नई दिल्ली:
भारतीय उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र के लिए एक बेहद गौरवशाली खबर सामने आई है। वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027’ (QS World University Rankings 2027) की घोषणा हो गई है, जिसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए भारत में पहला स्थान हासिल किया है।
आईआईटी दिल्ली ने वैश्विक सूची में 5 पायदान की छलांग लगाते हुए 118वां स्थान हासिल किया है। यह न केवल संस्थान का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, बल्कि क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग के इतिहास में किसी भी भारतीय संस्थान द्वारा हासिल की गई अब तक की सबसे ऊंची रैंक की बराबरी है।
भारत का अब तक का सबसे दमदार प्रदर्शन, 52 संस्थान शामिल
इस साल की रैंकिंग भारत के लिए ऐतिहासिक रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के लागू होने के बाद से यह भारत का सबसे मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है।
- इस साल वैश्विक सूची में भारत के कुल 52 संस्थानों ने जगह बनाई है, जिससे भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व करने वाला देश बन गया है।
- देश के 26 विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में सुधार हुआ है, 9 ने अपनी स्थिति बनाए रखी है, जबकि 15 संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट देखी गई है।
भारत के टॉप 5 शिक्षण संस्थान और उनकी वैश्विक रैंक
| भारतीय संस्थान | वैश्विक रैंक 2027 | स्थिति (पिछले वर्ष के मुकाबले) |
| IIT Delhi | 118 | ⬆️ 5 पायदान का सुधार (पहले 123) |
| IIT Bombay | 134 | ⬇️ 5 पायदान की गिरावट (पहले 129) |
| IIT Madras | 170 | ⬆️ 10 पायदान का सुधार (पहले 180) |
| IIT Kharagpur | 205 | ⬆️ बड़ा सुधार |
| IISc Bengaluru | 221 | 📊 शीर्ष अनुसंधान संस्थान |
किन पैमानों पर IIT Delhi ने मारी बाजी?
क्यूएस रैंकिंग की रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी दिल्ली के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े संकेतक (Indicators) रहे हैं:
- एम्प्लॉयर रेपुटेशन (Employer Reputation): इसमें संस्थान ने 11 अंकों का सुधार कर वैश्विक स्तर पर 39वां रैंक हासिल किया। यह दिखाता है कि वैश्विक कंपनियां आईआईटी दिल्ली के ग्रेजुएट्स को सबसे अधिक नौकरी के लिए तैयार (Job-ready) मानती हैं।
- एम्प्लॉयमेंट आउटकम्स (Employment Outcomes): इस कैटेगरी में संस्थान ने अविश्वसनीय रूप से 60 पायदानों की छलांग लगाई है, जो छात्रों के शानदार करियर प्लेसमेंट को दर्शाता है।
- साइटेशन्स पर फैकल्टी (Citations per Faculty): शोध और वैज्ञानिक कार्यों के प्रभाव को मापने वाले इस पैमाने में भी संस्थान 26 पायदान ऊपर चढ़ा है।
“रैंकिंग एक परिणाम है, उद्देश्य नहीं”
आईआईटी दिल्ली के रैंकिंग सेल के प्रमुख और डीन प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा:
“आईआईटी दिल्ली दुनिया भर के विद्वानों के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन बनने और किफायती तकनीकी शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा नया पाठ्यक्रम और बेहतर बुनियादी ढांचा आने वाले वर्षों में हमारे प्रभाव को और बढ़ाएगा। हम रैंकिंग को एक परिणाम के रूप में देखते हैं, उद्देश्य के रूप में नहीं। अगर हम सही कारणों के लिए सही काम करेंगे, तो रैंकिंग स्वाभाविक रूप से मिलेगी।”
गैर-आईआईटी (Non-IIT) और निजी विश्वविद्यालयों का भी जलवा
इस बार की खास बात यह रही कि भारत की इस सफलता में केवल आईआईटी ही नहीं, बल्कि निजी और राज्य विश्वविद्यालय भी आगे रहे। वेलोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) ने रिकॉर्ड 94 पायदान का सुधार करते हुए 597वीं रैंक हासिल की। वहीं बिट्स पिलानी (BITS Pilani) 93 पायदान चढ़कर 575वें और शूलिनी यूनिवर्सिटी 51 पायदान के सुधार के साथ 452वें स्थान पर पहुंच गई है।
वैश्विक स्तर पर बात करें तो अमेरिका का मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) लगातार 15वें साल दुनिया का नंबर-1 विश्वविद्यालय बना हुआ है, जबकि इंपीरियल कॉलेज लंदन और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।
Source: Times of India
Original report: Times of India – IIT Delhi becomes India’s top-ranked institution in QS World University Rankings 2027
Publication: jairashtranews






