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वाराणसी में MLC मतगणना से पहले 10 मिनट बंद रहा CCTV, सपा ने उठाए सवाल; प्रशासन ने बताई तकनीकी खराबी

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में MLC चुनाव की मतगणना से पहले पहड़िया मंडी स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का CCTV कैमरा करीब 10 मिनट तक बंद रहने पर विवाद खड़ा हो गया। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से जांच की मांग की। हालांकि जिला प्रशासन ने इसे तकनीकी खराबी बताया है।

कहां रखा गया था चुनावी सामग्री?

वाराणसी के पहड़िया मंडी स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के बैलेट पेपर रखे गए थे। मतगणना शुरू होने से पहले CCTV कैमरे बंद होने की खबर सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे।

सपा प्रत्याशी ने क्या आरोप लगाया?

सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने दावा किया कि CCTV कैमरा करीब 10 मिनट तक बंद रहा और यह घटना अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देर रात कैमरा करीब डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा था, हालांकि इस दूसरे दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

DM ने बताई CCTV बंद होने की वजह

वाराणसी के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि CCTV कैमरों के बंद होने की वजह तकनीकी खराबी थी। उनके मुताबिक एक switch में खराबी आने से wiring जल गई थी, जिसके बाद मरम्मत कर कैमरों को दोबारा चालू कर दिया गया।

मतगणना शांतिपूर्ण होने का दावा

जिला प्रशासन ने कहा कि मतगणना राजनीतिक दलों के एजेंटों और निर्वाचन कर्मचारियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से कराई गई। शुरुआती चरण में मतपेटियों से मतपत्र निकालकर उनके bundles तैयार किए गए।

चुनाव आयोग से जांच की मांग

आशुतोष सिन्हा ने चुनाव आयोग से CCTV system के technical records और कैमरा बंद रहने की अवधि की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चुनावी सामग्री वाले स्ट्रॉन्ग रूम की लगातार निगरानी बेहद जरूरी है।

गड़बड़ी के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

फिलहाल CCTV बंद होने के दौरान किसी तरह की मतगणना या बैलेट में गड़बड़ी होने का कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। प्रशासन तकनीकी खराबी को वजह बता रहा है, जबकि विपक्ष पूरे मामले की जांच की मांग कर रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

CCTV बंद होने से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिसके बाद मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया। घटना 26 अक्टूबर को सामने आई और 27 अक्टूबर को प्रशासन की ओर से तकनीकी खराबी का स्पष्टीकरण दिया गया।

स्रोत – Aaj Tak, Navbharat Live, Amar Ujala

जय राष्ट्र न्यूज़

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