरजेडी के शासन में यहां रंगदारी, हत्या, फिरौती, अपहरण… एक उद्योग के रूप में फले-फूले. आरजेडी के जंगलराज ने बिहार की कई पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया. बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की सराहना उन्होंने यह भी कहा कि इस समय बिहार के विकास में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की भी बहुत प्रशंसा हो रही है. बिहार की एक करोड़ 20 लाख बहनों को रोजगार के लिए हर एक बहन के बैंक खाते में 10 हजार रुपए की मदद भेजी गई है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि 14 नवंबर के बाद जब फिर से एनडीए की सरकार बनेगी तो बिहार की लाखों बहनों को रोजगार बढ़ाने के लिए और अधिक प्रोत्साहन दिया जाएगा. मखाना बोर्ड का गठन और किसानों-मछुआरों के हित में सम्मान निधि पीएम मोदी ने मखाना किसानों के लिए कहा कि हमने नया मखाना बोर्ड बनाया है, ये क्रांति का आरंभ है. हमारी सरकार बिहार के विकास में छोटे किसानों और मछुआरों के हितों को प्राथमिकता दे रही है. पीएम किसान सम्मान निधि से हमने छोटे किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसा भेजना शुरू किया. बिहार के किसानों के खातों में भी 28 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा जमा किए जा चुके हैं. इससे पहले पीएम मोदी कर्पूरी ग्राम पहुंचे और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की.

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समस्तीपुर से होगा PM मोदी का चुनावी शंखनाद, 24 अक्टूबर को शाह भी करेंगे महागठबंधन पर वार

समस्तीपुर से होगा प्रधानमंत्री मोदी का चुनावी शंखनाद, 24 अक्टूबर को शाह भी करेंगे महागठबंधन पर वार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की जुबानी जंग तेज हो गई है. एनडीए ने अपना ‘मिशन बिहार’ चरम पर पहुंचा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अक्टूबर को बिहार के दौरे पर पहुंचेंगे और समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम से प्रधानमंत्री मोदी चुनावी शंखनाद करेंगे. यह उनका चुनाव घोषणा के बाद पहला दौरा होगा, जो एनडीए के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. उसी दिन वे बेगूसराय में भी एक चुनावी सभा को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बिहार में सक्रिय रहेंगे, जो सीवान और बक्सर में रैलियां करेंगे. दोनों नेताओं का यह समन्वित प्रयास एनडीए की मजबूत पकड़ को दर्शाता है. समस्तीपुर: हारी हुई सीटों पर पीएम का फोकस समस्तीपुर का चयन सोच-समझकर किया गया है. 2020 के चुनाव में इस जिले की 10 विधानसभा सीटों पर एनडीए और महागठबंधन ने 5-5 सीटें जीती थीं. एनडीए के रणनीतिकार अब उन 5 हारी हुई सीटों – हसनपुर, मोरवा, उजियारपुर, समस्तीपुर और विभूतिपुर – पर नजरें गड़ाए हैं. कर्पूरी ग्राम में रैली का आयोजन सामाजिक न्याय के प्रतीक कर्पूरी ठाकुर से जुड़ाव को मजबूत करेगा. उम्मीदवारों में जेडीयू के राजकुमार राय (हसनपुर) से लेकर रवीना कुशवाहा (विभूतिपुर) तक एनडीए मजबूत दावेदार उतार चुका है. पीएम मोदी की उपस्थिति से इन सीटों पर बहुजन वोटों को एकजुट करने की उम्मीद है. बेगूसराय में रैली पूर्वी बिहार के मतदाताओं को लुभाने का प्रयास होगा. शाह की रणनीति: सीवान-बक्सर में पकड़ मजबूत अमित शाह का यह दूसरा दौरा होगा. हाल ही में वे छपरा के तारैया में रैली कर चुके हैं. 24 अक्टूबर को सीवान और बक्सर की सभाओं के बाद 25 अक्टूबर को वे नालंदा, मुंगेर और खगड़िया जाएंगे. भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने महागठबंधन को ‘महालठबंधन’ कहकर तंज कसा, दावा किया कि माहौल एनडीए के पक्ष में है. एनडीए ने सीट बंटवारा पूरा कर लिया है, हालांकि हम और आरएलएसपी के साथ शुरुआती खींचतान हुई. दूसरी ओर, 30 अक्टूबर को पीएम मोदी मुजफ्फरपुर और छपरा में रैलियां करेंगे. विपक्ष (India) में हलचल: डैमेज कंट्रोल की कोशिश महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और आरजेडी के बीच तनाव चरम पर है. दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे हैं. 23 अक्टूबर को पटना में अशोक गहलोत और तेजस्वी यादव की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जो डैमेज कंट्रोल का प्रयास है. जन सुराज के प्रशांत किशोर ने भाजपा पर तीन नेताओं के पर्चे वापस कराने का आरोप लगाया. एनडीए का स्लोगन ‘2025 में एनडीए 225’ जोर पकड़ रहा है, जबकि विपक्ष को एकजुट होने की चुनौती है. बिहार की 243 सीटों पर यह जंग दिलचस्प मोड़ ले रही है. कुल मिलाकर, 24 अक्टूबर एनडीए के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है.

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‘प्रगति के राजमार्ग’ के रूप में उभर रही हैं भारत की नदियाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

‘प्रगति के राजमार्ग’ के रूप में उभर रही हैं भारत की नदियाँ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि भारत की नदियाँ केवल विरासत का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ये ‘प्रगति के राजमार्ग’ के रूप में उभर रही हैं. उन्होंने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के एक लेख का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि पुनर्जीवित जलमार्ग विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जलमार्गों के माध्यम से देश में लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और बुनियादी ढाँचे को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत किया गया है. देश में जलमार्गों का बढ़ता महत्व सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 2014 में केवल पाँच चालू राष्ट्रीय जलमार्ग थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 30 से अधिक हो गई है. अंतर्देशीय जलमार्गों पर माल की आवाजाही में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. 2013-14 में यह लगभग 18 मिलियन टन था, जो अब कई गुना बढ़कर 145 मिलियन टन के पार पहुँच गया है. सरकार का लक्ष्य 2027 तक 76 जलमार्गों को चालू करने और कार्गो यातायात को 156 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) तक बढ़ाना है. कनेक्टिविटी और विकास का विजन पीएम मोदी के विजन के तहत, गंगा, ब्रह्मपुत्र और केरल के बैकवाटर्स जैसे जलमार्ग लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. वाराणसी, कोलकाता, पटना, डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी जैसे प्रमुख टर्मिनलों को आधुनिक सुविधाओं, जैसे इलेक्ट्रिक शोर लिंक और 24 घंटे नेविगेशन सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. सरकार क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों के साथ लगभग 5000 किलोमीटर लंबा क्षेत्रीय जलमार्ग ग्रिड तैयार करने पर भी काम कर रही है. यह विकास न केवल माल ढुलाई की लागत कम करेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा और पूर्वोत्तर भारत के विकास को गति देगा.

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कुरनूल में पीएम मोदी बोले- 21वीं सदी 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की होगी

कुरनूल में पीएम मोदी बोले- 21वीं सदी 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की होगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के कुरनूल में विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मेरा जन्म दादा सोमनाथ की धरती गुजरात में हुआ. मुझे बाबा विश्वनाथ की धरती काशी में सेवा करने का अवसर मिला और आज श्री शैलम का आशीर्वाद मिल रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि आंध्र प्रदेश गौरव और समृद्ध संस्कृति की भूमि है. यह विज्ञान और नवाचार का केंद्र भी है. इस राज्य में असीम संभावनाएं और अपार क्षमताएं हैं. आंध्र को सही दृष्टिकोण की आवश्यकता थी. चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के नेतृत्व में राज्य को अब वह दृष्टिकोण और केंद्र सरकार का समर्थन दोनों प्राप्त हैं. उन्होंने आगे कहा कि 2047 में आजादी के जब 100 साल होंगे, तब ‘विकसित भारत’ होकर रहेगा. मैं विश्वास से कहता हूं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की होने वाली है. 21वीं सदी 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की सदी होने वाली है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आंध्र प्रदेश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. डबल इंजन वाली सरकार की ताकत से राज्य अभूतपूर्व विकास का गवाह बन रहा है. दुनिया भारत को 21वीं सदी के नए मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में देख रही प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज सड़क, बिजली, रेलवे, राजमार्ग और व्यापार से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है. इन पहलों से उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का जीवन आसान होगा. इन परियोजनाओं से कुरनूल और आसपास के क्षेत्रों को बहुत लाभ होगा. मैं इन विकासों के लिए कुरनूल और पूरे राज्य के लोगों को बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि तेज विकास के बीच हमें अतीत की स्थिति को नहीं भूलना चाहिए. लगभग 11 साल पहले, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब प्रति व्यक्ति बिजली की खपत औसतन 1000 यूनिट से भी कम थी. देश को अक्सर ब्लैकआउट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, और हमारे कई गांवों में बिजली के खंभे तक नहीं थे. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया आज भारत को 21वीं सदी के नए मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में देख रही है. इस सफलता का सबसे बड़ा आधार है आत्मनिर्भर भारत का विजन. हमारा आंध्र प्रदेश आत्मनिर्भर भारत का प्रमुख केंद्र बन रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को तेजी से प्राप्त करने के लिए देश भर में मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है. हमारा ध्यान गांवों से शहरों और शहरों से बंदरगाहों तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर है. पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि तकनीक के मामले में हमारा आंध्र प्रदेश और उसके युवा हमेशा आगे रहते हैं. डबल इंजन वाली सरकार के तहत हम इस क्षमता को और मजबूत कर रहे हैं. आज पूरी दुनिया भारत और आंध्र प्रदेश, दोनों की गति देख रही है. गूगल भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब यहीं हमारे आंध्र प्रदेश में स्थापित कर रहा है. नए रिफॉर्म के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बना रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि हमारी सरकार का विजन है, नागरिक-केंद्रित विकास. हम लगातार नए रिफॉर्म के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बना रहे हैं. देश में 12 लाख रुपए तक की आय पूरी तरह टैक्स फ्री हो चुकी हैं. सस्ती दवाइयां, सस्ता इलाज, बुजुर्गों के लिए आयुष्मान जैसी अनगिनत सुविधाओं से इजी ऑफ लिविंग का नया अध्याय शुरू हुआ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की क्षमता को नजरअंदाज किया, जिससे न केवल राज्य को, बल्कि पूरे देश को नुकसान हुआ. वह राज्य जो भारत के विकास को गति दे सकता था, उसे अपने विकास के लिए संघर्ष करना पड़ा. अब, एनडीए सरकार के तहत, आंध्र प्रदेश की स्थिति बेहतर हो रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि निम्मलुरु में उन्नत नाइट विजन उत्पादों का कारखाना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगा. इससे नाइट विजन उपकरणों में भारत की क्षमता बढ़ेगी और यहां निर्मित उत्पाद भारत के रक्षा निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हम भारत में निर्मित उपकरणों की ताकत देख चुके हैं.

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झूठे आरोपों और विरोधी प्रचार से रहें सावधान

मायावती बोलीं- 2027 की करें तैयारी, झूठे आरोपों और विरोधी प्रचार से रहें सावधान

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की और उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि सभी लोग अभी से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाएं और पार्टी के खिलाफ फैलाए जा रहे झूठे आरोपों व प्रचार से हर समय सतर्क रहें. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Mayawati) ने कहा कि बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर 9 अक्टूबर को हुए ऐतिहासिक आयोजन ने यह साबित कर दिया कि बहुजन समाज आज भी पूरी मजबूती से पार्टी के मिशन, विचारधारा और नेतृत्व के साथ खड़ा है. उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हार्दिक बधाई दी. बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि बसपा अन्य दलों की तरह पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के सहारे नहीं चलती. यह सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के मिशन पर चलने वाला संगठन है, जो दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, मुस्लिमों और अन्य कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए संघर्षरत है. मायावती ने कहा कि सपा सरकार ने जातिवादी द्वेष के कारण महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के नाम पर बने संस्थानों, जिलों और विश्वविद्यालयों के नाम बदलकर बहुजन समाज का अपमान किया है. यही नहीं, इन वर्गों के लिए बनाई गई योजनाओं को निष्क्रिय कर दिया गया, जो राजनीतिक द्वेष और छल का प्रतीक है. बसपा कभी साम, दाम, दंड, भेद जैसी राजनीति नहीं करती मायावती ने दो टूक कहा कि बसपा कभी साम, दाम, दंड, भेद जैसी राजनीति नहीं करती. हमारी राजनीति एक खुली किताब की तरह साफ-सुथरी है. बसपा की पहचान ईमानदारी, समर्पण और सेवा से है, न कि झूठे प्रचार या साजिश से. बैठक में यह भी तय किया गया कि ‘बहुजन मिशन 2027’ के तहत पार्टी गांव-गांव जाकर जनता से संवाद करेगी. वरिष्ठ नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जनसभाएं करेंगे और लोगों को बताएंगे कि बीएसपी ही प्रदेश में कानून-व्यवस्था और जनकल्याण की सच्ची गारंटी है. मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे विपक्षी दलों के भ्रम फैलाने वाले प्रचार से सावधान रहें और एकजुट होकर बहुजन समाज की आवाज को और बुलंद करें.

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