केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ की अतिरिक्त कर हिस्सेदारी जारी की, पूंजीगत खर्च और विकास कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राज्यों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से ₹1,09,019 करोड़ की अतिरिक्त कर हिस्सेदारी (Tax Devolution) जारी की है। यह राशि 10 अगस्त को जारी होने वाली नियमित मासिक कर हिस्सेदारी के अतिरिक्त अग्रिम किस्त के रूप में दी गई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार इस कदम से राज्यों को आधारभूत ढांचा (Infrastructure), पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) और जनकल्याणकारी योजनाओं पर तेजी से खर्च करने में मदद मिलेगी। सरकार ने कहा कि यह अग्रिम वितरण राज्यों को अधिक वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगा ताकि वे मानसून, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और अन्य विकास कार्यों के लिए समय पर संसाधन उपलब्ध करा सकें। यह निर्णय सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना के अनुरूप राज्यों को अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम है। राज्यों को मिलेगा विकास कार्यों में बल वित्त मंत्रालय के अनुसार अतिरिक्त कर हिस्सेदारी जारी करने का उद्देश्य राज्यों को— के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है। पूंजीगत व्यय पर रहेगा फोकस विशेषज्ञों का मानना है कि अग्रिम कर वितरण से राज्यों को वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही बड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इससे निर्माण गतिविधियों, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है। वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप व्यवस्था भारत में केंद्र द्वारा एकत्र किए गए करों का हिस्सा वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों को नियमित रूप से वितरित किया जाता है। वर्तमान व्यवस्था के तहत राज्यों को विभाज्य कर पूल (Divisible Tax Pool) का 41% हिस्सा दिया जाता है। निष्कर्ष ₹1.09 लाख करोड़ की अतिरिक्त कर हिस्सेदारी जारी करने का निर्णय राज्यों की विकास योजनाओं को गति देने और पूंजीगत निवेश बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे राज्यों को वित्तीय संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और विभिन्न विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। Source: Ministry of Finance | Department of Expenditure जय राष्ट्र न्यूज़

