नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026: Sam Altman से जुड़ी बायोमेट्रिक आइडेंटिटी कंपनी World ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए World ID for Banking and Finance नाम से नया वेरिफिकेशन सूट लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य यह पहचानने में मदद करना है कि किसी ट्रांजैक्शन, ग्राहक की रिक्वेस्ट या डिजिटल इंटरैक्शन के पीछे वास्तविक सत्यापित इंसान है या कोई AI एजेंट अथवा बॉट।
क्या है नया World ID Suite?
इस नई पेशकश में World ID App, World ID for Zoom और World ID for Agents/AgentKit जैसे टूल शामिल हैं। इनके जरिए यूजर्स अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं, वीडियो कॉल में ह्यूमन वेरिफिकेशन कर सकते हैं और AI एजेंट्स को सीमित पहचान संबंधी क्रेडेंशियल्स सौंप सकते हैं।
AI Agents की Verification कैसे होगी?
World के AgentKit के जरिए सत्यापित यूजर अपने AI एजेंट को क्रिप्टोग्राफिक प्रूफ दे सकता है। इसके बाद एजेंट किसी वेबसाइट, मर्चेंट या वित्तीय संस्थान के सामने यह प्रमाणित कर सकता है कि वह किसी सत्यापित इंसान की ओर से काम कर रहा है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यूजर की पूरी व्यक्तिगत जानकारी उजागर किए बिना यह भरोसा स्थापित करना है कि AI एजेंट किसी सत्यापित व्यक्ति से जुड़ा है।
Banks के लिए क्यों अहम है यह तकनीक?
बैंक और वित्तीय संस्थान डीपफेक वीडियो कॉल, AI आधारित पहचान की नकल और ऑटोनॉमस एजेंट्स के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के जोखिम से जूझ रहे हैं। World का नया सिस्टम संवेदनशील अनुरोधों और बड़े वित्तीय लेनदेन के दौरान पहचान सत्यापन और भरोसे को मजबूत करने पर केंद्रित है।
हालांकि, पहचान सत्यापित होने का मतलब अपने आप यह नहीं है कि कोई ट्रांजैक्शन सुरक्षित या अधिकृत भी है। ऐसे सिस्टम को बैंक की मौजूदा सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने वाली प्रक्रियाओं के साथ काम करना होगा।
Zoom पर भी मिलेगा Human Verification
World ID for Zoom को जनरल अवेलेबिलिटी में लाया गया है। इसके जरिए वीडियो मीटिंग में प्रतिभागी की पहचान सत्यापित करने में मदद मिल सकती है, ताकि डीपफेक या किसी अन्य डिजिटल नकल से जुड़े जोखिमों को कम किया जा सके।
किन कंपनियों ने दिखाई रुचि?
World ने Bain Capital, VanEck Funds, Pantera Capital, OpenExchange और Outtake को अपने डिजाइन पार्टनर्स के रूप में बताया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, किसी बड़े बैंक द्वारा इस प्रोडक्ट को प्रोडक्शन स्तर पर लागू किए जाने की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है।
Iris Scanning और Privacy पर भी सवाल
World की पहचान तकनीक आइरिस स्कैनिंग पर आधारित है। यह परियोजना पहले Worldcoin के नाम से जानी जाती थी। इसकी बायोमेट्रिक तकनीक को लेकर विभिन्न देशों में गोपनीयता और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा से जुड़े सवाल उठते रहे हैं।
बैंकिंग क्षेत्र में इस तकनीक के इस्तेमाल के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बायोमेट्रिक डेटा कैसे सुरक्षित रखा जाता है, यूजर्स की सहमति कैसे ली जाती है और उनकी निजी जानकारी पर कितना नियंत्रण रहता है।
Source: The Indian Express, India Today, The Block, World Foundation
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