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राजस्थान ने 14 जिलों की 80 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया, 69 तहसीलें गंभीर श्रेणी में

जयपुर: राजस्थान सरकार ने कम बारिश, जल उपलब्धता में कमी और खरीफ फसलों को हुए नुकसान के बाद 14 जिलों की 80 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। इनमें 69 तहसीलों को गंभीर सूखा प्रभावित और 11 तहसीलों को मध्यम श्रेणी में रखा गया है। सरकार की यह घोषणा छह महीने तक प्रभावी रहेगी। किन जिलों को किया गया सूखाग्रस्त घोषित? सूखा प्रभावित जिलों में बांसवाड़ा, बाड़मेर, बालोतरा, बीकानेर, चूरू, डूंगरपुर, ब्यावर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, फलोदी, नागौर, पाली और सिरोही शामिल हैं। सरकार ने 24 और 25 अक्टूबर को दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर इन क्षेत्रों को सूखा प्रभावित घोषित किया। जोधपुर सबसे ज्यादा प्रभावित सूखा प्रभावित तहसीलों में जोधपुर सबसे ऊपर है, जहां 12 तहसीलें प्रभावित हैं। इसके बाद बाड़मेर और जालौर में 10-10, बालोतरा में 9 और पाली में 8 तहसीलें सूखा प्रभावित घोषित की गई हैं। 69 तहसीलें गंभीर सूखे की चपेट में सरकारी वर्गीकरण के मुताबिक 80 में से 69 तहसीलों में गंभीर सूखे की स्थिति है, जबकि 11 तहसीलों में मध्यम स्तर का सूखा दर्ज किया गया है। यह आकलन बारिश की कमी, सतही और भूजल की उपलब्धता तथा फसलों की स्थिति के आधार पर किया गया। मानसून में सामान्य से कम हुई बारिश राज्य के जल संसाधन विभाग के अनुसार 1 जून से 30 सितंबर के बीच राजस्थान में 350.83 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 424.71 मिमी होती है। यानी राज्य में करीब 74 मिमी की कमी दर्ज की गई। जलाशयों में भी कम हुआ पानी राजस्थान के 693 निगरानी वाले बांधों में कुल जल भंडारण उनकी क्षमता का करीब 62.16% दर्ज किया गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह लगभग 90.19% था। खासतौर पर जोधपुर क्षेत्र में जल भंडारण में बड़ी गिरावट सामने आई है। किसानों और पशुपालकों के लिए राहत की तैयारी सूखा घोषित होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों का रास्ता खुल गया है। बाड़मेर जैसे जिलों में पशुपालकों के लिए रियायती दर पर चारा उपलब्ध कराने के लिए चारा डिपो खोलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छह महीने तक लागू रहेगी घोषणा राजस्थान सरकार की अधिसूचना के मुताबिक सूखाग्रस्त घोषित क्षेत्रों में यह स्थिति अधिसूचना के प्रकाशन से छह महीने तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान सूखा राहत, कृषि सहायता और जल प्रबंधन से जुड़े कदम उठाए जा सकते हैं। स्रोत – राजस्थान सरकार, Hindustan Times, Times of India, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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