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EC मार्च में हाई ड्रामा, आकाशवाणी भवन में धरने पर राहुल-प्रियंका; घंटों चला विपक्ष-पुलिस का टकराव

नई दिल्ली: Election Commission के खिलाफ INDIA bloc के मार्च के दौरान मंगलवार को राजधानी दिल्ली में हाई ड्रामा देखने को मिला। पुलिस ने विपक्षी सांसदों को Nirvachan Sadan की ओर बढ़ने से रोका तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अचानक पास स्थित Akashvani Bhavan परिसर में पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। कई घंटे चले इस विरोध के बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। Election Commission तक जाना था मार्च INDIA bloc ने Parliament से Election Commission headquarters तक मार्च का आह्वान किया था। विपक्षी दल Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और Special Intensive Revision यानी SIR को वापस लेने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने रास्ते में रोका Central Delhi में भारी barricading और security deployment किया गया था। जब सांसद Election Commission की ओर बढ़े, तो पुलिस ने उन्हें Akashvani Bhavan के पास आगे जाने से रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में लेना शुरू किया। राहुल-प्रियंका ने अचानक बदला रास्ता इसी दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने अचानक अपना रास्ता बदल दिया। रिपोर्टों के अनुसार दोनों Akashvani Bhavan के खुले gate से परिसर में प्रवेश कर गए, जिससे पुलिस और वहां मौजूद विपक्षी नेताओं में भी कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। पेड़ के नीचे शुरू हुआ धरना Akashvani Bhavan परिसर में पहुंचने के बाद राहुल और प्रियंका वहीं बैठ गए। बाद में KC Venugopal, Pawan Khera और अन्य Congress नेता भी उनके साथ धरने में शामिल हो गए। प्रदर्शन कई घंटे तक जारी रहा। आठ से नौ घंटे तक चला विरोध अलग-अलग reports में धरने की अवधि करीब आठ से नौ घंटे बताई गई है। इस दौरान Congress workers बाहर जमा होकर नारेबाजी करते रहे और अंदर मौजूद नेताओं ने Election Commission से मिलने की मांग दोहराई। राहुल गांधी ने लोकतंत्र बचाने की कही बात धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि वह Election Commission और voter-list revision से जुड़े मुद्दों पर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने BJP और Election Commission पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए और प्रदर्शन को लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ी लड़ाई बताया। EC बोला- formal meeting request नहीं मिली Election Commission ने कहा कि किसी राजनीतिक दल की ओर से formal appointment request नहीं मिली थी। EC officials ने यह भी कहा कि इतने बड़े delegation के अचानक मिलने की मांग को स्वीकार करना सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था। शाम को पुलिस ने खत्म कराया धरना लंबे समय तक चले sit-in के बाद दिल्ली पुलिस ने Akashvani Bhavan परिसर से विपक्षी नेताओं को हटाना शुरू किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, KC Venugopal और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया। बाद में हिरासत में लिए गए नेताओं को छोड़ दिया गया। Barricade पर चढ़े राहुल गांधी मार्च के दौरान राहुल गांधी के police barricade पर चढ़ने का दृश्य भी चर्चा में रहा। उन्होंने वहां तिरंगा लहराया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें नीचे उतारा। इस दौरान विपक्ष और पुलिस के बीच कई जगह धक्का-मुक्की और नारेबाजी हुई। SIR विवाद बना मुख्य मुद्दा विपक्ष का आरोप है कि Special Intensive Revision के जरिए eligible voters के नाम electoral rolls से हटाए जा सकते हैं। Election Commission इन आरोपों को खारिज करता रहा है और कहता है कि revision प्रक्रिया voter lists को अधिक accurate बनाने के लिए की जा रही है। INDIA bloc और सरकार के बीच बढ़ा टकराव इस घटना के बाद Election Commission और विपक्ष के बीच चल रहा विवाद और गहरा गया है। जहां INDIA bloc CEC के इस्तीफे और SIR वापस लेने की मांग पर कायम है, वहीं BJP ने विपक्ष पर constitutional institutions को बदनाम करने का आरोप लगाया है। source – Reuters / The Indian Express / Hindustan Times / The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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INDIA गठबंधन का Election Commission तक मार्च, राहुल गांधी-अखिलेश समेत कई बड़े नेता शामिल; पुलिस ने रास्ते में रोका

नई दिल्ली: Special Intensive Revision (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को और तेज हो गया। INDIA गठबंधन के सांसदों और नेताओं ने संसद से Election Commission headquarters की ओर मार्च निकाला। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेता इसमें शामिल हुए, लेकिन भारी सुरक्षा और barricading के बीच पुलिस ने मार्च को Nirvachan Sadan पहुंचने से पहले ही रोक दिया। संसद से शुरू हुआ विपक्ष का मार्च INDIA bloc के सांसदों को सुबह Parliament House के Makar Dwar के पास जुटने के लिए कहा गया था। इसके बाद विपक्षी सांसद Election Commission headquarters की ओर बढ़े। मार्च का मुख्य मुद्दा electoral rolls की Special Intensive Revision प्रक्रिया और CEC ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोप थे। राहुल गांधी ने मांगा CEC का इस्तीफा मार्च के दौरान Leader of Opposition राहुल गांधी ने Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने एक placard भी दिखाया जिस पर लिखा था, “Gyanesh, it’s done bro, time to resign.” यह नारा प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी INDIA bloc के मार्च में शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि voter-list revision की प्रक्रिया में transparency और impartiality को लेकर गंभीर सवाल हैं और Election Commission को इन पर जवाब देना चाहिए। खरगे बोले- लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई Congress अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य democratic principles और voters के अधिकारों की रक्षा करना है। पुलिस ने Election Commission पहुंचने से पहले रोका Opposition march Election Commission headquarters तक नहीं पहुंच सका। पुलिस ने barricades लगाकर नेताओं और सांसदों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वहीं बैठकर विरोध दर्ज कराया। करीब 4,000 सुरक्षाकर्मी तैनात मार्च को देखते हुए Central Delhi में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। Delhi Police और Central Armed Police Forces के करीब 4,000 personnel को New Delhi district में तैनात किया गया। Connaught Place, Patel Chowk, Parliament Street और Election Commission के आसपास traffic restrictions भी लगाई गईं। SIR विवाद है प्रदर्शन की बड़ी वजह Opposition parties Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर लगातार सवाल उठा रही हैं। उनका आरोप है कि voter lists में बदलाव की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर eligible voters के नाम प्रभावित हो सकते हैं। Election Commission और BJP ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बढ़ा राजनीतिक दबाव पिछले कई दिनों से Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। Student groups, activists और political parties अलग-अलग जगहों पर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। Delhi में विरोध का यह पांचवां दिन था। BJP ने विपक्ष पर लगाया राजनीति करने का आरोप BJP ने Congress और INDIA bloc के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष Election Commission जैसी constitutional institution को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। BJP spokesperson Sambit Patra ने Congress पर Form 6 और electoral process को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। विपक्ष का आंदोलन आगे भी रहेगा जारी Congress ने संकेत दिया है कि यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। 8 अक्टूबर तक district-level padyatras, 10 से 20 अक्टूबर तक block-level meetings और इसके बाद state-level rallies आयोजित करने की योजना बनाई गई है। SIR को लेकर राष्ट्रपति से भी मुलाकात INDIA bloc नेताओं का एक delegation राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करने वाला है। विपक्ष SIR और Election Commission की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां राष्ट्रपति के सामने रखने की तैयारी में है। source – Reuters / The Indian Express / Hindustan Times / The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह परगट सिंह बने प्रदेश अध्यक्ष

चंडीगढ़: कांग्रेस ने पंजाब में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली है, जिन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह बदलाव 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिया इस्तीफा अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया। वड़िंग अप्रैल 2022 से पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल रहे थे और करीब साढ़े चार साल तक इस पद पर रहे। परगट सिंह को मिली नई जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। पार्टी ने उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। वह अब 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। कौन हैं परगट सिंह? परगट सिंह पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और Olympian हैं। वह जालंधर कैंट विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय हॉकी टीम का नेतृत्व किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया। पहले अकाली दल में थे परगट सिंह परगट सिंह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत Shiromani Akali Dal से की थी। उन्होंने 2012 में पहली बार जालंधर कैंट से विधानसभा चुनाव जीता। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हुए और पंजाब सरकार में Sports और Education Minister भी रह चुके हैं। अंदरूनी गुटबाजी के बीच हुआ बदलाव पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ महीनों से वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद और गुटबाजी की खबरें सामने आती रही थीं। कांग्रेस हाईकमान ने संगठन की स्थिति पर रिपोर्ट और आंतरिक consultations के बाद नेतृत्व में बदलाव का फैसला किया। सचिन पायलट की रिपोर्ट भी रही अहम पंजाब मामलों के AICC प्रभारी सचिन पायलट ने राज्य के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद पार्टी नेतृत्व को संगठनात्मक स्थिति पर रिपोर्ट सौंपी थी। इसी प्रक्रिया के बाद प्रदेश अध्यक्ष बदलने का निर्णय लिया गया। वड़िंग ने इस्तीफा देने के बाद यह भी कहा कि उन्हें लगा कि सचिन पायलट नेतृत्व में बदलाव चाहते थे। 2027 चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की कोशिश पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। कांग्रेस नेतृत्व परगट सिंह के जरिए संगठन के अलग-अलग गुटों के बीच बेहतर समन्वय और चुनावी तैयारियों को गति देने की कोशिश कर रहा है। जातीय और क्षेत्रीय समीकरण भी महत्वपूर्ण परगट सिंह जाट सिख समुदाय से आते हैं और पार्टी में उनके चयन को पंजाब के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। उनका नाम पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला समेत कई अन्य नेताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में था। अब संगठनात्मक फेरबदल पर नजर परगट सिंह की नियुक्ति के बाद पंजाब कांग्रेस में आगे और संगठनात्मक बदलाव होने की संभावना पर भी नजर रहेगी। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती आंतरिक मतभेद कम करने और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए एकजुट संगठन तैयार करने की होगी। source – The Indian Express / Hindustan Times / The Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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INDIA Bloc की बैठक में विपक्षी एकता पर जोर, राहुल गांधी और ममता बनर्जी समेत नेताओं ने आगे की रणनीति पर चर्चा की

नई दिल्ली: SIR और चुनाव आयोग को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच INDIA Bloc के शीर्ष नेताओं ने दिल्ली में बैठक कर विपक्षी एकता और आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और संयुक्त विरोध कार्यक्रमों पर रहा। दिल्ली में हुई विपक्षी दलों की अहम बैठक INDIA Bloc की इस बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, CPI, CPI(M), NCP(SP), शिवसेना (UBT), RJD, JMM और अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य चुनाव आयोग और SIR से जुड़े विवाद पर एक साझा राजनीतिक रणनीति तैयार करना और विपक्षी दलों के बीच समन्वय मजबूत करना था। राहुल गांधी और ममता बनर्जी रहे प्रमुख चेहरों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी बैठक के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। दोनों नेताओं ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी-अपनी चिंतियां सामने रखीं और विपक्षी दलों के संयुक्त अभियान की जरूरत पर जोर दिया। विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष ने स्वीकार नहीं किया है। SIR बना बैठक का मुख्य मुद्दा Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। INDIA Bloc के नेताओं ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है। विपक्ष ने pre-SIR electoral rolls बहाल करने और बाहर हुए मतदाताओं के लिए प्रभावी appeal mechanism की मांग भी रखी। Paper Ballot की मांग फिर उठी बैठक में विपक्षी दलों ने EVM की जगह paper ballot से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बैठक में शामिल दलों के बीच इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बनी। विपक्ष इसे चुनावी पारदर्शिता से जोड़ रहा है, जबकि भारत में EVM की वैधता और उपयोग पर चुनाव आयोग का अलग आधिकारिक रुख रहा है। 2 अक्टूबर से देशव्यापी विरोध की रणनीति बैठक के बाद INDIA Bloc ने 2 अक्टूबर से देशव्यापी विरोध अभियान शुरू करने की घोषणा की। विपक्ष ने अलग-अलग राज्यों और जिलों में प्रदर्शन, जनसभाएं और मार्च आयोजित करने की योजना बनाई है। इन कार्यक्रमों का केंद्र SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे रहेंगे। चुनाव आयोग तक मार्च की तैयारी INDIA Bloc के सांसदों ने दिल्ली में चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करने की भी योजना बनाई है। इस कार्यक्रम के जरिए विपक्ष अपने सवाल और मांगें सीधे चुनाव आयोग के सामने रखने की तैयारी कर रहा है। विपक्ष की रणनीति आने वाले दिनों में SIR विवाद को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में बनाए रखने की है। CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर भी चर्चा बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ा रुख अपनाया। कुछ विपक्षी नेताओं ने उनके इस्तीफे की मांग की, जबकि इससे पहले उनके खिलाफ संसदीय कार्रवाई की संभावना पर भी चर्चा हुई थी। हालांकि कुछ रिपोर्टों के अनुसार विपक्ष इस विकल्प को फिलहाल टाल भी सकता है। विपक्षी एकता दिखाने की कोशिश बैठक को INDIA Bloc के लिए राजनीतिक एकता दिखाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है। अलग-अलग राज्यों में विपक्षी दलों के बीच सीट बंटवारे और स्थानीय राजनीतिक मतभेद मौजूद हैं, लेकिन SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर कई दल साझा मंच पर दिखाई दिए। आगे भी जारी रह सकता है संयुक्त अभियान INDIA Bloc ने संकेत दिया है कि उसका अभियान केवल एक दिन के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले हफ्तों में विपक्ष अलग-अलग राज्यों में कार्यक्रम आयोजित कर सकता है और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे में प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रहा है। source – The Indian Express / Hindustan Times / Times of India / India Today जय राष्ट्र न्यूज़

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SIR विवाद पर INDIA गठबंधन का बड़ा ऐलान, 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन; 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च

नई दिल्ली: मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘Save Democracy’ अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत जिला स्तर पर प्रदर्शन होंगे और 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे। 2 अक्टूबर से शुरू होगा देशव्यापी अभियान INDIA गठबंधन ने तय किया है कि 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक अलग-अलग राज्यों और जिलों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे और विपक्षी दल SIR प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग के हालिया फैसलों को लेकर अपनी आपत्तियां जनता के बीच ले जाएंगे। 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च आंदोलन के सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक 6 अक्टूबर को दिल्ली में होगा। INDIA गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे और SIR प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को आयोग के सामने उठाएंगे। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं। SIR को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल INDIA गठबंधन का आरोप है कि Special Intensive Revision की प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाने और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता की कमी रही है। विपक्ष ने हाल में सामने आई उन रिपोर्टों का भी उल्लेख किया है जिनमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। चुनाव आयोग की ओर से विपक्ष के इन राजनीतिक आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है। INDIA गठबंधन ने रखीं छह प्रमुख मांगें बैठक के बाद विपक्षी दलों ने छह प्रमुख मांगों और आगे की राजनीतिक रणनीति की घोषणा की। इनमें SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग, चुनाव आयोग के सामने विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने की योजना भी शामिल है। राष्ट्रपति से मिलने की भी तैयारी INDIA गठबंधन के नेताओं ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगने की बात कही है। विपक्षी नेता चुनाव और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े अपने सवाल राष्ट्रपति के सामने रखने की योजना बना रहे हैं। राहुल गांधी ने विपक्षी एकता पर दिया जोर बैठक के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेता मिलकर चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे। उन्होंने विपक्ष की इस लड़ाई को किसी एक नेता या दल के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बताया। यह विपक्ष का राजनीतिक पक्ष है और इन आरोपों पर संबंधित संस्थाओं तथा सत्तारूढ़ पक्ष की अलग प्रतिक्रिया रही है। ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग पर साधा निशाना पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी SIR को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। BJP ने विपक्ष के अभियान पर किया पलटवार INDIA गठबंधन की घोषणा के बाद BJP नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया और आंदोलन को राजनीतिक बताया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के ‘Save Democracy’ अभियान पर कटाक्ष करते हुए इसे राजनीतिक परिवारों को बचाने की कोशिश बताया। यह BJP का राजनीतिक जवाब है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा आंदोलन बता रहा है। अक्टूबर-नवंबर में बड़ी रैलियों की भी योजना INDIA गठबंधन सिर्फ एक सप्ताह के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। विपक्ष ने अक्टूबर और नवंबर में अलग-अलग स्थानों पर बड़ी रैलियां आयोजित करने की भी योजना बनाई है। इन कार्यक्रमों में मतदाता सूची, SIR और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे कथित ‘vote chori’ के आरोप प्रमुख मुद्दे रहेंगे। SIR विवाद पर बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले कार्यक्रमों और 6 अक्टूबर के चुनाव आयोग मार्च के चलते SIR विवाद आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है। विपक्ष जहां मतदाता सूची में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं इस मुद्दे पर लगाए गए आरोपों की सत्यता और कानूनी स्थिति संबंधित संस्थाओं तथा अदालतों की प्रक्रिया से तय होगी। source – Reuters / India Today / The Statesman / The Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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इंदौर में राहुल गांधी का स्वागत, समर्थकों ने लगाए नारे; ‘छात्रों की गूंज’ में युवाओं से किया संवाद

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक कई स्थानों पर समर्थक जुटे और ‘राहुल गांधी जिंदाबाद’ तथा ‘घर-घर गांधी, राहुल गांधी जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए। राहुल गांधी 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने इंदौर पहुंचे थे, जहां उन्होंने छात्रों से शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर बातचीत की। इंदौर एयरपोर्ट पर जुटे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से पहले ही देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जुटने लगे थे। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट से होटल तक कई स्थानों पर व्यवस्थाएं की थीं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार राहुल गांधी के एयरपोर्ट पहुंचने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने उनकी अगवानी की। एयरपोर्ट से रेडिसन होटल जाने वाले रास्ते में लवकुश चौराहा, एमआर-10 और विजय नगर समेत कई स्थानों पर स्वागत की तैयारियां की गई थीं। समर्थकों ने लगाए राहुल गांधी के समर्थन में नारे राहुल गांधी के काफिले के रास्ते और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने— “राहुल गांधी जिंदाबाद” और “घर-घर गांधी, राहुल गांधी जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए। कुछ युवा ‘RAGA’ लिखा चश्मा पहनकर भी कार्यक्रम में पहुंचे। कार्यक्रम में ग्वालियर से पहुंची एक युवती अपने साथ “आपसे प्यार है इसलिए इंदौर आए हैं” लिखा पोस्टर लेकर आई थी। इस तरह के पोस्टर और नारे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद समर्थकों के उत्साह का हिस्सा रहे। स्वागत के लिए बनाए गए थे कई मंच राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं ने एयरपोर्ट से होटल तक कई जगह स्वागत मंच तैयार किए थे। हालांकि राहुल गांधी का कार्यक्रम निर्धारित होने के कारण वे इन सभी मंचों पर नहीं रुके और उनका काफिला सीधे आगे बढ़ा। एयरपोर्ट और एमआर-10 इलाके में समर्थकों की भीड़ देखने को मिली। शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान भी लागू किया था। 13 मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया गया और कुछ हिस्सों को नो-व्हीकल जोन बनाया गया था। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुए राहुल गांधी इंदौर दौरे का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होना था। कार्यक्रम इंदौर के रीजनल पार्क के पास IDA मैदान में आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्र और युवा पहुंचे। राहुल गांधी ने मंच से छात्रों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। यह ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का पांचवां आयोजन था। इससे पहले इस अभियान के कार्यक्रम कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में आयोजित किए जा चुके थे। छात्रों ने उठाए रोजगार और परीक्षा से जुड़े मुद्दे कार्यक्रम में युवाओं ने बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों में देरी, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं जैसे विषय उठाए। राहुल गांधी ने इन मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और कहा कि छात्रों को प्रश्न पूछने का अधिकार होना चाहिए। उनके ये बयान कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप और दृष्टिकोण थे। राहुल गांधी ने कार्यक्रम की शुरुआत में इंदौर में मिले स्वागत के लिए मौजूद लोगों का धन्यवाद भी किया। कार्यक्रम के बाहर राजनीतिक विरोध भी राहुल गांधी के स्वागत के साथ-साथ उनके दौरे को लेकर राजनीतिक विरोध भी देखने को मिला। कार्यक्रम से पहले इंदौर में कई जगह ‘झूठ की गूंज’ लिखे पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए थे। कांग्रेस ने इसके पीछे भाजपा का हाथ होने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा की ओर से इसे छात्रों की प्रतिक्रिया बताया गया। इन दावों की जिम्मेदारी संबंधित राजनीतिक पक्षों की है। इस तरह राहुल गांधी का इंदौर दौरा एक तरफ कांग्रेस समर्थकों के स्वागत और नारेबाजी के कारण चर्चा में रहा, वहीं दूसरी ओर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी जारी रही। राहुल गांधी ने स्वागत के लिए जताया आभार कार्यक्रम में राहुल गांधी ने इंदौर के लोगों और युवाओं को संबोधित करते हुए स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। इसके बाद उन्होंने छात्रों के साथ शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। कार्यक्रम में पोस्टर, नारे, संगीत और छात्रों की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। Times of India ने कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में युवाओं, पोस्टरों और नारेबाजी का उल्लेख किया है। इंदौर कार्यक्रम के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को राज्य के दूसरे जिलों तक ले जाने की घोषणा भी की।

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राहुल गांधी पर महिला की तीखी टिप्पणी, बोलीं- ‘राहुल गांधी का दिमाग खराब हो गया है’

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर एक महिला की तीखी टिप्पणी चर्चा में है। सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रतिक्रिया में महिला को यह कहते हुए बताया जा रहा है कि “राहुल गांधी का दिमाग खराब हो गया है।” यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब इंदौर में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। हालांकि महिला की उक्त टिप्पणी एक व्यक्तिगत राजनीतिक प्रतिक्रिया है और इसे राहुल गांधी की मानसिक स्थिति के बारे में किसी चिकित्सकीय तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। राहुल गांधी के हालिया ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब अलग-अलग राज्यों तक पहुंच गया है। कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलने की शैली की मिमिक्री की थी और राहुल गांधी भी उस दौरान मंच पर मौजूद थे। इस प्रस्तुति के कुछ हिस्सों को लेकर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई, जबकि कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक व्यंग्य के रूप में बचाव किया। महिला की टिप्पणी क्यों हुई चर्चा में? इस पूरे विवाद के बीच राहुल गांधी को लेकर आम लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक प्रतिक्रिया में उत्तर प्रदेश की एक महिला को राहुल गांधी की आलोचना करते हुए “राहुल गांधी का दिमाग खराब हो गया है” कहते हुए बताया जा रहा है। महिला की यह टिप्पणी राजनीतिक नाराजगी की अभिव्यक्ति है। इस तरह की भाषा किसी व्यक्ति की वास्तविक मानसिक या चिकित्सकीय स्थिति साबित नहीं करती। उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स में इस exact टिप्पणी करने वाली महिला की पहचान और वीडियो के मूल स्रोत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। हालांकि राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को लेकर महिलाओं की ओर से आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं आने की रिपोर्ट जरूर सामने आई है। Times Now Navbharat की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, देहरादून और बरेली समेत अलग-अलग जगहों पर महिलाओं ने कार्यक्रम की आलोचना की और राहुल गांधी की राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाए। किस घटना को लेकर शुरू हुआ विवाद? 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा में कथित अनियमितताओं, फीस और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों को उठाना था। राहुल गांधी कार्यक्रम में मौजूद थे। इसी दौरान कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। प्रस्तुति में प्रधानमंत्री द्वारा एक बुजुर्ग महिला को कुर्सी दिए जाने से जुड़े प्रसंग का भी संदर्भ आया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तुति के जरिये प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां का अपमान किया गया। कांग्रेस और उसके समर्थकों ने इस व्याख्या से असहमति जताई है और कहा कि इसे राजनीतिक व्यंग्य तथा हास्य के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी साधा निशाना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इंदौर कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं और बुजुर्गों का सम्मान भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और कांग्रेस नेता के व्यवहार की आलोचना की। यह भाजपा का राजनीतिक पक्ष है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत अन्य भाजपा नेताओं ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस की आलोचना की। भाजपा ने पूरे विवाद को महिला सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा। कांग्रेस ने क्या कहा? दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा की आलोचना का विरोध किया है। कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने सवाल किया कि राजनीतिक व्यंग्य और हास्य को लेकर भाजपा इतनी आपत्ति क्यों जता रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं ने अतीत में कांग्रेस नेताओं को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं। हालांकि Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के अंदर भी कुछ नेताओं ने माना कि मिमिक्री का यह हिस्सा टाला जा सकता था, क्योंकि इससे छात्रों के मूल मुद्दों से ध्यान हट गया। रिपोर्ट में तीन कांग्रेस नेताओं के हवाले से ऐसी राय सामने आई। महिलाओं की प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने विवाद के बाद कई महिलाओं की प्रतिक्रियाओं में यह कहा गया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी नेता की मां या परिवार को राजनीतिक मजाक में शामिल करने से बचना चाहिए। Times Now Navbharat की रिपोर्ट के अनुसार कुछ महिलाओं ने राहुल गांधी की राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाए और कहा कि सार्वजनिक मंच पर भाषा तथा व्यवहार की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी माहौल में राहुल गांधी के खिलाफ कथित तौर पर उत्तर प्रदेश की महिला की तीखी टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा में आई है। वायरल बयान को लेकर क्या सावधानी जरूरी? सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति का छोटा वीडियो तेजी से वायरल होने पर उसका पूरा संदर्भ कई बार सामने नहीं आता। इसलिए महिला के कथित “राहुल गांधी का दिमाग खराब हो गया है” बयान को एक व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इस बयान के आधार पर राहुल गांधी की मानसिक स्थिति के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। साथ ही वीडियो के मूल स्रोत, महिला की पहचान और पूरी बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इसे व्यापक जनमत का प्रतिनिधित्व मानना भी सही नहीं होगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हुई मिमिक्री ने भाजपा और कांग्रेस के बीच नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। भाजपा इसे महिला सम्मान और राजनीतिक मर्यादा से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस पक्ष इसे राजनीतिक व्यंग्य और छात्रों के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश के रूप में पेश कर रहा है।

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राहुल गांधी को लेकर जा रही Air India Flight की Landing पहली कोशिश में टली, दूसरी Attempt में सुरक्षित उतरा विमान

लखनऊ, 8 सितंबर 2026: Lok Sabha में Leader of Opposition Rahul Gandhi को Delhi से Lucknow लेकर जा रही Air India flight की landing पहली कोशिश में टल गई। खराब मौसम के कारण aircraft को go-around करना पड़ा, जिसके बाद दूसरी कोशिश में विमान Lucknow के Chaudhary Charan Singh International Airport पर सुरक्षित उतर गया। Air India की Flight AI-1717 में सवार थे Rahul Gandhi Rahul Gandhi Delhi से Lucknow जा रही Air India flight AI-1717 में सवार थे। Lucknow पहुंचने के बाद उन्हें सड़क मार्ग से अपने Lok Sabha constituency Rae Bareli जाना था। पहली Attempt में क्यों नहीं हुई Landing? Aviation sources के मुताबिक Lucknow में उस समय हल्की बारिश और low atmospheric pressure की स्थिति थी। First approach के दौरान pilot ने landing जारी रखने के बजाय safety procedure के तहत aircraft को दोबारा ऊपर ले जाने का फैसला किया। इसे aviation terminology में go-around कहा जाता है और खराब weather या unstable approach जैसी परिस्थितियों में यह सामान्य safety procedure है। करीब 7 मिनट बाद सुरक्षित Landing Flight का scheduled arrival करीब 3:30 PM था, लेकिन aircraft लगभग 3:55 PM पर Lucknow airport पहुंचा। पहली landing attempt के बाद विमान ने go-around किया और करीब 7 मिनट बाद सुरक्षित landing कर ली। सभी passengers सामान्य रूप से aircraft से बाहर निकले। Rahul Gandhi का Rae Bareli दौरा Airport पर Uttar Pradesh Congress President Ajay Rai समेत पार्टी नेताओं ने Rahul Gandhi का स्वागत किया। इसके बाद Rahul Gandhi सड़क मार्ग से Rae Bareli के लिए रवाना हुए, जहां उनका party workers और local residents से मुलाकात करने तथा development works की समीक्षा करने का कार्यक्रम था। कोई Emergency Situation नहीं इस घटना को emergency landing बताना सही नहीं होगा। Aviation sources ने इसे weather conditions के कारण किया गया routine go-around बताया और aircraft की दूसरी कोशिश में normal तथा safe landing हुई। source – PTI / The Economic Times / ABP News जय राष्ट्र न्यूज़

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मोहन यादव का Congress और Gandhi परिवार पर तीखा हमला; बोले—‘समुद्र बीच में न होता तो अरब देशों से चुनाव लड़ते’

आगर मालवा, 14 सितंबर 2026: Madhya Pradesh के Chief Minister Mohan Yadav ने Congress और Nehru-Gandhi परिवार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। Agar Malwa में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने Gandhi परिवार की चुनावी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि “अगर समुद्र बीच में नहीं आता तो ये अरब देशों से भी चुनाव लड़ते।” उनका बयान Rahul Gandhi के आगामी Madhya Pradesh दौरे से पहले आया है। Rahul Gandhi के Indore कार्यक्रम पर साधा निशाना Rahul Gandhi 19 September को Indore में ‘Chhatron Ki Goonj’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले हैं, जहां वे students से education system और उनकी समस्याओं पर बातचीत करेंगे। Mohan Yadav ने इस programme पर तंज कसते हुए इसे “Jhooth Ki Goonj” करार दिया और आरोप लगाया कि Congress युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। Gandhi परिवार की Seats को लेकर किया तंज CM Yadav ने Gandhi family के अलग-अलग constituencies से चुनाव लड़ने का जिक्र करते हुए Amethi और Rae Bareli का उदाहरण दिया। इसी दौरान उन्होंने कहा कि अगर भौगोलिक सीमाएं बाधा न होतीं तो Gandhi परिवार दूसरे देशों से भी चुनाव लड़ सकता था। उनके इस बयान को Congress leadership के political constituencies बदलने पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। Rahul Gandhi को लेकर ‘Pappu’ टिप्पणी Mohan Yadav ने Rahul Gandhi पर व्यक्तिगत तंज भी किया और उन्हें ‘Pappu’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि Congress leadership सरकार की development policies और technological progress को स्वीकार नहीं करना चाहती। Modi Government की योजनाओं की तारीफ अपने भाषण में CM Yadav ने Centre और Madhya Pradesh की BJP सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने housing schemes, student laptops और महिलाओं के लिए Ladli Behna Yojana को सरकार की उपलब्धियों के रूप में पेश किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि India की welfare और technology-based governance की नीतियां अब दूसरे देशों के लिए भी उदाहरण बन रही हैं। Congress ने किया पलटवार Madhya Pradesh Congress ने Mohan Yadav की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। Congress नेता Jitu Patwari ने मुख्यमंत्री से विपक्षी नेताओं के बारे में बोलते समय पद की गरिमा बनाए रखने को कहा। वहीं Congress नेता PC Sharma ने तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें BJP पहले ‘Pappu’ कहती थी, अब वही Rahul Gandhi उसके लिए ‘Papa’ बन गए हैं। source – Navbharat Times / Times of India / ANI जय राष्ट्र न्यूज़

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Tamil Nadu Alliance पर Congress की Red Line—Rahul Gandhi ही PM Face, Vijay को लेकर अटकलों के बीच बड़ा बयान

चेन्नई, 7 सितंबर 2026: Tamil Nadu की सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीति में 2029 के Prime Minister face को लेकर नई बहस तेज हो गई है। Congress ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले Lok Sabha चुनाव में Rahul Gandhi ही पार्टी और विपक्षी नेतृत्व का प्रमुख चेहरा होंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के कुछ नेता मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश कर रहे हैं। K.C. Venugopal ने साफ किया Congress का रुख Congress General Secretary K.C. Venugopal ने कहा कि Rahul Gandhi 2029 में INDIA bloc का नेतृत्व करेंगे। Vijay को PM candidate के रूप में पेश किए जाने से जुड़ी चर्चाओं को उन्होंने Congress के आधिकारिक रुख से अलग बताया। Manickam Tagore ने भी दोहराई Rahul Gandhi की दावेदारी Tamil Nadu Congress President Manickam Tagore ने भी कहा कि Rahul Gandhi ही Congress के Prime Ministerial candidate हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर alliance arrangements और national leadership के सवाल को आपस में नहीं मिलाया जाना चाहिए। TVK में उठ रही ‘Vijay for PM’ की मांग TVK के कुछ वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने Vijay को 2029 के लिए संभावित PM candidate के रूप में project करना शुरू किया है। इसी वजह से Congress और TVK के बीच national leadership को लेकर मतभेद की चर्चा तेज हुई है। हालांकि Vijay की ओर से इस पर कोई formal PM candidature announcement नहीं की गई है। 9 सितंबर की Alliance Meeting अहम Vijay ने 9 सितंबर को alliance partners की बैठक बुलाई है। इस meeting में गठबंधन के formal नाम और Common Minimum Programme पर चर्चा होने की उम्मीद है। Congress ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। Left Parties ने बनाई दूरी Reports के मुताबिक CPI और CPI(M) ने इस बैठक में शामिल होने को लेकर दूरी बनाई है। इससे alliance के अंदर आगे की राजनीतिक दिशा और 2029 की national strategy पर नए सवाल खड़े हुए हैं। Congress के लिए Rahul Gandhi पर कोई समझौता नहीं Congress का संदेश साफ है कि Tamil Nadu में Vijay के साथ सत्ता साझेदारी होने के बावजूद national level पर party Rahul Gandhi की leadership से पीछे नहीं हटेगी। इसी वजह से इसे Congress की political “red line” के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल Alliance टूटने के संकेत नहीं मतभेद के बावजूद फिलहाल Congress ने TVK-led सरकार या alliance से अलग होने का कोई संकेत नहीं दिया है। दोनों पक्ष 9 सितंबर की meeting से पहले बातचीत जारी रखे हुए हैं। इसलिए मौजूदा विवाद को alliance breakdown की बजाय leadership positioning के रूप में देखना ज्यादा सही होगा। source – The Indian Express / Economic Timesजय राष्ट्र न्यूज़

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