नई दिल्ली, 30 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सुधार (Deregulation), Ease of Doing Business, Ease of Living तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति देने के लिए चल रहे सुधारों की प्रगति की समीक्षा करना है। यह बैठक प्रधानमंत्री की हाल के महीनों में शीर्ष नौकरशाही के साथ दूसरी व्यापक समीक्षा बैठक होगी।
प्रशासनिक सुधार रहेगा मुख्य एजेंडा
बैठक में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा नियमों को सरल बनाने, अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त करने और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य नागरिकों और उद्योगों के लिए नियामकीय बोझ को कम करना है।
Ease of Doing Business पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री उद्योगों के लिए कारोबारी माहौल को और बेहतर बनाने, निवेश को आकर्षित करने तथा परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को तेज करने के उपायों की समीक्षा करेंगे। विभिन्न मंत्रालय अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए सुधारों और आगामी कार्ययोजना पर प्रस्तुति देंगे।
Ease of Living से जुड़े कदमों की भी समीक्षा
बैठक में आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं तेजी और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराने के प्रयासों पर भी चर्चा होगी। डिजिटल सेवाओं का विस्तार, प्रक्रियाओं का सरलीकरण और विभागों के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।
मंत्रालयों के सचिव देंगे प्रस्तुति
बैठक के दौरान प्रत्येक मंत्रालय के सचिव अपने विभाग में लागू किए गए सुधारों, नीति क्रियान्वयन और भविष्य की योजनाओं पर संक्षिप्त प्रस्तुति देंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और समयबद्ध कार्यान्वयन की समीक्षा करेंगे।
‘विकसित भारत 2047’ रोडमैप पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विज़न को ध्यान में रखते हुए अगले चरण के संरचनात्मक सुधारों पर भी विचार किया जाएगा। प्रशासनिक दक्षता, निवेश, नवाचार और डिजिटल शासन को इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
AI और डिजिटल गवर्नेंस पर भी फोकस
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों की प्रगति की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है। सरकार सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए तकनीकी समाधानों के व्यापक उपयोग पर जोर दे रही है।
निवेशकों और उद्योग जगत की नजर
उद्योग जगत और निवेशक इस बैठक पर विशेष नजर बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि यदि बैठक के बाद नए सुधारों या नीतिगत फैसलों की घोषणा होती है, तो इससे निवेश माहौल और कारोबारी सुगमता को नई गति मिल सकती है। हालांकि किसी नए फैसले की आधिकारिक घोषणा बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।
स्रोत:
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्र सरकार के आधिकारिक सूत्र
मूल रिपोर्ट:
प्रधानमंत्री की 30 जून 2026 को प्रस्तावित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से संबंधित उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर।
जय राष्ट्र न्यूज़






