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यूरोप में रिकॉर्ड हीटवेव के बीच फ्रांस में चार दिनों में 1,000 मौतों की रिपोर्ट, स्वास्थ्य एजेंसियों ने सतर्क रहने की सलाह दी

पेरिस, 28 जून। यूरोप इन दिनों भीषण हीटवेव की चपेट में है और इसका सबसे अधिक असर फ्रांस सहित कई पश्चिमी एवं दक्षिणी यूरोपीय देशों में देखा जा रहा है। फ्रांसीसी स्वास्थ्य एजेंसियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पिछले चार दिनों में अत्यधिक गर्मी से जुड़ी घटनाओं में लगभग 1,000 लोगों की मौत दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। कई शहरों में रिकॉर्ड तापमान फ्रांस के कई शहरों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। कुछ क्षेत्रों में पारा 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तथा लोगों को दिन के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी का सबसे अधिक खतरा बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य एजेंसियों ने जारी की एडवाइजरी फ्रांस की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियों ने नागरिकों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने, धूप के समय बाहर निकलने से बचने और अकेले रहने वाले बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन ने कई शहरों में अस्थायी कूलिंग सेंटर भी खोले हैं। अन्य यूरोपीय देश भी प्रभावित स्पेन, इटली, पुर्तगाल, जर्मनी और बेल्जियम सहित कई अन्य यूरोपीय देशों में भी रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया जा रहा है। कई स्थानों पर जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं, जबकि बिजली की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जलवायु परिवर्तन पर फिर बढ़ी चिंता जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही चरम मौसम की घटनाएं जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को दर्शाती हैं। उनका मानना है कि भविष्य में ऐसी हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं, इसलिए दीर्घकालिक अनुकूलन रणनीतियों पर तेजी से काम करने की आवश्यकता है। सरकार ने निगरानी बढ़ाई फ्रांस सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन सहायता और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की संख्या बढ़ाई गई है और लगातार स्थिति की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से केवल आधिकारिक मौसम और स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों की सलाह डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, नियमित रूप से पानी पीना, कैफीन और शराब का सीमित सेवन करना तथा शरीर में गर्मी बढ़ने के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। हीटवेव के दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है। स्रोत:फ्रांस स्वास्थ्य मंत्रालय, यूरोपीय मौसम एजेंसियां मूल रिपोर्ट:फ्रांस सरकार, यूरोपीय स्वास्थ्य एजेंसियों एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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यूरोप में हीटवेव का कहर जारी, कई देशों में रेड अलर्ट

पेरिस, 24 जून 2026। यूरोप के कई देशों में भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी है। फ्रांस, स्पेन, इटली, पुर्तगाल और अन्य यूरोपीय देशों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम एजेंसियों के अनुसार कई क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब या उससे अधिक दर्ज किया जा रहा है। अत्यधिक गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है और स्वास्थ्य विभागों ने बुजुर्गों, बच्चों तथा गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। फ्रांस और स्पेन के कई शहरों में गर्मी के कारण सार्वजनिक स्थानों पर विशेष राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं इटली में स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों को दिन के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। कई क्षेत्रों में जंगलों में आग लगने की घटनाओं को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण यूरोप में हीटवेव की घटनाएं अधिक गंभीर होती जा रही हैं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले वर्षों में ऐसे मौसम संबंधी संकट और अधिक देखने को मिल सकते हैं। ऊर्जा क्षेत्र पर भी इस भीषण गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। एयर कंडीशनर और कूलिंग सिस्टम के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की मांग में तेजी आई है। कई देशों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं। पर्यटन उद्योग पर भी गर्मी का असर पड़ा है। कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में कमी दर्ज की गई है, जबकि कुछ स्थानों पर प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए हैं। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी यूरोप के कई हिस्सों में गर्मी का असर बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप से बचने और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। स्रोत:यूरोपीय मौसम एजेंसियां एवं अंतरराष्ट्रीय मौसम रिपोर्ट मूल रिपोर्ट:अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों और मौसम विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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