नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026: सरकारी खनन कंपनी NMDC ने निकेल सेक्टर में प्रवेश की अपनी योजना फिलहाल रोक दी है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक बाजार में निकेल की अधिक आपूर्ति (Global Oversupply), खासकर इंडोनेशिया के बढ़ते दबदबे के कारण कंपनी ने यह फैसला लिया है। इंडोनेशिया दुनिया के कुल निकेल उत्पादन में 60% से अधिक हिस्सेदारी रखता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
Indonesia की Dominance से बाजार पर दबाव
पिछले कुछ वर्षों में इंडोनेशिया निकेल खनन और प्रोसेसिंग का प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है। यहां बड़े पैमाने पर उत्पादन के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बढ़ी है। इंडोनेशिया ने उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए कोटा और नियमों में सख्ती की है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
Commercial Viability के कारण NMDC ने रोका प्लान
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक बाजार में निकेल की अधिक आपूर्ति के चलते इस सेक्टर में फिलहाल निवेश करना NMDC के लिए व्यावसायिक रूप से आकर्षक नहीं दिख रहा है। ऐसे में कंपनी ने अपनी निकेल योजना को रोककर बाजार की परिस्थितियों में सुधार होने का इंतजार करने का फैसला किया है।
India के लिए Nickel क्यों है महत्वपूर्ण?
भारत ने वर्ष 2023 में निकेल को महत्वपूर्ण खनिज (Critical Mineral) घोषित किया था। इसका इस्तेमाल स्टेनलेस स्टील, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरियों और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी तकनीकों में किया जाता है।
भारत अपनी निकेल जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। ऐसे में घरेलू स्तर पर इसकी उपलब्धता बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसेमंद आपूर्ति स्रोत विकसित करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
Russia से Supply और Mining Opportunities की भी हुई थी तलाश
Reuters के मुताबिक, NMDC और SAIL ने रूस से निकेल की आपूर्ति और खनन से जुड़े अवसरों की संभावनाएं तलाश की थीं। NMDC ने रूस की प्रमुख निकेल कंपनी Nornickel के साथ बैठक करने की कोशिश भी की थी, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
Global Mineral Assets की तलाश जारी
निकेल सेक्टर में फिलहाल कदम पीछे खींचने के बावजूद NMDC की महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय योजनाएं जारी हैं। कंपनी अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में खनिज परिसंपत्तियों की संभावनाएं तलाश रही है। इसके अलावा, विदेशों में कोकिंग कोल से जुड़े अवसरों पर भी काम जारी है।
Source: Reuters, Economic Times
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