‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों और सैन्य आत्मनिर्भरता पर जोर दिया

नई दिल्ली, 28 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देश की रक्षा और सुरक्षा से जुड़ी स्वदेशी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत “समुद्र से आसमान तक लगातार अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है।” उन्होंने जून महीने में रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों को आत्मनिर्भर भारत अभियान की महत्वपूर्ण सफलता बताया।

स्वदेशी नौसैनिक प्लेटफॉर्म का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किए गए INS Dunagiri, INS Sanshodhak और INS Agray का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्लेटफॉर्मों का डिजाइन और निर्माण पूरी तरह भारत में हुआ है। उन्होंने इसे देश की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमता और स्वदेशी तकनीक का प्रमाण बताया।

मेड-इन-इंडिया C-295 विमान की सराहना

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत में निर्मित C-295 सैन्य परिवहन विमान की पहली सफल उड़ान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे 40 विमानों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे एयरोस्पेस उद्योग, एमएसएमई क्षेत्र और रोजगार को नई गति मिलेगी।

DRDO की मिसाइल उपलब्धि का भी जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने DRDO द्वारा स्वदेशी लॉन्ग-रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM) के सफल परीक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में DRDO और भारतीय उद्योगों ने मिलकर काम किया है, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आत्मनिर्भर भारत को मिल रही नई मजबूती

प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत नहीं करता, बल्कि उद्योग, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम कर स्वदेशी उत्पादन को लगातार बढ़ा रहा है।

नागरिकों के योगदान की भी सराहना

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से संभव होती है। साथ ही उन्होंने अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच अपनाने का भी संदेश दिया।

रक्षा क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक पहचान

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन, आधुनिक सैन्य तकनीक और अनुसंधान में बढ़ते निवेश से भारत की वैश्विक रक्षा क्षमता लगातार मजबूत हो रही है। इससे रक्षा निर्यात बढ़ाने और घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन मिलने की भी संभावना है।

आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण पर रहेगा फोकस

सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में रक्षा उत्पादन, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को और गति देना है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि स्वदेशी तकनीक और भारतीय उद्योगों की भागीदारी से भारत रक्षा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।


स्रोत:
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)

मूल रिपोर्ट:
प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड और आधिकारिक सरकारी बयानों के आधार पर।

जय राष्ट्र न्यूज़

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