नई दिल्ली: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और कॉर्पोरेट जगत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ पारंपरिक आईटी नौकरियों में ठहराव की स्थिति है, वहीं दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा (Cyber Security) के क्षेत्र में नौकरियों की मांग में रिकॉर्ड तोड़ उछाल आया है। नैसकॉम (Nasscom) और प्रमुख जॉब पोर्टल्स द्वारा जारी ताजा छमाही रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल एआई और साइबर डिफेंस सेक्टर में नई वैकेंसियों (Job Openings) में 45% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
डिजिटल क्रांति और साइबर हमलों के बढ़ते खतरों के बीच, कंपनियों के लिए अपना डेटा सुरक्षित रखना और एआई को अपनाना सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। यही वजह है कि देश के युवाओं का रुझान भी अब पारंपरिक इंजीनियरिंग को छोड़कर इन एडवांस डोमेन्स की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।
इन 4 प्रमुख पदों के लिए मिल रहे हैं लाखों के पैकेज
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस समय टेक कंपनियों से लेकर बैंक, ई-कॉमर्स और सरकारी विभागों तक में एक्सपर्ट्स की भारी कमी है। सबसे ज्यादा डिमांड इन चार प्रोफेशन्स की है:
- एआई और मशीन लर्निंग इंजीनियर्स (AI/ML Engineers): जो कंपनियों के लिए चैटबॉट्स, ऑटोमेशन टूल्स और डेटा प्रेडिक्शन मॉडल्स तैयार कर सकें।
- साइबर सुरक्षा विश्लेषक (Cyber Security Analysts): जो संभावित साइबर हमलों और रैंसमवेयर खतरों से कंपनी के नेटवर्क और क्लाउड डेटा को सुरक्षित रखें।
- क्लाउड सिक्योरिटी आर्किटेक्ट्स (Cloud Security Architects): चूंकि अधिकांश कंपनियां अपना डेटा क्लाउड (जैसे AWS, Azure) पर शिफ्ट कर रही हैं, इसलिए इनकी मांग सबसे ज्यादा है।
- एथिकल हैकर्स और पेनेट्रेशन टेस्टर्स: जो सिस्टम की कमियों (Vulnerabilities) को ढूंढकर उन्हें हमलावरों से पहले ठीक करते हैं।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा है इसका क्रेज?
इस सेक्टर में युवाओं के बढ़ते रुझान के पीछे सिर्फ नौकरी की उपलब्धता नहीं, बल्कि शानदार सैलरी पैकेज और करियर ग्रोथ भी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एआई या साइबर सिक्योरिटी में सिर्फ 2 से 3 साल का अनुभव रखने वाले प्रोफेशन्स को ₹12 लाख से ₹25 लाख सालाना तक का शुरुआती पैकेज आसानी से मिल रहा है।
विशेषज्ञों की राय: टेक महिंद्रा और इंफोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों के मानव संसाधन (HR) प्रबंधकों का कहना है कि आज कंपनियां डिग्री से ज्यादा ‘स्किल’ (हुनर) को तवज्जो दे रही हैं। यदि किसी युवा के पास सर्टिफिकेशन (जैसे CEH, CISSP या AI/ML नैनो-डिग्री) है, तो उसके लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है।
देश के बड़े शिक्षण संस्थानों ने बदले कोर्स
बढ़ती मांग को देखते हुए आईआईटी (IITs), एनआईटी (NITs) और देश के प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने अपने बीटेक और एमसीए पाठ्यक्रमों में बदलाव किए हैं। अब छात्रों को डेटा साइंस, एआई और एथिकल हैकिंग जैसे विषयों में स्पेशलाइजेशन (Specialization) ऑफर किया जा रहा है। सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ मुहिम के तहत भी युवाओं को इन सेक्टर्स में मुफ्त और किफायती ट्रेनिंग देने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भारत को दुनिया का ‘ग्लोबल टेक टैलेंट हब’ बनाया जा सके।
Source: Business Standard
Original report: Business Standard – Demand for AI and Cyber Security jobs rises by 45 percent, highlights Nasscom report
Publication: jairashtranews






