नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026 को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिधान पर लगे तिरंगे रंग के पॉकेट स्क्वायर/बैज को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसके रंगों के क्रम को लेकर सवाल उठाए और इसे भारतीय तिरंगे से अलग बताया।
क्या है पूरा मामला?
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक पोशाक के साथ एक रंगीन पॉकेट स्क्वायर पहना था। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि इसमें हरा, सफेद और केसरिया रंग जिस क्रम में दिखाई दे रहे थे, वह भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के सामान्य क्रम से अलग था।
इसी को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे आयरलैंड के झंडे से जोड़ते हुए टिप्पणियां कीं। कांग्रेस की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर तंज कसा गया।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस
प्रधानमंत्री की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों के बीच इस पॉकेट स्क्वायर को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने इसे महज फैशन और डिजाइन का हिस्सा बताया, जबकि कुछ ने राष्ट्रीय ध्वज के रंगों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए।
यह चर्चा ऐसे समय हुई है जब देशभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान जोर पकड़ रहे हैं।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान भी चर्चा में
स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को उत्सव के रूप में मनाने की अपील की थी। उन्होंने देशवासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने और स्वतंत्रता दिवस को गर्व के साथ मनाने का आह्वान किया था।
ऐसे में प्रधानमंत्री के अपने परिधान पर दिखाई दिए तिरंगे रंगों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा ने राजनीतिक बहस का रूप ले लिया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं
कांग्रेस ने पॉकेट स्क्वायर के रंगों के क्रम को लेकर प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया और इसे आयरलैंड के झंडे से जोड़ते हुए सवाल उठाया। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस विवाद को अनावश्यक बताते हुए इसे केवल कपड़ों के डिजाइन से जुड़ा मामला बताया।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर पहने गए तिरंगे रंग के पॉकेट स्क्वायर/बैज को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोगों ने इसके रंगों के क्रम पर सवाल उठाए, वहीं अन्य लोगों ने इसे राजनीतिक विवाद बनाने के बजाय सामान्य परिधान का हिस्सा बताया।
Source: Times of India, सोशल मीडिया पोस्ट
जय राष्ट्र न्यूज़
