जय राष्ट्र न्यूज़ | शिक्षा एवं रोजगार डेस्क | 20 जून 2026
मुख्य समाचार
NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने देशभर के परीक्षा केंद्रों पर व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की है। परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह अभ्यास किया गया, जिसमें सुरक्षा व्यवस्थाओं, तकनीकी प्रणालियों और परीक्षा संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की गई।
पिछले वर्षों में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर उठे विवादों के बाद इस बार परीक्षा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी के तहत NTA और संबंधित एजेंसियों ने अंतिम तैयारियों को परखने के लिए यह राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल आयोजित की।
देशभर में हुई सुरक्षा तैयारियों की जांच
मॉक ड्रिल के दौरान परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश व्यवस्था, पहचान सत्यापन, CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक जांच और प्रश्नपत्र सुरक्षा प्रोटोकॉल का परीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या सामने न आए। विभिन्न राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया।
परीक्षा केंद्रों पर बढ़ाई गई निगरानी
NTA ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया है। कई संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है।
इसके अलावा परीक्षा से जुड़े डिजिटल सिस्टम और डेटा सुरक्षा तंत्र की भी समीक्षा की गई ताकि किसी प्रकार की साइबर या तकनीकी चुनौती से निपटा जा सके।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
NTA ने छात्रों को परीक्षा से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी है। अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने, वैध पहचान पत्र साथ रखने और निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सख्त सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा।
राज्यों के साथ समन्वय
री-एग्जाम को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए NTA विभिन्न राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर आयोजित परीक्षा के लिए केंद्र और राज्यों के बीच प्रभावी समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है।
छात्रों और अभिभावकों की उम्मीदें
देशभर के लाखों छात्र और उनके अभिभावक परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर आशान्वित हैं। कई छात्रों ने उम्मीद जताई है कि इस बार मजबूत सुरक्षा उपायों से परीक्षा प्रक्रिया पर विश्वास और मजबूत होगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए बेहद आवश्यक है।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि मॉक ड्रिल जैसी पहलें परीक्षा प्रबंधन में संभावित कमियों की पहचान करने और उन्हें समय रहते दूर करने में मदद करती हैं।
उनके अनुसार तकनीकी निगरानी, सख्त सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी मिलकर परीक्षा को अधिक सुरक्षित बना सकती है।
आगे क्या?
NTA अब मॉक ड्रिल से प्राप्त फीडबैक का विश्लेषण कर अंतिम तैयारियों को पूरा करेगा। परीक्षा से पहले सभी केंद्रों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी करेंगी।
निष्कर्ष
NEET-UG री-एग्जाम से पहले NTA द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल को परीक्षा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सख्त निगरानी, तकनीकी परीक्षण और प्रशासनिक तैयारियों के माध्यम से एजेंसी परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने का प्रयास कर रही है। अब छात्रों और अभिभावकों की नजर परीक्षा के सफल संचालन पर बनी हुई है।
स्रोत: Times of India
जय राष्ट्र न्यूज़






