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महाराष्ट्र | अकोला मनपा की आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम पर नगरसेवक फझलू पहलवान ने उठाए सवाल

अकोला महानगरपालिका की हुई बैठक में नगरसेवक फझलू पहलवान ने शहर में चल रही आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने अलग और बेबाक अंदाज में प्रशासन से पूछा कि अभियान के बावजूद शहर में आक्रामक आवारा कुत्तों की समस्या क्यों बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। फझलू पहलवान के इस मुद्दे को उठाने के बाद नगर निगम की बैठक में आवारा कुत्तों की समस्या और अभियान की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई। Video Credit @akolanewsnetwork #अकोला #फजलूपहलवान #नगर निगम #आवारा कुत्ते #महाराष्ट्र ब्रेकिंगन्यूज

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी जारी की, उत्तर भारत और पूर्वोत्तर में हाई अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के अनेक राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले 24–48 घंटों के दौरान दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में तेज़ बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की संभावना है। दिल्ली-NCR में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका IMD के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज़ बारिश हो सकती है। इससे निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। नगर निगम और प्रशासन को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदी-नालों के जलस्तर में तेज़ वृद्धि की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग के अपडेट का पालन करने की अपील की है। पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ की स्थिति पर निगरानी असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियाँ अलर्ट पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें संभावित बाढ़ और आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं। स्थानीय प्रशासन को स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। नागरिकों के लिए सलाह IMD ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, नदी-नालों के पास जाने से बचें और खराब मौसम के दौरान केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर न रुकने और आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नज़र रखने की सलाह भी दी गई है। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और भारी बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया, दिल्ली-NCR समेत कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की आशंका

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय मानसून को देखते हुए कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, केरल, कर्नाटक, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में अगले 24–48 घंटों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, शहरी बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली-NCR में बारिश और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका IMD के अनुसार दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना है। इससे कई निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और कार्यालय समय के दौरान लंबा जाम लगने की आशंका जताई गई है। नगर निगम और संबंधित एजेंसियों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष सतर्कता उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें खिसकने और नदी-नालों के जलस्तर में तेज़ बढ़ोतरी की संभावना है। प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नज़र रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। प्रशासन और राहत एजेंसियाँ अलर्ट पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात रखने, बाढ़ संभावित इलाकों की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें भी कई संवेदनशील क्षेत्रों में तैयार रखी गई हैं। मछुआरों और किसानों के लिए सलाह मौसम विभाग ने समुद्र में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की संभावना को देखते हुए तटीय राज्यों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और मौसम विभाग द्वारा जारी स्थानीय सलाह का पालन करने को कहा गया है। नागरिकों के लिए सावधानी IMD ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी-नालों और कमजोर ढांचों से दूर रहें। बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें और यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट अवश्य देखें। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज़ गतिविधियों को देखते हुए मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही कई अन्य राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किए गए हैं। किन राज्यों में भारी बारिश की संभावना IMD के अनुसार मध्य प्रदेश, असम और केरल के अलावा मेघालय, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज़ हवाओं की संभावना है। कुछ स्थानों पर जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश मौसम विभाग ने राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह देने को कहा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। मछुआरों और यात्रियों के लिए चेतावनी IMD ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में तेज़ हवाओं और ऊँची लहरों की चेतावनी जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। कई तटीय क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें, मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखें और भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी-नालों के पास जाने से बचें। निष्कर्ष देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश, असम और केरल के लिए जारी रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। Source: India Meteorological Department (IMD) जय राष्ट्र न्यूज़

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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली के भलस्वा डंपसाइट के रिमेडिएशन कार्य की समीक्षा की, सितंबर तक सफाई पूरी करने के निर्देश

नई दिल्ली: केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली के भलस्वा डंपसाइट का दौरा कर वहाँ चल रहे लीगेसी वेस्ट रिमेडिएशन (Legacy Waste Remediation) कार्यों की समीक्षा की। यह उनका इस परियोजना का दूसरा स्थल निरीक्षण था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भलस्वा लैंडफिल की पूरी वैज्ञानिक सफाई (Remediation) सितंबर 2026 तक सुनिश्चित की जाए और भविष्य में नया लीगेसी कचरा बनने से रोका जाए। भलस्वा डंपसाइट को डंपसाइट रिमेडिएशन एंड एक्शन प्लान (DRAP) के तहत अपनाया गया है, जिसका उद्देश्य ‘लक्ष्य: ज़ीरो डंपसाइट’ हासिल करना है। यह कार्यक्रम स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। 43 एकड़ भूमि हुई पुनः प्राप्त अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि जून 2022 में इस स्थल पर लगभग 73 लाख मीट्रिक टन कचरा मौजूद था। लगातार बायो-माइनिंग और वैज्ञानिक उपचार के बाद अब शेष कचरा घटकर लगभग 23.17 लाख मीट्रिक टन रह गया है। अब तक लगभग 70 एकड़ में फैले इस डंपसाइट में से 43 एकड़ भूमि पुनः प्राप्त (Reclaimed) की जा चुकी है। मंत्री ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश निरीक्षण के दौरान मनोहर लाल ने बायो-माइनिंग, लीचेट प्रबंधन, आग से सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि— स्वच्छ भारत मिशन को मिलेगा बल भलस्वा परियोजना दिल्ली के सबसे बड़े कचरा निस्तारण अभियानों में से एक है। सरकार का मानना है कि इसके पूरा होने से आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण कम होगा, भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा और नागरिकों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह परियोजना देशभर में पुराने डंपसाइट्स को समाप्त करने के राष्ट्रीय अभियान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। निष्कर्ष भलस्वा डंपसाइट की सफाई दिल्ली के पर्यावरण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। केंद्र सरकार ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया है ताकि राजधानी को पुराने कचरा पहाड़ों से मुक्त किया जा सके और पुनः प्राप्त भूमि का उपयोग जनहित में किया जा सके। Source: Ministry of Housing & Urban Affairs (MoHUA) | Press Information Bureau (PIB) | Municipal Corporation of Delhi (MCD) जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 78 पहुँची, तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। राज्य के सात जिलों में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है और तीन लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है, जबकि कई इलाकों में पानी उतरने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। राज्य के कई गाँव अब भी जलमग्न हैं। हजारों परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और सड़क, बिजली तथा पेयजल जैसी बुनियादी सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर सड़कें कीचड़ और मलबे से बंद हैं, जिससे लोगों की घर वापसी में कठिनाई हो रही है। केंद्र की टीम ने किया नुकसान का आकलन केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) ने असम के सबसे अधिक प्रभावित जिलों—चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट—का दौरा कर नुकसान का आकलन पूरा किया। टीम की रिपोर्ट के आधार पर राहत और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता पर निर्णय लिया जाएगा। राहत कार्य जारी राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, दवाइयाँ और आवश्यक वस्तुएँ पहुँचा रहे हैं। कई स्थानों पर नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। सरकार ने राहत शिविरों में चिकित्सा सुविधाएँ भी बढ़ाई हैं। IMD का नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके मद्देनज़र ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली और बुनियादी ढाँचे पर असर बाढ़ के कारण लगभग 13,000 घरों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। कई पुल, ग्रामीण सड़कें और सार्वजनिक ढाँचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग की टीमें सेवाओं को बहाल करने में जुटी हैं। विशेषज्ञों की चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि असम में हर वर्ष आने वाली बाढ़ अब जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और नदी तंत्र पर बढ़ते दबाव के कारण अधिक गंभीर होती जा रही है। उन्होंने दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन, तटबंधों की मजबूती और बेहतर जल निकासी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. निष्कर्ष असम में बाढ़ की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। प्रशासन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा है, जबकि मौसम विभाग के ताज़ा अलर्ट को देखते हुए अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Inter-Ministerial Central Team (IMCT) जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण देश के उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी हिस्सों में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा भी बढ़ गया है। किन राज्यों में अधिक असर? IMD के अनुसार— प्रशासन अलर्ट मोड पर बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए कई राज्यों में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है तथा स्थानीय प्रशासन जलभराव और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि— तापमान में आएगी गिरावट लगातार बारिश के कारण कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। हालांकि तटीय क्षेत्रों में नमी के कारण उमस बनी रह सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहने की संभावना है। निष्कर्ष IMD की ताज़ा चेतावनी को देखते हुए प्रभावित राज्यों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भारी वर्षा, जलभराव और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से नियमित रूप से आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। Source: India Meteorological Department (IMD) | Ministry of Earth Sciences जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता को देखते हुए गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ताज़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं की संभावना है। पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इन राज्यों में रहेगा ज्यादा असर मौसम विभाग के अनुसार सबसे अधिक प्रभाव इन राज्यों में देखने को मिल सकता है— संभावित प्रभाव भारी बारिश के कारण— IMD की एडवाइजरी मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि— प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित खराब मौसम को देखते हुए विभिन्न राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग, NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। निष्कर्ष मानसून के सक्रिय होने के साथ देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। IMD के ताज़ा अलर्ट के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें तथा अफवाहों से बचें। Source: India Meteorological Department (IMD) | National Disaster Management Authority (NDMA) | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान तेज, घटना की जांच भी शुरू

शिमला: हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। घटना के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं और प्रभावित इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासन के अनुसार भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है, जबकि मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताए जाने के बाद राहत कार्यों को और तेज कर दिया गया है। राहत एवं बचाव अभियान जारी बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और राहत शिविरों में भोजन, पेयजल तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। घटना की जांच शुरू राज्य सरकार ने भूस्खलन की परिस्थितियों और नुकसान के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभाग यह पता लगाएंगे कि प्राकृतिक कारणों के अलावा कहीं अन्य कारकों की भी भूमिका तो नहीं रही। प्रभावित क्षेत्रों का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सके। यातायात प्रभावित भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात बाधित हुआ है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मलबा हटाकर सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास कर रही हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। IMD का अलर्ट जारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। निष्कर्ष हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटा है, जबकि घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है। Source: Himachal Pradesh State Disaster Management Authority (HPSDMA) | NDRF | IMD | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का संकट गहराया, लाखों लोग प्रभावित; राहत एवं बचाव अभियान तेज

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार राज्य के कई जिलों में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट शामिल हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, जबकि कृषि भूमि, घर और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव अभियान तेज राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन की अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। नावों की सहायता से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है और राहत अभियान लगातार जारी है। यातायात और जनजीवन प्रभावित बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कें और ग्रामीण संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कुछ रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जबकि कई स्कूलों को एहतियातन बंद रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। IMD ने जारी किया नया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है तथा कुछ नए क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। सरकार की अपील असम सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अफवाहों से बचें और केवल प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें। निष्कर्ष लगातार बारिश के कारण असम में बाढ़ का संकट और गहरा गया है। लाखों लोग प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं। Source: Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) | India Meteorological Department (IMD) | Reuters | PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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