Rahul Gandhi question (2)

Rahul Gandhi question: संसद में पीएम मोदी ने महाकुंभ में मरने वालों को क्यों नहीं दी श्रद्धांजलि? 

महाकुंभ के भव्य आयोजन पर आज संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना बयान दिया। महाकुंभ की सफलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि “हम सब जानते हैं कि गंगा को धरती पर लाने के लिए एक भगीरथ प्रयास हुआ था, वैसा ही महाकुंभ के महाप्रयास में भी दिखा।” नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि “प्रयागराज महाकुंभ से अनेक अमृत निकले हैं। इससे एकता का अमृत निकला है। देश के हर क्षेत्र और हर कोने से लोग इस आयोजन में आए और एक हो गए। लोग अहंकार से हम में एकजुट हो गए।” प्रधानमंत्री ने महाकुंभ की तुलना भारतीय इतिहास के मील के पत्थरों करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि “हर राष्ट्र के जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जो सदियों और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन जाते हैं। मैं प्रयागराज महाकुंभ को एक ऐसे मील के पत्थर के रूप में देखता हूं जिसमें देश के जागरूक होने का प्रतिबिंब दिखता है। सफल महाकुंभ, महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जवाब है।” उन्होंने कहा कि महाकुंभ में बड़े और छोटे का कोई भेद नहीं था।” आदतन पीएम मोदी के बयान के बाद विपक्ष हमलावर हो गया। मजे की बात यह कि प्रधानमंत्री मोदी के बयान समाप्त होने के बाद सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के (Rahul Gandhi question) साथ-साथ पार्टी के अन्य नेताओं ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सदन में बोलने वाले थे। समय रहते इसकी जानकारी नहीं दी गई।”  राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप मढ़ते (Rahul Gandhi question) हुए कहा कि “पूरे मसले पर विपक्ष को नहीं बोलने दिया जाता। ये कैसा न्यू इंडिया है?” इसी के साथ राहुल गांधी ने ये भी कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी को बेरोजगारी के बारे में भी बोलना चाहिए था। परंतु उन्होंने इस पर कुछ नहीं बोला। पीएम मोदी को कुंभ में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।” बता दें कि संसद परिसर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “कुंभ हमारी परंपरा है, इतिहास है, संस्कृति है, लेकिन हमें इस बात की शिकायत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ में जान गंवाने वालों के बारे में कुछ नहीं कहा। मृतकों को श्रद्धांजलि तक नहीं दी।” इस बीच राहुल गांधी ने दृढ़ता से कहा कि “कुंभ में जाने वाले युवाओं को प्रधानमंत्री से रोजगार भी चाहिए। प्रधानमंत्री को रोजगार के बारे में भी बोलना चाहिए था।” इसे भी पढ़ें:- शरद पवार ने पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े खूब कसीदे, चिट्ठी लिख कर दी बड़ी मांग आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं- पीएम मोदी  आपको बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ के आयोजन पर अपनी बात रखते हुए कहा कि “मैंने लाल किले से सबका प्रयास के महत्व पर जोर दिया था। पूरे विश्व ने महाकुंभ के रूप में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन किए। सबका प्रयास का यही साक्षात स्वरूप है।” इस दरम्यान प्रधानमंत्री ने कहा कि “पिछले साल अयोध्या के राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हमने महसूस किया था कि कैसे देश एक हजार वर्षों के लिए तैयार हो रहा है। इसके ठीक एक साल बाद, महाकुंभ के आयोजन ने हम सबके इस विचार को और बल मिला है। ये सामूहिक चेतना देश का सामर्थ्य बताती है।” पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “विघटन के दौर में हमारी एकता एक महत्वपूर्ण बिंदु है। और आज के युवा परंपरा और संस्कृति को अपना रहे हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Rahul Gandhi question #RahulGandhi #PMModi #MahakumbhTragedy #ParliamentDebate #PoliticalControversy #KumbhMela #ModiRahulClash #BreakingNews #IndiaPolitics #OppositionAttack

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PM Modi’s Spiritual Connect with Maa Ganga

मुझे मां गंगा ने गोद ले लिया है…मुखबा में पूजा-अर्जना के बाद बोले पीएम मोदी, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) चारधाम शीतकालीन यात्रा का संदेश लेकर आज उत्तराखंड के सीमांत गांव उत्तरकाशी (Uttarkashi) पहुंचे हैं। यहां पर वो मां गंगा (Ganges) के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंच पूजा अर्चना की और करीब बीस मिनट तक गर्भगृह में बिताया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने अपने नाम एक रिकॉर्ड भी दर्ज करा लिया। वो पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जो मां गंगा के शीतकालीन पूजा स्थल पर पहुंचे।   प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) का उत्तराखंड से गहरा लगाव है। उनका यह लगाव उनके कार्यशैली में भी झलकता है। उनके नाम पर उत्तराखंड से ही जुड़ी एक और उपलब्धि है। वह देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जो भारत-तिब्बत(चीन) सीमा के पास चमोली जनपद के पहले गांव माणा और पिथौरागढ़ जिले के सीमावर्ती गांव गुंजी गये थे।   मां गंगा के आशीर्वाद से काशी तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपने एक दिवसीय दौरे पर उत्तरकाशी (Uttarkashi) आए हैं। यहां पर वो सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए कई योजनाएं भी लेकर आए हैं। पीएम मोदी मुखबा मंदिर में दर्शन के बाद हर्षिल में ट्रैकिंग व बाइक रैली को फ्लैग ऑफ भी किया। हर्षिल में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, मुझे मां गंगा ने गोद ले लिया है। मां गंगा (Ganges) के आशीर्वाद से ही मुझे उत्तराखंड की सेवा का मौका मिला और काशी तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ। पीएम ने इस दौरान बाबा केदारनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कृपा और शक्ति से ही मैं यह घोषणा कर सका कि यह दशक उत्तराखंड का होगा। मेरे शब्द अब सच्चाई में बदल रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- पीओके भारत को मिलते ही ‘ख़त्म हो जाएगा कश्मीर विवाद’, एस जयशंकर ने लंदन में बताया भारत का खास प्लान जादूंग गांव फिर से होगा आबाद, दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे ट्रेक का शिलान्यास  पीएम मोदी ने जादूंग घाटी में दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे ट्रेक जनकताल और नीलापानी घाटी के मुलिंगना पास का शिलान्यास भी किया। यह दोनों ट्रेक 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद से ही बंद हैं। इनके शुरू होने से घाटी में पर्यटन के नए आयाम खुलेंगे और सीमावर्ती क्षेत्र का विकास होगा। बता दें कि, सीमावर्ती गांव जादूंग सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम है। राज्य की भाजपा सरकार ने केंद्र की मदद से अब इस गांव को फिर से आबाद करने की योजना बनाई है। यहां पर पुराने टूटे हुए घरों की मरम्मत कर होमस्टे बनाया जाएगा। साथ ही मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस खूबसूरत जगह पर पयर्टन को बढ़ावा देना है। पर्यटक यहां पर आएंगे तो रोजगार भी बढ़ेगा और गांव छोड़कर जा चुके लोग फिर वापस आएंगे। इस योजना की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री के आज के दौरे से वीरान पड़े जादूंग गांव को पर्यटन स्थल के रूप नई पहचान मिलने की उम्मीद है।  Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi #PMModi #MaaGanga #ModiInMukbha #GangaAarti #CharDhamYatra #Kedarnath #HinduSpirituality #Uttarakhand #GangaBlessings #IndiaNews

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