International Yoga Day 2025

एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योगा, पीएम मोदी का इंटरनेशनल योगा डे पर संदेश

योगा (Yoga) को फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद माना गया है। यही कारण है कि पूरी दुनिया ने योगा के महत्व को समझा है और इसे अपनाया है। हर साल जून 21 को इंटरनेशनल योगा डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन की शुरुआत 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा की गई थी। इस साल इसकी थीम है “एक पृथ्वी, एक हेल्थ के लिए योगा”। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है लोगों के बीच के योग के लिए जागरूक करना और उन्हें इसे अपने जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित करना। इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) जी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) मनाया। आइए जानें इस बारे में और अधिक। योगा (Yoga)  के महत्व के बारे में भी जानें।   इंटरनेशनल योगा डे 2025 इस साल का इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा विशाखापट्टनम में किया गया। इस इवेंट को रामकृष्ण बीच से भोगलपुराम तक 26 किलोमीटर के एरिया में आयोजित किया गया। ऐसा अनुमान है इसमें लगभग 3 लाख लोगों ने भाग लिया। आज 11वें इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) पर प्रधानमंत्री ने लोगों को यह संदेश दिया कि योगा (Yoga) मानवता के लिए एक जरूरी साधन है, जो हमें तनाव से दूर रहने में मदद कर सकता है।  आंध्र प्रदेश सरकार ने इस इवेंट के लिए अच्छे तैयारियां की थी। इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने योगंध्र-2025″ इवेंट ऑर्गेनाइज किया है। इसका उद्देश्य केवल और केवल योगा (Yoga)  को बढ़ावा देना और लोगों को इसे करने के लिए प्रेरित करना है। इस दिन कई अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने भी भाग लिया और लोगों को इसके बारे में बताया। यह कार्यक्रम न केवल योगा (Yoga) के महत्व को लोगों तक बताने बल्कि भारत की कल्चरल हेरिटेज को लोगों को पहुंचाने का अच्छा तरीका है। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार क्या हैं योगा के फायदे? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार योगा (Yoga) के कई फायदे हैं जो शरीर और दिमाग से जुड़े हैं। इन्हें करने से शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और स्ट्रेंथ बढ़ती है। इसके साथ ही चिंता और तनाव भी दूर होते हैं। जानिए किस तरह से है यह हमारे लिए बेनेफिशियल और क्यों करना चाहिए इसे हमें अपने जीवन में शामिल: संक्षेप में कहा जाए तो हेल्दी रहने के लिए योगा को अपनी दिनचर्या का एक भाग बना लेना चाहिए। इस इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) आप भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं और अन्य लोगों को भी इसके बारे में बताएं। यह बात भी ध्यान में रखें कि योगा (Yoga) की शुरुआत किसी एक्सपर्ट की राय और मार्गदर्शन के बाद ही करें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi International Yoga Day #PMModi #YogaDay2025 #OneEarthOneHealth #InternationalYogaDay #YogaForWellness

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PM Modi Bihar Visit: विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने एक बार फिर बिहार का दौरा (PM Modi Bihar Visit) किया और सीवान की धरती से कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी। साथ ही अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए जनता को सतर्क रहने का संदेश दिया। यह दौरा चुनावी दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह छह महीने में पीएम मोदी का चौथा और बीते 20 दिनों में दूसरा बिहार दौरा है। संविधान और स्वतंत्रता संग्राम की भूमि को नमन सीवान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहार की ऐतिहासिक भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा, “यह धरती संविधान को ताकत देने वाली, स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा देने वाली है। बिहार ने देश को नेतृत्व दिया है और आने वाले समय में भारत को तीसरी सबसे बड़ी महाशक्ति बनाने में बिहार की बड़ी भूमिका होगी।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बताया कि वह हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे हैं और समृद्ध देशों के नेताओं से मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि विदेशी नेता भारत की तेज प्रगति और वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका से प्रभावित हैं। ऐसे में बिहार (Bihar) को इस प्रगति का केंद्र बताया और राज्य की जनता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सतर्क रहें। विपक्ष पर हमला: जंगलराज और पलायन का जिक्र अपने संबोधन में पीएम मोदी (PM Modi) ने आरजेडी और कांग्रेस (RJD and Congress) पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “जंगलराज वाले फिर से मौके तलाश रहे हैं और तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।” उन्होंने लालू यादव की पार्टी और उनके सहयोगियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि “पंजे और लालटेन वाले दलों ने बिहार की पहचान पलायन से जोड़ दी थी। उन्होंने बिहार के स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंचाई।” उन्होंने आगे कहा कि एनडीए सरकार (NDA Government) को जब बिहार की जनता ने मौका दिया, तब गरीबी हटाने का वास्तविक प्रयास दिखा और देशभर में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए। पीएम ने बताया कि आज दुनिया भारत के इस प्रयास की तारीफ कर रही है। विकास की बौछार: 5736 करोड़ की योजनाएं इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने बिहारवासियों को 5736 करोड़ रुपये की 22 बड़ी विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें प्रमुख योजनाएं शामिल हैं: इन योजनाओं से न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार और जीवनस्तर में भी सुधार होगा। इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री राजनीतिक हलचल: विपक्ष का तंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के इस दौरे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि “पीएम मोदी बिहार आएंगे (PM Modi Bihar Visit) और फिर से जंगलराज की स्क्रिप्ट पढ़ेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बार-बार पुराने मुद्दों को उछालती है और असल समस्याओं से ध्यान हटाती है। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का यह दौरा न केवल राजनीतिक बल्कि विकासात्मक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। जनता के सामने एक बार फिर एनडीए सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की झलक पेश की गई है। वहीं, विपक्ष को घेरते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने जनता से अपील की कि वे विकास के इस मार्ग को बनाए रखें और भूतकाल की राजनीति से सावधान रहें। आने वाले महीनों में बिहार की राजनीतिक दिशा तय करने में इस दौरे की बड़ी भूमिका होगी। Latest News in Hindi Today Hindi  PM Modi Bihar Visit #PMModiBiharVisit #PMModi #BiharElection #BiharAssemblyElection

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Amit Shah

हमारी भाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर कहा है कि अब समय आ गया है जब भारत को अपनी भाषाई विरासत पर गर्व करते हुए, देसी भाषाओं के बल पर वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ना चाहिए। गुरुवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने साफ किया कि “हमारी भाषाएं केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है।” अंग्रेज़ी का मोह छोड़, देसी भाषाओं का अभिमान ज़रूरी अमित शाह (Amit Shah) ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “अब वह समय दूर नहीं जब अंग्रेज़ी बोलने वालों को शर्म महसूस होगी। हम एक ऐसे समाज की ओर बढ़ रहे हैं जहां देसी भाषाओं को सम्मान और गर्व का प्रतीक माना जाएगा।” उन्होंने कहा कि केवल दृढ़ संकल्प वाले लोग ही सामाजिक बदलाव ला सकते हैं और भारतीय भाषाओं को अपनाकर हम एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “भाषाएं हमारी संस्कृति का रत्न हैं और इन रत्नों के बिना हम सच्चे भारतीय नहीं बन सकते।” विदेशी भाषाएं भारत की आत्मा को नहीं समझ सकतीं गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने अपने भाषण में इस बात पर बल दिया कि किसी भी विदेशी भाषा के जरिए भारत को पूरी तरह से समझा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “देश, संस्कृति, इतिहास और धर्म को जानने और समझने के लिए भारतीय भाषाएं (Mother tongue) ही पर्याप्त हैं। हम अधूरी विदेशी भाषाओं के सहारे संपूर्ण भारत की कल्पना नहीं कर सकते।” उन्होंने स्वीकार किया कि यह बदलाव आसान नहीं होगा, क्योंकि दशकों से देश में अंग्रेज़ी को श्रेष्ठता का प्रतीक माना जाता रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भारतीय समाज इस बदलाव में सफल होगा। पंच प्रण से जुड़े भाषाई गर्व का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा प्रस्तुत पांच प्रतिज्ञा का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह अब 130 करोड़ भारतीयों का संकल्प बन चुका है। ये पंच प्रण हैं: उन्होंने कहा कि इन प्रतिज्ञाओं को पूरा करने की दिशा में भाषाओं की भूमिका अहम होगी। “2047 तक जब भारत आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक हम शिखर पर होंगे – और इस यात्रा की बुनियाद भारतीय भाषाएं ही होंगी।” प्रशासनिक प्रशिक्षण में भारतीय भाषाओं का समावेश ज़रूरी गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने यह भी ज़ोर दिया कि प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण में अब बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमें अपनी सिविल सेवाओं को भारतीय भाषाओं में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना होगा। इससे न केवल प्रशासन लोगों के और करीब आएगा, बल्कि नीति निर्माण और क्रियान्वयन में भी स्थानीय सांस्कृतिक और भाषाई जरूरतों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।” इसे भी पढ़ें:- Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री नई शिक्षा नीति से मिला भाषाओं को समर्थन गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का यह वक्तव्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की उस भावना के अनुरूप है, जिसमें मातृभाषा में शिक्षा देने पर बल दिया गया है। नीति में कहा गया है कि कक्षा 5 तक और यदि संभव हो तो कक्षा 8 तक बच्चों को मातृभाषा या स्थानीय भाषा में शिक्षा दी जाए। इससे न केवल बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ती है, बल्कि वे अपनी जड़ों से भी जुड़े रहते हैं। भारत जैसे बहुभाषी देश के लिए भाषाई गौरव केवल संस्कृति की बात नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय एकता की नींव भी है। गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का यह आह्वान कि भारतीय भाषाएं ही हमारी असली शक्ति हैं, एक महत्वपूर्ण संदेश है — खासकर उस समय जब वैश्वीकरण के दबाव में देश अपनी भाषाई विविधता और गहराई को खोता जा रहा है। अब यह आवश्यक हो गया है कि नीतियों, प्रशासन और शिक्षा में भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि भारत न केवल आर्थिक और तकनीकी रूप से, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी आत्मनिर्भर बन सके। Latest News in Hindi Today Hindi  #mothertongue #AmitShah #PMModi #Hindi #HindiLanguage

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Rahul Gandhi letter to PM Modi

Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue: बिहार के इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने PM मोदी को पत्र लिख की यह मांग

बिहार में बढ़ती चुनावी सरगर्मी के तहत रायबरेली सांसद राहुल गाँधी इन दिनों बिहार पर अपना फोकस जमाए हुए हैं। इसीके मद्देनजर हाल ही में वो बिहार दौरे के दौरान दरभंगा पहुंचे थे। यहां वह अंबेडकर छात्रावास पर पहुंचे थे, जहां छात्रों ने अपनी परेशानियों से उनको अवगत कराया। फिर क्या था लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वंचित समुदायों के छात्रों को शिक्षा हासिल करने में आ रही समस्याओं का निवारण करने का अनुरोध (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) किया है। युवा नेता ने अपने पत्र में बिहार के दरभंगा स्थित अंबेडकर छात्रावास में छात्रों की परेशानियों का भी जिक्र किया है। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने की गुजारिश की। बता दें कि राहुल ने पीएम मोदी से कहा, मैं आपसे दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने का अनुरोध करता हूं, जो वंचित समुदायों के 90 प्रतिशत छात्रों के लिए शिक्षा के अवसरों में बाधा डालते हैं। सबसे पहले, दलित, एसटी, ईबीसी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए आवासीय छात्रावासों की स्थिति बहुत खराब है।  इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं इस पूरे मामले पर राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) के हाल के दौरे के दौरान छात्रों ने शिकायत की कि एक ही कमरा है जिसमें 6-7 छात्रों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। शौचालय गंदे हैं। पीने का पानी स्वच्छ नहीं है। मेस की सुविधा नहीं है। और पुस्तकालयों या इंटरनेट तक पहुंच नहीं है। उन्होंने दूसरे मुद्दे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दूसरे, हाशिए पर पड़े समुदायों के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में देरी और इसमें विफलताएं भी मिल रही हैं। राहुल गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा, बिहार में, छात्रवृत्ति पोर्टल तीन साल तक काम नहीं कर रहा था और 2021-22 में किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिली। इसके बाद भी, छात्रवृत्ति पाने वाले दलित छात्रों की संख्या में लगभग आधी गिरावट आई। जो वित्त वर्ष 23 में 1.36 लाख से घटकर वित्त वर्ष 24 में 0.69 लाख रह गई। छात्रों की शिकायत है कि छात्रवृत्ति की राशि अपमानजनक रूप से कम है। मैंने बिहार के उदाहरण दिए हैं, लेकिन ऐसी विफलताएं पूरे देश में फैली हुई हैं। यही नहीं, राहुल गांधी ने पत्र में आगे कहा कि मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता- राहुल गाँधी  राहुल ने दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक छात्रावास का ऑडिट करवाया जाने की बात कही ताकि स्वच्छता, भोजन, अच्छी अवसंरचना और शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) सकें। तथा साथ ही कमियों को दूर करने हेतु पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाए। पत्र में यह भी कहा गया कि छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति का समय पर वितरण तथा राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य करते हुए क्रियान्वयन में सुधार किया जाए। राहुल गांधी ने कहा कि जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता।खैर , उन्होंने इन विषयों पर पीएम मोदी से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद की है। Latest News in Hindi Today Hindi Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue #rahulgandhi #pmmodi #biharissue #politics #breakingnews #biharnews #indianpolitics

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Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform

Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform: मोदी सरकार की अनोखी पहल, वक्फ प्रॉपर्टी के लिए लॉन्च हुआ UMEED पोर्टल 

वक्फ संपत्ति को लेकर मोदी सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एक पोर्टल लांच किया (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) है। खबर के मुताबिक वक्फ एक्ट के तहत केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन हेतु उम्मीद पोर्टल लॉन्च किया है। बता दें कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने दिल्ली में इसे लॉन्च किया। इस दौरान सभी राज्यों के वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे। लॉन्चिंग प्रोग्राम के दौरान किरण रिजिजू ने कहा कि उम्मीद पोर्टल सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन ही नहीं बल्कि अच्छे शासन प्रशासन और पारदर्शिता का भी प्रतीक है। वक्फ संपत्तियों से जुड़े सभी हिस्सेदारों को एक ही जगह पर साथ लाया गया है। जिसका मकसद वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों के लिए हो सके। गौरतलब हो कि इसे संसद द्वारा पास कानून के तहत बनाया गया है। पोर्टल को ईमेल और मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए वेरीफाई करके login किया जा सकेगा। पोर्टल के तीन लेवल के यूजर होंगे।  सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड हो सकेगा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) तैयार   पहला होगा मुतवल्ली या राज्य के वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति, जो वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करने के लिए डिटेल (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) भरेगा। दूसरा जिला स्तर पर कोई अधिकारी होगा जो मुतवल्ली द्वारा भरी गई जानकारी को क्रॉस चेक करेगा और तीसरा होगा वक्फ बोर्ड का सीईओ या राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत अधिकारी प्रॉपर्टी के वक्फ के बतौर रजिस्ट्रेशन को अप्रूव करेगा। इस पोर्टल खासियत यह कि इसमें आंकड़े सटीक और व्यवस्थित हों सके इस लिए ड्रॉपडाउन इनपुट का सिस्टम बनाया गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि पोर्टल पूरी तरह यूजर फ्रेंडली होगा। इसके साथ यह सभी स्थानीय प्रशासन से जुड़ी हुई निर्देशिका (एलजीडी) कोड्स को पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है। ये एलजीडी जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर है। प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सिर्फ एक चरण में हो होगी। खास बात यह कि पोर्टल हर एक वक्फ संपत्ति का 17 डिजिट यूनिक आईडी जनरेट करेगा। इससे सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) होगी कमाल की बात यह कि इस यूनिक आईडी के जरिए वक्फ संपत्तियों का स्टेटस, मालिकाना हक और उसका इस्तेमाल पता करने में आसानी रहेगी। बड़ी बात यह कि रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी को एक सर्टिफिकेट भी मिलेगा। यही नहीं, इस पोर्टल में वक्फ संपत्ति की जानकारी आसानी से भरी जा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) सके इस हेतु एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। और तो और पोर्टल में भारत के सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत निजता के अधिकार का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके अलावा बेहतर पारदर्शिता के लिए उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी होगी। जियो टैगिंग का मतलब, हर वक्फ संपत्ति की ज्योग्राफिकल लोकेशन का डेटा भी पोर्टल पर मौजूद रहेगा। और पोर्टल के जरिए ही संपत्तियों से जुड़े विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया भी लाई गई है। अच्छी बात यह कि इससे पारदर्शिता भी आएगी। इसके अलावा मुकदमेबाजी की स्थिति में विवाद का निबटारा भी आसान होगा। यही नहीं, वक्फ के प्रकार में शिया, सुन्नी, बोहरा और आगाखानी का विकल्प पोर्टल में आएगा। इसके अलावा संपत्ति के 22 प्रकार भी रखे गए हैं। जिसके 22 कोड ड्रॉप डाउन लिस्ट में होगा। इनमें एग्रीकल्चर लैंड, खानखाना, स्कूल, दुकान, प्लॉट, हुज़रा, मकतब, मस्जिद, अशुरखाना, दरगाह, ग्रेव यार्ड, ईदगाह, इमामबाड़ा, फिशिंग पौंड, तकिया, फलों के बाग, मदरसा और मकान जैसे कई 22 विकल्प आयेंगे। जिनमें से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform UMEEDPortal #WaqfProperty #ModiGovernment #DigitalIndia #MinorityWelfare #PropertyTransparency #SmartGovernance

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PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge: पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान 

दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कटरा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह ब्रिज भारत की इच्छाशक्ति का विराट उत्सव और कश्मीर के नए सामर्थ्य की पहचान है। पीएम ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के लोगों का सपना साकार हुआ है। अंजी ब्रिज भी भारत की शक्ति का प्रतीक है। ये दोनों ब्रिज भारत की उभरती शक्ति की गर्जना हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग फ्रांस में एफिल टावर देखने जाते हैं लेकिन यह ब्रिज उस टावर से भी ऊंचा है। कटरा से श्रीनगर पहली वंदे भारत ट्रेन को झंडी दिखाने के बाद पीएम ने यहां रैली को संबोधित किया। इस दौरान चिनाब ब्रिज की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है। लोग फ्रांस में एफिल टावर देखने जाते हैं लेकिन यह ब्रिज उस टावर से भी ऊंचा है। अब लोग चिनाब ब्रिज के जरिए कश्मीर देखने तो जाएंगे। यह ब्रिज भी अपने आप में एक आकर्षक पर्यटक केंद्र बनेगा। हमारा अंजी ब्रिज भी इंजीनियरिंग का अनूठा नमूना है। ये ब्रिज विकसित भारत की सीधी गर्जना हैं। यह हमारा सामर्थ्य है। चिनाब ब्रिज हो या अंजी ब्रिज ये जम्मू-कश्मीर दोनों क्षेत्रों के समृद्धि का जरिया बनेंगे। प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) था पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के लिए पीएम ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा, पाकिस्तान ने कश्मीर के लोगों, कश्मीरियत पर हमला किया। वह मानवता विरोधी देश है। उसने यहां की रोजी-रोटी को निशाना बनाया। वह पर्यटन विरोधी देश भी है। पीएम ने आगे कहा कि जम्मू कश्मीर को आज दो वंदेभारत ट्रेनें मिली हैं। रास्ते में आने-जाने की मुश्किलें, मौसम की परेशानी ये प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण ( PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) था। हमारी सरकार ने चुनौती को ही चुनौती देने का रास्ता चुना है। आज जम्मू कश्मीर में बन रहे अनेक ऑल वेदर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इसके उदाहरण हैं। कुछ दिनों पहले सोनमर्ग टनल शुरू हुआ है। इन पुलों पर चलते हुए मैंने भारत के बुलंद इरादों को, हमारे श्रमिकों, इंजीनियरों के हौसले को महसूस किया है। उन्होंने कहा, ‘इससे पर्यटन तो बढ़ेगा ही अर्थव्यवस्था के दूसरे क्षेत्रों को भी लाभ होगा। अब कश्मीर के सेब देश के बड़े बाजारों तक समय पर पहुंच पाएंगे। सूखे मेवे हों या पशमीना शॉल यहां का हस्तशिल्प आसानी से देश के हिस्सों तक पहुंच पाएगा। यहां के लोगों का आना-जाना भी बहुत आसान है। यह ट्रेन सेवा हर मौसम में लोगों की मदद करेगी।  इसे भी पढ़ें:-‘दोगले पाकिस्तान से देश में आतंकी हमले का खतरा बना रहेगा’, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कह दी बड़ी बात इसके जरिए सेना को जल्द ही सीमा तक रसद पहुंचाने में भी मिलेगी (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) मदद  मोदी ने कहा कि यह ब्रिज वह राष्ट्र को समर्पित करते हैं। इस पुल के निर्माण से यात्रियों का सफर आसान होगा और उनका समय भी ( PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) बचेगा। चिनाब पुल के उद्घाटन के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सीएम उमर अब्दुल्ला और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। बता दें कि ये रेल ब्रिज कटरा से श्रीनगर को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इस ब्रिज की एक बड़ी खासियत यह कि इसके जरिए सेना को जल्द ही सीमा तक रसद पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। यह ब्रिज इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि 260 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवा से भी प्रभावित नहीं होगा। खास बात यह कि यह रेल ब्रिज भारतीय इंजीनियर का अनोखा उदाहरण है। यह ब्रिज दो पहाड़ों के बीच बना है। इसे इस प्रकार से बनाया गया है कि यदि इसके कोई पिलर क्षतिग्रस्त भी हो जाएं तो यह गिरेगा नहीं। इस दौरान वंदेभारत ट्रेन को रवाना करने से पहले पीएम ने प्लेटफॉर्म पर घूम-घूम कर तिरंगा लहराया। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge #ChenabRailBridge #PMModi #IndianRailways #KashmirDevelopment

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Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly

Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly: इस तरह हर महीने 8 लाख से भी अधिक कमाता है मुंबई का यह ऑटो वाला 

बेशक लाखों की नौकरी पाने के लिए भारीभरकम डिग्री की चाहिए होती है। यहाँ बात नौकरी करने की है। बिज़नेस करने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं है। यदि आपसे कहूं कि मुंबई में रहने वाला एक सामान्य ऑटो चालक साल के करोड़ों की कमाई कर रहा (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। शायद इस बात पर यकीन करना आपके लिए मुमकिन न हो। लेकिन यह सच है। इससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि वो बिना एक भी किलोमीटर गाड़ी चलाए कमा रहा है। बस वो एक जगह खड़े रहता है। और बिना मीटर डाउन किये वो दिन के हजारों कमा रहा है। वो कहावत है न हींग लगे न फिटकरी रंग भी चोखा होय। जिसका अर्थ है कि कम खर्च या बिना मेहनत के भी अच्छा काम हो सकता है। यह कहावत मुंबई के ऑटो वाले पर सटीक बैठती है।  अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) सख्त मनाही भारत ही नहीं, जिस भी देश में अमेरिकी दूतावास होता है, वहां सुरक्षा चाक-चौबंद होती (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। वहां बिना काम के अंदर जाना तो कोसो दूर की बात, आपको  बाहर खड़े होने भी नहीं दिया जाता। इसी तरह मुंबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में हर दिन दूर-दराज इलाकों से लोग पहुंचते हैं। जाहिर सी बात जब दूर से आते हैं तो उनके पास सामान भी होता है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की सख्त मनाही होती है। ऐसे में लोगों को बड़ी तकलीफ होती है। और तो और उसके आस-पास कोई लॉकर की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों को ज़रूरी कागजात, इलेक्ट्रॉनिक्स या निजी सामान रखने के लिए बड़े पापड़ बेलने पड़ते हैं। इस परेशानी को एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर ने अवसर में बदल दिया। उसने लोगों की ज़रूरतों को समझा और एक आसान सी सेवा शुरू की। इस तरह इस अनोखे कारोबार की शुरुआत उन लोगों की समस्या से हुई, जो वीज़ा हेतु आवेदन करने हर रोज अमेरिकी दूतावास पहुंचते हैं।  इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल दिन में 20,000 से 30,000 रुपये तक की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) कमाई दरअसल, ऑटो ड्राइवर वीज़ा आवेदकों के बैग को कुछ समय के लिए रखने लगा। वह वाणिज्य दूतावास के प्रवेश द्वार के पास खड़ा रहता है और लोगों को 1,000 रुपये में उनके सामान की सुरक्षा करने की बात कहता है। वह उन्हें भरोसा दिलाता है कि उनकी अपॉइंटमेंट खत्म होने तक उनका सामान उसके पास सुरक्षित रहेगा। हालाँकि पहली नज़र में यह कीमत अधिक प्रतीत हो सकती है, लेकिन वीज़ा इंटरव्यू की जल्दी में लोगों के पास कोई और विकल्प नहीं होता। ऐसे में अपनी अपॉइंटमेंट मिस करने से बेहतर लोग उसे 1000 रूपये देना अधिक प्रेफर करते (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) हैं। इस तरह वो एक आम दिन में, वह 20-30 ग्राहकों को संभालता है और उनसे वो 20,000 से 30,000 रुपये तक कमाई करता है। आप सोच रहे होंगे, इसमें सुरक्षा की गया गॅरंटी है? कल को कीमती सामान लेकर ऑटो वाला रफूचक्कर हो जाये तो कहाँ ढूंढने जायेंगे?  पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है तो आपको बता दें कि इसके पीछे पूरा का पूरा एक सिस्टम है। यह सिर्फ सड़क किनारे खड़े होकर किया जाने वाला काम नहीं (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। इसे सोच-समझकर और बड़े व्यवस्थित तरीके से चलाया जाता है। ऑटो रिक्शा ड्राइवर पहले कस्टमर से संपर्क करता है। ग्राहक के मान जाने पर एक सुरक्षित प्रक्रिया शुरू होती है। बड़ी बात यह कि इस काम में एक स्थानीय पुलिस अधिकारी की मदद ली जाती है। पुलिस अधिकारी एक भरोसेमंद लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराता है। पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है। है न कमाल? इसे ही आपदा में अवसर कहा जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly MumbaiAuto #AutoDriverSuccess #MumbaiStories #InspiringJourney #MonthlyIncome #AutoRickshawLife #StartupSuccess

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Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain

Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain?: क्या सच में भाजपा सिर्फ अपने चुनावी फायदे के लिए करवा रही है जातीय जनगणना? 

लंबे अरसे से देश में जातिगत जनगणना को लेकर बवाल मचा हुआ है। कई राजनीतिक पार्टियां इसे समर्थन में भी हैं। विशेषकर कांग्रेस और कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी जातिगत जनगणना के मुद्दे को जोर शोर से उठाते रहे हैं। कुल मिलाकर सभी की मांग है कि इसके जरिये समाज की स्थिति साफ़ हो सकेगी कि देश भर में कुल जातियों में कितने लोग हैं। सभी की बढ़ी मांग और खिसकते वोट के मद्देनजर आखिरकार केंद्र की मोदी सरकार ने थक हारकर अगले साल 2026 में पूरे देश में जातीय जनगणना करवाने का फैसला किया है। यह तो ठीक, लेकिन इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने इसे लेकर एक बड़ा बयान दिया (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) है। दरअसल, तेजस्वी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनगणना को लेकर बीजेपी की मंशा सही नहीं है। भाजपा की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है बुधवार को इस मामले पर तेजस्वी यादव ने मीडिया से की बातचीत में कहा कि भाजपा लोगों की मंशा ठीक नहीं है। यही नहीं, उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार चुनाव को देखते हुए जातीय जनगणना करवाने की घोषणा की है, ताकि वे इसका फायदा चुनाव में उठा सकें। इस बीच बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि भाजपा की मंशा ठीक नहीं है। इन लोगों की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है। हमने पहले भी कहा है कि बिहार चुनाव को देखते हुए इन लोगों ने घोषणा की है। हमारे दबाव और पुरानी मांग के कारण इन्होंने इसे कैबिनेट से पास कराया है। हम वर्गों की भी गिनती कराएंगे, जिससे पता चलेगा कि कितनी जातियां हैं और कितने ओबीसी, ईबीसी हैं। बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) को ढो रहा है यह पहली बार नहीं है जब तेजस्वी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना न साधा (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) हो। इससे पहले तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक कार्टून शेयर करके पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर करारा हमला बोला था। पोस्ट किये गए कार्टून में सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी का एक प्रतीकात्मक फोटो है। जिसे आम आदमी एक गठ्ठर में लेकर ढोता नजर आ रहा है। उक्त पोस्ट में तेजस्वी ने कहा कि बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार को ढो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तस्वीर में आपको बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था, बाढ़, सूखा, भ्रष्टाचार, ढहते पुल, गरीबी, महंगाई, घूसखोरी, बेरोजगारी जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं। जिनका बोझ सिर्फ आम आदमी सह रहा है। इसे भी पढ़ें:- RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी गौरतलब हो कि केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। देश में आजादी के बाद यह पहली बार होगा, जब जाति जनगणना कराई जाएगी। सरकार अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी। इसका पहला चरण अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जबकि दूसरे चरण की शुरुआत 1 मार्च 2027 से शुरू होगी। जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर या नवंबर 2025 में बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव कराए जा सकते हैं। इसे देखते हुए बिहार में सियासत तेज हो गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना करवाने का ऐलान किया है। इसे लेकर आरजेडी को शक है कि भाजपा बिहार चुनाव में इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain CasteCensus #BJPCastePolitics #IndianPolitics #ElectoralStrategy #BJP2025 #SocialJustic #CensusDebate

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AIMIM's Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections

AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections: RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! 

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस (Congress) के महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है। एआईएमआईएम (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इसकी जानकारी (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections)देते हुए कहा कि, ‘उनकी पार्टी बिहार चुनाव में वोटों का बिखराव रोकना चाहती है। इसीलिए उनकी पार्टी ने  आरजेडी (RJD) के दूसरी पंक्ति के नेताओं के माध्यम से नेता तेजस्वी यादव को गठबंधन का प्रस्ताव भेजा है। अब फैसला तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी को करना है।’ अख्तरुल ईमान ने मीडिया से इस बातचीत में चेतावनी देते हुए कहा, अगर महागठबंधन उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो उनकी पार्टी थर्ड फ्रंट बनाने के लिए जल्द ही अन्य छोटे दलों से बातचीत करेगी। इस दौरान अख्तरुल ईमान ने आरजेडी (RJD) पर ‘पीठ में खंजर घोंपने’ का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम (AIMIM) राज्य की सीमांचल क्षेत्र में मौजूद अमौर, जोकीहाट, कोचाधामन, बैसी और बहादुरगंज सीट को जीता था। लेकिन चुनाव के दो साल बाद आरजेडी ने उनके 5 में से 4 विधायकों को तोड़ कर अपने पार्टी में मिला लिया। इस धोखबाजी को पार्टी भूली नहीं है।  2020 विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने किया था शानदार प्रदर्शन बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटें जीत ली थी। एआईएमआईएम को यह सफलता सीमांचल के मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में मिली थी। इसके बाद से ही एआईएमआईएम को बिहार की सियासत में एक उभरती ताकत के तौर पर देखा गया। एआईएमआईएम ने सीधे तौर पर आरजेडी के परंपरागत मुस्लिम-यादव वोट बैंक में सेंध लगाई थी। इसलिए आरजेडी को सबसे ज्यादा परेशानी हुई और उसने एआईएमआईएम विधायकों को तोड़ने की मुहीम शुरू कर दी। आरजेडी ने दो साल बाद ही जून 2022 में एआईएमआईएम के 5 में से 4 विधायकों को तोड़कर अपने पार्टी में शामिल कर लिया।  इसे भी पढ़ें:- PMCH में दलित लड़की की मौत पर राहुल गांधी ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा इस बार विधानसभा चुनाव में अगर एआईएमआईएम और आरजेडी अलग-अलग लड़ती हैं, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) होगा। इसलिए एआईएमआईएम ने चुनाव से पहले ही महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव भेज दिया। हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव पर आरजेडी और कांग्रेस (Congress) की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि विपक्षी महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर पहले सही तनाव है, ऐसे में अगर एआईएमआईएम को भी गठबंधन में शामिल कर लिया गया, तो सीट बंटवारे का मुद्दा और भी जटिल हो जाएगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल किया जाता है तो इससे फौरी तौर पर मुस्लिम वोटों को एकजुट करने में फायदा मिल सकता है, लेकिन एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा। दरअसल, आरजेडी और कांग्रेस (Congress) के कोर वोट बैंक मुस्लिम मतदाता है और एआईएमआईएम का वोट बैंक भी यही है। ऐसे में एआईएमआईएम राज्य में जितनी मजबूत होगी, उतनी ही आरजेडी और कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाएगी। ऐसे में महागठबंधन बिहार के अंदर अभी एआईएमआईएम से दूरी बनाकर ही रखना चाहता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections BiharElections2025 #AIMIM #RJD #Congress #Mahagathbandhan #Owaisi #PoliticalNews #IndiaPolitics

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Ram Darbar family muhurat

Ram Darbar family muhurat: बड़ा ही भव्य होगा अयोध्या का दरबार, परिवार के साथ इस मुहूर्त में विराजेंगे राजा राम

गंगा दशहरा के अवसर पर प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है।संयोग देखिये आज ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म दिन भी है। और आज ही आज 11 बजकर 25 मिनट से 11बजकर 40मिनट तक की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि यह प्राण प्रतिष्ठा आज अभिजीत मुहूर्त में की जाएगी। अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे शुभ और पवित्र समय माना जाता (Ram Darbar family muhurat) है। आज ही रामदरबार और गर्भगृह के चारों कोनों में बने परकोटे के अन्य मंदिरों में भी सात विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। अयोध्या और काशी से आए 101 वैदिक आचार्य इस प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन को पूरा कराएंगे। बड़ी बात यह कि आज सिद्ध योग भी बन रहा है। पूजन, भोग, आरती के बाद अनुष्ठान की समाप्ति होगी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद सीता राम समेत चारों भाइयों और बजरंगबली आभूषण पहनाए जाएंगे।  अयोध्या जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने कर ली हैं सभी (Ram Darbar family muhurat) तैयारियां बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा के इस आयोजन में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तकरीबन पांच सौ से अधिक मेहमान शामिल (Ram Darbar family muhurat) होंगे। सीएम योगी मख्य अतिथि होंगे। इसके आलावा संघ, विहिप और बीजेपी से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी प्राण प्रतिष्ठा में आने का न्योता दिया गया है। इस बीच सीएम पहले हनुमानगढ़ी जाएंगे और 10 बजकर 40 मिनट से 10 बजकर 55 मिनट तक दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद 11 बजे से 11.10 तक वो श्रीरामजन्मभूमि का दर्शन पूजन करेंगे। फिर 11.10 से 1 बजे तक सीएम श्रीरामजन्मभूमि परिसर में राम दरबार और नवनिर्मित 6 मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे। जानकारी के लिए बता दें कि अयोध्या जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने सभी तैयारियां कर ली हैं। विशेषकर कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद है।   सीएम योगी के नेतृत्व में अयोध्या आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में (Ram Darbar family muhurat) उभरी है इस कार्यक्रम को लेकर संत समुदाय का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के निर्माण और अयोध्या के विकास के माध्यम से रामनगरी का खोया हुआ गौरव लौटाया है। इतना ही नहीं, विगत आठ वर्षों में अयोध्या में 32 हजार करोड़ से अधिक विकास परियोजनाओं ने शहर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है। सड़क, रेल, हवाई अड्डा, सौंदर्यीकरण और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं ने अयोध्या को विश्व नक्शे पर चमकदार बनाया है। यही नहीं, रामकथा पार्क, सरयू तट का सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से युक्त मंदिर परिसर इसकी (Ram Darbar family muhurat) बानगी हैं। इस दौरान संत-महंतों ने योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभरी है। सरयू त्रयोदशी जन्मोत्सव के अवसर पर नदी तट पर विशेष आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।  इसे भी पढ़ें:- इस तरह विदेशी श्रद्धालु अब अयोध्या के राम मंदिर में पा सकेंगे वीआईपी पास प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के (Ram Darbar family muhurat) किए हैं पुख्ता इंतजाम  कार्यक्रम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम (Ram Darbar family muhurat) किए हैं। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने अयोध्या पहुंच रहे हैं। यह दिन न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनेगा। गौरतलब हो कि योगी आदित्यनाथ का अयोध्या से गहरा आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक संबंध है। उनका संबंध न सिर्फ बतौर मुख्यमंत्री बल्कि एक संत, राम भक्त और राम मंदिर आंदोलन के सक्रिय सहयोगी के रूप में है। गोरखनाथ मठ और योगी आदित्यनाथ की तीन पीढ़ियां राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं।  Latest News in Hindi Today Ram Darbar family muhurat AyodhyaRamMandir #RamDarbar #LordRam #AyodhyaDiaries #RamMandir2025 #DivineIndia #HinduCulture

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