प्रमुख खबरें

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता निर्णायक दौर में, कृषि, डेयरी और डिजिटल व्यापार पर भारत अपने रुख पर कायम

नई दिल्ली, 13 जुलाई। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) को लेकर वार्ता निर्णायक चरण में पहुंच गई है। हालांकि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में प्रगति हुई है, लेकिन कृषि, डेयरी, डिजिटल व्यापार और शुल्क (टैरिफ) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अभी भी चर्चा जारी है। भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया है कि वह राष्ट्रीय हितों और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा से समझौता किए बिना ही किसी अंतिम समझौते पर आगे बढ़ेगा।

बेहतर शर्तों पर कायम भारत

सरकारी सूत्रों और व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार भारत ने अंतरिम समझौते की बजाय अधिक संतुलित और दीर्घकालिक लाभ देने वाले समझौते पर जोर दिया है। भारत चाहता है कि उसके निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर बाजार पहुंच मिले और भविष्य में अतिरिक्त शुल्क लगाने जैसी अनिश्चितताओं से भी सुरक्षा सुनिश्चित हो।

कृषि और डेयरी सबसे संवेदनशील विषय

वार्ता के दौरान कृषि और डेयरी क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल हैं। भारत का मानना है कि इन क्षेत्रों से करोड़ों किसानों और छोटे उत्पादकों की आजीविका जुड़ी हुई है। इसलिए बाजार खोलने से पहले घरेलू हितों और खाद्य सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का पूरा ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

डिजिटल व्यापार पर भी चर्चा

दोनों देशों के बीच डिजिटल व्यापार, डेटा प्रवाह, ई-कॉमर्स और उभरती तकनीकों से जुड़े नियमों पर भी बातचीत जारी है। भारत डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार का समर्थन करता है, लेकिन साथ ही डेटा सुरक्षा, नियामकीय अधिकार और घरेलू डिजिटल इकोसिस्टम की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रहा है।

निर्यातकों की उम्मीदें

भारतीय उद्योग जगत का मानना है कि यदि संतुलित समझौता होता है तो इंजीनियरिंग सामान, दवा उद्योग, वस्त्र, रत्न एवं आभूषण, ऑटो कंपोनेंट और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों को नए अवसर मिल सकते हैं। वहीं आयात-निर्यात से जुड़े कई उद्योग भी वार्ता के परिणाम पर नजर बनाए हुए हैं।

सरकार की रणनीति

विश्लेषकों का कहना है कि हाल के महीनों में भारत के निर्यात प्रदर्शन और अन्य देशों के साथ बढ़ते व्यापारिक सहयोग ने भारतीय पक्ष की स्थिति को मजबूत किया है। इसी कारण सरकार जल्दबाजी में किसी समझौते के बजाय बेहतर शर्तों पर सहमति बनाने की रणनीति अपना रही है।

आगे क्या?

दोनों देशों के अधिकारी आने वाले दौर की वार्ताओं में शेष मुद्दों पर सहमति बनाने का प्रयास करेंगे। यदि प्रमुख मतभेद दूर हो जाते हैं तो व्यापार समझौते के अगले चरण की घोषणा की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


स्रोत:
भारत सरकार का वाणिज्य मंत्रालय एवं संबंधित आधिकारिक व्यापार वार्ता।

मूल रिपोर्ट:
रॉयटर्स तथा आधिकारिक व्यापार वार्ता से संबंधित विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर।

जय राष्ट्र न्यूज़

Translate »