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एंटी-पेपर लीक कानून लागू होने की तैयारी तेज़, परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों पर राज्यों ने शुरू की कार्रवाई

नई दिल्ली: सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लाए गए Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Act, 2026 के लागू होने के बाद अब देशभर के राज्यों ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी तेज़ कर दी है। शिक्षा विभाग, भर्ती एजेंसियाँ और परीक्षा संचालन संस्थान नई व्यवस्था के अनुरूप अपनी प्रक्रियाओं में बदलाव कर रहे हैं, ताकि प्रश्नपत्र लीक, संगठित नकल और डिजिटल धोखाधड़ी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

कानून में क्या बदला

नए संशोधन के तहत प्रश्नपत्र लीक, उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़, संगठित परीक्षा धोखाधड़ी और तकनीकी माध्यमों से नकल जैसे अपराधों पर पहले से कहीं अधिक कड़ी सज़ा का प्रावधान किया गया है। कानून के अनुसार गंभीर मामलों में 5 से 10 वर्ष तक की कैद, भारी आर्थिक दंड, फास्ट-ट्रैक जांच, विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों और समयबद्ध मुकदमे की व्यवस्था की गई है।

राज्यों में नई परीक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी

कई राज्यों के शिक्षा विभाग और परीक्षा एजेंसियाँ परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, डिजिटल निगरानी बढ़ाने, प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली को सुरक्षित बनाने और परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी समाधान अपनाने की दिशा में काम कर रही हैं। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और संवेदनशील चरणों की समीक्षा भी की जा रही है।

राष्ट्रीय परीक्षाओं पर भी रहेगा प्रभाव

यह कानून UPSC, SSC, Railway Recruitment Boards (RRBs), IBPS, NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं के साथ-साथ अन्य अधिसूचित सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होगा। राज्यों द्वारा आयोजित भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में भी इसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की दिशा में तैयारी की जा रही है।

पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने पर जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा सुरक्षा को तकनीक से जोड़ने, जांच प्रक्रिया को तेज़ बनाने और कठोर दंड व्यवस्था लागू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी। सरकार का उद्देश्य योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली पर जनता का भरोसा बढ़ाना है।

निष्कर्ष

एंटी-पेपर लीक कानून के लागू होने के बाद अब राज्यों में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है। सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से भविष्य में प्रश्नपत्र लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।

Source:

Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions | Press Information Bureau (PIB)

जय राष्ट्र न्यूज़

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