राजकोट, 20 अक्टूबर 2026: गुजरात के राजकोट में आयोजित अहीर गरबा महोत्सव ने नवरात्रि के दौरान खूब सुर्खियां बटोरीं। आयोजकों के मुताबिक, अहीर समुदाय की 15 हजार से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में रास-गरबा किया। इस दौरान महिलाओं द्वारा पहने गए सोने के आभूषणों का कुल वजन करीब 900 किलोग्राम बताया गया, जिनकी अनुमानित कीमत 1,300 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
राजकोट में हुआ भव्य आयोजन
यह कार्यक्रम राजकोट के न्यू रिंग रोड इलाके में अहीर सेना की ओर से आयोजित नौ दिवसीय अहीर गरबा महोत्सव का हिस्सा था। नवरात्रि के सातवें दिन बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक रास में हिस्सा लिया। आयोजन में अहीर समुदाय की सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक आस्था की झलक देखने को मिली।
900 किलो सोने के आभूषण बने आकर्षण
आयोजकों के अनुसार, महिलाओं ने हार, कंगन और अन्य पारंपरिक सोने के आभूषण पहने थे। इन सभी गहनों का संयुक्त वजन लगभग 900 किलोग्राम बताया गया है। इनकी अनुमानित कीमत 1,300 करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा किया गया।
हालांकि, वजन और कीमत से जुड़े ये आंकड़े आयोजकों के दावों पर आधारित हैं। इनके स्वतंत्र ऑडिट या आधिकारिक सत्यापन की जानकारी सामने नहीं आई है।
भगवान द्वारकाधीश की महाआरती भी हुई
महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण भगवान श्री द्वारकाधीश की महाआरती रही। आयोजकों के मुताबिक, इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रास-गरबा आयोजित करना नहीं, बल्कि अहीर समुदाय की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक रीति-रिवाजों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
सोशल मीडिया पर छाए वीडियो और तस्वीरें
बड़ी संख्या में महिलाओं के पारंपरिक परिधानों और सोने के आभूषणों के साथ गरबा करने के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने। आयोजन की भव्यता और महिलाओं की सामूहिक भागीदारी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
संस्कृति, आस्था और सामूहिक एकजुटता का प्रदर्शन
अहीर समुदाय में पारंपरिक आभूषणों और रास-गरबा की विशेष सांस्कृतिक पहचान रही है। राजकोट में आयोजित यह महोत्सव समुदाय की परंपराओं, धार्मिक आस्था और सामूहिक एकजुटता को प्रदर्शित करने वाला आयोजन रहा।
स्रोत: आज तक, लोकतेज और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स
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