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बाबा रामदेव का सरकार पर निशाना? सरकारी नौकरियों में ‘90-99% घोटाले’ का दावा, बोले—सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन करना पड़ेगा

हरिद्वार: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया, शिक्षा व्यवस्था और देश में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का दावा करते हुए कहा कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो देश में बड़े आंदोलन की स्थिति बन सकती है। सरकारी नौकरी के इंटरव्यू पर गंभीर आरोप रामदेव ने दावा किया कि सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाला होता है। उनके मुताबिक, कई मामलों में पहले से तय कर लिया जाता है कि किस उम्मीदवार को नौकरी देनी है और बाद में चयन प्रक्रिया उसी के अनुसार आगे बढ़ती है। उन्होंने पैसे लेकर भर्ती और पक्षपात के भी आरोप लगाए। हालांकि, 90-99 प्रतिशत के इस आंकड़े के समर्थन में रामदेव ने कोई आधिकारिक आंकड़ा या दस्तावेज पेश नहीं किया है। इसलिए इसे उनके द्वारा लगाया गया आरोप/दावा ही माना जाना चाहिए। जाति और विचारधारा को लेकर भी सवाल रामदेव ने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर भर्ती में योग्यता के बजाय संगठन, विचारधारा, जाति और वर्ग जैसे कारकों का प्रभाव पड़ता है। उन्होंने ऐसी व्यवस्था को युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की जरूरत पर जोर दिया। ‘नहीं सुधरे तो आंदोलन करना पड़ेगा’ रामदेव ने व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताते हुए आंदोलन की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि वह अराजकता या हिंसक आंदोलन के समर्थक नहीं हैं, लेकिन अगर कथित गड़बड़ियों को दूर नहीं किया गया तो लोगों और युवाओं में असंतोष बढ़ सकता है और उन्हें दोबारा आंदोलन के लिए उतरना पड़ सकता है। शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल रामदेव ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की व्यवस्थाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बुनियादी सुविधाओं जैसे शिक्षक, पानी, बिजली, शौचालय और किताबों की उपलब्धता को लेकर शिकायतों का जिक्र किया। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किए बिना युवाओं के भविष्य को बेहतर नहीं बनाया जा सकता। राजनीति में संवाद की अपील रामदेव ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से राजनीतिक मतभेदों को दुश्मनी में नहीं बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की अपनी जिम्मेदारी है और देशहित में आपसी संवाद तथा सम्मान जरूरी है। क्या यह सीधे मोदी सरकार पर हमला था? रामदेव के बयान में सरकारी व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया पर तीखे सवाल जरूर उठाए गए, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनका मुख्य फोकस सरकारी नौकरी, इंटरव्यू, शिक्षा व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार पर था। इसलिए इसे सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला बताने के बजाय सरकारी व्यवस्था पर रामदेव की आलोचना के रूप में देखना ज्यादा सटीक होगा। निष्कर्ष स्वतंत्रता दिवस पर बाबा रामदेव के बयान ने सरकारी भर्ती और शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 90-99% घोटाले के उनके दावे और आंदोलन की चेतावनी ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को तेज कर दिया है। हालांकि, उनके लगाए गए प्रतिशत संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक आंकड़ों से पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। Source: ABP News, NewsTak, Peoples Update जय राष्ट्र न्यूज़

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‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और BJP में फिर सियासी टकराव, स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का वीडियो बना विवाद का केंद्र

नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विवाद कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के गायन से जुड़ी एक वीडियो क्लिप के सामने आने के बाद शुरू हुआ। वीडियो में क्या दिखा? कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान पार्टी की संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच बातचीत और इशारों का एक वीडियो सामने आया। BJP ने इस वीडियो को आधार बनाकर आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के गायन पर आपत्ति जताई। वीडियो में राहुल गांधी भी नजर आते हैं। इसी दृश्य को लेकर BJP नेताओं ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस पर सवाल उठाए और राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान को लेकर राजनीतिक हमला बोला। कांग्रेस ने BJP के आरोप को किया खारिज कांग्रेस ने BJP के आरोपों को गलत बताया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी ‘वंदे मातरम्’ को रोकने या उसका विरोध करने के लिए नहीं कह रही थीं। कांग्रेस के मुताबिक, सोनिया गांधी केवल यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था हो, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे। इस तरह एक ही वीडियो को लेकर दोनों दलों की व्याख्या पूरी तरह अलग सामने आई है। BJP ने लगाया राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप BJP ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत है और इसके गायन के दौरान किसी तरह की आपत्ति या व्यवधान स्वीकार नहीं किया जा सकता। BJP प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने भी वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए। क्यों महत्वपूर्ण है ‘वंदे मातरम्’? ‘वंदे मातरम्’ लंबे समय से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा राष्ट्रीय गीत है। इस वर्ष इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे लेकर देशभर में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। 15 अगस्त 2026 को लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी ‘वंदे मातरम्’ को विशेष महत्व दिया गया और इसके पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर पहले से चर्चा थी। पहले से चल रहा है राजनीतिक विवाद यह विवाद अचानक नहीं उठा है। पिछले कुछ दिनों से ही ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण, इसके गायन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसके इस्तेमाल को लेकर BJP और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी चल रही है। कांग्रेस नेता शशि थरूर की टिप्पणी को लेकर भी BJP ने हाल में निशाना साधा था, जिसके बाद दोनों दलों के बीच बहस और तेज हो गई थी। इसके अलावा, संसद में राष्ट्रीय गीत से जुड़े कानून में संशोधन को लेकर भी राजनीतिक बहस हुई है। राजस्थान BJP कार्यक्रम में भी विवाद इसी स्वतंत्रता दिवस पर राजस्थान BJP के कार्यक्रम में भी ‘वंदे मातरम्’ को लेकर अलग विवाद सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत का गलत संगीत संस्करण बज गया, जिसके बाद राजस्थान BJP अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। इससे स्वतंत्रता दिवस के दिन ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े विवाद और भी चर्चा में आ गए। सोशल मीडिया पर भी तेज हुई बहस वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर BJP और कांग्रेस समर्थकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। एक पक्ष इसे राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जोड़ रहा है, जबकि दूसरा पक्ष BJP पर वीडियो को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रहा है। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले इशारों की वास्तविक मंशा का स्वतंत्र रूप से निर्धारण करना संभव नहीं है। इसलिए दोनों पक्षों के दावों को आरोप और जवाब के रूप में ही देखा जाना चाहिए। निष्कर्ष स्वतंत्रता दिवस के कांग्रेस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण के दौरान सामने आए वीडियो ने BJP और कांग्रेस के बीच नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। BJP ने सोनिया गांधी पर राष्ट्रीय गीत को लेकर आपत्ति जताने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने साफ किया कि वह केवल मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था को लेकर बात कर रही थीं। मामला अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है और आने वाले दिनों में इस पर दोनों दलों के बीच और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं। Source: PTI, The Federal, Times of India, NDTV जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री मोदी के तिरंगा बैज को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा, रंगों के क्रम पर उठे सवाल

नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026 को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिधान पर लगे तिरंगे रंग के पॉकेट स्क्वायर/बैज को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसके रंगों के क्रम को लेकर सवाल उठाए और इसे भारतीय तिरंगे से अलग बताया। क्या है पूरा मामला? स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक पोशाक के साथ एक रंगीन पॉकेट स्क्वायर पहना था। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि इसमें हरा, सफेद और केसरिया रंग जिस क्रम में दिखाई दे रहे थे, वह भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के सामान्य क्रम से अलग था। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे आयरलैंड के झंडे से जोड़ते हुए टिप्पणियां कीं। कांग्रेस की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर तंज कसा गया। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस प्रधानमंत्री की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों के बीच इस पॉकेट स्क्वायर को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने इसे महज फैशन और डिजाइन का हिस्सा बताया, जबकि कुछ ने राष्ट्रीय ध्वज के रंगों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। यह चर्चा ऐसे समय हुई है जब देशभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान जोर पकड़ रहे हैं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान भी चर्चा में स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को उत्सव के रूप में मनाने की अपील की थी। उन्होंने देशवासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने और स्वतंत्रता दिवस को गर्व के साथ मनाने का आह्वान किया था। ऐसे में प्रधानमंत्री के अपने परिधान पर दिखाई दिए तिरंगे रंगों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा ने राजनीतिक बहस का रूप ले लिया। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं कांग्रेस ने पॉकेट स्क्वायर के रंगों के क्रम को लेकर प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया और इसे आयरलैंड के झंडे से जोड़ते हुए सवाल उठाया। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस विवाद को अनावश्यक बताते हुए इसे केवल कपड़ों के डिजाइन से जुड़ा मामला बताया। निष्कर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर पहने गए तिरंगे रंग के पॉकेट स्क्वायर/बैज को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोगों ने इसके रंगों के क्रम पर सवाल उठाए, वहीं अन्य लोगों ने इसे राजनीतिक विवाद बनाने के बजाय सामान्य परिधान का हिस्सा बताया। Source: Times of India, सोशल मीडिया पोस्ट जय राष्ट्र न्यूज़

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न्यूयॉर्क में तिरंगे की रोशनी से जगमगाएगा Empire State Building, Times Square पर फहराया जाएगा भारतीय ध्वज

न्यूयॉर्क: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में भी देशभक्ति का रंग देखने को मिलेगा। प्रतिष्ठित Empire State Building को भारतीय तिरंगे के रंगों—केसरिया, सफेद और हरे—से रोशन किया जाएगा। इसके अलावा 15 अगस्त को Times Square पर भारतीय तिरंगा फहराया जाएगा। Empire State Building पर दिखेगा तिरंगे का रंग 14 अगस्त को होने वाले विशेष कार्यक्रम में अभिनेता अदिवि शेष Empire State Building की लाइटिंग सेरेमनी में हिस्सा लेंगे। रिपोर्ट के अनुसार वह बिल्डिंग के CEO के साथ ceremonial lever खींचकर इमारत को भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन करेंगे। यह आयोजन भारत के स्वतंत्रता दिवस के सम्मान में किया जा रहा है और न्यूयॉर्क में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए इसे गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है। Times Square पर 15 अगस्त को तिरंगा स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त को Times Square पर भारतीय ध्वज फहराने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में अदिवि शेष भी शामिल होंगे और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में हिस्सा लेने की उम्मीद है। यह आयोजन Federation of Indian Associations (FIA) से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रम सुबह 10 बजे EST के आसपास निर्धारित है। न्यूयॉर्क में तीन दिन चलेगा जश्न भारत के स्वतंत्रता दिवस को लेकर न्यूयॉर्क में समारोह सिर्फ 15 अगस्त तक सीमित नहीं रहेगा। कार्यक्रमों की श्रृंखला 14 से 16 अगस्त तक चलेगी। न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी ने 15 अगस्त को ‘India Independence Day’ माना भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी ने 15 अगस्त 2026 को ‘India Independence Day’ के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है। यह कदम अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान और भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों को रेखांकित करता है। न्यूयॉर्क राज्य की आधिकारिक विधानसभा प्रस्ताव सामग्री में भी 15 अगस्त 2026 को Indian Independence Day के रूप में मान्यता देने की बात दर्ज है। भारतीय समुदाय के लिए खास मौका न्यूयॉर्क में भारतीय स्वतंत्रता दिवस समारोह हर साल भारतीय समुदाय के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनते हैं। Times Square पर तिरंगा फहराने की परंपरा 2020 से चली आ रही है, जबकि शहर की प्रतिष्ठित इमारतों को तिरंगे के रंगों में रोशन किया जाता रहा है। इस बार भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के कारण इन कार्यक्रमों का महत्व और बढ़ गया है। निष्कर्ष भारत से हजारों किलोमीटर दूर न्यूयॉर्क में Empire State Building का तिरंगे के रंगों में जगमगाना और Times Square पर भारतीय ध्वज फहराया जाना भारतीय संस्कृति और देशभक्ति का अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन होगा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ अमेरिकी शहर में भी भारत की आजादी का जश्न देखने को मिलेगा। Source: Times of India, Bollywood Hungama, Federation of Indian Associations, New York State Assembly जय राष्ट्र न्यूज़

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स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में सुरक्षा कड़ी, 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में

नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 15 अगस्त को होने वाले राष्ट्रीय समारोहों को देखते हुए दिल्ली समेत कई राज्यों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली में लाल किले के आसपास सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सख्त किया गया है। लाल किले पर फुल ड्रेस रिहर्सल स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दिल्ली के लाल किले पर फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई। रिहर्सल के दौरान सुरक्षा बलों और विभिन्न टुकड़ियों ने मुख्य समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा दिल्ली पुलिस ने राजधानी के महत्वपूर्ण स्थानों, सार्वजनिक क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। रेलवे स्टेशन, बाजार, परिवहन केंद्र और अन्य प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी की जा रही है। लाल किले और आसपास के इलाकों में सुरक्षा जांच भी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। ट्रैफिक पर भी रहेगी पाबंदी 15 अगस्त को लाल किले में होने वाले समारोह के कारण दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन और सड़क प्रतिबंध लागू रहेंगे। कुछ मार्गों पर सामान्य यातायात को सीमित किया जाएगा और बसों तथा व्यावसायिक वाहनों के संचालन में भी बदलाव रहेगा। लोगों को समारोह वाले इलाकों में जाने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है। सुबह 4 बजे से चलेगी दिल्ली मेट्रो स्वतंत्रता दिवस के दिन यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली मेट्रो सेवाएं सुबह 4 बजे से शुरू की जाएंगी। इसका उद्देश्य विशेष मेहमानों, आम लोगों और समारोह में शामिल होने वाले लोगों की आवाजाही को आसान बनाना है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से लाल किले और आसपास के इलाकों में कुछ प्रतिबंध लागू रहेंगे। देश के अन्य हिस्सों में भी तैयारियां तेज दिल्ली के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कई जगहों पर फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई है, जिसमें पुलिस, सुरक्षा बलों, एनसीसी और स्कूली छात्रों ने हिस्सा लिया। ओडिशा के भुवनेश्वर में भी 51 टुकड़ियों ने फुल ड्रेस रिहर्सल में भाग लिया। वहीं पंजाब और अन्य राज्यों में भी प्रशासनिक अधिकारियों ने समारोह की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। भारत-पाक सीमा पर भी चौकसी स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे इलाकों में भी सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई है। सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती, गश्त और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इस बार खास होगा स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 का स्वतंत्रता दिवस कई मायनों में खास है। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले से इसे विशेष रूप से प्रस्तुत किए जाने की योजना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यानी 14 अगस्त को राष्ट्र को संबोधित करेंगी। इसकी जानकारी राष्ट्रपति सचिवालय/PIB की ओर से जारी की गई है। सुरक्षा के साथ सफाई और व्यवस्थाओं पर भी जोर लाल किले के आसपास नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी प्रशासनिक एजेंसियां सक्रिय हैं। जलभराव वाले स्थानों को ठीक करने, सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम तेज किया गया है। निष्कर्ष 80वें स्वतंत्रता दिवस के लिए देश तैयार है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। दिल्ली में लाल किले के आसपास सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी बढ़ाई गई है, जबकि देश के अलग-अलग राज्यों में भी फुल ड्रेस रिहर्सल और समारोह की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से देश को संबोधित करेंगे और पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे। Source: PIB, NDTV, Indian Express, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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15 अगस्त से पहले स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज, देश मना रहा है 80वां स्वतंत्रता दिवस

नई दिल्ली: देशभर में 15 अगस्त 2026 को मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस वर्ष भारत अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। राजधानी दिल्ली से लेकर देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में सरकारी संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह लाल किले पर आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे और राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। लाल किले और आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। देशभर में तिरंगा अभियान और कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस से पहले देश के विभिन्न हिस्सों में तिरंगा यात्राएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां चल रही हैं। छात्र भाषण, देशभक्ति गीत, नृत्य, नाटक और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। सरकारी इमारतों पर तिरंगे की सजावट कई राज्यों में सरकारी कार्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक इमारतों को तिरंगे की रोशनी और सजावट से सजाया जा रहा है। बाजारों और प्रमुख स्थानों पर भी स्वतंत्रता दिवस की थीम दिखाई देने लगी है। कई शहरों में स्थानीय प्रशासन की ओर से नागरिकों को राष्ट्रीय पर्व में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था पर खास नजर 15 अगस्त को देखते हुए दिल्ली समेत देश के प्रमुख शहरों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, वाहनों की जांच और निगरानी बढ़ाई जा रही है। राजधानी दिल्ली में लाल किले के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया जाता है, क्योंकि यहां देश का मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित होता है। 80वां स्वतंत्रता दिवस क्यों खास है? भारत ने 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता हासिल की थी। वर्ष 2026 में आजादी के 79 वर्ष पूरे होने के बाद देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। यह अवसर देश की स्वतंत्रता यात्रा, लोकतांत्रिक उपलब्धियों और भविष्य की चुनौतियों पर विचार करने का भी मौका देता है। ‘हर घर तिरंगा’ को लेकर भी उत्साह स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत लोगों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने और स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग स्वतंत्रता दिवस से जुड़े संदेश, तिरंगे की तस्वीरें और देशभक्ति से जुड़े पोस्ट साझा कर रहे हैं। 15 अगस्त को क्या होगा? स्वतंत्रता दिवस के दिन देशभर में ध्वजारोहण और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से संबोधन के बाद विभिन्न क्षेत्रों में देश की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को लेकर संदेश दिए जाएंगे। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और स्थानीय संस्थानों में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होंगे। निष्कर्ष 15 अगस्त 2026 से पहले देशभर में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां तेज हो गई हैं। भारत इस वर्ष अपनी आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। दिल्ली के लाल किले से होने वाला मुख्य समारोह देशभर के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। तिरंगा यात्राओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ‘हर घर तिरंगा’ जैसी गतिविधियों के जरिए देशभर में स्वतंत्रता दिवस का उत्साह दिखाई दे रहा है। Source: भारत सरकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संबंधित सरकारी अपडेट जय राष्ट्र न्यूज़

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