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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा सर्च ऑपरेशन, पूरे इलाके में हाई अलर्ट

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक सर्च एंड कॉर्डन ऑपरेशन (CASO) शुरू कर दिया है। हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने आतंकियों की तलाश के लिए कई इलाकों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार हमलावर ने मजदूरों से बातचीत के दौरान उनकी पहचान और व्यक्तिगत जानकारी पूछी, जिसके बाद उन पर गोलीबारी की गई। सुरक्षा एजेंसियाँ इस घटना को लक्षित आतंकी हमला (Targeted Terror Attack) मानकर जांच कर रही हैं और हमले में शामिल आतंकियों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। पूरे दक्षिण कश्मीर में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद कुलगाम, अनंतनाग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। प्रवेश और निकास मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। प्रवासी मजदूरों में भय का माहौल हमले के बाद दक्षिण कश्मीर के ईंट-भट्ठों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल है। कई मजदूरों ने काम बंद कर दिया है और अपने गृह राज्यों लौटने पर विचार कर रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियाँ तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं। निष्कर्ष कुलगाम आतंकी हमले के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि हमले में शामिल आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी है. Source: Jammu & Kashmir Police | Ministry of Home Affairs | Indian Army जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, आंध्र प्रदेश में ₹18,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत

भोगापुरम (आंध्र प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में बने ऑलूरी सीताराम राजू (ASR) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। लगभग ₹5,640 करोड़ की लागत से विकसित यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उत्तर आंध्र प्रदेश की कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग और निवेश को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट माना जा रहा है। उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने राज्य में लगभग ₹18,000 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। यह नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भविष्य में विशाखापट्टनम क्षेत्र के लिए प्रमुख एयर हब के रूप में कार्य करेगा। आधुनिक टर्मिनल, उन्नत सुरक्षा प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र और दक्षिण ओडिशा के लाखों यात्रियों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराएगा। वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन 17 अगस्त 2026 से शुरू होने की योजना है। क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम सरकार का कहना है कि भोगापुरम एयरपोर्ट से— UDAN 2.0 विस्तार को भी मिली गति प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान UDAN 2.0 विस्तार का भी शुभारंभ किया। सरकार का उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज़ क्षेत्रों को सस्ती हवाई सेवाओं से जोड़ना है ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियाँ मजबूत हो सकें। प्रधानमंत्री का संबोधन अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक हवाई अड्डे केवल यात्रा की सुविधा नहीं बल्कि विकास, निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। निष्कर्ष भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, उद्योग, पर्यटन और हवाई संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. Source: Prime Minister’s Office (PMO) | Ministry of Civil Aviation | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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केंद्र सरकार ने विस्तारित Khelo India Scheme को मंजूरी दी, खेल ढाँचे को मजबूत करने के लिए ₹36,441 करोड़ का बड़ा प्रावधान

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में खेलों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के उद्देश्य से विस्तारित Khelo India Scheme को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना के लिए ₹36,441 करोड़ के बड़े वित्तीय प्रावधान को स्वीकृति दी है। सरकार का कहना है कि इस निवेश का उद्देश्य ग्रासरूट स्तर से लेकर एलीट खिलाड़ियों तक एक मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र (Sports Ecosystem) तैयार करना और भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है। नई Khelo India Scheme के तहत खेल अवसंरचना (Sports Infrastructure), प्रतिभा खोज (Talent Identification), उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, महिला खिलाड़ियों, पैरा स्पोर्ट्स, स्वदेशी खेलों और कोचिंग व्यवस्था को व्यापक रूप से मजबूत किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य देशभर में आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार करना और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी उपलब्ध कराना है। खेल अवसंरचना पर विशेष फोकस योजना के अंतर्गत नए खेल केंद्र, प्रशिक्षण अकादमियाँ, हाई-परफॉर्मेंस सेंटर और आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही राज्यों के साथ मिलकर जिला और ब्लॉक स्तर तक खेल सुविधाएँ विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे ग्रामीण और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को भी बेहतर अवसर मिल सकें। खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर समर्थन सरकार का कहना है कि विस्तारित योजना के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, पोषण, खेल उपकरण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। विशेष ध्यान महिला खिलाड़ियों, दिव्यांग खिलाड़ियों और उभरती प्रतिभाओं पर रहेगा ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रदर्शन और बेहतर हो सके। 2036 ओलंपिक दृष्टि को मिलेगा बल विशेषज्ञों का मानना है कि Khelo India Scheme का विस्तार भारत की दीर्घकालिक खेल रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पहल भविष्य में ओलंपिक, एशियाई खेलों और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में भारत की पदक संभावनाओं को मजबूत करने के साथ-साथ खेलों को रोजगार और करियर के रूप में भी बढ़ावा देगी। निष्कर्ष ₹36,441 करोड़ के प्रावधान के साथ विस्तारित Khelo India Scheme भारत के खेल क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े निवेशों में से एक है। सरकार का मानना है कि इस योजना से खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर, आधुनिक सुविधाएँ और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे भारत का खेल भविष्य और मजबूत होगा। Source: Ministry of Youth Affairs & Sports | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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आयकर विभाग ने बताया- AY 2026-27 के लिए 5.9 करोड़ से अधिक ITR दाखिल, टैक्स अनुपालन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

नई दिल्ली: आयकर विभाग ने जानकारी दी है कि आकलन वर्ष (Assessment Year) 2026-27 के लिए 31 जुलाई की निर्धारित समय सीमा तक 5.9 करोड़ (59 मिलियन) से अधिक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं। यह आँकड़ा दर्शाता है कि इस वर्ष करदाताओं में समय पर रिटर्न दाखिल करने की प्रवृत्ति मजबूत हुई है और देश में टैक्स अनुपालन (Tax Compliance) लगातार बेहतर हो रहा है। आयकर विभाग के अनुसार यह अंतिम संख्या उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) की है, जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता। विभाग ने समय-समय पर जारी जागरूकता अभियानों, डिजिटल सेवाओं और ई-फाइलिंग प्रणाली में सुधार को इस बढ़ती भागीदारी का प्रमुख कारण बताया है। ई-फाइलिंग प्रणाली बनी बड़ी ताकत आयकर विभाग ने कहा कि अधिकांश करदाताओं ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रिटर्न दाखिल किए। प्री-फिल्ड डेटा, आसान सत्यापन (e-Verification) और डिजिटल प्रक्रियाओं के कारण रिटर्न दाखिल करना पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज़ हुआ है। विभाग ने करदाताओं से समय पर ई-वेरिफिकेशन पूरा करने की भी अपील की है ताकि रिटर्न की प्रोसेसिंग और रिफंड में अनावश्यक देरी न हो। सरकार का फोकस बेहतर अनुपालन पर सरकार लगातार कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर ITR दाखिल होने से सरकार को राजस्व संग्रह बेहतर करने, वित्तीय योजना बनाने और कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है। देर से दाखिल करने वालों के लिए प्रावधान जो करदाता 31 जुलाई की समय सीमा तक रिटर्न दाखिल नहीं कर सके हैं, वे बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार विलंब शुल्क (Late Fee) और अन्य शर्तें लागू होंगी। निष्कर्ष AY 2026-27 के लिए 5.9 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल होना भारत में बढ़ते कर अनुपालन और डिजिटल टैक्स प्रणाली की सफलता को दर्शाता है। आयकर विभाग अब रिटर्न प्रोसेसिंग और रिफंड जारी करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है। Source: Income Tax Department | Ministry of Finance जय राष्ट्र न्यूज़

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज भारत के लिए बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और जूडो में कई पदक मुकाबले, स्वर्ण पर निगाहें

ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज का दिन भारतीय दल के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत के खिलाड़ी बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, जूडो, ट्रैक साइक्लिंग और बाउल्स सहित कई स्पर्धाओं में पदक मुकाबलों में उतर रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आज भारत की झोली में कई स्वर्ण और अन्य पदक आने की मजबूत संभावना है। बॉक्सिंग में सबसे बड़ी उम्मीद भारतीय मुक्केबाज़ों का प्रदर्शन इस संस्करण में शानदार रहा है। आज भारत के 10 मुक्केबाज़ फाइनल में उतर रहे हैं। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन, विश्व चैंपियन जैसमीन लांबोरिया, प्रीति पवार सहित कई भारतीय बॉक्सर स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ रिंग में उतरेंगे। भारत इस बार बॉक्सिंग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की स्थिति में है। एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स में भी पदक की उम्मीद एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों की नजर कई ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं पर रहेगी। वहीं पैरा एथलेटिक्स में भी भारत के खिलाड़ी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हाल के दिनों में भारतीय एथलीटों के लगातार अच्छे प्रदर्शन ने पदक की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। जूडो और अन्य स्पर्धाओं में चुनौती जूडो में भारतीय खिलाड़ी अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उतरेंगे। इसके अलावा ट्रैक साइक्लिंग और बाउल्स में भी भारत के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर पदक तालिका में देश की स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेंगे। भारत की पदक तालिका पर नजर भारतीय दल का लक्ष्य आज अधिक से अधिक पदक जीतकर पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करना है। खेल मंत्रालय और भारतीय ओलंपिक संघ ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विश्वास जताया है और पूरे देश की नजर आज होने वाले इन मुकाबलों पर टिकी हुई है। निष्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आज का दिन भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और जूडो में भारतीय खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन और कई पदकों की उम्मीद की जा रही है। Source: Commonwealth Sport | Indian Olympic Association (IOA) जय राष्ट्र न्यूज़

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पाकिस्तान में हिमस्खलन की चपेट में आए विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की मौत, बचाव अभियान समाप्त

इस्लामाबाद: विश्व प्रसिद्ध नेपाली मूल के पर्वतारोही निर्मल “निम्स” पुर्जा (Nirmal Purja) की पाकिस्तान के ब्रॉड पीक (Broad Peak) पर आए भीषण हिमस्खलन में मृत्यु की पुष्टि हो गई है। उनके अभियान संचालक Elite Exped ने आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद घटना की जानकारी दी। हिमस्खलन में कुल 10 पर्वतारोहियों की जान गई, जिनमें नेपाल, पाकिस्तान, अमेरिका, चीन और ओमान के नागरिक शामिल थे। यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी पर्वतारोहण त्रासदियों में से एक मानी जा रही है। हिमस्खलन पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र स्थित 8,051 मीटर ऊँचे ब्रॉड पीक पर शिखर अभियान के दौरान आया। खराब मौसम और अत्यधिक बर्फबारी के कारण कई दिनों तक बचाव अभियान जारी रहा, लेकिन अंततः किसी भी लापता पर्वतारोही के जीवित बचने की उम्मीद समाप्त हो गई। दुनिया के महान पर्वतारोहियों में थी पहचान 43 वर्षीय निर्मल पुर्जा ने वर्ष 2019 में दुनिया की सभी 14 आठ-हज़ारी चोटियों (8,000 मीटर से अधिक ऊँचाई वाली) को केवल 6 महीने 6 दिन में फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उनकी इस उपलब्धि पर आधारित नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री “14 Peaks: Nothing Is Impossible” ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई थी। अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण जगत में शोक निर्मल पुर्जा के निधन की खबर सामने आने के बाद दुनिया भर के पर्वतारोहियों, खेल संगठनों और प्रशंसकों ने शोक व्यक्त किया। उन्हें आधुनिक पर्वतारोहण का सबसे प्रेरणादायक चेहरा माना जाता था। सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साहस एवं उपलब्धियों को याद किया। पाकिस्तान में चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान पाकिस्तान सेना, स्थानीय बचाव दल और अनुभवी पर्वतारोहियों ने कई दिनों तक हेलीकॉप्टर और ड्रोन की सहायता से खोज अभियान चलाया। अत्यधिक ऊँचाई, लगातार खराब मौसम और हिमस्खलन के खतरे के कारण राहत कार्य बेहद कठिन रहा। निष्कर्ष निर्मल पुर्जा का निधन पर्वतारोहण जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। अपने साहस, अद्भुत उपलब्धियों और मानव क्षमता की सीमाओं को चुनौती देने वाले कारनामों के कारण वे हमेशा दुनिया भर के पर्वतारोहियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे. Source: Elite Exped | Alpine Club of Pakistan | Pakistan Army जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली नई परियोजनाओं पर काम तेज़, सरकार की कई निवेश योजनाएँ चर्चा में

नई दिल्ली: भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई नई परियोजनाओं और निवेश योजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया है। हाल ही में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) और सेमिकॉन इंडिया 2.0 जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में निवेश का माहौल और मजबूत हुआ है। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करना है। केंद्र सरकार के अनुसार नई योजनाओं के माध्यम से घरेलू मूल्य संवर्धन (Value Addition), सप्लाई चेन को मजबूत करने, भारतीय ब्रांड विकसित करने और अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन, निर्यात और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड से स्टार्टअप्स को मिला बढ़ावा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने जानकारी दी है कि इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट फंड (EDF) के माध्यम से अब तक 128 कंपनियों और स्टार्टअप्स में ₹1,335 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा चुका है। यह निवेश आठ वेंचर कैपिटल फंडों के जरिए किया गया है, जिससे डीप-टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में नवाचार को गति मिली है। मोबाइल और सेमीकंडक्टर सेक्टर पर बड़ा दांव सरकार ने हाल ही में ₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) और ₹1,27,500 करोड़ की Semicon India 2.0 योजना को मंजूरी दी है। इन योजनाओं का उद्देश्य भारत में मोबाइल निर्माण, चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूत करना है। रोजगार और निवेश को मिलेगा लाभ विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं से आने वाले वर्षों में अरबों रुपये का निवेश आकर्षित होगा और हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को अगले कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ाना और भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करना है। आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा देने वाली ये परियोजनाएँ Make in India, Digital India और Atmanirbhar Bharat अभियान को नई गति देंगी। सरकार का मानना है कि मजबूत घरेलू विनिर्माण क्षमता से आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत वैश्विक सप्लाई चेन में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निष्कर्ष नई इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल विनिर्माण परियोजनाएँ भारत के तकनीकी और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। सरकार की निवेश योजनाएँ, स्टार्टअप समर्थन और सेमीकंडक्टर मिशन मिलकर भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। Source: Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) | Press Information Bureau (PIB) जय राष्ट्र न्यूज़

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केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ की अतिरिक्त कर हिस्सेदारी जारी की, पूंजीगत खर्च और विकास कार्यों को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राज्यों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से ₹1,09,019 करोड़ की अतिरिक्त कर हिस्सेदारी (Tax Devolution) जारी की है। यह राशि 10 अगस्त को जारी होने वाली नियमित मासिक कर हिस्सेदारी के अतिरिक्त अग्रिम किस्त के रूप में दी गई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार इस कदम से राज्यों को आधारभूत ढांचा (Infrastructure), पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) और जनकल्याणकारी योजनाओं पर तेजी से खर्च करने में मदद मिलेगी। सरकार ने कहा कि यह अग्रिम वितरण राज्यों को अधिक वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगा ताकि वे मानसून, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और अन्य विकास कार्यों के लिए समय पर संसाधन उपलब्ध करा सकें। यह निर्णय सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना के अनुरूप राज्यों को अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम है। राज्यों को मिलेगा विकास कार्यों में बल वित्त मंत्रालय के अनुसार अतिरिक्त कर हिस्सेदारी जारी करने का उद्देश्य राज्यों को— के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है। पूंजीगत व्यय पर रहेगा फोकस विशेषज्ञों का मानना है कि अग्रिम कर वितरण से राज्यों को वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही बड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इससे निर्माण गतिविधियों, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है। वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप व्यवस्था भारत में केंद्र द्वारा एकत्र किए गए करों का हिस्सा वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों को नियमित रूप से वितरित किया जाता है। वर्तमान व्यवस्था के तहत राज्यों को विभाज्य कर पूल (Divisible Tax Pool) का 41% हिस्सा दिया जाता है। निष्कर्ष ₹1.09 लाख करोड़ की अतिरिक्त कर हिस्सेदारी जारी करने का निर्णय राज्यों की विकास योजनाओं को गति देने और पूंजीगत निवेश बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राज्यों को वित्तीय संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और विभिन्न विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। Source: Ministry of Finance | Department of Expenditure जय राष्ट्र न्यूज़

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत, सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन तेज

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में एक ईंट-भट्ठे पर हुए आतंकवादी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। आतंकियों ने शुक्रवार देर शाम गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी की थी, जिसमें एक मजदूर की मौके पर मौत हो गई थी जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। यह घटना पिछले लगभग 21 महीनों में प्रवासी मजदूरों पर हुआ पहला बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा भी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹10 लाख की अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) देने की घोषणा की। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है और दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर चिंता यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कश्मीर में सेब सीजन के कारण बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से मजदूर काम करने आते हैं। घटना के बाद प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। जांच जारी सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों और उनके नेटवर्क की पहचान करने में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच में इसे एक टार्गेटेड आतंकी हमला माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जबकि सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। Source: Jammu & Kashmir Police | Office of the Chief Minister, Jammu & Kashmir जय राष्ट्र न्यूज़

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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली के भलस्वा डंपसाइट के रिमेडिएशन कार्य की समीक्षा की, सितंबर तक सफाई पूरी करने के निर्देश

नई दिल्ली: केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली के भलस्वा डंपसाइट का दौरा कर वहाँ चल रहे लीगेसी वेस्ट रिमेडिएशन (Legacy Waste Remediation) कार्यों की समीक्षा की। यह उनका इस परियोजना का दूसरा स्थल निरीक्षण था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भलस्वा लैंडफिल की पूरी वैज्ञानिक सफाई (Remediation) सितंबर 2026 तक सुनिश्चित की जाए और भविष्य में नया लीगेसी कचरा बनने से रोका जाए। भलस्वा डंपसाइट को डंपसाइट रिमेडिएशन एंड एक्शन प्लान (DRAP) के तहत अपनाया गया है, जिसका उद्देश्य ‘लक्ष्य: ज़ीरो डंपसाइट’ हासिल करना है। यह कार्यक्रम स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। 43 एकड़ भूमि हुई पुनः प्राप्त अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि जून 2022 में इस स्थल पर लगभग 73 लाख मीट्रिक टन कचरा मौजूद था। लगातार बायो-माइनिंग और वैज्ञानिक उपचार के बाद अब शेष कचरा घटकर लगभग 23.17 लाख मीट्रिक टन रह गया है। अब तक लगभग 70 एकड़ में फैले इस डंपसाइट में से 43 एकड़ भूमि पुनः प्राप्त (Reclaimed) की जा चुकी है। मंत्री ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश निरीक्षण के दौरान मनोहर लाल ने बायो-माइनिंग, लीचेट प्रबंधन, आग से सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि— स्वच्छ भारत मिशन को मिलेगा बल भलस्वा परियोजना दिल्ली के सबसे बड़े कचरा निस्तारण अभियानों में से एक है। सरकार का मानना है कि इसके पूरा होने से आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण कम होगा, भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा और नागरिकों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह परियोजना देशभर में पुराने डंपसाइट्स को समाप्त करने के राष्ट्रीय अभियान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। निष्कर्ष भलस्वा डंपसाइट की सफाई दिल्ली के पर्यावरण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। केंद्र सरकार ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया है ताकि राजधानी को पुराने कचरा पहाड़ों से मुक्त किया जा सके और पुनः प्राप्त भूमि का उपयोग जनहित में किया जा सके। Source: Ministry of Housing & Urban Affairs (MoHUA) | Press Information Bureau (PIB) | Municipal Corporation of Delhi (MCD) जय राष्ट्र न्यूज़

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